मुजफ्फरपुर में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद रोशनी जाने का मामला: अब तक 16 की निकाली गई आंख, बोले- आंख ठीक करवाने गए थे, अब निकलवाने की नौबत

मुजफ्फरपुर में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद रोशनी जाने का मामला: अब तक 16 की निकाली गई आंख, बोले- आंख ठीक करवाने गए थे, अब निकलवाने की नौबत

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02-12-2021 15:20:00

मुजफ्फरपुर में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद रोशनी जाने का मामला: अब तक 16 की निकाली गई आंख, बोले- आंख ठीक करवाने गए थे, अब निकलवाने की नौबत

मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में 22 नवंबर को 65 लोगों के आंख की ऑपरेशन के बाद रोशनी जाने के मामले में अस्पताल प्रबंधन पर बुधवार देर शाम प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। सिविल सर्जन (CS) और एडिशनल चीफ मेडिकल ऑफिसर (ACMO) ने संयुक्त रूप से आई हॉस्पिटल प्रबंधन की लापरवाही से अब तक 16 लोगों के आंख की रोशनी जाने को लेकर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। | Went to get the eyes fixed , now it is time to get it removed

मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में 22 नवंबर को 65 लोगों के आंख की ऑपरेशन के बाद रोशनी जाने के मामले में अस्पताल प्रबंधन पर बुधवार देर शाम प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। सिविल सर्जन (CS) और एडिशनल चीफ मेडिकल ऑफिसर (ACMO) ने संयुक्त रूप से आई हॉस्पिटल प्रबंधन की लापरवाही से अब तक 16 लोगों के आंख की रोशनी जाने को लेकर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई।

दूसरी तरफ, मामले में पीड़ित 9 और लोगों की बुधवार को ऑपरेशन कर आंख निकाली गई। CS ने अब तक 16 लोगों की आंखें निकालने की पुष्टि की है। वहीं चार पीड़ितों को गंभीर होने पर भर्ती किया गया है। जबकि, 4 की आंख का ऑपरेशन आज यानी गुरुवार को किया जाएगा।वहीं, भास्कर से बातचीत में पीड़ित लोगों का दर्द छलक उठा। वैशाली जिले के रहने वाले भरत पासवान ने बताया, '6 बेटियां है। 4 की शादी किसी तरह तो करा दी, लेकिन अब भी दो बेटियां है। अकेले मेरे कमाने से घर का खर्च चलाता है। आंख में मोतियाबिंद की परेशानी थी। आई हॉस्पिटल में इलाज करवाने पहुंचे थे। यहां ऑपरेशन किया गया, लेकिन उसके बाद आंखों में दर्द शुरू हो गया। पस बहने लगा। अब डॉक्टर कह रहे हैं कि आंख निकालनी पड़ेगी।'

3 माह पहले आंख पर धुंधलापन हुआइधर, अहियापुर थाना के द्रोणपुर झपहा निवासी शत्रुध्न महतो ने बताया, 'ट्रैक्टर चालक है। दो बेटे है। एक बेटा निजी स्कूल में शिक्षक है।अपना और पत्नी का खर्च ट्रैक्टर चलाकर पूरा करते थे, लेकिन अब आंख की रोशनी चली गई है। कैसे ट्रैक्टर चलाऊंगा। 3 माह पहले आंख से धुंधला दिखने लगा था। इसके बाद 22 नवंबर को आई हॉस्पिटल पहुंचे। जहां मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया। इसके बाद अब आंख की रोशनी ही चली गई।' headtopics.com

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मजदूरी करके भरण पोषण करते थेपूर्वी चंपारण के मोतिहारी से पहुंचे सिख ओकील ने बताया, 'मजदूरी करते थे। मजदूरी करके किसी तरह अपना और परिवार का भरण पोषण करते थे। अब कर्ज लेकर मोतिहारी से मुजफ्फरपुर आना पड़ रहा है। ताकि, किसी तरह उनकी समस्या दूर हो जाए। मोतियाबिंद की शिकायत पर आंख का ऑपेरशन कराया था। उसके बाद से आंख की रोशनी चली गई। डॉक्टर ने कहा है कि आंख निकालनी होगी। आंख ठीक कराने चला था, अब कर्ज लेकर आंख निकलवाने की नौबत आ गई है।'

इधर, मरीज इंद्रा देवी ने कहा, 'मुझे आंख के बदले आंख चाहिए। दो बेटियां है। कमाने वाले में सिर्फ पति है। प्रत्येक दिन 500 से 1000 रुपए कमाते हैं। अब दिख नहीं रहा है। बेटी की शादी कैसे होगी।'NHRC ने लिया संज्ञान, मुख्य सचिव को नोटिसमोतियाबिंद सर्जरी के कारण कई रोगियों की आंखें निकालने की खबर का संज्ञान राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने लिया। आयोग ने पाया है कि लापरवाही से आंखों का ऑपरेशन करना, मेडिकल प्रोटोकॉल के नियमों के उल्लंघन का एक गंभीर मामला है। आयोग ने मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर मामले में 4 हफ्ते में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

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UP Elections: अमित शाह से मुलाकात, क्या मान जाएंगे जाट? देखें शंखनाद

उत्तर प्रदेश की सियासी बिसात बिछ चुकी है, पहले दो चरण में पश्चिमी यूपी में मतदान होना है जिसके लिए हर पार्टी ने पूरा जोर लगा दिया है. कोई मुस्लिम तुष्टीकरण की सियासत कर रहा है तो कोई ध्रुवीकरण के साथ मैदान पर है. इस सियासी खेल के दो सबसे बड़े कार्ड हैं पहला जाट और दूसरा मुस्लिम. जिसे लेकर हर पार्टी अपनी रणनीति तय कर रही है. आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जाट नेताओं के साथ मुलाकात की. जहां उस नाराजगी को दूर करने की कोशिश है जो कृषि कानूनों के बाद बीजेपी और जाट नेताओं के बीच आई. देखिए शंखनाद का ये एपिसोड. और पढो >>

Aisa prayagraj me bhi hai You may quote many a motivational confidence dialogues , but the harsh fact is, life is very very miserable without eyesight. Feeling frustrated by reading this news. What to do & where to approach, nobody knows. विकास पुरुष NitishKumar का विकास दिखाने का गजब तरीका। हमारे बिहार मे सरकार की रोशनी खत्म है... विनाश कुमार ले डुबाया मेरे बिहार को 😒

घबराएं नहीं, भारत में ओमिक्रॉन के मामले सामने आने के बाद केंद्र की अपील : 5 बातेंपिछले कुछ दिनों से दुनिया भर में हड़कंप मचा रहे कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन ने आख‍िरकार भारत में भी दस्‍तक दे ही दी. कर्नाटक में इसके दो मरीज सामने आए हैं. स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने गुरुवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी. दोनों में से एक मरीज की उम्र 66 साल है जबकि दूसरे की 46 साल. दोनों में ही फिलहाल कोई गंभीर लक्षण नहीं दिख रहे. क्या हर एक छोटे बड़े शहरों में ऑमिक्रॉन की जांच हो सकती है? क्या सिर्फ वायरल लोड से इसका पता चल जाएगा या जीनोम सिक्वेंसिंग आवश्यक है? 11 और 20 नवम्बर को आए थे... तो इन्हें भारत में ही हुआ है... PMOIndia केन्द्र सरकार को लापरवाही से बचना चाहिए। ऐसा पहली बार नहीं हो रहा, सरकार को सबक लेना चाहिए था।

मुजफ्फरपुर में मोतियाबिंद के ऑपरेशन में गड़बड़ी, 65 में से 15 लोगों की निकालनी पड़ी आंखजानकारी के लिए बता दें कि बीते 22 नवंबर को मुजफ्फरपुर के आई हॉस्पिटल में 65 लोगों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था. जिसमें ज्यादातर लोगों की आंखों में इंफेक्शन हो गया.

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