मुकुल रॉय ने बीजेपी को दिया झटका, टीएमसी में वापसी, क्या होगा असर? - BBC News हिंदी

मुकुल रॉय ने बीजेपी को दिया झटका, टीएमसी में वापसी, पश्चिम बंगाल की राजनीति में क्या होगा असर?

5 घंटो पहले

मुकुल रॉय ने बीजेपी को दिया झटका, टीएमसी में वापसी, पश्चिम बंगाल की राजनीति में क्या होगा असर?

मुकुल रॉय का टीएमसी में लौटना कई लिहाज़ से अहम है. वो ममता बनर्जी का साथ छोड़कर बीजेपी में जाने वाले पहले नेता थे.

ग़द्दारी करने वालों को कभी वापस नहीं लेंगे: ममता बनर्जीटीएमसी प्रमुख ने शुभेंदु अधिकारी का नाम लिए बिना कहा कि चुनाव से पहले ग़द्दारी कर बीजेपी का हाथ मज़बूत करने वालों को पार्टी कभी वापस नहीं लेगी. ममता का कहना था कि सीबीआई और ईडी का डर दिखा कर बीजेपी मुकुल को साथ ले गई थी. उनका कहना था, "ओल्ड इज़ ऑलवेज़ गोल्ड."

मुकुल रॉय टीएमसी में वापसी के क़यासों के बीच पार्टी दफ़्तर पहुँचे : आज की बड़ी ख़बरें - BBC Hindi मुकुल रॉय तृणमूल में शामिल, ममता बोलीं-घर का लड़का घर लौट आया: आज की बड़ी ख़बरें - BBC Hindi ...दूसरे दल में चला जाऊं तो खुद को क्या जवाब दूंगा, NDTV से बोले कपिल सिब्बल

इस मौक़े पर मुकुल ने कहा, "लंबे समय बाद जानी-पहचानी जगह पर आकर पुराने लोगों से मिलना बहुत अच्छा लग रहा है. बीजेपी की यहां जो हालत है उसमें कोई भी नेता वहां नहीं रहेगा. मैं वहां नहीं रह सका. इसलिए घर लौट आया." उन्होंने ममता की जमकर सराहना भी की.

राज्य में कोरोना महामारी की परिस्थिति सुधरने के बाद कोलकाता नगर निगम समेत 100 से ज़्यादा नगर निकायों के चुनाव होने हैं. ऐसे मौक़े पर मुकुल की वापसी टीएमसी के लिए बेहद अहम है. उनको संगठन की धुरी माना जाता है.प्रदेश के कोने-कोने में टीएमसी संगठन को मज़बूत करने में उनकी भूमिका बेहद अहम रही है. इसी वजह से मुकुल को 'बंगाल की राजनीति का चाणक्य' भी कहा जाता है. headtopics.com

टीएमसी में मुकुल की जगह अब भी ख़ाली थी. ममता बनर्जी ने मुकुल के बीजेपी में शामिल होने के बाद उस ख़ाली जगह को भरने के लिए शुभेंदु अधिकारी को आगे ज़रूर बढ़ाया था. लेकिन वो उसकी भरपाई करने में नाकाम रहे और चुनाव से चार महीने पहले ही बीजेपी में चले गए थे.

इमेज स्रोत,Sanjay Das/BBCचुनाव के दौरान ममता बनर्जी पर उंगली नहीं उठाईटीएमसी के एक नेता बताते हैं, "मुकुल के रवैए ने भी उनकी वापसी में अहम भूमिका निभाई है. वे बीजेपी में शामिल होने वाले उन चुनिंदा नेताओं में थे जिन्होंने पूरे चुनाव अभियान के दौरान कभी ममता बनर्जी पर अंगुली नहीं उठाई थी."

मुकुल रॉय की वापसी ने बीजेपी को पश्चिम बंगाल में भारी झटका दिया है और मुकुल की वापसी टीएमसी के लिए कई लिहाज़ से अहम है. वो टीएमसी छोड़कर बीजेपी में जाने वाले पहले नेता थे.उनके बाद अर्जुन सिंह, सब्यसाची दत्त, शोभन चटर्जी, शुभेंदु अधिकारी और राजीव बनर्जी जैसे कई नेता बीजेपी में शामिल हुए थे. ऐसे में अब यह अटकलें तेज़ हो गईं हैं कि क्या मुकुल से ही फिर उस मामले की पुनरावृत्ति होगी?

अब तक पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सोनाली गुहा समेत कम से चार नेता तो सार्वजनिक रूप से ममता बनर्जी से माफ़ी मांगते हुए दोबारा पार्टी की सेवा का मौक़ा देने की अपील कर चुके हैं.तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने तो यहां तक दावा किया है कि बीजेपी के 10 विधायक और तीन सांसद पार्टी के संपर्क में हैं. पूर्व सिंचाई मंत्री राजीव बनर्जी भी बीजेपी की नीति की आलोचना कर चुके हैं. headtopics.com

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अपने संसाधनों के साथ पूरी ताक़त से विधानसभा चुनाव में उतरने वाली बीजेपी के केंद्रीय नेताओं ने यह कल्पना भी नहीं की होगी कि पश्चिम बंगाल में इतिहास इतनी जल्दी ख़ुद को दोहराने लगेगा. चुनाव से पहले जहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से बीजेपी में शामिल होने की होड़ मची थी वहीं अब उल्टी गंगा बहने लगी है.

यह भी पढ़ें:इमेज स्रोत,Sanjay Das/BBCपीएम मोदी का फ़ोन भी नहीं रोक पाया मुकुल रॉय कोबीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल राय की कथित नाराज़गी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उनको फ़ोन किए जाने के बाद बंगाल की राजनीति में क़यासों का दौर अचानक तेज़ हो गया था.

इस क़यास को उस समय बल मिला जब ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी मुकुल रॉय की कोरोना संक्रमित पत्नी को देखने अस्पताल पहुँचे थे. मुकुल और उनकी पत्नी दोनों कोरोना संक्रमित हो गए थे.मुकुल तो ठीक हो गए. लेकिन उनकी पत्नी कृष्णा राय बीते महीने से ही कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं और फ़िलहाल उनकी हालत नाज़ुक है. लेकिन प्रदेश या केंद्र के किसी बीजेपी नेता ने उनकी ख़ैर-ख़बर नहीं ली थी. इससे मुकुल काफ़ी नाराज़ बताए जाते हैं. उन्होंने अपने क़रीबियों से इस बात का ज़िक्र भी किया था.

अभिषेक बनर्जी के अचानक अस्पताल पहुँचने और वहां मुकुल के बेटे शुभ्रांशु रॉय से मुलाक़ात के बाद बीजेपी में सक्रियता बढ़ी. प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष उसी दिन पहले से एलान कर अस्पताल पहुँचे और अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुकुल को फ़ोन कर पत्नी की ख़ैरियत पूछी. headtopics.com

शुभ्रांशु ने तब पत्रकारों से कहा था, "पार्टी के नेताओं का अस्पताल आना या फ़ोन करना तो सामान्य है. लेकिन विपक्ष में रहते हुए अभिषेक ने यहां आकर एक मिसाल क़ायम की है. वो बचपन से मेरी मां को जानते हैं और उनको काकी मां यानी चाची कहते हैं."क्या आप तृणमूल में वापसी की सोच रहे हैं? इस सवाल शुभ्रांशु ने कहा था, "पहले मां स्वस्थ हो जाए. उसके बाद इन मुद्दों पर विचार किया जाएगा. राजनीति तो चलती रहती है."

इमेज स्रोत,Sanjay Das/BBC'बीजेपी में मुकुल रॉय की उम्मीदें पूरी नहीं हुईं'बीजेपी के एक नेता नाम नहीं छापने की शर्त पर कहते हैं, "पार्टी के प्रदेश नेतृत्व से मुकुल रॉय की नाराज़गी किसी से छिपी नहीं है. उनको पार्टी में कभी वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वह हक़दार थे. विपक्ष के नेता के तौर पर भी उनका नाम सामने आया था. लेकिन उनकी जगह शुभेंदु अधिकारी को इस पद पर बिठा दिया गया."

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मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु ने लगातार बाग़ी तेवर अपना रखा था. पहले उन्होंने अपने एक ट्वीट में पार्टी को टीएमसी की आलोचना करने की बजाय आत्ममंथन की सलाह दी थी और उसके बाद पत्रकारों से बातचीत में ममता बनर्जी और अभिषेक की भी सराहना की थी.राजनीति पर्यवेक्षकों का कहना है कि मुकुल रॉय जिन उम्मीदों के साथ बीजेपी में शामिल हुए थे वो पूरी नहीं हुईं. प्रदेश नेतृत्व ने उनको ख़ास तवज्जो नहीं दी. यही वजह है कि चुनावों के बाद उन्होंने ख़ुद को राजनीति से लगभग काट लिया था.

विधायक के तौर पर शपथ लेने के बाद उनको सार्वजनिक तौर पर किसी कार्यक्रम में नहीं देखा गया था. उन्होंने विधानसभा चुनाव भी काफ़ी अनिच्छा से ही लड़ा था. वो तो जीत गए. लेकिन उनके बेटे बीजपुर सीट से हार गए.बीते शनिवार को यहां तृणमूल कांग्रेस कार्यकारी समिति की बैठक में बाग़ियों की वापसी के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई.

टीएमसी के एक बड़े नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बीबीसी को बताया, "मुकुल की वापसी में ममता के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी की अहम भूमिका रही है. उन्होंने अस्पताल में उनकी पत्नी को देखने के बहाने शुभ्रांशु से बातचीत शुरू कर इसका ज़रिया खोला था. बाद में ममता ने भी इसे हरी झंडी दिखा दी."

प्रदेश बीजेपी की बैठक में भी मुकुल रॉय और उनके पुत्र के अटपटे बयानों के संदर्भ में पार्टी का अनुशासन भंग करने के आरोप लगे और इस मुद्दे पर बाक़ायदा चर्चा हुई थी.प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और मुकुल रॉय के बीच पहले से ही छत्तीस का आंकड़ा रहा है. बैठक से छनकर पहुंचने वाली ख़बरों ने मुकुल की नाराज़गी की आग में घी डालने का काम किया.

हाल में बीजेपी नेता सायंतन चक्रवर्ती ने बीजेपी को हाथी और शुभ्रांशु को चींटी बताते हुए कहा था कि हाथी की पीठ से अगर एक चींटी उतर भी जाए तो उसकी सेहत पर कोई अंतर नहीं पड़ेगा. ऐसी टिप्पणियों ने मुकुल की नाराज़गी और बढ़ा दी थी.यह भी पढ़ें और पढो: BBC News Hindi »

खबरदार: PNB स्कैम, एंटीगा की नागरिकता से लेकर मिस्ट्री गर्ल तक, देखें क्या बोलीं मेहुल चोकसी की पत्नी

मेहुल चोकसी की बेचैनी को इसी से समझा जा सकता है कि कोर्ट में सुनवाई से ठीक पहले उसके परिवार के लोग भी सामने आने लगे. जो अब तक चुप थे. मेहुल चोकसी की पत्नी ने कहा कि चोकसी एंटीगा का नागरिक है और उसे डोमिनिका से एंटीगा ही डिपोर्ट किया जाना चाहिए. चोकसी के बचाव में उसकी पत्नी ने क्या कहा, ये जानने के लिए देखिए खबरदार का ये एपिसोड.

भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल_रॉय पार्टी छोड़ दिया दलाल मीडिया बता रहा कि वो छोटे नेता है भाजपा को कोई नुकसान नही और दो बार चुनाव हरे और अपने क्षेत्र के हर विधानसभा में पिछड़ने वाले जितिन प्रसाद को बहुत बड़ा नेता बता रहे है। हद है दोगलेपन की। Ye mukul roy, ka faisla bahut hi badhiya tha, Nahi to..... C. B. I. Ka darr.

5 साल निश्चिंत सरकार, 2024 में केंद्र में होगा पलटवार

मुकुल रॉय की 'घर वापसी', बीजेपी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में लौटेमुकुल रॉय BJP को छोड़ TMC में वापस लौट गए हैं. पिछले कई दिनों से चल रही अटकलों को विराम देते हुए आज उन्होंने घर वापसी कर ही ली. आज दोपहर 3 बजे के करीब वो अपने घर से सीधे तृणमूल भवन पहुंचे जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले से ही मौजूद थीं. पीछे से हाल ही में पार्टी के महासचिव बने अभिषेक बनर्जी भी पहुंच गए. वहां ममता बनर्जी और मुकुल रॉय की लंबी बातचीत हुई. BJP में डुबकी लगा ली सारे पाप साफ । लौट के बुद्धु घर को आये l पर लोग सवाल उठा रहे थे मुकुल राय BJP में जाकर दूध के धुले हो गए l अब उनका क्या status है l गद्दारों को ममता पार्टी में नहीं लेना चाहिए

तृणमूल कांग्रेस के ऑफिस रवाना हुए मुकुल रॉय, पार्टी में कर सकते हैं वापसीइन चर्चाओं को उस समय और बल मिला जब ममता बनर्जी के भतीजे और TMC के प्रमुख नेता अभिषेक बनर्जी, मुकुल राय से मिलने उस अस्‍पताल पहुंचे थे, जहां उनकी (रॉय की) पत्‍नी भर्ती हैं. बताया जाता है कि इसके अगले ही दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने मुकुल रॉय को फोन करके उनकी पत्‍नी के स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में जानकारी ली थी. भगदड़ का शुभारंभ 🤗 जहाँ कुर्सी, वहीं नेता। Bjp की वाशिंग मशीन में में अछि तरह नही धुला ये नेता अब फिर देशद्रोही और बेईमान हो जायेगा।same bjp

Bengal Politics: भाजपा को बड़ा झटका, मुकुल रॉय व उनके बेटे शुभ्रांशु तृणमूल में हुए शामिलभाजपा के बड़े नेता व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय भाजपा का साथ छोड़कर वापस तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री व तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी की उपस्थिति में कोलकाता स्थित तृणमूल भवन में उन्होंने पार्टी का दामन थामा। ये तो होना ही था

मुकुल रॉय की घर वापसी : ममता बनर्जी के लिए केंद्रीय राजनीति में भूमिका तलाशेंगे 'दादा'मुकुल रॉय की घर वापसी : ममता बनर्जी के लिए केंद्रीय राजनीति में भूमिका तलाशेंगे 'दादा' BJP MukulRoy TMC mamatabanerjeespeech भाइयो नेताओ की कोई विचार धारा नहीं होती ये लोग कब किस समय किसपार्टी से जाये या फिर से बापस आ जाए कुछ पता नहीं चलता,पब्लिक को पागल बना ये लोग वोट हासिल कर लेते हे,दलबदलू का भी एक कानून बनाए जाने की सख्त जरूरत हे की जो नेता पार्टी छोड़ कर आए बो 10 साल से पहले किसी और पार्टी मे नहीं KhelaSuru BJP ko ese neta mile Bangal mae jinke ander dam nahi tha. Aur Lalach bharpur tha. Ab is neta ko BJP central se bhi jaati dikh rahi hai. Bas maar di girgit baali palti. Nahi vapas jata to TMC iske pure kaarobaar ko khela kar deti.

Mukul Roy joins TMC: बंगाल में बीजेपी को बड़ा झटका, टीएमसी में शामिल हुए मुकुल रॉय, 4 साल बाद 'घर वापसी'कोलकाता न्यूज़: पश्चिम बंगाल में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। बीजेपी नेता मुकुल रॉय ने फिर से टीएमसी का दामन थाम लिया है। इससे पहले मुकुल रॉय ने टीएमसी भवन में ममता बनर्जी से मुलाकात की। लोट के बुद्धू घर को आये मिशन सफलतापूर्वक संपन्न किया, बधाई हो। narendramodi AmitShah smritiirani JPNadda किराए के टट्टू किराए वाले ही होते हैंl ऐसे लोगों को एकोमोडेट करने के लिए पार्टी हेतु जी-जान लगाने वाले लोगों को नजरअंदाज करना कतई उचित नहीं।

बंगाल में घर वापसी: अभिषेक ने कराई मुकुल रॉय की वापसी; ममता बोलीं- मुकुल ने गद्दारी नहीं की, जिन्होंने की, उन्हें वापस नहीं लेंगेबंगाल में घर वापसी: अभिषेक ने कराई मुकुल रॉय की वापसी; ममता बोलीं- मुकुल ने गद्दारी नहीं की, जिन्होंने की, उन्हें वापस नहीं लेंगे akshay20_bajpai MukulR_Official AITCofficial MamataOfficial BJP4Bengal BJP4India akshay20_bajpai MukulR_Official AITCofficial MamataOfficial BJP4Bengal BJP4India akshay20_bajpai MukulR_Official AITCofficial MamataOfficial BJP4Bengal BJP4India Now BJP must understand that they have to stregthen their bench strength from their own party. Trust your members who r continuosly giving support from their beginning of political career. Import only 'karyakartas'rather than a leader. akshay20_bajpai MukulR_Official AITCofficial MamataOfficial BJP4Bengal BJP4India खेला खेल गयी ममता अपने चेलों को जासूस बना के bjp में भेज दिया और bjp समझ नहीं पाई।