मंटो, जिसने कहा मेरे अफ़साने नहीं, ज़माना नाक़ाबिले बर्दाश्त है - BBC News हिंदी

सआदत हसन मंटोः जिसने कहा मेरे अफ़साने नहीं, ज़माना नाक़ाबिले बर्दाश्त है

11-05-2021 04:55:00

सआदत हसन मंटोः जिसने कहा मेरे अफ़साने नहीं, ज़माना नाक़ाबिले बर्दाश्त है

किस्सा मंटो की कहानी 'ठंडा गोश्त' का, जिसे अश्लील बता कर मुकदमा चलाया गया और मंटो को तीन महीने क़ैद की सज़ा सुनाई गई. मंटो की 119वीं जयंती पर विशेष लेख.

14 लोगों की हुई गवाहीकुछ दिनों बाद, मंटो और जावेद के प्रकाशक नसीर अनवर और संपादक, आरिफ़ अब्दुल मतीन को गिरफ्तार कर लिया गया. मंटो की ज़मानत उनके दोस्त शेख़ सलीम ने दी थी.मशहूर शायर और क़ानून के माहिर मियां तसद्दुक हुसैन खालिद ने ख़ुद भी इस मुक़दमे की पैरवी करने की पेशकश की, जिसे मंटो ने शुक्रिया के साथ स्वीकार कर ली थी.

कोरोना वैक्सीन की 1 एक अरब डोज़ दान करेंगे जी-7 देश: आज की बड़ी ख़बरें - BBC Hindi अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में घोटाले का आरोप: मंदिर ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीन पर पूर्व मंत्री ने उठाए सवाल; कहा-10 मिनट में 2 करोड़ की जमीन 18.5 करोड़ रुपए की कैसे हो गई चेतन सकारिया: टेम्पो चलाने वाले के बेटे का टीम इंडिया तक पहुंचने का सफ़र - BBC News हिंदी

मुक़दमा मजिस्ट्रेट एएम सईद की अदालत में पेश हुआ. अभियोजन पक्ष की तरफ से श्री मोहम्मद याकूब, मोहम्मद तुफैल हलीम, जिया-उद-दीन अहमद और कुछ अन्य लोग पेश किये गए.इस मामले के पक्ष में सफाई देने के लिए 30 गवाहों की सूची पेश की गई, तो मजिस्ट्रेट ने कहा, "मैं इतनी बड़ी भीड़ को नहीं बुला सकता."

बहुत विचार-विमर्श के बाद, वह 14 गवाहों को बुलाने के लिए सहमत हुए, जिनमें से कुल सात गवाह अदालत के सामने पेश हुए.इन गवाहों में सैयद आबिद अली आबिद, अहमद सईद, डॉक्टर खलीफा अब्दुल हकीम, डॉक्टर सईदुल्लाह, फैज़ अहमद फैज़, सूफी गुलाम मुस्तफा तबस्सुम और डॉक्टर आई लतीफ ने मंटो के पक्ष में बयान दर्ज कराए. headtopics.com

अदालत की तरफ से चार गवाह, ताजवर नजीबाबादी, आगा शोरिश कश्मीरी, अबू सईद बज्मी और मोहम्मद दीन तासीर पेश हुए.पहले तीन गवाहों ने कहानी को "अपमानजनक, गंदा और आपत्तिजनक" बताया, जबकि डॉक्टर तासीर का यह कहना था कि यह कहानी साहित्यिक तौर पर ख़राब है, लेकिन साहित्यिक है.

उनका कहना था कि कुछ ऐसे शब्द हैं जिन्हें अश्लील कहा जा सकता है लेकिन मैं अश्लील इसलिए नहीं कहता क्योंकि अश्लील शब्द की परिभाषा के बारे में, मैं ख़ुद स्पष्ट नहीं हूं. इन गवाहों के बयान के बाद मंटो ने अपना लिखित बयान दर्ज कराया.इमेज कैप्शन,चौधरी मोहम्मद हुसैन

जगदीश चंद्र वाधवन लिखते हैं कि आख़िरकार 16 जनवरी 1950 की तारीख आ गई. अदालत ने आरोपियों को अश्लील कहानी लिखने और प्रकाशित करने के आरोप में प्रत्येक पर तीन सौ रुपये का जुर्माना लगाया और मंटो को तीन महीने क़ैद की सज़ा सुनाई. जबकि नसीर अनवर और आरिफ़ अब्दुल मतीन को 21-21 दिनों के कठोर श्रम की सज़ा सुनाई गई.

आरोपियों ने इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ सत्र न्यायालय में अपील की जहां मजिस्ट्रेट इनायतुल्ला खान ने आरोपियों की अपील को स्वीकार करते हुए, निचली अदालत के फ़ैसले को खारिज कर दिया और तीनों आरोपियों को बाइज़्ज़त बरी करते हुए, उनके द्वारा अदा किया गया जुर्माना वापस करने का आदेश दिया. headtopics.com

कोरोना अनलॉक: दिल्ली में 50 फीसदी क्षमता के साथ कल खुलेंगे रेस्त्रां - BBC Hindi बीजेपी को छोड़ अकाली दल-बसपा गठजोड़ क्या पंजाब में रंग जमाएगा? - BBC News हिंदी दहेज में बुलेट, 11 लाख रुपए मांगे: बेटी बोली- पापा मुझे इन लालचियों के घर मत भेजना, लड़के का पिता बोला-गरीबों के घर रिश्ता ही नहीं करना था, तोड़ दी शादी

लेकिन सरकार ने इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ उच्च न्यायालय में अपील दायर कर दी. लाहौर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद मुनीर और न्यायमूर्ति मोहम्मद जान ने अपील पर सुनवाई की.उन्होंने 8 अप्रैल, 1952 को अपना फैसला सुनाया.यह फ़ैसला बहुत ही उचित और वजनदार था और अश्लीलता पर दिए गए फैसलों में एक मील के पत्थर की हैसियत रखता है.

न्यायमूर्ति मोहम्मद मुनीर ने अश्लीलता के बारे में पेश की जाने वाली हर दलील का बहुत स्पष्ट जवाब दिया और फ़ैसले में लिखा कि ठंडे गोश्त की रूपरेखा हानिकारक नहीं है, लेकिन विवरण और विरोधाभासी कथन अश्लील हैं. इसलिए सआदत हसन मंटो और उनके साथियों को तीन सौ रूपये प्रति व्यक्ति जुर्माना या जुर्माना अदा न करने की सूरत में एक महीने की सख्त सज़ा का हुक्म सुनाया जाता है.

इस प्रकार, पाकिस्तान के साहित्यिक और न्यायिक इतिहास का यह अनूठा मुक़दमा ख़त्म हुआ.मौत के बाद ख़त्म हुआ एक मुक़दमा'ठंडा गोश्त' का मामला समाप्त हुआ तो, कुछ साल बाद, मंटो एक और कहानी 'ऊपर नीचे और दरमियान' पर चलाये जाने वाले अश्लीलता के एक और मुक़दमे में फंस गए. यह कहानी सबसे पहले लाहौर के अख़बार 'एहसान' में प्रकाशित हुई थी. उस समय तक, चौधरी मोहम्मद हुसैन की मृत्यु हो गई थी, इसलिए लाहौर में शांति थी.

लेकिन बाद में जब यह कहानी कराची की एक पत्रिका, 'पयाम-ए-मशरिक़' में प्रकाशित हुई, तो वहां की सरकार हरकत में आई और मंटो को अदालत में बुला लिया गया.यह मामला मजिस्ट्रेट मेहंदी अली सिद्दीकी की अदालत में पेश हुआ. जिन्होंने सिर्फ कुछ तारीखों की सुनवाई के बाद मंटो पर 25 रुपये का जुर्माना लगाया. headtopics.com

जुर्माना तुरंत अदा कर दिया गया और इस तरह इस अंतिम मुक़दमे से भी मंटो को बरी कर दिया गया.'फैन हैं तो जुर्माना क्यों लगाया?'बलराज मेनरा ने अपनी क़िताब दस्तावेज़ में लिखा है कि "मेहदी अली सिद्दीकी मंटो के प्रशंसक थे. उन्होंने अगले दिन मंटो को कॉफी पीने के लिए आमंत्रित किया.

उन्होंने कॉफ़ी पीने के दौरान मंटो से कहा "मैं आपको इस दौर का बहुत बड़ा कहानीकार मानता हूं, आपसे मिलने का मकसद सिर्फ यह था कि आप यह ख्याल दिल में लेकर न जाएं कि मैं आपका प्रशंसक नहीं हूं.''मंटो लिखते हैं, "मैं बहुत हैरान हुआ, आप मेरे फैन हैं, तो जनाब आपने मेरे ऊपर जुर्माना क्यों लगाया?"

छोटी पार्टियों ने भी शुरू किया मोल भाव: UP में छोटे दलों के तेवर से परेशान BJP; ओम प्रकाश राजभर ने नड्डा से नहीं की बात, पार्टी ने कहा- बहुत धोखा खा चुके, अब रिजल्ट चाहिए पुतिन से जब अमेरिकी पत्रकार ने सीधे पूछा, 'क्या आप हत्यारे हैं?' - BBC News हिंदी लखनऊ के हॉस्पिटल में ब्लैक फंगस की मरीज से रेप: पीड़िता की मौत हुई; बहन का आरोप- रेप के बाद गहने लूटे और शरीर को सिगरेट से दागा; कल स्मृति ईरानी से शिकायत की थी

उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "इसका जवाब मैं आपको एक साल के बाद दूंगा."एक साल बाद, मेहंदी अली सिद्दीकी ने इस मुक़दमे का विवरण 'पांचवा मुक़दमा' के शीर्षक से एक साहित्यिक पत्रिका, 'अफ़कार' में प्रकाशित कराया. लेकिन उस समय तक मंटो की मृत्यु हो चुकी थी.

मेहंदी अली सिद्दीकी ने मुक़दमे का यह पूरा विवरण अपनी आत्मकथा 'बिला कमो कास्त' में भी लिखा है.मेहंदी अली सिद्दीकी ने इस लेख में लिखा था, कि "1954 के अंत में, मुझे पता चला कि मंटो ने लेखों का एक नया संग्रह प्रकाशित किया है जिसका नाम 'ऊपर, नीचे और दरमियान' है."

"मुझे आश्चर्य भी हुआ और ख़ुशी भी जब लोगों ने मुझे बताया कि मंटो ने इस संग्रह को मेरा नाम दिया है. उनकी दिली मोहब्बत और विश्वास का इससे बेहतर प्रमाण मिलना मुश्किल है.""मैं एक अज्ञात-सा व्यक्ति खुश हूँ कि शायद ऐसे ही मेरा नाम 'दुर्लभ साहित्य' के रूप में कुछ दिनों के लिए साहित्य जगत में रह जायेगा."

और पढो: BBC News Hindi »

खबरदार: भारत में Corona की रफ्तार हुई कम, राज्यों में Unlocking की प्रक्रिया शुरु

भारत में कोरोना की दूसरी लहर का कहर अब थमने लगा है. रोजाना आने वाले नए केस तेजी से कम हो रहे हैं. देश में 28 मई को 1 लाख 73 हजार केस दर्ज हुए. पिछले 45 दिनों में ये पहली बार है जब कोरोना के इतने कम मामले आए हैं. हालांकि मौतों का आंकड़ा अभी भी 3500 से ज्यादा है. लेकिन अब राज्यों ने अनलॉकिंग की तरफ कदम बढ़ा दिये हैं. दिल्ली में 1 जून से कंस्ट्रक्शन साइट और फैक्ट्रियों में काम शुरु हो जाएगा. कई अन्य राज्यों ने भी लॉकडाउन में छूट देने के संकेत दिये हैं. खबरदार के इस एपिसोड में देखें राज्यों के डिकोड होते हुए अनलॉक प्लान.

SaveSheikhJarrah SavePalestine BBC mostly gives fake and provocative news. Not a true media as we used to see years before. BanBBC its creating panic and confusion ये घोंचू से हमें क्या लेना देना

संसदीय समितियों की बैठक: तृणमूल ने कहा आयोजन जरूरी, वर्चुअल माध्यम से कराने की मांगतृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि संसदीय समितियों की बैठक की जरूरत है ताकि जनहित के मुद्दों पर समय से उठाए जा सकें और उन पर

पाकिस्तान ने मुंबई में बरामद हुए अवैध यूरेनियम की जांच की मांग की - BBC Hindiमहाराष्ट्र एटीएस ने गुरुवार को 7 किलोग्राम यूरेनियम के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया था. इसे लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में चिंता जताई और जांच की मांग की.

अमित मालवीय ने की कोविड पीड़ितों की मदद पर कांग्रेस की आलोचना तो भड़के फिल्ममेकरबीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस पर निशाना साधा है जिसके बाद फिल्ममेकर विनोद कापड़ी ने उन्हें लताड़ लगाई है। अमित मालवीय ने कहा कि कांग्रेस मदद के वीडियो पोस्ट कर भारत की महामारी को अंतरराष्ट्रीय चैनलों तक पहुंचा रही है।

दिल्ली की सीमा से प्रदर्शनकारियों को हटाने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिकासुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल हुई है जिसमें कोरोना महामारी को देखते हुए दिल्ली और दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन और धरना दे रहे लोगों को हटाए जाने की मांग की गई है। इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई होनी थी जो अब गुरुवार तक टल गई है। अभी हटे नही क्या योगेन्द्र और टिकैत तो वेक्सीन लगाकर भग लिये होंगे।। किसानो को इन दोनो से ठग लिया।। जय जवान जय किसान

गूगल की तैयारी: मैप्स में मिलेगी बिस्तरों और ऑक्सीजन की उपलब्धता की जानकारीगूगल की तैयारी: मैप्स में मिलेगी बिस्तरों और ऑक्सीजन की उपलब्धता की जानकारी LadengeCoronaSe Coronavirus Covid19 CoronaVaccine OxygenCrisis OxygenShortage PMOIndia MoHFW_INDIA ICMRDELHI GoogleIndia PMOIndia MoHFW_INDIA ICMRDELHI GoogleIndia