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मानसून सत्र: हंगामे से 133 करोड़ रुपये से ज्यादा की बर्बादी, नहीं पारित हो पाए अधिकांश विधेयक

मानसून सत्र की शुरुआत के बाद से पेगासस जासूसी और अन्य मुद्दों पर विपक्षी दलों के विरोध के बीच संसद ने 107 घंटों के निर्धारित

01-08-2021 04:05:00

मानसून सत्र : हंगामे से 133 करोड़ रुपये से ज्यादा की बर्बादी, नहीं पारित हो पाए अधिकांश विधेयक Parliament MonsoonSession Loksabha UproarIn Parliament

मानसून सत्र की शुरुआत के बाद से पेगासस जासूसी और अन्य मुद्दों पर विपक्षी दलों के विरोध के बीच संसद ने 107 घंटों के निर्धारित

सरकारी सूत्रों ने शनिवार को बताया, 19 जुलाई से शुरू हुए और 13 अगस्त को समाप्त होने वाले सत्र में अब तक 89 घंटे बर्बाद हो चुके हैं। राज्यसभा अपने निर्धारित समय से लगभग 21 प्रतिशत चली। वहीं लोकसभा निर्धारित समय के 13 प्रतिशत से भी कम समय के लिए काम हो पाया।

सोनू सूद ने 20 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की: आयकर विभाग - BBC News हिंदी कैप्टन अमरिंदर सिंह ने NDTV से कहा- सिद्धू पाकिस्तान समर्थक, उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता नवजोत सिद्धू या सुनील जाखड़, अब किसके सिर सजेगा पंजाब के CM का ताज?

सूत्रों के अनुसार, लोकसभा अपने संभावित 54 घंटों में से केवल सात घंटे ही चल सकी। वहीं राज्यसभा संभावित 53 घंटों में से 11 घंटे ही चल पाई है। अब तक संसद में संभावित 107 घंटों में से केवल 18 घंटे (16.8 प्रतिशत) काम हुआ।अधिकांश विधेयक लटकेसंसद के दोनों सदनों में पेगासस जासूसी, कृषि कानूनों और अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने कार्यवाही बाधित की। हंगामे के बीच लोकसभा में विनियोग विधेयक के अलावा केवल पांच विधेयक पारित हो पाए हैं। राज्यसभा में भी लगभग इतने ही बिल पास हो चुके हैं।

विस्तार समय में से केवल 18 घंटे ही काम किया, जिसके कारण करदाताओं के 133 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।विज्ञापनसरकारी सूत्रों ने शनिवार को बताया, 19 जुलाई से शुरू हुए और 13 अगस्त को समाप्त होने वाले सत्र में अब तक 89 घंटे बर्बाद हो चुके हैं। राज्यसभा अपने निर्धारित समय से लगभग 21 प्रतिशत चली। वहीं लोकसभा निर्धारित समय के 13 प्रतिशत से भी कम समय के लिए काम हो पाया। headtopics.com

सूत्रों के अनुसार, लोकसभा अपने संभावित 54 घंटों में से केवल सात घंटे ही चल सकी। वहीं राज्यसभा संभावित 53 घंटों में से 11 घंटे ही चल पाई है। अब तक संसद में संभावित 107 घंटों में से केवल 18 घंटे (16.8 प्रतिशत) काम हुआ।अधिकांश विधेयक लटकेसंसद के दोनों सदनों में पेगासस जासूसी, कृषि कानूनों और अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने कार्यवाही बाधित की। हंगामे के बीच लोकसभा में विनियोग विधेयक के अलावा केवल पांच विधेयक पारित हो पाए हैं। राज्यसभा में भी लगभग इतने ही बिल पास हो चुके हैं।

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मुंबई मेट्रो: उद्धव ठाकरे के बयान से भाजपा-शिवसेना के साथ आने के कयास तेज

महाविकास आघाड़ी सरकार को बने दो साल होने को आ रहे हैं. पर शायद ही कोई महीना ऐसा बीतता हो जब शिवसेना और बीजेपी के साथ आने की अटकलें ना लगी हों. आज तो खुद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बयान ने फिर से इन अटकलों को जिंदा कर दिया. ठाकरे ने कहा- मेरे पूर्व मित्र और यदि हम फिर से एक साथ आते हैं, तो भविष्य के मित्र हो सकते हैं. ठाकरे ने यह बात औरंगाबाद में आयोजित एक सार्वजनिक समारोह में कहा है. देखें वीडियो.

आउटसोर्स कर्मचारी ने अपने जीवन समय विभागो में सेवा को दिया हैउन्हें विभाग द्वारा नियमित आधार पर अन्य कर्मचारी की नियुक्ति पर आउटसोर्स को विभाग से निकालने का डर रहता है तब उम्र के हिसाब से आउटसोर्स वालोंको काम मिलने के अवसर नहि होते है व उनके परिवार को पालन पोषण बहुत ही कठिन है RahulGandhi priyankagandhi adhirrcinc kharge INCIndia

Pegasus की जासूसी पर घिर चुकी सरकार की ज़िद से देश का नुक़सान हो रहा है

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पहाड़ों से छेड़छाड़ के घातक नतीजे: नष्ट किए गए पहाड़ों से पूरा पर्यावरणीय तंत्र होता ध्वस्तपहाड़ों पर हरियाली न होने से मिट्टी तेजी से कटती है और नीचे आकर नदी-तालाब में गाद के तौर पर जमा होकर उसे उथला बना देती है। पहाड़ पर हरियाली बादलों को बरसने का न्योता होती है। पहाड़ अपने करीब की बस्ती के तापमान को नियंत्रित करते हैं। विकास के नाम पर हम प्रकृति को नश्ट कर रहे है । मानव अपने स्वार्थ के कारण एक दिन प्रथवी को नस्ट कर देगा ।इसके लिए पाठयपुस्तकों में प्रकृति की जानकारी दी जाए।

तालिबान के डर से अफ़ग़ानिस्तान से मददगारों को अपने यहाँ ले जा रहा अमेरिका - BBC Hindiये सभी वो लोग हैं जिन्होंने तालिबान की आक्रामकता और युद्ध के बीच अमेरिकी सेना की मदद की थी. अमेरिकी सेना के वतन वापसी के ऐलान के साथ ही इन्हें तालिबान से मिलने वाली धकमियाँ और ख़तरे भी बढ़ गए हैं. Inspiring

निशाने से भटके दीपिका के तीर, झारखंड के खेल प्रेमियों में निराशा; करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बावजूद पदक से चुकींंटोक्यो ओलिंपिक में करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के बावजूद रांची की दीपिका कुमारी व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक जीतने से चूक गई। लगातार तीसरा ओलिंपिक खेल रही दीपिका कुमारी क्वार्टर फाइल मुकाबेल में कोरिया की एन शान के हाथों 27-30 24-26 24-26 से हार कर बाहर हो गई। Olympics देश का मीडिया यह सब नही दिखायेगा उनको सिर्फ योगीजी से नफरत है तो झूटी लाशे दिखाने गर्व मेहसूस करता है लेकिन सपा बसपा के प्रवक्ता पुछते है 5काम बताये तो जनता गली गली मे बता रही पर सपा के राज मे गुंडो का राज था आज सुरक्षीत है जनता फिर भी मंदिर बने तब तब योगी

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