Loksabhaelections 2019

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मथुरा लोकसभा सीट: कौन-कौन है उम्मीदवार, किसके बीच होगी कड़ी टक्कर

03-04-2019 08:15:00

मथुरा लोकसभा सीट, जहां हेमा मालिनी ने दर्ज की थी जोरदार जीत LokSabhaElections2019

मथुरा लोकसभा सीट पर दूसरे चरण (18 अप्रैल) में मतदान होना है. इस बार चुनाव मैदान में भारतीय जनता पार्टी की ओर से हेमा मालिनी मैदान में हैं तो उनको चुनौती देने के लिए 12 अन्य उम्मीदवार मैदान में हैं. कांग्रेस ने महेश पाठक, राष्ट्रीय लोक दल ने कुंवर नरेंद्र सिंह, स्वतंत्र जनताराज पार्टी ने ओम प्रकाश को मैदान में उतारा है. सपा-बसपा और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के बीच हुए गठबंधन के तहत यह सीट राष्ट्रीय लोक दल को मिली है और उसने नरेंद्र सिंह को टिकट दिया है. मैदान में 3 निर्दलीय प्रत्याशियों के अलावा 5 अन्य प्रत्याशी छोटे-छोटे दलों के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं.

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पहली जीत निर्दलीय प्रत्याशी को मथुरा लोकसभा सीट पहले संसदीय चुनाव से ही राजनीतिक रण होता रहा है. पहले और दूसरे लोकसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी. लेकिन उसके बाद 1962 से 1977 तक तीन बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की. 1977 में चली सत्ता विरोधी लहर में कांग्रेस को यहां से हार का सामना करना पड़ा और भारतीय लोकदल को जीत मिली.

जनता दल ने 1980 में यहां से चुनाव जीता, लेकिन 1984 में एक बार फिर उसे यहां से जोरदार जीत मिली. इसके बाद यहां पर जीत के लिए कांग्रेस के लिए जीत का लंबा इंतजार शुरू हो गया और 1989 में जनता दल के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की. इसके बाद यहां लगातार 1991, 1996, 1998 और 1999 लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की. इस दौरान चौधरी तेजवीर सिंह लगातार 3 बार यहां से चुनाव जीते. headtopics.com

हालांकि, 2004 में कांग्रेस के लिए जीत का सूखा खत्म करते हुए मानवेंद्र सिंह ने वापसी कराई. 2009 में बीजेपी के साथ लड़ने वाले रालोद के जयंत चौधरी ने एकतरफा बड़ी जीत दर्ज की. लेकिन 2014 में चली मोदी लहर में अभिनेत्री हेमा मालिनी ने 50 फीसदी से अधिक वोट पाकर जीत दर्ज की.  

मथुरा सीट पर जाट और मुस्लिम वोटरों का वर्चस्व रहा है. 2014 में भी जाट और मुस्लिम वोटरों के अलग होने का नुकसान ही रालोद को भुगतना पड़ा था. जाटों ने एकमुश्त होकर बीजेपी के हक में वोट किया. 2014 के आंकड़ों के अनुसार मथुरा लोकसभा क्षेत्र में कुल 17 लाख मतदाता हैं, इनमें 9.3 लाख पुरुष और 7 लाख से अधिक महिला वोटर हैं. मथुरा लोकसभा के तहत छाता, मांट, गोवर्धन, मथुरा और बलदेव विधानसभा सीट आती हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में यहां मांट सीट पर बहुजन समाज पार्टी को जीत मिली थी, जबकि बाकी सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को जीत मिली थी.

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उत्तराखंड बॉर्डर से दुल्हन के बिना लौटी बारात: पीलीभीत का दूल्हा तीन बार निकला कोरोना पॉजीटिव, अब 14 दिन बाद होगा निकाह; रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही मिलेगी एंट्री

पीलीभीत से उत्तराखंड जा रही एक बारात को बगैर दुल्हन के ही बॉर्डर से लौटना पड़ा। बॉर्डर पर जब सभी बारातियों की जांच की गई तो उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन, दूल्हा कोरोना पॉजीटिव निकल आया। चूंकि, शादी का मामला था इसलिए दूल्हे की एक नहीं, तीन बार एंटीजन जांच की गई। लेकिन, हर बार रिपोर्ट पॉजीटिव आई। दूल्हे के पॉजीटिव होने से बारातियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने दूल्हे की गाड़ी को वापस लौटा दिया। | The procession returned from Uttarakhand border without a bride;उत्तराखंड बॉर्डर से दुल्हन के बिना लौटी बारात

Koi nhi h Hema ji ke aage Phir se hema ji janta ab jahassa me nahi aane vali h Mathura sanshad ko ye bhi Nahi malum h ki Mathura me kitne village h Ve pure election me Sabi Gaon me jaati bhi nahi h अबकी जोरदार हार होगी सरकार मस्त जनता पस्त । पिछले 5 वर्षो का विकास, क्या इसे ही विकास कहते हे narendramodi जी और RahulGandhi जी

हेमा मालिनीजी आप इस रूप में, कोई तकलीफ तो नही हो रही ना धूप में? यूकि वोट वाली फसल भी काट ले लगे हाथो😂😂🙏🙏 हेमामालिनी गेँहू कटाई का नाटक करते हुए.......... aap mat sudharo bas itana bata do kab -kab bjp ka prachar aayega ...tab -tab ham aajtak (rsstak ) se door rahe ...

बुलंदशहर लोकसभा सीट: कौन-कौन है उम्मीदवार, किसके बीच होगी कड़ी टक्करबुलंदशहर संसदीय सीट से फिलहाल बीजेपी के भोला सिंह ही सांसद हैं. पिछले चुनाव में उन्होंने यहां से प्रचंड जीत हासिल की थी. बुलंदशहर का संसदीय इतिहास 1952 से ही कायम है और 1952 से लेकर 1971 तक यहां हुए पांच चुनाव में कांग्रेस ने लगातार जीत दर्ज की. जरुरी नही की आप जमीन पर ही थुके ! हर बात पे हिन्दु - मुस्लिम करने वालो के मुँह पर भी थुक सकते हैं !! 🤷 🌷🌷🌷 *'कौन पूरी तरह काबिल है...* *कौन पूरी तरह पूरा है..* *हर एक शख्स कहीं न कहीं...* *किसी जगह थोड़ा सा अधूरा है.......* Gud morning

अलीगढ़ लोकसभा सीट: कौन-कौन है उम्मीदवार, किसके बीच होगी कड़ी टक्करपिछले साल एएमयू में पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर काफी बवाल हुआ था. स्थानीय सांसद सतीश गौतम ने जिन्ना की तस्वीर पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तस्वीर हटाने का आदेश दिया था. तब कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले इस मुद्दे पर राजनीतिक तौर पर काफी शोर हुआ था. चुनोतियों से ही तो भाजपा उभर के आय है । देश हित में हर चुनोतियों का डट कर सामना करेगी भाजपा और बाजपा के हरेक प्रत्याशी ।। अलीगढ़ सीट बी जे पी मजबूत सीट है जनता काम देखती है Only Modi

हाथरस लोकसभा सीट: कौन-कौन है उम्मीदवार, किसके बीच होगी कड़ी टक्कर

नगीना लोकसभा सीट: कौन-कौन है उम्मीदवार, किसके बीच होगी कड़ी टक्कर2009 लोकसभा चुनाव में नगीना संसदीय सीट समाजवादी पार्टी के खाते में गई तो 2014 में इस सीट पर भी मोदी लहर का असर दिखा और जीत भारतीय जनता पार्टी के खाते में गई. मुस्लिम बहुल होने के बावजूद भी ये सीट बीजेपी के पास गई, बीजेपी की नजर फिर से इस सीट पर जीत हासिल करने की है.

अमरोहा लोकसभा सीट: कौन-कौन है उम्मीदवार, किसके बीच होगी कड़ी टक्करअमरोहा लोकसभा सीट के संसदीय इतिहास की बात करें तो 1952 से लेकर 1971 तक इस सीट पर शुरुआती तीन बार कांग्रेस ने और इसके बाद दो बार सीपीआई ने जीत दर्ज की थी. 1977 और 1980 में जनता पार्टी, 1984 में कांग्रेस और 1989 में एक बार फिर जनता दल को जीत मिली. 1991 के बाद 1998 में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी की तरफ से पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान सांसद चुने गए. चेतन चौहान के कारण भी यह सीट चर्चा में रही थी. उजल बूंद आकाश की,परी गई भूमि बिकार। माटी मिली भई कीच सो बिनसंगति भौछार। अर्थात:-आदमी भी अच्छी संगति के अभाव से बुरा हो जाता है। उसी प्रकार शत्रुघ्न सिन्हा से भाजपा ने किनारा किया तो उनकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई। चारा घोटाला का सजाफ्ता'कैदी लालू यादव'उनके मार्गदर्शक हो गये। ये चैनल मोदी की दलाली करता है हमलोग इसका बहिष्कार करते हैं। ये निष्पक्ष नहीं है।

पेड्डापल्ले लोकसभा सीट से 17 प्रत्याशी चुनाव मैदान में, कौन मारेगा बाजी?तेलंगाना की पेड्डापल्ले लोकसभा सीट पर कांग्रेस से अगमा चंद्रशेखर, भारतीय जनता पार्टी से एस कुमार, बहुजन समाज पार्टी से बाला कल्याण पंजा, पिरामिड पार्टी ऑफ इंडिया से एरुगुराला भाग्यलक्ष्मी, तेलंगाना राष्ट्र समिति से वेंकटेश नेथा बोरलाकुंता, सेकुलर डेमोक्रेटिक कांग्रेस से एस. कृष्णा और एंटी करप्शन डायनेमिक पार्टी से संकेनापल्ली देवदास चुनाव मैदान में हैं. इस सीट पर पहले चरण में 11 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. इसके बाद 23 मई को मतगणना होगी और चुनाव नतीजे घोषित किए जाएंगे.

तिरुनेलवेली लोकसभा सीट: AIADMK के सामने सीट बचाने की चुनौतीतिरुनेलवेली में लोकसभा चुनाव के लिए 18 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. तमिलनाडु की 39 लोकसभा सीटों में से एक तिरुनेलवेली में मतदाता दूसरे चरण के मतदान के तहत अपने वोट का इस्तेमाल कर सकेंगे. इस सीट पर राज्य की दो बड़ी AIADMK और DMK के बीच मुकाबला है. DMK ने यहां से Gnanathiraviam S को टिकट दिया है. AIADMK की ओर से पॉल मनोज मैदान में हैं. वहीं बहुजन समाज पार्टी ने Essakkiammal E को यहां से प्रत्याशी घोषित किया है. जेम्स वाट को इंजन बनाने का आइडिया जिस केतली से आया था वह केतली मेरी थी - मोई जी

नबरंगपुर लोकसभा सीटः बीजद, बीजेपी, कांग्रेस और बसपा के बीच मुकाबला, कौन मारेगा बाजी?अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित नबरंगपुर लोकसभा सीट कांग्रेस की परंपरागत सीट रही रही है. नबरंगपुर संसदीय क्षेत्र में घुसपैठ करने में ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक की पार्टी बीजेडी को लंबा वक्त लग गया. 2014 में बीजेडी ने एक बेहद कड़े मुकाबले में मात्र 2000 वोट से ये सीट कांग्रेस से छीन ली. Subha subha Baazi word use na karen, sattabaaz abhi se he ipl main paise lagana start kar denge 😂 BJP✌️ Bjp

थुथुकुडी लोकसभा सीट: क्या कनिमोझी को मिलेगी जीत या बीजेपी करेगी कमाल?सारे विपक्ष का ठगबंधन मिलकर भी BJP4India की बराबरी क्यों नहीं कर सकता? क्योंकी BJP के प्रधान मंत्री भी सक्रिय कार्यकर्ता हैं और हर कार्यकर्ता में प्रधानमंत्री जैसा समर्पण है! कितने चौकीदारों को रोकोगे? पूरा भारत चौकीदार है! MainBhiChowkidar बीजेपी जीत सकती है।

चुनाव 2019: मथुरा सीट से दिवंगत अभिनेता ओमपुरी के भतीजे समेत 12 लोगों का नामांकन रद्ददिवंगत अभिनेता ओमपुरी के पुणे निवासी भतीजे जितेंद्र पुरी उर्फ जीतराज ने भी मंगलवार को बतौर निर्दलीय प्रत्याशी पर्चा दाखिल किया था. चुनाब आयोग को चाहिए क्रिमिनल्स को टिकट न दे। इसके लिए केरेक्टर सर्टिफिकेट और noc की भी मांग कर जिससे ऐसे लोग चुनाव न लड़ सके।