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फैक्ट चेक: फ्रांस में मारे गए टीचर के नाम पर ब्रिटेन के एक प्रदर्शनकारी की तस्वीर वायरल

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम की पड़ताल में सामने आई वायरल तस्वीर की सच्चाई #AFWAFactCheck #FactCheck #RE

24-10-2020 08:43:00

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम की पड़ताल में सामने आई वायरल तस्वीर की सच्चाई AFWAFactCheck FactCheck RE

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें कुछ युवा एक प्लेकार्ड लिए प्रदर्शन कर रहे हैं. इस प्लेकार्ड पर लिखा है, “शरणार्थियों का स्वागत है”.

छापी थीं.इन खबरों के मुताबि​क, 17 अक्टूबर को सैकड़ों लोग फोकस्टोन की सड़कों पर शरणार्थियों का स्वागत करने के लिए इकट्ठा हुए थे. यहां नेपियर बैरक में ऐसे लोगों को रखा गया है जो ब्रिटेन में शरण लेने के लिए दूसरे देशों से आए हैं.मूल रूप से ये तस्वीर पोस्ट करने वाले “

कंगना रनौत और उनकी बहन 8 जनवरी को मुंबई पुलिस के सामने पेश हों : कोर्ट सोशल मीडिया के भी बादशाह हैं PM मोदी, 336 करोड़ रुपये है ब्रैंड वैल्यू! क्या उद्धव सरकार के 'The End' की स्क्रिप्ट लिख रही है BJP?

गुड चांस” की वेबसाइट के अनुसार, ये लंदन में एक कला और थिएटर से जुड़ा संगठन है. यह संगठन अपनी कला के जरिये शरणार्थियों के लिए तमाम तरह के कल्याणकारी कार्यक्रम करता है.हमने पाया कि प्लेकार्ड की वायरल तस्वीर में भी “गुड चांस” लिखा हुआ है.वायरल दावा भ्रामक है

मेजर सुरेंद्र पूनिया और अन्य यूजर्स ने जो दावा किया है, उसमें कई बातें हैं जो गलत हैं. दावे के मुताबिक, ये तस्वीर 'कुछ साल पहले' ली गई है. लेकिन तस्वीर को देखकर कोई भी आसानी से समझ सकता है कि प्रदर्शनकारी मास्क लगाए हुए हैं. मतलब ये तस्वीर महामारी के दौरान की है.

पैटी की हत्या पेरिस में चेचन्या के एक 18 वर्षीय युवकअब्दुल्लाख अंजोरोवने की थी. लेकिन शरणार्थियों का स्वागत करने वाला ये प्रदर्शन उसके अगले दिन कैंट में हुआ था.दावे में कहा गया है कि वह टीचर फ्रांस में शरणार्थियों का स्वागत कर रहा था. लेकिन वायरल तस्वीर में प्लेकार्ड अंग्रेजी में लिखे हैं और बैकग्राउंड में “केंट पुलिस” की गाड़ी खड़ी है, जिससे साफ होता है कि ये तस्वीर फ्रांस की नहीं है.

“” ने सैमुअल पैटी की जो तस्वीर छापी है, उससे वायरल तस्वीर में मौजूद व्यक्ति की तुलना करने पर भी साफ होता है कि दोनों अलग-अलग व्यक्ति हैं.सैमुअल पैटी की तस्वीरवायरल तस्वीर में मौजूद व्यक्तिवायरल तस्वीर में मौजूद व्यक्ति के बारे में हम जानकारी नहीं जुटा सके. हमने “गुड चांस” से संपर्क किया है और अगर इस बारे में कोई जानकारी मिलती है तो यहां अपडेट कर दिया जाएगा. इन तथ्यों के आधार पर हम निश्चित रूप से कह सकते हैं कि वायरल पोस्ट में किया गया दावा गलत है. वायरल तस्वीर में मौजूद व्यक्ति फ्रांस का वह टीचर नहीं है जिसकी पेरिस में हत्या कर दी गई.

फैक्ट चेकदावाफ्रांस के टीचर सैमुअल पैटी की तस्वीर जिसका पिछले हफ्ते पेरिस में सिर काट दिया गया. कुछ साल पहले वह फ्रांस में श​र​णार्थियों का स्वागत कर रहा था.निष्कर्षतस्वीर में मौजूद व्यक्ति सैमुअल पैटी नहीं है. सैमुअल की हत्या 16 अक्टूबर को पेरिस में की गई, जबकि ये तस्वीर ब्रिटेन के केंट में खींची गई थी जिसे 17 अक्टूबर को “गुड चांस” नाम के एक संगठन ने पोस्ट किया था.

झूठ बोले कौआ काटेजितने कौवे उतनी बड़ी झूठकौआ: आधा सचकौवे: ज्यादातर झूठकौवे: पूरी तरह गलतक्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?सच जानने के लिए उसे हमारे और पढो: आज तक »

Coronavirus: कोरोना कर्फ्यू के आगे लॉकडाउन है क्या? देखें दंगल

कोरोना फिर डराने लगा है. दिल्ली समेत देश भर में लगातार कोरोना गंभीर हो रहा है. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है. वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में मोबाइल आरटी-पीसीआर टेस्टिंग लैब शुरू की है. कोविड मरीजों के लिए अस्पतालों के इंतजाम पर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान बढ़ रहे कोरोना मामलों का सवाल आया तो सुप्रीम कोर्ट गंभीर हो गया. कोर्ट ने कहा कि नवंबर में कोरोना मामलों में तेज बढ़ोत्तरी हुई है. सभी राज्यों को मरीजों के मैनेजमेंट पर ताजा स्टेटस रिपोर्ट देना होगा. अगर राज्य तैयार नहीं होंगे तो दिसंबर में हालात बद से बदतर हो सकते हैं. सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से कोरोना पर नई व्यवस्थाओं की बातें गिनाई गई, लेकिन कोर्ट ने साफ कहा कि पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में हालात खराब हुए हैं. देखिए दंगल, रोहित सरदाना के साथ.

आज तक चैनल वाले मुंह छुपाकर जितना हंस रहे हो, कल यही अगर तेरे साथ होगा तो पूरा देश हंसेगा खुलकर। तब यह मत कहना कि मेरे साथ जुर्म हो रहा है। क्योंकि तुमने अभी आंख मूंद कर रखी है जब रिपब्लिक के साथ अन्याय हो रहा है। टीआरपी घोटाले में नाम तुम्हारा था लेकिन रिपब्लिक को फंसा दिया।

यूपी: दाढ़ी रखने पर एक मुसलमान सब-इंस्पेक्टर के निलंबन का पूरा मामला - BBC News हिंदीबाग़पत के पुलिस अधीक्षक का कहना है कि यदि कोई इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ कोर्ट भी जाएगा तो वो इसके लिए तैयार हैं. this became the news for bbc... such selective outrage. shame. DrSarvapriya Ye police station h...jehadiyo ka madrasa nhi... hmesha k liye suspend kro विश्व में भारत ही एक ऐसा देश है जहाँ साप्ताहिक विवादास्पद हथकंडे हावी रहते हैं

सीएम नीतीश पर चिराग का हमला, कहा- शराबबंदी के नाम पर बिहारियों को बना रहे तस्करबिहार में शराबबंदी एक नौटंकी के सिवाय कुछ नही है, ऐसा मेरा मानना। चिंता की बात यह है, कि रोजगार के अभाव में यहां आर्थिक रूप से कमजोर ज्यादातर युवा वर्ग रोटी की खातिर विवशता में शराब तस्करी की ओर आकर्षित हो रहे हैं। बबुआ को बहुत देर में समझ में आया यह नीतीश उर्फ पलटू चाचा बिहार को चुटिया बना रहे हैं Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Tak

प्रभास के जन्मदिन के मौके पर मेकर्स ने रिलीज किया 'राधेश्याम' का मोशन पोस्टर

Gaya: पिता के निधन के बाद गया में चिराग की हुंकार, कहा- अकेले सब पर भारीबुधवार को वे गया के खिजरसराय में देर रात पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि मुझे यहां आने में बहुत देरी हो गई है. मैं अकेला हूं. पहली बार एक ऐसे चुनाव में हूं जहां पर मेरे पापा मेरे साथ नहीं हैं. इसके पहले वह हमेशा मेरे साथ होते थे. कई जगह चुनाव प्रचार में वो जाते थे और कई जगह मैं जाता था. अब अकेले सारी जिम्मेदारी मेरे कंधे पर है. देश का क्या होगा एक भी सही नेता नही । लोगो की मजबुरी है की उनके पास और कोई ऑप्शन नहि अब । बस इन लोगो को तोह कुर्सी चाहिये कैसे भी। It will take years before you even be of some value.

'भाबीजी घर पर हैं' ने पार किया एक और माइलस्टोन, पूरे किए 1400 एपिसोडभाबीजी घर पर हैं की कहानी तो मजेदार है ही, लेकिन उसकी असली ताकत वो कलाकार हैं जिनकी शो में अपनी एक अलग पहचान है. सभी कैरेक्टर दर्शकों के फेवरेट बन गए हैं और मनोरंजन के मामले में काफी आगे निकल गए हैं. अबे भूरे अंग्रेज aroonpurie हिन्दी भूल गया क्या? वैसे तो यह धारावाहिक मात्र फूहड़ता के कुछ नहीं, जहाँ पराई स्त्री पर मोहित होते पुरुष दिखाई देते हैं, जबकि सच्चाई यह है के झूठे केस में पति तक को भी फँसाया जाता है। लेकिन हमारी न्यायालय जाने कब मानेगी? 🖒👊🤗 आज ही मै आपका तकिया कलाम् पकड़ी! 2. 2 🖒सही पकड़े हैं! शर्मा जी आजकल A K Jain साहब के प्रशंसक हो रहे बंगला देश के आयातित मीठे/लहसुन टोस्ट रस लेले खा रहे! कहते हम ~४०० सालों पहले जिस बंगाल से राजस्थान हरियाणा आए वहां की रज् में के गेहूं शक्कर स्वाद ताकत दे रहे मुझे मै कृतार्थ! सब छीना ये तो दीना शासकों ने!👃🙏🤗

‘दिलवाले दुलहनिया ले जाएंगे’: एक प्रेम कहानी के 25 साल‘देवदास’ से लेकर ‘मैंने प्यार किया’ तक की प्रेम कहानियां के साथ पीढ़ियां जवान हुर्इं। हिंदी सिनेमा के इतिहास में ‘दिलवाले दुलहानियां ले जाएंगे’ से पहले लंबे समय तक लगातार चलने वाली दो फिल्में थीं। 1943 में ‘किस्मत’ (187 हफ्ते) और 1975 में ‘शोले’ (पांच साल)। और दोनों ही प्रेम कहानी पर नहीं बनी थीं। कहते हैं सिनेमा सपने दिखाता है और युवा वर्ग सपने देखता है। इसलिए सिनेमा युवाओं का माध्यम माना गया। जब सपने देखने वाले इस वर्ग के लिए ‘दिलवाले दुलहनियां ले जाएंगे’ बनी तो उसने 1200 हफ्तों से ज्यादा चलने का इतिहास रच दिया। इस फिल्म ने 20 अक्तूबर, 2020 को अपने प्रदर्शन के 25 साल पूरे किए हैं।