भवानीपुर उपचुनाव: ममता के खिलाफ प्रियंका टिबरेवाल पर दांव लगा सकती है भाजपा, आज एलान संभव

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा हाई-वोल्टेज मुकाबले के लिए वकील प्रियंका टिबरेवाल के नाम की घोषणा कर सकती है।

Bhabanipur, Westbengal

09-09-2021 07:08:00

भवानीपुर उपचुनाव : ममता के खिलाफ प्रियंका टिबरेवाल पर दांव लगा सकती है भाजपा, आज एलान संभव Bhabanipur WestBengal MamataBanerjee MamataOfficial BJP4India

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा हाई-वोल्टेज मुकाबले के लिए वकील प्रियंका टिबरेवाल के नाम की घोषणा कर सकती है।

भाजपा में अपने छह साल के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्यों को संभाला और अगस्त 2020 में, उन्हें पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का उपाध्यक्ष बनाया गया। इस साल उन्होंने एंटली से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन टीएमसी के स्वर्ण कमल साहा से 58,257 मतों के अंतर से हार गईं।

टिबरेवाल का जन्म सात जुलाई 1981 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा वेलैंड गॉल्डस्मिथ स्कूल से पूरी की और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उसके बाद, उन्होंने 2007 में कलकत्ता विश्वविद्यालय के अधीनस्थ हाजरा लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री हासिल कीं। उन्होंने थाईलैंड अनुमान विश्वविद्यालय से एमबीए भी किया है।

एक निजी चैनल से बात करते हुए, टिबरेवाल ने कहा कि 'पार्टी ने मुझसे सलाह ली है और मेरी राय पूछी है कि मैं भवानीपुर से चुनाव लड़ना चाहती हूं या नहीं। कई नाम हैं और मुझे अभी पता नहीं है कि उम्मीदवार कौन होगा। इतने सालों में मेरा साथ देने के लिए मैं अपने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को धन्यवाद देना चाहती हूं। headtopics.com

संजय राउत का भाजपा पर हमला: कहा- राष्ट्रपति ने भी की थी 'टीपू सुल्तान' की तारीफ, क्या आप उनसे भी लेंगे इस्तीफा

उन्होंने कहा कि 'अगर मेरी पार्टी ने मुझे ममता बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर से मैदान में उतारा, तो मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगा और मुझे उम्मीद है कि लोग न्याय बनाम अन्याय की इस लड़ाई में मेरा समर्थन करेंगे। मुझे यकीन है कि लोग सत्तारूढ़ टीएमसी के कुशासन के खिलाफ मतदान करेंगे। यह चुनाव के बाद की हिंसा और बंगाल में लोगों की पीड़ा के खिलाफ हमारी लड़ाई है।

बता दें कि भवानीपुर के साथ ही मुर्शिदाबाद में विधानसभा की दो सीटों- समशेरगंज और जांगीपुर पर 30 सितंबर को उपचुनाव कराया जाएगा। इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों की मृत्यु के कारण इन दोनों सीटों पर मतदान रद्द कर दिया गया था।विस्तार

आगामी उपचुनाव में पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुकाबला कौन करेगा, इस पर सस्पेंस आज खत्म हो सकता है। विज्ञापनटिबरेवाल भाजपा नेता बाबुल सुप्रियो की कानूनी सलाहकार रह चुकी हैं, सुप्रियो के सलाह के बाद ही वह अगस्त 2014 में भाजपा में शामिल हुई थीं। 2015 में, उन्होंने भाजपा उम्मीदवार के रूप में वार्ड संख्या 58 (एंटली) से कोलकाता नगर परिषद का चुनाव लड़ा, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के स्वपन समदार से हार गई थीं।

RRB NTPC Result Row: बिहार में छात्रों ने ट्रेनों को पहुंचाया नुकसान, समझिए क्यों सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर सजा भी मिल सकती है?

भाजपा में अपने छह साल के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्यों को संभाला और अगस्त 2020 में, उन्हें पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का उपाध्यक्ष बनाया गया। इस साल उन्होंने एंटली से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन टीएमसी के स्वर्ण कमल साहा से 58,257 मतों के अंतर से हार गईं। headtopics.com

टिबरेवाल का जन्म सात जुलाई 1981 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा वेलैंड गॉल्डस्मिथ स्कूल से पूरी की और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उसके बाद, उन्होंने 2007 में कलकत्ता विश्वविद्यालय के अधीनस्थ हाजरा लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री हासिल कीं। उन्होंने थाईलैंड अनुमान विश्वविद्यालय से एमबीए भी किया है।

एक निजी चैनल से बात करते हुए, टिबरेवाल ने कहा कि 'पार्टी ने मुझसे सलाह ली है और मेरी राय पूछी है कि मैं भवानीपुर से चुनाव लड़ना चाहती हूं या नहीं। कई नाम हैं और मुझे अभी पता नहीं है कि उम्मीदवार कौन होगा। इतने सालों में मेरा साथ देने के लिए मैं अपने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को धन्यवाद देना चाहती हूं।

सरकार तैयार कर रही स्वदेशी OS: गूगल के एंड्रॉयड और एपल iOS से होगा मुकाबला

उन्होंने कहा कि 'अगर मेरी पार्टी ने मुझे ममता बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर से मैदान में उतारा, तो मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगा और मुझे उम्मीद है कि लोग न्याय बनाम अन्याय की इस लड़ाई में मेरा समर्थन करेंगे। मुझे यकीन है कि लोग सत्तारूढ़ टीएमसी के कुशासन के खिलाफ मतदान करेंगे। यह चुनाव के बाद की हिंसा और बंगाल में लोगों की पीड़ा के खिलाफ हमारी लड़ाई है।

बता दें कि भवानीपुर के साथ ही मुर्शिदाबाद में विधानसभा की दो सीटों- समशेरगंज और जांगीपुर पर 30 सितंबर को उपचुनाव कराया जाएगा। इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों की मृत्यु के कारण इन दोनों सीटों पर मतदान रद्द कर दिया गया था।आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें। headtopics.com

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?हांखबर की भाषा और शीर्षक से आप संतुष्ट हैं?हांखबर के प्रस्तुतिकरण से आप संतुष्ट हैं?हांखबर में और अधिक सुधार की आवश्यकता है?

और पढो: Amar Ujala »

Etah की जनता किसके माथे पर बांधेगी जीत का सहरा? जॉय ई-बाईक रिपोर्टर ने जाना

उत्तर प्रदेश के चुनावों को लेकर आज जॉय ई-बाईक रिपोर्टर यूपी के एटा पहुंची हैं. इस एटा में दो बार हिंदू माहसभा, 6 बार भारतीय जनता पार्टी, एक बार यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, जिन्होंने बीजेपी से अलग होकर अपनी पार्टी बनाई, 2009 का विधानसभा चुनाव लड़ा और एटा से जीत भी हासिल की. अब बीते दो बार से उनके बेटे राजवीर सिंह एटा से बीजेपी के टिकट पर जीत रहे हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी में कमाल का प्रदर्शन किया था और यहां की चारों की चारों विधानसभा सीटें अपने नाम कर ली थी. लेकिन 2022 के चुनाव में एटा में क्या होगा, ये जानने के लिए नकलीं जॉय ई-बाईक रिपोर्टर. देखें. और पढो >>

बिहार: पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के लिए शुरू हुआ नामांकनबिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के लिये मंगलवार से नामांकन शुरू हो गया. पहले चरण के नामांकन का कल यानी (बुधवार) आखिरी दिन है. पंचायत चुनावों में आमतौर पर मुखिया पद को लेकर होड़ दिखती है लेकिन इस बार वार्ड सदस्यों के नामांकन में ज्यादा भीड़ दिख रही है .

कोरोना काल में स्कूल बंद, झुग्ग‍ियों के बच्चों को ऐसे पढ़ा रहे BMC के टीचरकोरोना के हालातों के चलते सितंबर 2020 से 9वीं और 10वीं कक्षा के 50% छात्र ऑनलाइन कक्षाओं में भाग नहीं ले रहे थे. कोरोना प्रोटोकॉल के साथ श‍िक्षक ले रहे पार्क या खुली जगह पर क्लास OnlineClasses Coronavirus BMC ATCard यहाँ पढ़ें : mustafashk

युवा अपनी रुचि के अनुसार क्यूरेटर के रूप में कर सकते हैं इन क्षेत्रों में एक्सप्लोर...Curator Jobs In India क्यूरेटर हमारी संस्कृति और सभ्यता से जुड़े धरोहरों की देखभाल में महत्वपूर्ण योगदान करते है। धरोहरों के रखरखाव और कला-संस्कृति में रुचि रखने वाले युवा आवश्यक स्किल हासिल करके इसमें अपने करियर को भी आगे बढ़ा सकते हैं।

दहशत: 7.0 तीव्रता के भूकंप के झटकों से कांपा मैक्सिको, काफी देर तक हिलती रहीं इमारतेंतेज भूकंप के झटकों के बाद लोग घरों से बाहर निकलकर सड़क पर आ गए। झटके रुकने के बाद भी लोग काफी देर तक घरों के अंदर नहीं

9/11 के 20 साल बाद भी अमेरिका में युवा सिखों के साथ हो रहा भेदभावअमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमले के 20 साल बीतने के बाद भी यहां रहने वाले युवा सिखों को भेदभाव का सामना करना पड़ता है। उन्हें पगड़ी व दाढ़ी के कारण अमेरिका में कई जगहों पर नफरत भरी टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है।

'देश में हर किसान के पस 'हल', बस सरकार के पास ही नहीं'प्रसून बाजपेयी की एक पोस्ट सामने आई जिसमें वह किसान आंदोलन को लेकर पीएम मोदी और केंद्र सरकार पर तंज कसते दिखे।