मराठा आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, 50 फ़ीसदी की सीमा नहीं टूटेगी - BBC News हिंदी

मराठा आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, 50 फ़ीसदी की सीमा नहीं टूटेगी

05-05-2021 09:45:00

मराठा आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, 50 फ़ीसदी की सीमा नहीं टूटेगी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इंदिरा सहाय जजमेंट की समीक्षा की कोई वजह नहीं है. शीर्ष अदालत ने कहा कि इंदिरा सहाय केस में जो फ़ैसला दिया गया था, उसका पालन किया जाए.

43 मिनट पहलेइमेज स्रोत,Getty Imagesसुप्रीम कोर्ट में पाँच जजों की संवैधानिक बेंच ने महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की वैधता की सुनवाई करते हुए कहा है कि आरक्षण की 50 फ़ीसदी की सीमा को नहीं तोड़ा जा सकता है.महाराष्ट्र सरकार ने अलग से क़ानून बनाकर मराठा समुदाय को शिक्षा और नौकरी में आरक्षण दिया था. जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पाँच जजों की संवैधानिक बेंच में जस्टिस एल नागेश्वर राव, एस अब्दुल नज़ीर, हेमंत गुप्ता और एस रविंद्र भट्ट ने पूरे मामले की सुनवाई की.

अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने अफ़ग़ानिस्तान को दिलाया भरोसा - BBC Hindi भारत में 14 छात्रों ने पॉकेट मनी खर्च कर बनाई इलेक्ट्रिक साइकिल, 20 पैसे में चलेगी 1 किलोमीटर! दानिश सिद्दीक़ी की मौत के बाद अफ़ग़ानिस्तान में भारतीयों के लिए सरकार की चेतावनी - BBC News हिंदी

जस्टिस भूषण ने कहा कि इस मामले में चार फ़ैसले दिए गए हैं. एक फ़ैसला जस्टिस भूषण और जस्टिस नज़ीर का है. दूसरा फ़ैसला जस्टिस राव तीसरा जस्टिस भट्ट का है और चौथा जस्टिस गुप्ता का है.मराठा आरक्षण पर फ़ैसला सुनाते हुए जस्टिस भूषण ने कहा, ''हमलोगों ने पाया कि इंदिरा सहाय जजमेंट की समीक्षा की कोई वजह नहीं है. इंदिरा सहाय केस में जो फ़ैसला दिया गया था, उसका पालन किया जाए. अनुच्छेद 342-A का सम्मान करते हुए हम 102वें संविधान संशोधन को चुनौती दी जाने वाली याचिकाएं भी ख़ारिज करते हैं.'' इस संशोधन के तहत पिछड़े वर्गों के लिए राष्ट्रीय आयोग बनाया गया था.

जस्टिस भूषण की बेंच ने कहा कि संविधान का 102वां संशोधन संविधान की मौलिक संरचना का उल्लंघन नहीं है.छोड़कर और ये भी पढ़ें आगे बढ़ें और पढो: BBC News Hindi »

Population Control Policy: विकासवादी सोच या ध्रुवीकरण की राजनीति, देखें 10 तक

आबादी ज्यादा तो जनता के लिए जरूरी संसाधनों का बंटवारा सभी को बराबरी और जरूरत मुताबिक मिल पाना कठिन होता है. 130 करोड़ से ज्यादा आबादा वाला देश भारत. जहां की जनसंख्या चुनावी भाषणों में देश की ताकत के रूप में प्रदर्शित की जाती है. उसी देश में आबादी को नियंत्रित करने की पॉलिसी का ड्राफ्ट जब चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश में आता है तो विकास के लिए आवश्यक जनसंख्या नियंत्रण नीति राजनीति में फंस जाती है. विकासवादी सोच के मुकाबले ध्रुवीकरण और अपना अपना धर्म, अपनी आबादी आबादी की चिंता के विवाद में ज्यादा उलझी नजर आती है. देखें वीडियो.

The law applies also to Modi government decision granting quota to economically weaker sections. Supreme Court should also decide this matter immediately.

दिल्ली की सीमा से प्रदर्शनकारियों को हटाने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिकासुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल हुई है जिसमें कोरोना महामारी को देखते हुए दिल्ली और दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन और धरना दे रहे लोगों को हटाए जाने की मांग की गई है। इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई होनी थी जो अब गुरुवार तक टल गई है। अभी हटे नही क्या योगेन्द्र और टिकैत तो वेक्सीन लगाकर भग लिये होंगे।। किसानो को इन दोनो से ठग लिया।। जय जवान जय किसान

Delhi में oxygen की कमी: सुप्रीम कोर्ट में क्या थीं केंद्र सरकार की दलीलें, जान‍िएदिल्ली को केंद्र से अब करीब साढ़े 5 सौ मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिल रही है. लेकिन इतनी ऑक्सीजन भी दिल्ली के लिए पर्याप्त नहीं है. दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से दिल्ली को रोज़ 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध कराने को कहा था, लेकिन इस आदेश का जब पालन नहीं हुआ तो हाईकोर्ट ने केंद्र के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी कर दिया था. इसके खिलाफ केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. सुप्रीम कोर्ट से केंद्र को ये राहत तो मिल गई कि उसके अधिकारियों पर अवमानना का केस नहीं चलेगा, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ये साफ कर दिया कि दिल्ली के लिए 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन देनी ही पड़ेगी. क्योंकि दिल्ली की हालत क्या है, ये किसी से छुपा नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने आज दिल्ली के ऑक्सीजन संकट पर केंद्र सरकार को क्या क्या कहा? केंद्र सरकार की दलीलें क्या थीं? ये हम आपको बताते हैं. SwetaSinghAT UP में यूज़्ड मैडिकल ग्लव्स रीसाइक्लिंग कर के बेचे जा रहे हैं l Remdesivir injection पानी का भर के बेचा जा रहा है। खोया,शराब नकली बेचा जाना आम बात है और CM Yogi गायों के लिए Help desk बनाने में बिज़ी हैं। kalabazari BlackMarketing SwetaSinghAT क्यू दिल्ली सरकार क्या करेंगी केंद्र को सब कुछ करना है तो आज तक वाले question क्यू जी किये SC को SwetaSinghAT No plan only make 'maan ki baat'

कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी करे सरकार: सुप्रीम कोर्ट - BBC Hindiसुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर सही तरीक़े से तैयारी की गई, तो भारत कोरोना की तीसरी लहर से निपट सकता है. साहब ने पिछली बार corona में जितने दिए जलवाए थे आज उतनी ही चिता जल रही हैं यही होता है मूर्ख वक्तई को राजा बनाने पर तैयारी देख लीजिए । वैक्सीन कहा है ? सरकार को बरखास्त कर यह जिम्मेदारी सेना को क्यों नहीं सौप दी जाए? MPArunYadav troll_ziddi ShilpiSinghINC

मद्रास हाईकोर्ट की टिप्पणी पर सुनवाई: EC की सफाई- हम चुनाव करवाते हैं, सरकार हाथ में नहीं लेते; सुप्रीम कोर्ट बोला- HC की टिप्पणियों को कड़वी दवाई के तौर पर लेंचुनावी राज्यों में संक्रमण की तेज रफ्तार पर मद्रास हाईकोर्ट की टिप्पणियों के खिलाफ चुनाव आयोग ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी सफाई पेश की। मद्रास हाईकोर्ट की बेंच ने देश में कोरोना की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि आयोग के अधिकारियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया जाना चाहिए। | The Election Commission said - We conduct elections; If the PM rallies 2 lakh people in a remote area, then the bullets cannot be fired on the crowd ECISVEEP सही तो कहा भीड़ पर गोली नहीं चलवाना है ECISVEEP क्या मजाक चल रहा है कोर्ट को भी मजाक बना दिया. ECISVEEP आदरणीय, मामाजी OfficeofSSC को छात्र का पत्र drnarottammisra schooledump JM_Scindia comindore IndoreCollector Ramesh_Mendola KailashOnline

सुप्रीम कोर्ट का निर्वाचन आयोग के ख़िलाफ़ मद्रास हाईकोर्ट की टिप्पणियां हटाने से इनकारमद्रास हाईकोर्ट ने बीते 26 अप्रैल को निर्वाचन आयोग की आलोचना करते हुए उसे देश में कोविड-19 की दूसरी लहर के लिए ‘अकेले’ ज़िम्मेदार क़रार दिया था और कहा था कि वह ‘सबसे ग़ैर ज़िम्मेदार संस्था’ है. इन टिप्पणियों को हटाने के लिए आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को रुख़ किया था. चौधरी अजीत सिंह का जाना...किसान आंदोलन को भारी नुकसान है....