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भीलवाड़ा के अशोक चोटिया के आनंद गिरि बनने की कहानी: 12 साल की उम्र में घर छोड़ा, नरेंद्र गिरि के शिष्य बने

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले में गिरफ्तार

21-09-2021 23:15:00

भीलवाड़ा के अशोक चोटिया के आनंद गिरि बनने की कहानी: 12 साल की उम्र में घर छोड़ा, नरेंद्र गिरि के शिष्य बने Rajasthan Bhilwara NarendraGiriDeath AnandGiri NarendraGiriSuicide NarendraGiri Prayagraj Mahantnarendragiri Uppolice

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले में गिरफ्तार

खुद को घुमंतू योगी बताने वाले आनंद गिरि का भीलवाड़ा जिले के आसींद तहसील में ब्राह्मणों के गांव सरेरी में पैतृक आवास है। यहां इनके परिवार में पिता रामेश्वरलाल किसान, तीन बड़े भाई और एक छोटी बहन है। उनकी मां नानू देवी का निधन हो चुका है। बताया जा रहा है कि एक भाई सरेरी गांव में ही सब्जी का ठेला लगाते हैं और दो भाई सूरत में कबाड़ का काम करते हैं।

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12 साल की उम्र में परिवार को बिना बताए छोड़ा था घरआनंद गिरि के पैतृक आवास के पास ही एक चारभुजा मंदिर है। बचपन से ही आनंद गिरि इस मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जाया करते थे। 1996 में जब आनंद 12 साल के थे, तभी घर छोड़कर प्रयागराज चले गए थे। परिवार वालों को इसकी जानकारी भी नहीं थी कि वह आखिर कहां गए? बाद में परिजनों को जानकारी मिली कि वह हरिद्वार के कुंभ में हैं। उनके पिता वहां पहुंचे, लेकिन तब तक वह महंत नरेंद्र गिरि के आश्रम में पहुंच कर उनके शिष्य बन गए थे। 2012 में महंत नरेंद्र गिरि के साथ अपने गांव भी आए थे। नरेंद्र गिरि ने उनको परिवार के सामने दीक्षा दिलाई और वह अशोक से आनंद गिरि बन गए।

संत बनने के बाद वे दो बार गांव आए। पहली बार दीक्षा लेने के लिए और इसके बाद पांच महीने पहले, जब उनकी मां का देहांत हो गया था। इस दौरान गांव के लोगों ने आनंद गिरि का काफी सत्कार किया था। अचानक से महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद उन पर लगे आरोपों से पूरा सरेरी गांव सकते में है। गांव के लोगों का कहना है कि संन्यास लेने से पहले आनंद गिरि का नाम 'अशोक चोटिया' था। headtopics.com

भाई आज भी लगाते हैं सब्जी का ठेलापरिवार के लोगों ने बताया कि आनंद गिरि जब सातवीं कक्षा में पढ़ते थे, तब ही गांव छोड़ प्रयागराज चले गए थे। वह ब्राह्मण परिवार से हैं। पिता गांव में ही खेती करते हैं। सरेरी गांव आनंद गिरि को एक अच्छे संत के रूप में जानता है। उन्हें शांत और शालीन स्वभाव का बताया जाता है।

आनंद गिरी इस वजह से हैं शक के दायरे मेंआनंद गिरि शक के दायरे में इसलिए हैं, क्योंकि नरेंद्र गिरि से उनका विवाद काफी पुराना था। इसकी वजह बाघंबरी गद्दी की 300 साल पुरानी वसीयत है, जिसे नरेंद्र गिरि संभाल रहे थे। कुछ साल पहले आनंद गिरि ने नरेंद्र गिरि पर गद्दी की आठ बीघा जमीन 40 करोड़ में बेचने का आरोप लगाया था। इसके बाद विवाद गहरा गया था। आनंद ने नरेंद्र पर अखाड़े के सचिव की हत्या करवाने का आरोप भी लगाया था।

विस्तार आनंद गिरी का नाता राजस्थान के भीलवाड़ा से है। वह आसींद क्षेत्र के सरेरी गांव के रहने वाले हैं। उनका असली नाम 'अशोक चोटिया' है। 12 साल की उम्र में वह अपना गांव छोड़कर प्रयागराज चले गए थे। यहां हम आपको बता रहे हैं कि भीलवाड़ा के एक गांव का अशोक चोटिया, स्वामी आनंद गिरि कैसे बना।

विज्ञापनखुद को घुमंतू योगी बताने वाले आनंद गिरि का भीलवाड़ा जिले के आसींद तहसील में ब्राह्मणों के गांव सरेरी में पैतृक आवास है। यहां इनके परिवार में पिता रामेश्वरलाल किसान, तीन बड़े भाई और एक छोटी बहन है। उनकी मां नानू देवी का निधन हो चुका है। बताया जा रहा है कि एक भाई सरेरी गांव में ही सब्जी का ठेला लगाते हैं और दो भाई सूरत में कबाड़ का काम करते हैं। headtopics.com

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12 साल की उम्र में परिवार को बिना बताए छोड़ा था घरआनंद गिरि के पैतृक आवास के पास ही एक चारभुजा मंदिर है। बचपन से ही आनंद गिरि इस मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जाया करते थे। 1996 में जब आनंद 12 साल के थे, तभी घर छोड़कर प्रयागराज चले गए थे। परिवार वालों को इसकी जानकारी भी नहीं थी कि वह आखिर कहां गए? बाद में परिजनों को जानकारी मिली कि वह हरिद्वार के कुंभ में हैं। उनके पिता वहां पहुंचे, लेकिन तब तक वह महंत नरेंद्र गिरि के आश्रम में पहुंच कर उनके शिष्य बन गए थे। 2012 में महंत नरेंद्र गिरि के साथ अपने गांव भी आए थे। नरेंद्र गिरि ने उनको परिवार के सामने दीक्षा दिलाई और वह अशोक से आनंद गिरि बन गए।

संत बनने के बाद वे दो बार गांव आए। पहली बार दीक्षा लेने के लिए और इसके बाद पांच महीने पहले, जब उनकी मां का देहांत हो गया था। इस दौरान गांव के लोगों ने आनंद गिरि का काफी सत्कार किया था। अचानक से महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद उन पर लगे आरोपों से पूरा सरेरी गांव सकते में है। गांव के लोगों का कहना है कि संन्यास लेने से पहले आनंद गिरि का नाम 'अशोक चोटिया' था।

भाई आज भी लगाते हैं सब्जी का ठेलापरिवार के लोगों ने बताया कि आनंद गिरि जब सातवीं कक्षा में पढ़ते थे, तब ही गांव छोड़ प्रयागराज चले गए थे। वह ब्राह्मण परिवार से हैं। पिता गांव में ही खेती करते हैं। सरेरी गांव आनंद गिरि को एक अच्छे संत के रूप में जानता है। उन्हें शांत और शालीन स्वभाव का बताया जाता है।

आनंद गिरी इस वजह से हैं शक के दायरे मेंआनंद गिरि शक के दायरे में इसलिए हैं, क्योंकि नरेंद्र गिरि से उनका विवाद काफी पुराना था। इसकी वजह बाघंबरी गद्दी की 300 साल पुरानी वसीयत है, जिसे नरेंद्र गिरि संभाल रहे थे। कुछ साल पहले आनंद गिरि ने नरेंद्र गिरि पर गद्दी की आठ बीघा जमीन 40 करोड़ में बेचने का आरोप लगाया था। इसके बाद विवाद गहरा गया था। आनंद ने नरेंद्र पर अखाड़े के सचिव की हत्या करवाने का आरोप भी लगाया था। headtopics.com

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खबरदार: गैर-कश्मीरियों की 'टारगेट किलिंग', क्या है आतंकियों का 'ऑपरेशन 200'?

कश्मीर में आतंकवादियों की कायराना हरकतें जारी हैं, जो लगातार गैर कश्मीरियों की टारगेट किलिंग को अंजाम दे रहे हैं. शनिवार को दो निर्दोष नागरिकों की जान लेने के बाद आज एक बार फिर दो गैर कश्मीरी नागरिकों को आतंकवादियों ने अपना शिकार बना लिया. आज आतंकियों ने कुलगाम में बिहार के 3 लोगों को गोली मार दी, इनमें से 2 लोगों की मौत हो गई. जबकि एक घायल है. जिन्हें गोली मारी गई, वो सभी मजदूर थे. मारे गए 2 नागरिकों की पहचान राजा ऋषि देव और जोगिंदर ऋषि देव के तौर पर हुई है. इस टारगेट किलिंग को दो आतंकवादियों ने घर में घुसकर अंजाम दिया और अंधाधुंध फायरिंग करके तीन लोगों की जान ले ली. देखिए खबरदार का ये एपिसोड.

start_MP_teachers_transfer_portal अनार्थिक मुद्दे को हल करने से यदि हजारों की पीड़ा दूर हो जाये तो क्या परेशानी है मामाजी?सिर्फ सिफारिशी ट्रांसफर हुये क्या देश का कोई भी बड़ा नेता हमारी फरियाद सुनेगा ? narendramodi ChouhanShivraj JM_Scindia OfficeOfR OfficeOfKNath

नरेंद्र गिरि की मृत्यु पर संतों में रोष, आनंद गिरि के ख़िलाफ़ एफ़आईआर - BBC News हिंदी महंत नरेंद्र गिरि का शव सोमवार को प्रयागराज के अल्लापुर स्थित बाघंबरी गद्दी मठ के एक कमरे में मिला. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा. कोई मुस्लिम एंगल मत निकालना भाई...... किसी भी आत्महत्या के पीछे अनेक कारण होते हैं । किसी भी एंगल से जांच की जा सकती है । आखिर किसी व्यक्ति के आत्महत्या के पीछे क्या कारण हो सकते हैं । निष्पक्ष रूप से जांच होगी तो हर कारण खुलकर सामने आ जायेगा ।हो सकता है सम्पत्ति विवाद भी इसका कारण हो सकता है । Yogi

प्रयागराज में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध हालात में मौतसोमवार को महंत नरेंद्र गिरी का निधन हो गया है. वो अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष थे. प्रयागराज के श्री मठ बाघंबरी गद्दी में हुआ निधन. किस वजह से नरेंद्र गिरी का निधन हुआ है ये स्पष्ट नहीं हुआ है. नरेंद्र गिरी का निधन संदेहास्पद है क्योंकि उनका शव लटकता मिला है. पुलिस इस मामले में तफ्तीश में जुटी है. नरेंद्र गिरी को बड़े सम्मान से देखा जाता था. तमाम जो अखाड़ा परिषद है उसमें सर्वोच्च जो भारतीय अखाड़ा परिषद है. उसके नरेंद्र गिरी अध्यक्ष थे. देखें वीडियो. 😥😥😥😥😥🙏🙏 अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत। नरेंद्र गिरि का निधन। सुन के दुःखी हूआ। महंत संत समाज के लिए बुलंद आवाज थे। भगवान महंत नरेंद्र गिरि को आत्मा को शान्ति प्रदान करे भावपूर्ण श्रध्दांजलि 😢😢😢😢

आनंद गिरि बोले- महंत नरेंद्र गिरि की हत्या हुई, मैं दोषी तो सजा भुगतने को तैयार महंत नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद गिरि ने आजतक से बातचीत में कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है. उन्होंने ये भी कहा कि अगर मैं दोषी साबित होता हूं तो सजा भुगतने के लिए तैयार हूं. आरोप निराधार नही हो सकते।मर्डर की कडी प्रतिसोध हो सकती है ।इसके तार लंबे हो सकते है।चौनाव का समय करीब और चुनाव सहादत मांगता है।सीबीआई जांच से पता चल सकेगा ।

नरेंद्र गिरि की मौत पर यूपी के डिप्टी सीएम बोले- आध्यात्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षतिउत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के मौत को संस्कृति एवं आध्यात्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है. केशव प्रसाद ने कहा- नरेंद्र जी ने हर प्रकार की चुनौतियां का सामना किया. कुंभ मेले में उनके योगदान को कोई भुला नहीं सकता. बीते 30 सालों से मैं उनका अनुयायी थी. नरंद्र जी की मौत की समाचार सुनकर मैं अत्यंत दुखी हूं. मेरा दुख असहनीय है. उन्होंने मुझे सदैव स्नेह दिया. मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि वो आत्महत्या कर सकते हैं. देखें वीडियो. कुछ तो राज था महंत जी के पास कल ही तो केशव एक एंकर मिले थे 🙏

रूस में पुतिन की पार्टी चुनावी धांधली के आरोपों के बीच जीत की ओर - BBC Hindiपुतिन की यूनाइटेड रशिया पार्टी ने मतदान के कुछ ही घंटों के बाद देश के संसदीय चुनाव में जीत की घोषणा की है. मोदी की पार्टी की तरह कौन रोके पथ .. कौन समझे सोच .. प्रयत्न में कितने लगे .. विरोध में कितने सजे.. भाव से अवगत कितने सच .. कहें कितनों में किनसे अब⚡ One of the corrupt politician in the world

महंत नरेंद्र गिरि की हत्या या आत्महत्या, हाई कोर्ट के जज करें जांच: अखिलेश यादवप्रयागराज पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav in Prayagraj ) ने महंत नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए। इसके साथ ही अखिलेश यादव ने कहा कि इस मामले की हाई कोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराई जानी चाहिए। 😢🙏