भारत का उलटफेर, हॉकी में ओलंपिक चैंपियन अर्जेंटीना पर शानदार जीत - BBC News हिंदी

भारत का उलटफ़ेर, हॉकी में ओलंपिक चैंपियन अर्जेंटीना को धो डाला

12-04-2021 19:28:00

भारत का उलटफ़ेर, हॉकी में ओलंपिक चैंपियन अर्जेंटीना को धो डाला

भारतीय हॉकी टीम ने एफ़आईएच प्रो लीग में अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए अपने को अंक तालिका में चौथे स्थान पर पहुँचा दिया है.

मनोज चतुर्वेदीवरिष्ठ खेल पत्रकार31 मिनट पहलेइमेज स्रोत,@THEHOCKEYINDIAभारतीय हॉकी टीम ने एफ़आईएच प्रो लीग में अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए 2016 के रियो ओलंपिक की चैंपियन अर्जेंटीना को दूसरे मैच में 3-0 से फ़तह करके अपने को अंक तालिका में चौथे स्थान पर पहुँचा दिया है.

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इस स्थान पर अब तक ऑस्ट्रेलिया आठ मैचों में 14 अंक बनाकर था. भारत ने अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ पहला मैच पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से जीता था, जिससे उसे दो अंक मिले थे और दूसरा मैच जीतने से तीन अंक मिले. इस तरह उसके आठ मैचों में 15 अंक हो गए हैं.भारत ने अब तक खेले आठ मैचों में सिर्फ़ दो मैच ऑस्ट्रेलिया और विश्व चैंपियन और इस लीग में 13 मैचों में 32 अंक बनाकर शिखर पर चल रही बेल्जियम से हारे हैं. पर ख़ास बात यह है कि उसने दोनों के ख़िलाफ़ एक-एक मैच जीते भी हैं. भारत इस प्रो लीग के माध्यम से इस साल जुलाई-अगस्त में टोक्यो में होने वाले ओलंपिक खेलों की तैयारी कर रहा है.

इस लीग में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ एक और अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ दो मैच जीतना तैयारी के हिसाब से बहुत मायने रखता है, क्योंकि यह दोनों ही टीमें ओलंपिक में भारत के ग्रुप ए में हैं. इस ग्रुप की बाक़ी तीन टीमें न्यूज़ीलैंड, स्पेन और मेज़बान जापान हैं. इन तीनों टीमों को भारत समय-समय पर हराता करता रहा है. headtopics.com

इमेज स्रोत,Getty Imagesकमज़ोरी को बनाया ताक़तयह सभी जानते हैं कि पहले भारत की प्रमुख कमज़ोरी हुआ करती थी कि एक बार पिछड़ जाने पर टीम का खेल बिखर जाता था या फिर बढ़त बना लेने पर आख़िर तक इसका बचाव करने में ख़ासी मुश्किल आती थी.पर इस प्रो लीग के ब्यूनस आयर्स में खेले गए पहले मैच में भारत ने हरमनप्रीत के 21वें मिनट में जमाए गोल से बढ़त ज़रूर बनाई. लेकिन मार्टिन फेरेरो ने दूसरे ही क्वार्टर ख़त्म होने से पहले दो गोल जमाकर बढ़त बना ली थी.

वह इस बढ़त को खेल समाप्ति से कुछ सेकेंड पहले तक बनाए रखने में सफल भी रही. यह लगभग पक्का हो गया था कि अर्जेंटीना मैच जीत रही है. लेकिन आख़िरी मिनट में हरमनप्रीत ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल जमाकर भारत को बराबरी दिलाई.बाक़ी का काम गोलकीपर श्रीजेश ने पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना के तीन खिलाड़ियों के प्रयास को विफल करके भारत को जीत दिला दी.

अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ दूसरे मैच में भारतीय टीम ने एक और ताक़त दिखाई. वह ताक़त थी कि अर्जेंटीना ने खेल शुरू होते ही हमलावर रुख अपनाया.हम एक दशक पहले की भारतीय टीम की बात करें तो इस तरह के माहौल में टीम एकदम से लड़खड़ा जाती थी और इसका फ़ायदा उठाकर विपक्षी टीमें खेल पर दबदबा बनाकर मैच को अपने पक्ष में मोड़ लेती थीं.

लेकिन अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ दूसरे मैच की शुरुआत में अर्जेंटीनी हमलों के ख़िलाफ़ भारतीय डिफेंस ख़ासतौर से गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक ने शानदार बचाव का प्रदर्शन करके टीम के मनोबल को ऊंचा बनाए रखा.उन्होंने मार्टिन फेरेरो के दो शानदार प्रयासों पर अपना गोल भिदने से बचा लिया. भारतीय खिलाड़ियों ने धीरे-धीरे खेल पर पकड़ बनाते हुए 11वें मिनट में हरमनप्रीत के गोल से बढ़त बना ली. इसके बाद ललित उपाध्याय ने दूसरे क्वार्टर में और मनदीप ने आखिरी क्वार्टर में गोल जमाकर भारत को 3-0 से जीत दिला दी. headtopics.com

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खेलते समय टीम में दिखता है भरोसाभारत को अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ खेलते देखकर लगा कि टीम अब एक अलग ही भरोसे के साथ खेलने लगी है. पहले अक्सर देखा जाता था कि गेंद क्लियर करते समय डिफेंस थोड़ी हड़बड़ाहट रहती थी. पर अब हमारा डिफेंस पूरे भरोसे के साथ विपक्षी हमलावरों को टैकिल ही नहीं करता है बल्कि हमेशा उसका प्रयास होता है कि उसका जवाबी हमला बने.

इसके अलावा पहले एक गोलकीपर खेलता था और उसके असफल होने पर ही दूसरे को उतारा जाता था. इसका परिणाम यह होता था कि टीम के नंबर दो गोलकीपर को पर्याप्त मौक़े ही नहीं मिल पाते थे और उसमें अनुभव की कमी हमेशा बनी रहती थी. लेकिन अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ भारत ने श्रीजेश और कृष्ण बहादुर पाठक दोनों को खिलाया.

भारत ने इस साल मार्च की शुरुआत में यूरोप का दौरा करके जर्मनी और ग्रेट ब्रिटेन के ख़िलाफ़ दो-दो मैच खेले थे.कोरोना की वजह से खेल क़रीब एक साल थमे रहने के बाद भारतीय हॉकी टीम का यह पहला दौरा था. पर इस दौरे पर भारत ने दोनों के ख़िलाफ़ एक-एक जीत और एक-एक ड्रा खेला था.

इमेज स्रोत,HARPREET LAMBAइस दौरे के बाद कोच ग्राहम रीड ने डिफेंस को और मज़बूत करने की सलाह दी थी. लगता है कि इस दौरे के बाद टीम ने डिफेंस पर काम किया, जिसका परिणाम सामने दिख रहा है.असल में प्रो लीग मुक़ाबलों में रूपिंदर पाल के लौटने से डिफेंस मज़बूत हुआ है. वहीं उनके जोड़ीदार हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नरों को गोल में बदलने की कला का अच्छा प्रदर्शन किया है. headtopics.com

भारत को अब एफ़आईएच प्रो लीग का अगला मुक़ाबला ग्रेट ब्रिटेन से उनके घर में खेलना है. यह मैच उसे आठ और नौ मई को खेलने हैं. इसके बाद भारत को वेलेंसिया जाकर स्पेन से 15 और 16 मई को और हैंबर्ग में जर्मनी के ख़िलाफ़ 22 और 23 मई को खेलना है.भारत का अंतिम मुक़ाबला न्यूज़ीलैंड से 29 और 30 मई को होना था. लेकिन इस मुक़ाबले को अभी स्थगित कर दिया गया है. इसकी तारीख़ों का अभी एलान होना बाक़ी है.

भारत ने फ़रवरी 2020 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ प्रो लीग मुक़ाबला खेलने के बाद कोरोना के प्रकोप की वजह से टीम के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम पर पूरी तरह से रोक लग गई थी.भारतीय टीम करीब एक साल बाद प्रो लीग के अभियान को फिर से शुरू करने उतरी थी. पर टीम ने दिखाया कि उसने कोरोना का ब्रेक लगने पर यहां खेल छोड़ा था, अब वहीं से शुरुआत की है.

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पहले यूरोपीय दौरे और अब अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ प्रदर्शन को देखकर लगता तो है कि भारत चार दशक से चले आ रहे ओलंपिक हॉकी पदक के सूखे को इस बार ख़त्म करने की क्षमता को रखता है.पर ओलंपिक की तैयारियों के लिए प्रो लीग के ग्रेट ब्रिटेन, स्पेन और जर्मनी के ख़िलाफ़ मुक़ाबलों के भी बहुत मायने हैं. एक अच्छी बात यह है कि भारत को यह सभी मुक़ाबले घर से बाहर खेलने हैं. इससे तैयारियों का सही जायज़ा भी मिलेगा.

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3-0 को उलटफेर कहते हैं क्या क्लीन स्वीप किसे कहते है bbc ? यार पत्रकारिता कर रहे हो या पत्थर ईंटा बेलदारी..। i_am_ravish Khich k jwaano... Nazaara lya ta☺☺☺ विश्व चैंपियन अर्जेंटीना पर भारतीय हॉकी टीम की जीत पर भारतीय हॉकी टीम को बहुत बधाई। Congratulations 'Team India '! Congratulations team India Pharmdca Pharmdca you play hockey? I play every week.

शायद कथनी और करनी में अंतर है। 2020 में मोदी जी ने कहा था जान है तो जहान है'लेकिन अब मोदी जी अपना ही स्लोगन भूल गए. एक तरफ रैली में भीड़ की जान जोखिम में और दूसरी तरफ देश के लाखों छात्रों की जान जोखिम में। कोरोना चरम सीमा पर बढ़ रहा है। कैसी दोहरी नीति है मोदी सरकार की।