Borderdispute, India, China, Lac, China Land Border Law, National People's Congress, Border Defence, Social, Economic Development

Borderdispute, India

भास्कर एक्सप्लेनर: बॉर्डर एरिया पर चीन नागरिकों को बना रहा ‘फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस’; उसका नया कानून हमारी चिंता बढ़ाने वाला?

भास्कर एक्सप्लेनर:बॉर्डर एरिया पर चीन नागरिकों को बना रहा ‘फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस’; उसका नया कानून हमारी चिंता बढ़ाने वाला? #Borderdispute #India #China #LAC

27-10-2021 20:50:00

भास्कर एक्सप्लेनर:बॉर्डर एरिया पर चीन नागरिकों को बना रहा ‘फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस’; उसका नया कानून हमारी चिंता बढ़ाने वाला? Borderdispute India China LAC

चीन ने 23 अक्टूबर को बॉर्डर सिक्योरिटी से जुड़ा नया कानून पास किया है। इस कानून को लैंड बॉर्डर लॉ कहा जा रहा है। कानून का लाने के पीछे चीन का उद्देश्य नेशनल, रीजनल और लोकल लेवल पर राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना और बॉर्डर सिक्योरिटी से जुड़े मसलों को कानूनी रूप से बेहतर तरीके से मैनेज करना है। | China New Land Border Law Explained by Dainik Bhaskar (दैनिक भास्कर); Know Everything About China बॉर्डर सिक्योरिटी चीन ने ये कानून आखिर बनाया क्यों? और इस कानून को अभी क्यों पास किया गया? कानून को पास करने की टाइमिंग,

भास्कर एक्सप्लेनर:बॉर्डर एरिया पर चीन नागरिकों को बना रहा ‘फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस’; उसका नया कानून हमारी चिंता बढ़ाने वाला?12 घंटे पहलेवीडियोचीन ने 23 अक्टूबर को बॉर्डर सिक्योरिटी से जुड़ा नया कानून पास किया है। इस कानून को लैंड बॉर्डर लॉ कहा जा रहा है। कानून का लाने के पीछे चीन का उद्देश्य नेशनल, रीजनल और लोकल लेवल पर राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना और बॉर्डर सिक्योरिटी से जुड़े मसलों को कानूनी रूप से बेहतर तरीके से मैनेज करना है।

बिहार में मृत व्यक्ति ने जीता पंचायत चुनाव - BBC Hindi जम्मू और कश्मीर का विशेष दर्जा वापस दिलाने के लिए अंतिम सांस तक लड़ूंगा: उमर अब्दुल्लाह - BBC Hindi चीन और उत्तर कोरिया पर बोलते हुए जापान के पीएम ने क्यों कही हमला करने की बात - BBC Hindi

इस कानून के लागू होने के बाद चीन की विस्तारवादी नीतियों पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के बहाने चीन इस कानून का दुरुपयोग करेगा।समझते हैं, ये कानून क्या है? कानून में क्या-क्या बड़े प्रावधान किए गए हैं? कानून का भारत पर कितना असर होगा? चीन ने ये कानून आखिर बनाया क्यों? और इस कानून को अभी क्यों पास किया गया? कानून को पास करने की टाइमिंग, भारत पर इसका असर और चीन के कानून बनाने की पीछे की वजह जानने के लिए हमने इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस (IDSA)में एसोसिएट फेलो डॉक्टर स्वास्ति राव से बात की है। आइये उनसे समझते हैं...

सबसे पहले समझिए कानून क्या है?चीन ने अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमा को सुरक्षित करने के लिए एक कानून पास किया है। इस कानून में चीन की सीमा के आसपास मूवमेंट, सीमा विवाद, जल विवाद, तस्करी, घुसपैठ जैसे कई मुद्दों को कवर किया गया है।इस कानून को मार्च 2021 में पेश किया गया था और 23 अक्टूबर को इसे नेशनल पीपल्स कांग्रेस की स्टैंडिंग कमेटी की मंजूरी भी मिल गई है। 1 जनवरी 2022 से ये कानून लागू होगा। headtopics.com

कानून की बड़ी बातेंचीन का दावा है कि ये कानून उसकी सीमा की रक्षा के लिए मिलिट्री और सिविलियन की भूमिका को मजबूत करेगा। बॉर्डर से जुड़े इलाकों में सोशल और इकोनॉमिक डेवलपमेंट के लिए मिलिट्री डिफेंस भी मजबूत होगा।इस कानून के जरिए चीनी सेना बॉर्डर एरिया में रह रहे नागरिकों के साथ मिलकर काम करेगी। क्योंकि हर वक्त हर जगह सेना उपलब्ध नहीं रह सकती इसलिए इन इलाकों में रह रहे लोग फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस के तौर पर काम करेंगे।

चीनी मीडिया के अनुसार, इस कानून से चीन सीमा से जुड़े मामलों को मैनेज करने के लिए लीगल लेवल पर ढांचा उपलब्ध कराएगा और राष्ट्रीय सुरक्षा को ज्यादा बेहतर बनाएगा।चीन ने 1 सितंबर 2021 को समुद्री सुरक्षा से जुड़ा एक दूसरा कानून भी लागू किया था। इस कानून के जरिए चीन ने अपने कथित समुद्री क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों पर नई पाबंदिया लगाई थीं और अपने नोसैनिकों के अधिकार भी बढ़ाए थे। इसी तरह ये नया कानून चीन की जमीनी सीमा पर सैनिकों को और ताकत देगा।

कानून का भारत पर कितना असर?इस कानून में अलग-अलग विवादों को चीन ने अपने नजरिए से परिभाषित किया है। इस कानून के हिसाब से भारत का अरुणाचल प्रदेश भी चीन का है। इसके साथ ही चीन ने साउथ चाइना सी के भी कई विवादित इलाकों को अपना मानता है।भारत चीन के साथ 3,488 किलोमीटर की सीमा साझा करता है। दोनों देशों के बीच सीमा पर हालात तनावपूर्ण चलते रहते हैं। ऐसे में सीमा मुद्द से जुड़े इस कानून का भारत पर भी असर पड़ना तय है।

कानून में नदियों और झीलों की स्थिरता को बनाए रखने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। माना जा रहा है कि ये प्रावधान भारत को देखते हुए कानून में शामिल किए गए हैं। ब्रह्मपुत्र नदी का उद्गम स्थल चीन के कंट्रोल में आने वाले तिब्बत ऑटोनोमस रीजन में होता है। माना जा रहा है कि इस प्रावधान के जरिए चीन किसी भी स्थिति में नदी के पानी को कंट्रोल कर सकता है या इसका इस्तेमाल अपनी सैन्य गतिविधियों के लिए कर सकता है। headtopics.com

बागपत में बोले अनुराग ठाकुर – अखिलेश भाई, तुम दंगे करवाते हो, हम दंगल कराते हैं - BBC Hindi RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले- 'भारत को भारत रहना है तो भारत को हिंदू रहना ही पड़ेगा' बीजेपी के मंत्रियों, नेताओं ने ये तस्वीर पोस्ट की और मच गया सोशल मीडिया पर हंगामा? - BBC News हिंदी

इस कानून को अभी क्यों लाया गया?डॉक्टर स्वास्ति राव कहती हैं कि अगले साल अक्टूबर में चीन में कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं पार्टी कांग्रेस होने वाली है। पार्टी कांग्रेस में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अपनी उपलब्धियां बतानी होंगी कि पिछले सालों में हमने ये-ये काम किए हैं। फिलहाल चीन की सबसे बड़ी समस्या उसकी 22 हजार किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है। ये सीमा 14 देशों को छूती है और अलग-अलग देशों से सीमा पर अलग-अलग विवाद भी चल रहे हैं।

शी जिनपिंग और कम्युनिस्ट पार्टी सीमा के मुद्दे पर कानून बनाकर इसे अपनी उपलब्धियों में शामिल करना चाहती है।चीन ने ये कानून आखिर बनाया क्यों?ऐसा नहीं है कि केवल बॉर्डर पर चल रहे विवादों की वजह से ही चीन ने ये कानून बनाया है। चीन ने इस कानून में जल विवाद को भी शामिल किया है। चीन का अलग-अलग देशों से नदियों को लेकर भी विवाद चल रहा है।

चीन ने अपनी बार्डर से हो रहे गैरकानूनी आवाजाही को रोकने के लिए भी ये कानून बनाया है। चीन से जुड़ी भारत, साइबेरिया और म्यांमार की बॉर्डर से भी मूवमेंट होता रहता है। इस कानून के जरिए चीन इस पर भी लगाम लगाना चाहता है।अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद चीन को अफगानिस्तान की ओर से अपनी सीमा में घुसपैठ बढ़ने की आशंका है। इसलिए चीन बॉर्डर एरिया को आतंकी गतिविधियों और घुसपैठ से सुरक्षित कर रहा है। चीन को म्यांमार और वियतनाम से भी घुसपैठ का डर है।

चीन ने इस कानून का मसौदा तब बनाया था, जब चीन-भारत के बीच लद्दाख पर विवाद चल रहा था। इसे कानून को भारत और बाकी देशों के साथ सीमा सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। चीन 2016 से ही बॉर्डर एरिया में इंफ्रास्ट्रक्टर को बढ़ाने के लिए काम कर रहा है।तो क्या बॉर्डर पर बस्तियां भी बसाएगा चीन? headtopics.com

चीन अपने बॉर्डर एरिया में लगातार इंफ्रास्ट्रक्टर को डेवलप कर रहा है। नए कानून में भी बॉर्डर एरिया को डेवलप करने की बात कही गई है। ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन तिब्बत में बॉर्डर से जुड़े इलाकों में कस्बे बसा रहा है। ये चीन के डिफेंस के लिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बॉर्डर इलाके में बनाए जा रहे इन गांवों को चीन वॉच पोस्ट की तरह इस्तेमाल करता है।

2020 तक चीन 600 से ज्यादा कस्बे बॉर्डर एरिया में बसा चुका है। इन कस्बों में आने-जाने के लिए सड़कें भी बनाई गई हैं। चीन बॉर्डर के आसपास 3 हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबी 130 सड़कें बना चुका है।चीन बॉर्डर एरिया में सड़क और रेल नेटवर्क बढ़ाने पर जोर दे रहा है। इसी साल जून में चीन ने तिब्बत से ल्हासा और यींगची को जोड़ने वाला इलेक्ट्रिफाइड बुलेट ट्रेन की शुरुआत भी की थी।

'PM 8000 करोड़ के जहाज से आते हैं, लेकिन किसानों का कर्ज माफ नहीं कर पाते', प्रतिज्ञा रैली में बोलीं प्रियंका गांधी सलमान खान कब कर रहे हैं शादी? आयुष शर्मा ने कही ये बात UP की आधी आबादी पर प्रियंका गांधी का फोकस: बांदा के पीड़ित परिवार से मिलीं, दी सांत्वना; हर जगह महिलाओं को लगा रहीं गले और पढो: Dainik Bhaskar »

Purvanchal Expressway से BJP की चुनावी गाड़ी पकड़ेगी रफ्तार? Sultanpur से देखें बुलेट रिपोर्टर

सुल्तानपुर के आसमान में भारतीय वायुसेना के गरजते विमानों की दहाड़ बहुत दूर तक सुनाई दे रही है. पूर्वांचल की धरती का बहुत खास सियासी पड़ाव है सुल्तानपुर. यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेना के हरक्यूलिस विमान से उतरे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया. समझने वाले समझ ही गए होंगे कि कहां निगाहें हैं, कहां निशाना है. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों से पहले पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के इस लोकार्पण से बीजेपी भी उम्मीद कर रही है कि उसकी चुनावी गाड़ी भी इस बहाने रफ्तार पकड़ेगी. तो जनता की नब्ज पकड़ने के लिए हमारी संवाददाता चित्रा त्रिपाठी की बुलेट भी यहां की ओर दौड़ पड़ी. देखिए बुलेट रिपोर्टर का ये एपिसोड.

कोई सफाई? Tumhare baap ka naya kaanun aaya hai 😌😌

चीन का पैंतरा: अफगानिस्तान को दिए 10 लाख डॉलर, 50 लाख और देने का किया वादाचीन ने युद्धग्रस्त देश अफगानिस्तान को 10 लाख अमेरिकी डॉलर उपलब्ध कराए हैं। यह जानकारी समाचार एजेंसी एएनआई ने टोलो न्यूज

चीन का नया सीमा कानून: छह देशों से टकराने को तैयार ड्रैगन, भारत के खिलाफ तिब्बत में बसे लोगों के इस्तेमाल की क्या है साजिश?चीन का नया सीमा कानून: छह देशों से टकराने को तैयार ड्रैगन, भारत के खिलाफ तिब्बत में बसे लोगों के इस्तेमाल की क्या है साजिश? China BorderLaw India vs China BorderDispute LAC Ladakh

साजिद नाडियाडवाला को Chhichhore के लिए मिला 'नेशनल अवार्ड', सुशांत सिंह राजपूत को किया डेडिकेटफिल्म इंडस्ट्री से भी सुशांत के करीबी उन्हें मिस करते हैं. एक्टर इंडस्ट्री के राइजिंग सुपरस्टार थे और उनका इस तरह दुनिया से रुखसत हो जाना सभी के लिए शॉकिंग था. एक्टर के अंतिम समय की कुछ शानदार फिल्मों में से एक थी छिछोरे. इस फिल्म को नेशनल अवॉर्ड मिला है. इस मौके पर फिल्म के निर्देशक और निर्माता ने सुशांत को याद किया है और उन्हें ट्रिब्यूट दिया है.

Aryan Khan Drug Case: आर्यन खान को नहीं मिली जमानत, 28 अक्तूबर को फिर होगी सुनवाईड्रग्स केस में करीब तीन घंटे की सुनवाई के बाद भी बुधवार को फैसला नहीं हो सका। बॉम्बे हाई कोर्ट ने आर्यन खान की जमानत Nawab Malik and oppositions are trying to cover Drugs lobby by raising bogus allegation against I.O. of NCB, the central government must intervene in the matter...

सिंघु बॉर्डर पर लाठीचार्ज, किसानों को रोकने पर हुआ विवाद; लखबीर की हत्या को लेकर कर रहे थे प्रदर्शनसिंघु बॉर्डर पर बुधवार को एक बार फिर तब हंगामा मच गया जब निंहग सिखों द्वारा मारे गए लखबीर के परिवार के साथ कुछ लोग वहां हवन करने के लिए पहुंच गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया।

हिंदुओं पर हमलों के बाद अब बांग्लादेश सरकार बनाने जा रही यह क़ानून - BBC News हिंदीबांग्लादेश में पिछले दिनों दुर्गा पूजा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं हुई थीं जिनमें अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को निशाना बनाया गया था. क्या मोदी और शाह सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल कर देश भर में वसूली का रैकेट चला रहे हैं..? एक इस्लामिक राष्ट्र पर इस तरह कोई भरोसा नहीं किया जा सकता। Bjp chor sakaar