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फ्रेंच नागरिकता लेना चाहते हैं ब्रिटिश पीएम के पिता | DW | 01.01.2021

जब 2016 में ब्रेक्जिट जनमतसंग्रह हुआ था तब स्टेनली जॉनसन ने यूरोपीय संघ में बने रहने के हक में वोट दिया था. लेकिन उसके बाद उन्होंने अपना रुख बदल लिया. #Brexit #Britain #France #BorisJohnson

01-01-2021 15:35:00

जब 2016 में ब्रेक्जिट जनमतसंग्रह हुआ था तब स्टेनली जॉनसन ने यूरोपीय संघ में बने रहने के हक में वोट दिया था. लेकिन उसके बाद उन्होंने अपना रुख बदल लिया. Brexit Britain France BorisJohnson

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के पिता स्टेनली जॉनसन का कहना है कि वह यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के निकलने के बाद फ्रांस की नागरकिता के लिए आवेदन करेंगे. बोरिस जॉनसन ब्रेक्जिट समर्थक माने जाते हैं.

स्टेनली जॉनसन का कहना है कि वह भी 27 देशों वाले यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के निकलने का समर्थन करते हैं. बावजूद इसके वह फ्रांस की नागरिकता लेना चाहते हैं. हालांकि जब 2016 में ब्रेक्जिट जनमतसंग्रह हुआ तो उन्होंने यूरोपीय संघ में बने रहने के हक में वोट दिया था. लेकिन उसके बाद उन्होंने अपना रुख बदल लिया.

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फ्रेंच रेडियो स्टेशन आरटीएल के साथ बातचीत में स्टेनली जॉनसन ने कहा कि वह तो"पहले से ही फ्रेंच" हैं. उन्होंने बताया कि उनकी दादी फ्रेंच थीं और उनकी मां फ्रांस में पैदा हुईं. उन्होंने कहा,"यह तो पक्का है कि मैं हमेशा यूरोपीय रहूंगा.. आप किसी इंग्लिश व्यक्ति से यह नहीं कह सकते हैं कि तुम यूरोपीय नहीं हो. यूरोपीय संघ से संपर्क रखना जरूरी है."

80 वर्षीय स्टेनली जॉनसन यूरोपीय संसद के सदस्य रह चुके हैं. हालांकि पिछले साल द टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने अपना मन बदल लिया है और अब वह यूरोपीय संघ से निकलने के हक में हैं.दूसरी तरफ, ब्रिटेन के सांसदों ने ब्रेक्जिट के बाद यूरोपीय संघ के साथ व्यापार के तौर तरीकों को निर्धारित करने वाली डील को मंजूरी दे दी है. इसके तहत अब ब्रिटेन के लोगों को यूरोपीय संघ के देशों में बेरोकटोक रहने और काम करने की अनुमति नहीं होगी. headtopics.com

ये भी पढ़िए: ये सब बदलाव लाएगा ब्रेक्जिटये सब बदलाव लाएगा ब्रेक्जिटयूरोपीय बंधन से आजादीपांच दशक तक यूरोपीय संघ का हिस्सा रहने के बाद ब्रिटेन आजादी की एक नई राह पर है. पांच दशक के निकट आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक समन्वय के बाद अब ब्रिटेन सारे फैसले अकेले ले सकेगा.

ये सब बदलाव लाएगा ब्रेक्जिटकाम करने का अधिकारहालांकि कोरोना की वजह से यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के बीच आवाजाही में यूं भी कमी आई है, लेकिन भविष्य में आवाजाही और कम हो सकती है. दोनों के नागरिकों को अब एक दूसरे के यहां रहने और काम करने का स्वाभाविक अधिकार नहीं होगा.

ये सब बदलाव लाएगा ब्रेक्जिटमौजूदा प्रवासियों की स्थितियूरोप में वैध रूप से रहने वाले 10 लाख ब्रिटिश नागरिकों और ब्रिटेन में रहने वाले 30 लाख यूरोपीय नागरिकों की स्थिति बहुत नहीं बदलेगी. समझौते के अनुसार आम तौर पर उनके अधिकार वही रहेंगे जो इस समय हैं.ये सब बदलाव लाएगा ब्रेक्जिट

रोजगार पर भी असरमुक्त आवाजाही के खात्मे का मतलब श्रम बाजार पर दबाव भी होगा. टूरिस्ट वीजा पर यूरोप आए ब्रिटिश नागरिक या ब्रिटेन गए यूरोपीय नागरिक अब फटाफट किसी रेस्तरां या बार में पार्ट टाइम जॉब शुरू नहीं कर सकेंगे.ये सब बदलाव लाएगा ब्रेक्जिटपर्यटन वीजा headtopics.com

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एक दूसरे के यहां छुट्टी बिताने के लिए वीजा लेने की जरूरत नहीं होगी. लेकिन यूरोपीय संघ में ब्रिटेन के लोग 180 दिनों में 90 दिन ही रह पाएंगे जबकि ब्रिटेन यूरोपीय नागरिकों को लगातार छह महीने रहने की अनुमति देगा.ये सब बदलाव लाएगा ब्रेक्जिटचिकित्सा बीमायूरोप आने वाले ब्रिटिश नागरिकों और ब्रिटेन जाने वाले यूरोपीय नागरिकों को अब अलग से चिकित्सा बीमा लेना होगा. उन्हें यूरोपीय हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड जारी नहीं किया जाएगा. यह कार्ड पूरे यूरोपीय संघ में चिकित्सा सुविधा मुहैया कराता है.

ये सब बदलाव लाएगा ब्रेक्जिटपालतू जानवरब्रेक्जिट का असर पालतू जानवरों की आवाजाही पर भी होगा. गर्म स्पेन में लंबी छुट्टियां बिताने वाले ब्रिटिश नागरिक अक्सर पालतू जानवर साथ लाते थे. उन्हें अब यात्रा से 21 दिन पहले टीका लगवाना होगा और हेल्थ सर्टिफिकेट लेना होगा.

ये सब बदलाव लाएगा ब्रेक्जिटड्राइविंग लाइसेंसताजा समझौते के बाद ड्राइवरों को कोई समस्या नहीं रहेगी. उनके ड्राइविंग लाइसेंस मान्य होंगे लेकिन ब्रिटिश चैनल पार करने वाले यात्रियों को साबित करना होगा कि उनके पास जरूरी बीमा है.ये सब बदलाव लाएगा ब्रेक्जिटशिक्षा और रिसर्च

ब्रिटेन ने ब्रेक्जिट के साथ ही यूरोपीय छात्र आदान प्रदान कार्यक्रम इरास्मस से भी बाहर निकलने का फैसला किया है. इस कार्यक्रम के तहत ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के दूसरे सदस्य देशों के छात्र एक दूसरे के यहां पढ़ सकते थे.अक्टूबर 2019 में कंजरवेटिव पार्टी के सम्मलेन में ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा था कि उनकी मां शारलोटे जॉनसन वाल ने यूरोपीय संघ से निकलने के समर्थन में वोट दिया था. वाल को 1979 में तलाक देने वाले स्टेलनी इस बात पर बोरिस जॉनसन की पार्टनर की तरफ देखकर बोले,,"मुझे यह नहीं पता था." headtopics.com

पिछले साल अक्टूबर में स्टेनली ने उस वक्त माफी मांगी जब ब्रिटेन में लागू पाबंदियों के बावजूद वह बिना मास्क पहने शॉपिंग कर रहे थे. अक्टूबर में ही ग्रीस की यात्रा करने के लिए भी उनकी आलोचना हुई थी, जबकि ब्रिटेन की सरकार ने अपने नागरिकों से कहा था कि सिर्फ बहुत जरूरी होने पर ही विदेश की यात्रा करें.

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