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बांग्लादेश: हिंदू घरों-मंदिरों पर हमलों में अब तक 71 पर केस, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले 450 गिरफ्तार

बांग्लादेश में हिंदुओं पर जारी हमलों के संबंध में देश के विभिन्न हिस्सों में कम से कम 71 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा

19-10-2021 23:56:00

बांग्लादेश : हिंदू घरों-मंदिरों पर हमलों में अब तक 71 पर केस, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले 450 गिरफ्तार Bangladesh HinduTemple Attack Temples Violence

बांग्लादेश में हिंदुओं पर जारी हमलों के संबंध में देश के विभिन्न हिस्सों में कम से कम 71 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा

इस बीच, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ जारी हिंसा की सख्त निंदा की है। यूएन ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।पुलिस मुख्यालय के सहायक महानिरीक्षक मोहम्मद कमरुज्जमां ने बताया कि अफवाह फैलाने वालों और हिंसा करने वालों के खिलाफ पूरे देश में अभियान जारी है। इसलिए ये मामले और गिरफ्तारियों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। पुलिस ने कथित रूप से पोस्ट अपलोड करने वाले हिंदू युवक को भी हिरासत में ले लिया है।

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उधर, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि धर्म चुनने की आजादी, मानवाधिकार है और दुनिया का हर शख्स, फिर चाहे वह किसी भी धर्म या आस्था को मानने वाला हो, उसका अपने अहम त्योहार मनाने के लिए सुरक्षित महसूस करना जरूरी है। प्रवक्ता ने कहा, हम बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमलों की निंदा करते हैं।

गत नौ वर्षों में हिंदुओं के 3,700 से ज्यादा घर-मंदिर हमलों का शिकारएक अधिकार समूह के मुताबिक गत नौ वर्षों में बांग्लादेश के भीतर हिंदुओं पर करीब 3,721 हमले हुए है। ढाका ट्रिब्यून ने बताया कि यह डाटा एक प्रमुख अधिकार समूह ‘ऐन ओ सलीश’ केंद्र से मिला है जिसके अनुसार 2021 पिछले पांच वर्षों में अब तक का सबसे घातक वर्ष रहा है। इसी अवधि में हिंदू मंदिरों, मूर्तियों और पूजा स्थलों पर तोड़फोड़ व आगजनी के कम से कम 1,678 मामले दर्ज किए गए हैं। headtopics.com

इसके अलावा, पिछले तीन वर्षों में 18 हिंदू परिवारों पर हमले हुए हैं। यह संख्या इससे अधिक भी हो सकती है, क्योंकि मीडिया सिर्फ उन बड़े मामलों को कवर करता है जो प्रकाश में आते हैं। पिछले नौ वर्षों में सबसे खराब स्थिति 2014 में थी जब अल्पसंख्यकों के 1,201 घरों और प्रतिष्ठानों में उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की। इस साल सितंबर के अंत तक 196 घरों, व्यापारिक केंद्रों, मंदिरों, मठों और मूर्तियों को भी तोड़ा गया।

अमेरिकी हिंदू संगठनों ने दर्ज कराया विरोधअमेरिका में बांग्लादेशी हिंदुओं ने अपने मूल देश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर जारी हिंसा के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि धार्मिक मतभेद उनके लिए अस्तित्व का संकट पैदा करते हैं। बांग्लादेशी हिंदू समुदाय के प्रनेश हल्दर ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय से अपील की कि बांग्लादेश में पहले से ही परेशानियों में घिरे हिंदुओं को और नुकसान नहीं पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने अमेरिका स्थित निगरानी समूहों और मीडिया घरानों से बांग्लादेश में हिंसा की गंभीरता को उजागर करने का आग्रह किया। अमेरिकी हिंदू अधिकार समूह हिंदूपैक्ट के कार्यकारी निदेशक उत्सव चक्रवर्ती ने कहा, ये हमले भयावह हैं।विस्तार करीब 450 लोगों को सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

विज्ञापनइस बीच, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ जारी हिंसा की सख्त निंदा की है। यूएन ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।पुलिस मुख्यालय के सहायक महानिरीक्षक मोहम्मद कमरुज्जमां ने बताया कि अफवाह फैलाने वालों और हिंसा करने वालों के खिलाफ पूरे देश में अभियान जारी है। इसलिए ये मामले और गिरफ्तारियों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। पुलिस ने कथित रूप से पोस्ट अपलोड करने वाले हिंदू युवक को भी हिरासत में ले लिया है। headtopics.com

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उधर, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि धर्म चुनने की आजादी, मानवाधिकार है और दुनिया का हर शख्स, फिर चाहे वह किसी भी धर्म या आस्था को मानने वाला हो, उसका अपने अहम त्योहार मनाने के लिए सुरक्षित महसूस करना जरूरी है। प्रवक्ता ने कहा, हम बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमलों की निंदा करते हैं।

गत नौ वर्षों में हिंदुओं के 3,700 से ज्यादा घर-मंदिर हमलों का शिकारएक अधिकार समूह के मुताबिक गत नौ वर्षों में बांग्लादेश के भीतर हिंदुओं पर करीब 3,721 हमले हुए है। ढाका ट्रिब्यून ने बताया कि यह डाटा एक प्रमुख अधिकार समूह ‘ऐन ओ सलीश’ केंद्र से मिला है जिसके अनुसार 2021 पिछले पांच वर्षों में अब तक का सबसे घातक वर्ष रहा है। इसी अवधि में हिंदू मंदिरों, मूर्तियों और पूजा स्थलों पर तोड़फोड़ व आगजनी के कम से कम 1,678 मामले दर्ज किए गए हैं।

इसके अलावा, पिछले तीन वर्षों में 18 हिंदू परिवारों पर हमले हुए हैं। यह संख्या इससे अधिक भी हो सकती है, क्योंकि मीडिया सिर्फ उन बड़े मामलों को कवर करता है जो प्रकाश में आते हैं। पिछले नौ वर्षों में सबसे खराब स्थिति 2014 में थी जब अल्पसंख्यकों के 1,201 घरों और प्रतिष्ठानों में उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की। इस साल सितंबर के अंत तक 196 घरों, व्यापारिक केंद्रों, मंदिरों, मठों और मूर्तियों को भी तोड़ा गया।

अमेरिकी हिंदू संगठनों ने दर्ज कराया विरोधअमेरिका में बांग्लादेशी हिंदुओं ने अपने मूल देश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर जारी हिंसा के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि धार्मिक मतभेद उनके लिए अस्तित्व का संकट पैदा करते हैं। बांग्लादेशी हिंदू समुदाय के प्रनेश हल्दर ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय से अपील की कि बांग्लादेश में पहले से ही परेशानियों में घिरे हिंदुओं को और नुकसान नहीं पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। headtopics.com

उन्होंने अमेरिका स्थित निगरानी समूहों और मीडिया घरानों से बांग्लादेश में हिंसा की गंभीरता को उजागर करने का आग्रह किया। अमेरिकी हिंदू अधिकार समूह हिंदूपैक्ट के कार्यकारी निदेशक उत्सव चक्रवर्ती ने कहा, ये हमले भयावह हैं।आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

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वारदात: तेज हो गई समीर-नवाब की तकरार, क्या है स्कूल सर्टिफिकेट की सच्चाई?

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के मुंबई के जोनल हेड समीर वानखेड़े के बर्थ सर्टिफिकेट और मैरिज सर्टिफिकेट के बाद महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक कथित रूप से उनके ये दो नए सर्टिफिकेट लेकर आए हैं. नवाब मलिक के मुताबिक समीर दादर के सेंट पॉल हाईस्कूल से प्राथमिक शिक्षा ली थी. इस सर्टिफिकेट में समीर वानखेड़े का नाम वानखेड़े समीर दाऊद लिखा है. यहां ये भी लिखा है कि छात्र की जाति और उपजाति तभी बताई जाए जब वो पिछड़े वर्ग, या अनुसूचचित जाति-जनजाति से आए. जबकि धर्म के कॉलम में लिखा है मुस्लिम. इसके बाद समीर वडाला के सेंट जॉसेफ हाईस्कूल में पढने गए. यहां के स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट में समीर का नाम वानखेड़े समीर दाऊद लिखा है. और धर्म के कॉलम में लिखा है मुस्लिम. दरअसल नवाब मलिक समीर वानखेड़े को मुसलमान साबित करने के लिए इसलिए जुटे हैं क्योंकि अगर उनकी बात सही साबित हो गई तो समीर वानखेड़े के नौकरी खतरे में पड़ जाएगी. देखें वीडियो.

कश्मीर में बढ़े आतंकी हमलों के बीच कई इलाकों में रोकी गई इंटरनेट सेवाजम्मू-कश्मीर में इस महीने आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. आतंकी गैर-कश्मीरियों की टारगेट किलिंग कर रहे हैं. वहीं, सेना के जवान भी आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए एनकाउंटर कर रहे हैं. इस बीच, प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कश्मीर के कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया है. ashraf_wani sheelaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa ashraf_wani कश्मीर में चुनाव कराए बिना शांति नहीं आ सकती, राज्य सरकारें ही राज्य की समस्याएं सुलझा सकती हैं ashraf_wani फिर इतनी कवायदें क्योंकर .? आदरणीय narendramodi जी अपने फैसलों की उपलब्धियां और प्रभाव का वर्णन किया करें

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमलों पर बोले BJP सांसद- नहीं थमे हमले तो भारत करे आक्रमण बांग्लादेश के गृह मंत्री ने कहा कि, 'हिंसा से जुड़े सभी सबूत मिलने के बाद हम इसे सार्वजनिक करेंगे और इसमें जो भी लोग शामिल होंगे उनको कड़ी सजा दी जाएगी।' Imran Khan’s Self-Interest & Focus on Opposition will lead Pakistan to Destruction. How will Pakistan prepare for the events of the future in its current form and stature? Muhammad Qasim saw this dream in 2021, which today we see happening in reality.

बांग्लादेश में हिंदू परिवारों पर हमले पर भड़कीं लेखिका तस्लीमा नसरीन, कहा- ‘जिहादिस्तान’ बनता जा रहा बांग्लादेश, मदरसे फैला रहे नफरतहाल ही में बांग्लादेश दुर्गापूजा के दौरान हिंदू मंदिरों पर हमले किए गए और हमलावरों के एक समूह ने रंगपुर जिले के पीरगंज गांव में हिंदुओं के करीब 29 घरों में आग लगा दी थी।

सड़कों पर सैलाब, Landslide में फंसे यात्री, देखें Uttarakhand में मौसम का कहरउत्तराखंड में भारी बारिश की वजह से 5 लोगों की मौत हो गई है. आज भी राज्य में अलर्ट है. उत्तराखंड में कुदरत के कहर को देखते हुए धामी सरकार अलर्ट है. देहरादून में सीएम पुष्कर सिंह धामी खुद ही मोर्चा संभालते हुए बीती रात स्टेट डिजास्टर कंट्रोल रुम पहुंच गए. अधिकारियों के साथ बात की, जिले में तैनात अधिकारियों को जरुरी निर्देश दिए. वहीं सीएम धामी को गृहमंत्री अमित शाह ने हर संभव मदद का भरोसा दिया. फिलहाल लोग बारिश थमने का इंतजार कर रहे हैं ताकि जिंदगी पटरी पर लौट सके. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो. बहुत ही खूबसूरत नज़ारा मेरे गाँव का ❤️

Kashmir में खौफ मचाने वाले दहशतगर्दों की तलाश जारी, पुंछ में मोर्चे पर 'सेनापति'जम्मू कश्मीर में चार दिन के भीतर 9 जवानों की जान लेने वाले आतंकी कहां गुम हो गए? कश्मीर में खौफ मचाने वाले दहशतगर्दों की तलाश जारी है और आज हालात का जायजा लेने खुद आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे पुंछ में एलओसी पर है. राजौरी-पुंछ के जंगल में पिछले नौ दिन से आतंकियों की तलाश हो रही है. जनरल नरवणे आतंकियों की तलाश में सुरक्षाबल द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन का जायजा लेने पहुंचे हैं. साथ ही कश्मीर की सुरक्षा हालात की भी समीक्षा करेंगे. एलओसी पर आर्मी चीफ की मौजूदगी ये बताने के लिए काफी है कि पुंछ में दो हमलों में नौ जवानों की मौत को सेना ने कितनी गंभीरता से लिया है. पुंछ में आर्मी चीफ की मौजूदगी के बीच यहां के जंगल में सर्च ऑपरेशन भी जारी है. देखें ये एपिसोड.

बड़े लोगों पर कीचड़ उछालने में सबको मजा आता है...आर्यन के समर्थन में जावेद अख्‍तरमुंबई के जुहू स्थित एक बुक स्टोर में 'चेंजमेंकर्स' नाम की किताब के लॉन्‍च के मौके पर जावेद अख्‍तर (Javed Akhtar) ने शाहरुख और आर्यन का नाम लिए बिना उनका समर्थन किया। उन्‍होंने कहा कि जांच के नाम पर बॉलिवुड और इंडस्ट्री के बड़े-बड़े सिलेब्रिटीज को निशाना बनाया जा रहा है। इंसान बड़ा अपने कर्मों से और अपनी सोच से होता है, यही दल्ला जब बंगला तोड़ा गया कंगना का तब दल्ला कोनसा बिल में छुपा बैठा था तब कियू नही मुंह खोला Javedakhtarjadu इन जैसे लोग अब भी देश को राह दिखाएंगे