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महामारी जनित कारणों से प्रभावित भारतीय अर्थव्यवस्था में आई तेजी की वजह से जगी उम्मीद

बेहतर कीमत निर्धारण शक्ति और बढ़ती मांग के कारण कारपोरेट क्षेत्र की आय में सुधार होना शुरू हो गया है #IndianEconomy #CoronavirusPandemic #RBI #GrossCapitalFormation #EconomicGrowth

17-09-2021 12:10:00

बेहतर कीमत निर्धारण शक्ति और बढ़ती मांग के कारण कारपोरेट क्षेत्र की आय में सुधार होना शुरू हो गया है IndianEconomy CoronavirusPandemic RBI GrossCapitalFormation EconomicGrowth

बेहतर कीमत निर्धारण शक्ति और बढ़ती मांग के कारण कारपोरेट क्षेत्र की आय में सुधार होना शुरू हो गया है। बाजार में कमाई बढ़ने के संकेत भी नजर आ रहे हैं। ऐसे में निवेशक लंबी अवधि के लिए व्यवस्थित तरीके से इक्विटी में निवेश जारी रखा जा सकता है।

पिछले वर्ष के आरंभिक समय में ही वैश्विक महामारी कोरोना के दस्तक देने के बाद से देशभर में आर्थिक गतिविधियां लंबे समय तक ठप रहीं। कुछ माह तो ऐसे बीते जब अर्थव्यवस्था लगभग ठहर गई थी। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए की गई कवायदों के तहत अनेक प्रकार की पाबंदियां लगाने से अर्थजगत पर व्यापक असर पड़ा। हालांकि प्रतिबंधों में काफी हद तक ढील दिए जाने के बाद गतिशीलता के संकेतकों में हुआ सुधार और आर्थिक गतिविधियों के आगे बढ़ने का संकेत मिल रहा है।

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अर्थव्यवस्था के फिर से खुलने और मांग में आई तेजी की वजह से यह उम्मीद जगी है कि आर्थिक विकास को तुरंत सहारा मिल सकता है। विकास के प्रमुख कारकों में जहां ग्रामीण क्षेत्र की खपत में मजबूती दिख रही है, वहीं शहरी खपत की स्थिति अपेक्षाकृत सुस्त बनी हुई है। सकल पूंजी निर्माण की वजह मुख्य रूप से सरकारी खर्च बना हुआ है, वहीं निजी पूंजीगत विकास में क्रमश: सुधार होने की संभावना है।

यह भी पढ़ेंदेशव्यापी टीकाकरण अभियान और आगामी कुछ महीनों में संभावित नए टीकों को मिलने वाली मंजूरी और उसकी उपलब्धता सकारात्मक संकेत के तौर पर बने रहेंगे। समग्र अनुकूल नीतियों का मिश्रण, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के उदार रुख की निरंतरता, विकास को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता, अर्थव्यवस्था में महंगाई के दबाव के बावजूद आर्थिक सुधारों की दिशा में सहायता प्रदान कर सकती है। headtopics.com

यह भी पढ़ेंमांग में तेजी और टीकाकरण अभियान के तहत रोजाना लगभग 50 लाख तक डोज लगने के कारण नीतिगत सहयोग और वैश्विक विकास (निर्यात में वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए) में आ रहे सुधार की वजह से औद्योगिक संकेतकों और बाहरी मांग में तेजी के कारण आर्थिक गतिविधियां संभावित रूप से सितंबर के बाद से सामान्य हो सकती हैं। चक्रीय सुधार आगामी वित्त वर्ष के लिए घरेलू सकल उत्पाद की वृद्धि में सहायता कर सकता है। वहीं मौद्रिक नीति का रुख आर्थिक वृद्धि को सहयोग देता रहेगा।

यह भी पढ़ेंबाहरी मोर्चे पर भी कारक सकारात्मक बने हुए हैं। वैश्विक विनिर्माण पीएमआई स्तर में वृद्धि और जिंसों की कीमतों में वृद्धि वैश्विक मांग में सुधार की ओर इशारा करती है। आइएमएफ यानी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा अपने जुलाई आउटलुक में वैश्विक अर्थव्यवस्था के वर्ष 2021 में लगभग छह प्रतिशत और 2022 में 4.9 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान व्यक्त किया गया है। विकसित अर्थव्यवस्थाओं के लिए विकास पूर्वानुमान के स्तर को भी बढ़ाया गया है, जबकि 2021 में उभरती एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के लिए इसके अनुमान में कटौती की गई है। ये परिवर्तन महामारी के दौरान हुए विकास और इन अर्थव्यवस्थाओं में नीतिगत बदलावों को लागू किए जाने को प्रतिबिंबित करते हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था के इस वर्ष 9.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो अप्रैल के अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पूर्वानुमान से करीब तीन प्रतिशत कम है।

यह भी पढ़ेंदेश के कई इलाकों में मानसून की कमजोर प्रवृत्ति और इस मौसम में अब तक खेतों में बोआई में धीमी गति की वजह से घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम हो सकता है। वैश्विक मोर्चे पर अमेरिका में उत्साहजनक आर्थिक आंकड़ों के बावजूद अमेरिकी फेडरल रिजर्व श्रम बाजार सहित अर्थव्यवस्था में अतिरिक्त सुधार चाहता है, ताकि प्रोत्साहन कार्यक्रम को वापस लिए जाने पर निर्णय लेने में सक्षम हो सके। अमेरिकी केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति के जोखिम को स्वीकार करता है, लेकिन इसे अस्थायी प्रवृत्ति के तौर पर देखता है।

यह भी पढ़ेंअपेक्षा से कम टीकाकरण, असमान आर्थिक सुधार और वायरस के नए वैरिएंट और जिंसों की कीमतों में तेजी से मुद्रास्फीति में अप्रत्याशित रूप से इजाफे से जोखिम उत्पन्न पैदा हो सकता है और इसे टालने के लिए नीतिगत कार्रवाई की जरूरत होगी, जहां महामारी का प्रतिकूल समीकरण और सख्त वित्तीय स्थिति उभरते बाजारों में सुधार या आर्थिक वृद्धि को वापस पटरी पर आने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रोत्साहन की वापसी और वैश्विक बाजार भावनाओं पर इसका संभावित प्रभाव एक जोखिम है। विदेशी मुद्रा भंडार, घाटे की स्थिति, विनिर्माण पर ध्यान केंद्रित करके टिकाऊ विकास को बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों के मामले में भारतीय अर्थव्यवस्था की संरचनात्मक ताकत में सुधार हुआ है। headtopics.com

6 दिन में 9 सैनिक शहीद: पुंछ में मुठभेड़ वाली जगह से 48 घंटे बाद 2 जवानों के शव मिले, एनकाउंटर के बाद से लापता थे आजादी के नायकों नेताजी और सरदार पटेल के साथ नहीं हुआ न्याय: अमित शाह गांधी परिवार ही कांग्रेस: सोनिया को चुनौती देने वालों को मिली हार, आखिर क्यों कोई कांग्रेस में गांधी परिवार का वर्चस्व नहीं तोड़ सका

यह भी पढ़ेंसमग्र रूप से ये तमाम कारक बाजार की भावनाओं और अर्थव्यवस्था पर प्रोत्साहन के नकारात्मक प्रभाव के बारे में चिंताओं को दूर करने के लिए काम कर सकते हैं। आर्थिक विकास में हालिया सुधार की एक वजह वैश्विक तरलता और दूसरी वजह टीकाकरण अभियान को लेकर आशावाद और आर्थिक गतिविधियों का पटरी पर आना है। 

[प्रबंध निदेशक, इमेजिंग मार्केट्स इक्विटी-इंडिया] और पढो: Dainik jagran »

लखीमपुर खीरी से ग्राउंड रिपोर्ट: नाराज किसान बोले- आज हमारे बच्चों को कुचला तो 45 लाख में समझौता हो गया, कल कोई और कुचलेगा तो 50 लाख में मामला निपट जाएगा

पिछले कुछ दिनों से चर्चा में रहे लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में अब खामोशी है। जली हुई गाड़ियां, थके हुए पुलिसकर्मी और सच तलाशते गिने-चुने पत्रकारों को देखने के बाद ये अहसास ही नहीं होता कि 48 घंटे पहले यहां हुए उपद्रव में 8 लोगों की जान गई है। मन में सवाल कौंधता है कि आखिर इतनी जल्दी स्थिति कैसे काबू हो गई। लोग इतने सामान्य क्यों दिखाई दे रहे हैं? सरकार ने इस पूरे मामले को कैसे कंट्रोल किया? | UP Lakhimpur Kheri Violence Ground Report; Farmers On Rs 45 Lakh Compensation जब हमने चश्मदीद प्रदर्शनकारी से घटना को लेकर सवाल किया तो वे किसानों पर गाड़ी चढ़ाने के बारे में तो खुलकर बात कर रहे थे,

Grt thing.. congratulations India.

हेलमेट की अहमियत बताने वाला VIDEO: गुजरात के दाहोद में सड़क पर गिरे युवक के सिर के ऊपर से निकला ट्रॉली का पहिया, हेलमेट की वजह से बच गई जानये शॉकिंग CCTV फुटेज गुजरात के दाहोद शहर का है। यहां गड्ढे से बचने के चक्कर में एक बाइक सवार सड़क पर गिर गया। बाइक पर एक महिला और बच्चा भी था। उसी वक्त वहां से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजर रही थी। बाइक के गिरते ही युवक ट्रॉली के नीचे आ गया। ट्रॉली का पहिया उसका सिर कुचलते हुए आगे निकल गया, लेकिन हेलमेट पहने होने की वजह से युवक को कुछ नहीं हुआ। | helmet saves a motorcyclist life as he accidentally slips through the back-side end of a tractir on a road in Dahod of Gujarat पटवारी और विद्युत विभाग की परीक्षा की तारीख एक ही जैसी 23 और 24 Oct यह कैसा सिस्टम है परीक्षा करवाने का इस पर भी ध्यान दीजिए,अगर ऐसा ही करना था तो क्यू गरीब बच्चों से 1000-1000 फीस वसूली। rvunl_assistant_date_change TheUpenYadav 1stIndiaNews DrBDKalla आप उस व्यक्ति के बचने की खबर बता रहे हो अच्छी बात है मगर वह कैसे गिरे यह भी तो बताइए? सबक है उनके लिए जो हेलमेट लगाने में शर्म महसूस करते हैं

गाजियाबाद में पिता और पुत्र की धारदार हथियार से हत्या, पुलिस जुटी तफ्तीश में | ghaziabadगाजियाबाद। गाजियाबाद में पिता और पुत्र की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। इस डबल मर्डर से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। इन दोनों का शव सुबह घर के अंदर बिस्तर पर पड़ा हुआ मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और मौके से साक्ष्य जुटाकर जांच कर रही है।

महानगरों में 2020 में बलात्कार-हत्या के सबसे अधिक मामले दिल्ली से आए: एनसीआरबीराष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में साल 2020 में रोज़ाना औसतन 80 हत्याएं और 77 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए हैं. प्रतिदिन औसतन 80 हत्याओं के साथ कुल 29,193 लोगों की हत्या की सूचनाएं दर्ज की गईं, जिसमें उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर है. इस वर्ष बलात्कार की 28,046 घटनाएं हुईं, जिसमें राजस्थान में सर्वाधिक मामले सामने आए हैं. दिल्ली हत्या में नंबर वन क्यों नहीं होगा पब्लिक के साथ साथ पुलिस भी हत्या करता है

दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 28 नए मामले, एक मरीज की हुई मौतदिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 28 नए मामले, एक मरीज की हुई मौत Follow the twitter handles of 'All India Trinamool Congress' from all over India 👇👇👇 AITC4Assam AITC4Delhi AITC4Bihar AITC4Jharkhand AITC4Tripura AITC4UP AITC4Gujarat AITCofficial AITC_Parliament BanglarGorboMB

Gujarat में बारिश की मार, जामनगर, राजकोट और जूनागढ़ के 22 गांवों में बिजली ठपगुजरात के जामनगर, जूनागढ़ और राजकोट में कुदरत का कोप बरस रहा है. चार दिन की मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान ने जामनगर और जूनागढ़ की हालत खस्ता कर दी है. बारिश थम गई है, लेकिन यहां गांव के गांव डूबे हैं. शहर में भी कई मुहल्लों के घरों का पहला मंजिला जलमग्न है. सैलाब ने यहां की जिंदगी को जहन्नुम बना दिया है. गांव के गांव डूबे हुए हैं, खेत खलिहान डूबे हुए हैं और फसलें पानी में समा गई हैं. जूनागढ़ में ओजत, भादर और उबेन नदियों के भीषण सैलाब में आसपास के इलाके जलमग्न हो गए हैं. बारिश की मार से जामनगर, राजकोट और जूनागढ़ के 22 गांवों में बिजली ठप पड़ी है. देखें ये वीडियो. Mai

IPL 2021: फैंस के लिए खुशखबरी, आईपीएल मैच के दौरान स्टेडियम में होगी दर्शकों की एंट्रीIPL 2021 का दूसरा दौर 19 सितंबर से यूएई (IPL 2021 in UAE) में शुरू होगा. आईपीएल के दूसरे फेज से पहले क्रिकेट फैन्स के लिए ब़ड़ी खुशखबरी है. अब क्रिकेट फैन्स (Cricket Fans) स्टेडियम में जाकर मैच का लुत्फ उठा सकते हैं.