बांग्लादेशी मीडिया में हिन्दुओं पर हमले को लेकर क्या छप रहा है? - BBC News हिंदी

बांग्लादेशी मीडिया में हिन्दुओं पर हमले को लेकर क्या छप रहा है?

20-10-2021 11:43:00

बांग्लादेशी मीडिया में हिन्दुओं पर हमले को लेकर क्या छप रहा है?

बांग्लादेश के बड़े अख़बार 'द डेली स्टार' ने लिखा है कि 'हिंदू भक्त दुर्गा को ऐसी विदाई नहीं देना चाहते थे.' बांग्लादेश के सभी अहम अख़बारों ने हिन्दुओं पर हमले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है,

Getty Imagesइस लेख में आगे लिखा गया है कि 'यह बहुत लंबे समय से चल रहा है और सांप्रदायिक हिंसा से निपटने के मामले में जो हमने अब तक किया है, वो वापस हर साल हमारे सामने आ जाता है. जिन्होंने ये हमले किए उनकी पहचान की जाए और उन्हें गिरफ़्तार किया जाए. इसके साथ ही इसको पहली बार जिसने भड़काया उन्हें भी पकड़ा जाए और केवल यही काफ़ी नहीं है.'

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"इस तरह की अफ़वाहें हैं कि देश को अस्थिर करने के लिए यह योजना बनाई गई और कई ग़लतफ़हमियों को लेकर भी बात है लेकिन जो भी कारण रहे हों. यह हमारी अल्पसंख्यक जनता है, जिसको सहना पड़ा है और हमारे लोगों की सुरक्षा के लिए कुछ ठोस कार्रवाई करनी होगी."

"बांग्लादेश तरक़्क़ी कर रहा है और हम विकासशील दुनिया के लिए एक नमूना हैं. लेकिन क्या हम इस बात को लेकर गंभीर हैं कि किसी भी पृष्ठभूमि का व्यक्ति इस राष्ट्र में सुरक्षित महसूस करेगा, क्या हम वास्तव में विकास कर पाएंगे. इस स्तर पर बांग्लादेश एक ऐसा देश लग रहा है, जिसमें अल्पसंख्यकों के लिए कोई जगह नहीं है जबकि हमारे देश की नींव धर्मनिरपेक्षता की बुनियाद पर रखी गई है." headtopics.com

इमेज स्रोत,Getty Images'क्या हम एक धर्मनिरपेक्ष समाज हैं?''ढाका ट्रिब्यून' में बुधवार को ही एक और संपादकीय प्रकाशित हुआ है, जिसका शीर्षक है,'क्या हम एक धर्मनिरपेक्ष समाज हैं?'फ़ेनी यूनिवर्सिटी के क़ानून विभाग के लेक्चरर सख़ावत सज्जात सेजन ने यह लेख लिखा है, जिसमें कहा गया है कि अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा में नाकाम रहने पर राष्ट्र की क्षमताओं पर सवाल खड़े हो गए हैं.

लेख में लिखा गया है कि मानवाधिकार संधियों के लिए तीन बुनियादी दायित्वों को पूरा करना ज़रूरी होता है, इनमें सम्मान, सुरक्षा और उनको पूरा करना शामिल है लेकिन बांग्लादेश में हालिया परिदृश्य में मानवाधिकार के दो दायित्वों को पूरा नहीं किया गया है."जिस तरह से हिंदू समुदायों के साथ उनके सबसे बड़े त्योहार के दौरान बर्बरता, यातना, संघर्ष और हत्या हुई है, उसने साबित किया है कि बांग्लादेश एक राष्ट्र होने के नाते नागरिकों के बुनियादी मानवाधिकार पूरा करने में नाकाम रहा है."

बांग्लादेश की आज़ादी के 50 साल: अकाल से आत्मनिर्भर बनने की यात्रा कैसे पूरी हुई?"सांप्रदायिक हिंसा और धार्मिक असहिष्णुता लापरवाही या अदूरदर्शिता का नतीजा है, जिसको बांग्लादेश का संविधान अनुमति नहीं देता है. धर्मनिरपेक्षता और धार्मिक स्वतंत्रता बांग्लादेश के संविधान के चार बुनियादी ढांचों का हिस्सा है. धर्मनिरपेक्षता के बुनियादी संरचना होने के नाते सरकार बिना किसी धार्मिक भेदभाव के लिए धर्मनिरपेक्ष कल्याण के लिए काम करेगी."

लेख में आगे है कि बांग्लादेश के संविधान में जस्टिस लुत्फ़ुर रहमान की एक टिप्पणी भी शामिल है, जिसमें कहा गया है कि धर्म हर किसी का व्यक्तिगत मामला है इसलिए राष्ट्र को केवल धर्म को एक व्यक्तिगत पहचान के तौर पर ही देखना चाहिए.'हिंदू दुर्गा की ऐसी विदाई नहीं चाहते थे' headtopics.com

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बांग्लादेश के एक और बड़े अख़बार 'द डेली स्टार' ने एक लेख प्रकाशित किया है जिसका शीर्षक है,लेख में है कि इस तरह की तस्वीर लोगों के लिए जानी-पहचानी भी है और नहीं भी है.इमेज स्रोत,Getty Imagesइसमें लिखा गया है कि बांग्लादेश में एक समुदाय के ख़िलाफ़ 'इस्लाम का अपमान' करने का आरोप लगाते हुए हिंसा के मामले लगातार बढ़ रहे हैं.

"मानवाधिकार संगठन एन ओ सलिश केंद्र के अनुसार बीते नौ सालों में हिंदू समुदाय के ख़िलाफ़ कम से कम 3,710 हमले हुए हैं.""हिंदू परिवारों को उनके सबसे बड़े त्योहार के समय बर्बरता और अन्य प्रकार की यातनाओं से सुरक्षा न दिला पाना भी प्रशासन की नाकामी है जो कि धर्मनिरपेक्षता को कायम रखने की नाकामी को भी दिखाता है. क्या कोई राष्ट्र अल्पसंख्यकों को सुरक्षा मुहैया कराने की ज़िम्मेदारी को नकार सकता है?"

एक दूसरे बड़े अंग्रेज़ी अख़बार 'द डेली ऑब्ज़र्वर' ने'साम्प्रदायिक सद्भाव बचाओ' और पढो: BBC News Hindi »

वारदात: तेज हो गई समीर-नवाब की तकरार, क्या है स्कूल सर्टिफिकेट की सच्चाई?

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के मुंबई के जोनल हेड समीर वानखेड़े के बर्थ सर्टिफिकेट और मैरिज सर्टिफिकेट के बाद महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक कथित रूप से उनके ये दो नए सर्टिफिकेट लेकर आए हैं. नवाब मलिक के मुताबिक समीर दादर के सेंट पॉल हाईस्कूल से प्राथमिक शिक्षा ली थी. इस सर्टिफिकेट में समीर वानखेड़े का नाम वानखेड़े समीर दाऊद लिखा है. यहां ये भी लिखा है कि छात्र की जाति और उपजाति तभी बताई जाए जब वो पिछड़े वर्ग, या अनुसूचचित जाति-जनजाति से आए. जबकि धर्म के कॉलम में लिखा है मुस्लिम. इसके बाद समीर वडाला के सेंट जॉसेफ हाईस्कूल में पढने गए. यहां के स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट में समीर का नाम वानखेड़े समीर दाऊद लिखा है. और धर्म के कॉलम में लिखा है मुस्लिम. दरअसल नवाब मलिक समीर वानखेड़े को मुसलमान साबित करने के लिए इसलिए जुटे हैं क्योंकि अगर उनकी बात सही साबित हो गई तो समीर वानखेड़े के नौकरी खतरे में पड़ जाएगी. देखें वीडियो.

बांग्लादेश की मीडिया में इतनी हिम्मत तो है कि वे अपने यहां अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर विरोध में लेख प्रकाशित कर रहे है तथा सरकार से सवाल पूछ रहे है। भारत में तो ये हिम्मत तो मुख्यधारा के मीडिया में बचा ही नहीं है। 🙏🙏🙏🙏🙏 भारत के मीडिया कौनसे दूध के धुले है या कम बिकाऊ है जो बांग्लादेश के मीडिया को कोस रहे हो 😏 शायद यहाँ के मीडिया से ही उन लोगो ने सिखा होगा😏😋 anjanaomkashyap SwetaSinghAT

अमानवों का देश बंगलादेश। GHAR MAIN JAB AAG LAGI , TAB HASINA KO AKLA AAI KI.' CAA ' KYUN LAGU KIYA GAYA THA ? बांग्लादेश की सरकार वही कर रही है जो 1984 के सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस की सरकार , 2002 के गुजरात दंगों में भाजपा की नरेन्द्र मोदी सरकार और 2020 में दिल्ली दंगों में भाजपा की केंद्रीय सरकार ने किया । बांग्लादेश के अखबार सजग हैं और भारत की मिडिया साष्टांग दंडवत की मुद्रा में...

दुनिया में हिन्दीयों पर ही अत्याचार क्यों जबकि दुनिया में सबसे शरीफ कौम? बांग्लादेश में कट्टरता को सख्ती से दबाना चाहिए। उसी तरह से भारत में भी चाहे मुसलमान हो या हिंदू। शासन कानून का हो। कट्टरतावादी ताकतों का नहीं। Bangladesh deprived of the definition of SECULARISM. Government of Bangladesh could not protect non-Muslims.

Bbc please publish this news too. kam se kam Bangladesh ki media mei satta se sawal puchne ki himmat to haii....👇 आदरणीय डॉ एस जयशंकर जी विदेश मंत्री भारत सरकार ने हमारे हिंदू मंदिर वह हिंदुओं पर हो रहे हमले के बारे में श्रीलंका सरकार से बात करनी चाहिए

दिल्ली दंगा: आरोपी को ‘अनावश्यक रूप से प्रताड़ित’ करने पर पुलिस पर जुर्मानादिल्ली की एक अदालत ने फरवरी 2020 के दंगों के मामले संबंधी एक अर्ज़ी दायर करने में देरी के लिए पुलिस पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाते हुए कहा कि इन मामलों में पुलिस आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निजी हस्तक्षेप करने के लिए बार-बार दिए गए निर्देशों को नज़रअंदाज़ किया गया. इन साहब का ट्रांसफर भी करना पड़ेगा अब तो...🤔

Muslim islam ke naam par ek ho jata hai par Hindu hindutva ke naam par kabhi ek nahi hua is wajah se har ek majhab wala hindu par julam karta hai aur fir khud ko Alap sankhayak bta kar Rota bhi hai Bangladesh Police arrest 450 over religious unrest. PM directs home minister to take strict action against those responsible. The ruling party, holds march supporting Hindus.

Such a thing which is unusual and unacceptable for the Bangladesh society against minority. while the same thing is a common and accepted for the majority society in India. अमेरिका और सन्युक्तराष्ट्र ने जो निंदा करदी है उससे भारत के हिन्दुओ की जुम्मेवारी लगभग खत्म हो गई,अभी चाहे कितने भी मंदिर तोड़े जाये,कितनी ही औरतें बेआबरू होती रहे,कितने ही लोग जलील करके मारते रहो,हिन्दुओ को लगता है मुनाफकत लोग बहुत ही ईमान वाली कोम से है निंदा करने से मान जाएँगे

क्या भारत में चुनाव आते ही दुनिया भर में हिंदुओं और हिन्दू मंदिरों पर हमले शुरू हो जाते हैं हिन्दू मुस्लिम के बीच तनाव पैदा हो जाता है और इन सब घटनाओं का फ़ायदा चुनावों में BJP को मिलता है.. Let UP election finish, things will be normal in BD and J&K. Till bear

Audi Q5 के लिए भारत में शुरू हुई बुकिंग, जानें लॉन्च पर क्या है रिपोर्टनई Q5 कंपनी की बाजार में ब्रिकी को मजबूत करेगी। ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लों ने कहा यह (क्यू5) 2021 के लिए हमारा नौवां उत्पाद लॉन्च होगा और हम वर्ष के लिए अपनी प्रगति के बारे में अधिक खुश नहीं हो सकते। अब अगर आदानी और अम्बानी इसे ख़रीदे तो outrage नही करना ,पहले बता देता हू।

बड़े लोगों पर कीचड़ उछालने में सबको मजा आता है...आर्यन के समर्थन में जावेद अख्‍तरमुंबई के जुहू स्थित एक बुक स्टोर में 'चेंजमेंकर्स' नाम की किताब के लॉन्‍च के मौके पर जावेद अख्‍तर (Javed Akhtar) ने शाहरुख और आर्यन का नाम लिए बिना उनका समर्थन किया। उन्‍होंने कहा कि जांच के नाम पर बॉलिवुड और इंडस्ट्री के बड़े-बड़े सिलेब्रिटीज को निशाना बनाया जा रहा है। इंसान बड़ा अपने कर्मों से और अपनी सोच से होता है, यही दल्ला जब बंगला तोड़ा गया कंगना का तब दल्ला कोनसा बिल में छुपा बैठा था तब कियू नही मुंह खोला Javedakhtarjadu इन जैसे लोग अब भी देश को राह दिखाएंगे

अगर नहीं है Pollution Certificate तो पेट्रोल पंप पर भी कटेगा चालान, नया नियम लागूपरिवहन विभाग के डीसी अनुज भारती ने बताया कि हमने यह सुनिश्चित करने के लिए इस अभियान को शुरू किया है कि सभी वाहन प्रदूषण उत्सर्जन मानक का पालन करें। यदि पीयूसी प्रमाणपत्र अमान्य/समाप्त पाया जाता है तो ऐसे में हम ई-चालान भेजेंगे। पर्यावरण संरक्षण को अच्छी पहल Par dalali ka chalan to sarkari kothe per bhi nhi katega सर्टिफिकेट अगर होगा भी तो क्या पॉल्यूशन कम होगा? काला धुआं निकाले जाओ सर्टिफिकेट दिखाओ और आगे जाओ।

MP में लट्‌ठबाज डॉक्टर: चाची को सड़क पर गिराकर डंडे से पीटा, वीडियो बनाने पर बहन को भी धुना; हाथ-पैर में आई चोटविदिशा के गंजबासौदा में उत्तर प्रदेश के सरकारी डॉक्टर का लट्‌ठ चलाने का वीडियो सामने आया है। उसने अपनी चाची और चचेरी बहन को सड़क पर गिराकर बेरहमी से पीटा। घायल मां-बेटी का इलाज सरकारी अस्पताल में चल रहा है। घटना नगर के मील मार्ग स्थित तारण तरण पाठशाला के पास रविवार की है। आरोपी डॉक्टर मप्र का है, लेकिन मथुरा में नौकरी करता है। | Doctor son beat up aunt on road in Ganjbasoda of Vidisha ChouhanShivraj कौन जानवर है ये 😡😡😠😠😠😠 ChouhanShivraj बाबाजी ने मौके पर न्याय करने का नियम बनाया है जो जनता को बहुत पसंद है। वही नियम पालन कर रहा है यह जिससे रामराज्य मजबूत हो 😜😜😜😜😜😜😜 ChouhanShivraj Kiya pagal pan hai

Coronavirus Live Updates: Covaxin को अप्रूवल पर इस हफ्ते बैठक करेगा WHOकोविड-19 के मामलों में आई कमी के बाद जहां स्कूलों को ऑफलाइन मोड में खोल दिया गया है तो वहीं अब नर्सरी एडमिशन ने भी रफ्तार पकड़ ली है। बीते 2020-21 के सत्र में कोविड-19 के चलते जहां नर्सरी एडमिशन की प्रक्रिया में देरी देखी गई तो वहीं कई अभिभावक ऐसे भी रहे, जिन्होंने अपने बच्चे का कहीं भी एडमिशन नहीं करवाया। कोरोना के मामले थमते ही अब अभिभावक भी बच्चों के दाखिले में रुझान दिखा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 13,596 नए मामले सामने आए हैं जो बीते 230 दिनों में सबसे कम हैं। इस समय देश में कोरोना के सिर्फ 1,89,694 ऐक्टिव केस हैं। पल-पल के अपडेट के लिए बने रहिए हमारे साथ...