प्रवासी मज़दूरों से किराया नहीं लिया जाए - सुप्रीम कोर्ट

कोरोना लॉकडाउन: प्रवासी मज़दूरों से किराया नहीं लिया जाए - सुप्रीम कोर्ट

28-05-2020 15:51:00

कोरोना लॉकडाउन: प्रवासी मज़दूरों से किराया नहीं लिया जाए - सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए आदेश जारी किए हैं कि प्रवासी मज़दूरों को खाना-पानी मुहैया कराया जाए.

आपके सवालकोरोना वायरस क्या है?लीड्स के कैटलिन सेसबसे ज्यादा पूछे जाने वालेबीबीसी न्यूज़स्वास्थ्य टीमकोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है जिसका पता दिसंबर 2019 में चीन में चला. इसका संक्षिप्त नाम कोविड-19 हैसैकड़ों तरह के कोरोना वायरस होते हैं. इनमें से ज्यादातर सुअरों, ऊंटों, चमगादड़ों और बिल्लियों समेत अन्य जानवरों में पाए जाते हैं. लेकिन कोविड-19 जैसे कम ही वायरस हैं जो मनुष्यों को प्रभावित करते हैं

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कुछ कोरोना वायरस मामूली से हल्की बीमारियां पैदा करते हैं. इनमें सामान्य जुकाम शामिल है. कोविड-19 उन वायरसों में शामिल है जिनकी वजह से निमोनिया जैसी ज्यादा गंभीर बीमारियां पैदा होती हैं.ज्यादातर संक्रमित लोगों में बुखार, हाथों-पैरों में दर्द और कफ़ जैसे हल्के लक्षण दिखाई देते हैं. ये लोग बिना किसी खास इलाज के ठीक हो जाते हैं.

लेकिन, कुछ उम्रदराज़ लोगों और पहले से ह्दय रोग, डायबिटीज़ या कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ रहे लोगों में इससे गंभीर रूप से बीमार होने का ख़तरा रहता है.एक बार आप कोरोना से उबर गए तो क्या आपको फिर से यह नहीं हो सकता?बाइसेस्टर से डेनिस मिशेलसबसे ज्यादा पूछे गए सवाल

बाीबीसी न्यूज़स्वास्थ्य टीमजब लोग एक संक्रमण से उबर जाते हैं तो उनके शरीर में इस बात की समझ पैदा हो जाती है कि अगर उन्हें यह दोबारा हुआ तो इससे कैसे लड़ाई लड़नी है.यह इम्युनिटी हमेशा नहीं रहती है या पूरी तरह से प्रभावी नहीं होती है. बाद में इसमें कमी आ सकती है.

ऐसा माना जा रहा है कि अगर आप एक बार कोरोना वायरस से रिकवर हो चुके हैं तो आपकी इम्युनिटी बढ़ जाएगी. हालांकि, यह नहीं पता कि यह इम्युनिटी कब तक चलेगी.कोरोना वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड क्या है?जिलियन गिब्समिशेल रॉबर्ट्सबीबीसी हेल्थ ऑनलाइन एडिटरवैज्ञानिकों का कहना है कि औसतन पांच दिनों में लक्षण दिखाई देने लगते हैं. लेकिन, कुछ लोगों में इससे पहले भी लक्षण दिख सकते हैं.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि इसका इनक्यूबेशन पीरियड 14 दिन तक का हो सकता है. लेकिन कुछ शोधार्थियों का कहना है कि यह 24 दिन तक जा सकता है.इनक्यूबेशन पीरियड को जानना और समझना बेहद जरूरी है. इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों को वायरस को फैलने से रोकने के लिए कारगर तरीके लाने में मदद मिलती है.

क्या कोरोना वायरस फ़्लू से ज्यादा संक्रमणकारी है?सिडनी से मेरी फिट्ज़पैट्रिकमिशेल रॉबर्ट्सबीबीसी हेल्थ ऑनलाइन एडिटरदोनों वायरस बेहद संक्रामक हैं.ऐसा माना जाता है कि कोरोना वायरस से पीड़ित एक शख्स औसतन दो या तीन और लोगों को संक्रमित करता है. जबकि फ़्लू वाला व्यक्ति एक और शख्स को इससे संक्रमित करता है.

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फ़्लू और कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं.बार-बार अपने हाथ साबुन और पानी से धोएंजब तक आपके हाथ साफ न हों अपने चेहरे को छूने से बचेंखांसते और छींकते समय टिश्यू का इस्तेमाल करें और उसे तुरंत सीधे डस्टबिन में डाल दें.आप कितने दिनों से बीमार हैं?

मेडस्टोन से नीताबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमहर पांच में से चार लोगों में कोविड-19 फ़्लू की तरह की एक मामूली बीमारी होती है.इसके लक्षणों में बुख़ार और सूखी खांसी शामिल है. आप कुछ दिनों से बीमार होते हैं, लेकिन लक्षण दिखने के हफ्ते भर में आप ठीक हो सकते हैं.अगर वायरस फ़ेफ़ड़ों में ठीक से बैठ गया तो यह सांस लेने में दिक्कत और निमोनिया पैदा कर सकता है. हर सात में से एक शख्स को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.

End of कोरोना वायरस के बारे में सब कुछमेरी स्वास्थ्य स्थितियांआपके सवालअस्थमा वाले मरीजों के लिए कोरोना वायरस कितना ख़तरनाक है?फ़ल्किर्क से लेस्ले-एनमिशेल रॉबर्ट्सबीबीसी हेल्थ ऑनलाइन एडिटरअस्थमा यूके की सलाह है कि आप अपना रोज़ाना का इनहेलर लेते रहें. इससे कोरोना वायरस समेत किसी भी रेस्पिरेटरी वायरस के चलते होने वाले अस्थमा अटैक से आपको बचने में मदद मिलेगी.

अगर आपको अपने अस्थमा के बढ़ने का डर है तो अपने साथ रिलीवर इनहेलर रखें. अगर आपका अस्थमा बिगड़ता है तो आपको कोरोना वायरस होने का ख़तरा है.क्या ऐसे विकलांग लोग जिन्हें दूसरी कोई बीमारी नहीं है, उन्हें कोरोना वायरस होने का डर है?स्टॉकपोर्ट से अबीगेल आयरलैंड

बीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमह्दय और फ़ेफ़ड़ों की बीमारी या डायबिटीज जैसी पहले से मौजूद बीमारियों से जूझ रहे लोग और उम्रदराज़ लोगों में कोरोना वायरस ज्यादा गंभीर हो सकता है.ऐसे विकलांग लोग जो कि किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित नहीं हैं और जिनको कोई रेस्पिरेटरी दिक्कत नहीं है, उनके कोरोना वायरस से कोई अतिरिक्त ख़तरा हो, इसके कोई प्रमाण नहीं मिले हैं.

जिन्हें निमोनिया रह चुका है क्या उनमें कोरोना वायरस के हल्के लक्षण दिखाई देते हैं?कनाडा के मोंट्रियल से मार्जेबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमकम संख्या में कोविड-19 निमोनिया बन सकता है. ऐसा उन लोगों के साथ ज्यादा होता है जिन्हें पहले से फ़ेफ़ड़ों की बीमारी हो.लेकिन, चूंकि यह एक नया वायरस है, किसी में भी इसकी इम्युनिटी नहीं है. चाहे उन्हें पहले निमोनिया हो या सार्स जैसा दूसरा कोरोना वायरस रह चुका हो.

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End of मेरी स्वास्थ्य स्थितियांअपने आप को और दूसरों को बचानाआपके सवालकोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकारें इतने कड़े कदम क्यों उठा रही हैं जबकि फ़्लू इससे कहीं ज्यादा घातक जान पड़ता है?हार्लो से लोरैन स्मिथजेम्स गैलेगरस्वास्थ्य संवाददाताशहरों को क्वारंटीन करना और लोगों को घरों पर ही रहने के लिए बोलना सख्त कदम लग सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो वायरस पूरी रफ्तार से फैल जाएगा.

फ़्लू की तरह इस नए वायरस की कोई वैक्सीन नहीं है. इस वजह से उम्रदराज़ लोगों और पहले से बीमारियों के शिकार लोगों के लिए यह ज्यादा बड़ा ख़तरा हो सकता है.क्या खुद को और दूसरों को वायरस से बचाने के लिए मुझे मास्क पहनना चाहिए?मैनचेस्टर से एन हार्डमैनबीबीसी न्यूज़

हेल्थ टीमपूरी दुनिया में सरकारें मास्क पहनने की सलाह में लगातार संशोधन कर रही हैं. लेकिन, डब्ल्यूएचओ ऐसे लोगों को मास्क पहनने की सलाह दे रहा है जिन्हें कोरोना वायरस के लक्षण (लगातार तेज तापमान, कफ़ या छींकें आना) दिख रहे हैं या जो कोविड-19 के कनफ़र्म या संदिग्ध लोगों की देखभाल कर रहे हैं.

मास्क से आप खुद को और दूसरों को संक्रमण से बचाते हैं, लेकिन ऐसा तभी होगा जब इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए और इन्हें अपने हाथ बार-बार धोने और घर के बाहर कम से कम निकलने जैसे अन्य उपायों के साथ इस्तेमाल किया जाए.फ़ेस मास्क पहनने की सलाह को लेकर अलग-अलग चिंताएं हैं. कुछ देश यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके यहां स्वास्थकर्मियों के लिए इनकी कमी न पड़ जाए, जबकि दूसरे देशों की चिंता यह है कि मास्क पहने से लोगों में अपने सुरक्षित होने की झूठी तसल्ली न पैदा हो जाए. अगर आप मास्क पहन रहे हैं तो आपके अपने चेहरे को छूने के आसार भी बढ़ जाते हैं.

यह सुनिश्चित कीजिए कि आप अपने इलाके में अनिवार्य नियमों से वाकिफ़ हों. जैसे कि कुछ जगहों पर अगर आप घर से बाहर जाे रहे हैं तो आपको मास्क पहनना जरूरी है. भारत, अर्जेंटीना, चीन, इटली और मोरक्को जैसे देशों के कई हिस्सों में यह अनिवार्य है.अगर मैं ऐसे शख्स के साथ रह रहा हूं जो सेल्फ-आइसोलेशन में है तो मुझे क्या करना चाहिए?

लंदन से ग्राहम राइटबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमअगर आप किसी ऐसे शख्स के साथ रह रहे हैं जो कि सेल्फ-आइसोलेशन में है तो आपको उससे न्यूनतम संपर्क रखना चाहिए और अगर मुमकिन हो तो एक कमरे में साथ न रहें.सेल्फ-आइसोलेशन में रह रहे शख्स को एक हवादार कमरे में रहना चाहिए जिसमें एक खिड़की हो जिसे खोला जा सके. ऐसे शख्स को घर के दूसरे लोगों से दूर रहना चाहिए.

End of अपने आप को और दूसरों को बचानामैं और मेरा परिवारआपके सवालमैं पांच महीने की गर्भवती महिला हूं. अगर मैं संक्रमित हो जाती हूं तो मेरे बच्चे पर इसका क्या असर होगा?बीबीसी वेबसाइट के एक पाठक का सवालजेम्स गैलेगरस्वास्थ्य संवाददातागर्भवती महिलाओं पर कोविड-19 के असर को समझने के लिए वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन अभी बारे में बेहद सीमित जानकारी मौजूद है.

यह नहीं पता कि वायरस से संक्रमित कोई गर्भवती महिला प्रेग्नेंसी या डिलीवरी के दौरान इसे अपने भ्रूण या बच्चे को पास कर सकती है. लेकिन अभी तक यह वायरस एमनियोटिक फ्लूइड या ब्रेस्टमिल्क में नहीं पाया गया है.गर्भवती महिलाओंं के बारे में अभी ऐसा कोई सुबूत नहीं है कि वे आम लोगों के मुकाबले गंभीर रूप से बीमार होने के ज्यादा जोखिम में हैं. हालांकि, अपने शरीर और इम्यून सिस्टम में बदलाव होने के चलते गर्भवती महिलाएं कुछ रेस्पिरेटरी इंफेक्शंस से बुरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं.

मैं अपने पांच महीने के बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हूं. अगर मैं कोरोना से संक्रमित हो जाती हूं तो मुझे क्या करना चाहिए?मीव मैकगोल्डरिकजेम्स गैलेगरस्वास्थ्य संवाददाताअपने ब्रेस्ट मिल्क के जरिए माएं अपने बच्चों को संक्रमण से बचाव मुहैया करा सकती हैं.अगर आपका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज़ पैदा कर रहा है तो इन्हें ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पास किया जा सकता है.

ब्रेस्टफीड कराने वाली माओं को भी जोखिम से बचने के लिए दूसरों की तरह से ही सलाह का पालन करना चाहिए. अपने चेहरे को छींकते या खांसते वक्त ढक लें. इस्तेमाल किए गए टिश्यू को फेंक दें और हाथों को बार-बार धोएं. अपनी आंखों, नाक या चेहरे को बिना धोए हाथों से न छुएं.

बच्चों के लिए क्या जोखिम है?लंदन से लुइसबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमचीन और दूसरे देशों के आंकड़ों के मुताबिक, आमतौर पर बच्चे कोरोना वायरस से अपेक्षाकृत अप्रभावित दिखे हैं.ऐसा शायद इस वजह है क्योंकि वे संक्रमण से लड़ने की ताकत रखते हैं या उनमें कोई लक्षण नहीं दिखते हैं या उनमें सर्दी जैसे मामूली लक्षण दिखते हैं.

हालांकि, पहले से अस्थमा जैसी फ़ेफ़ड़ों की बीमारी से जूझ रहे बच्चों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए. और पढो: BBC News Hindi »

It's too late for now many lives have been lost. देर आयद दुरुस्त आयद Congress ks mukh mein chopeta. So kar uth gaye janab kiya जब किराया देकर मर / घर गए !!! Muslim nhi hai jo suprime Court ka baat maan le, BJP ka sarkar hai koi farman nhi mana jayga Oh! Supreme court v hai 😂 Baht der kardi aapne to अरे साहब दो महीने बाद आप नींद से जागे ....... बड़ी देर भई साहब आते आते, तेरी राह तके भोली जनता जाते जाते!!! समय अपना रंग सबको दिखायेगा !

इतना जल्दी जग गए 15-20 दिन रुक जाते,जब सब घर पहुंच जाते तो बाकायदा आदेश जारी करते ! BJPTheRealAntiNational न्यायपालिका का काम वैसा ही जैसा शादी मे सब काम हों जाने के बाद कुछ मेहमान यह कहते हुए मिल जाते है खाना तो लाजबाब बना था पर थोडो नामक कम था और थोड़ा तिखा भी था बाकी सब अच्छा था Supereme court bhi bahut jada akalmand hai... Publick to bewakuf hai hi isme koe shaq nahi... Jab adha se jada parwasi apne apne ghar pahunch gayen hain tab bol raha hai ki parwasi se paisa nahi lena hai.. Dimag dekho saap bhi marjaye lathi bhi na tute

चलिए देर ही सही...... यह सुप्रीम कोर्ट है या बाजार का दलाल है। जो सब कुछ लूटने के बाद सो कर उठती है। शर्म आती है अब सुप्रीम कोर्ट पर न्यायपालिका को न्यायपालिका रहने दिया जाए। सत्ता की दलाली ना करें। कौन सुन रहा है SC की ..... बकवास 100 % पहले भी कोन दे रहा था सरकार ही दे रही थी विपक्ष ही भड़का रहा था। Chutiya system

बहुत देर लगा दी 20साल_शिक्षामित्र_बेहाल 😭😭😭😭😭 उत्तरप्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों की व्यथा को कौन सुनेगा❓ बेसिक शिक्षा में पिछले 20 साल से ज्यादा की अनवरत शिक्षण कार्य करने के वावजूद आज भी शिक्षामित्र अपने असुरक्षित भविष्य की चिंता में घुट घुट कर मर रहे हैं❓👇👇 N6 Rà7 top po ûlly3q1,1 Jab adhik tam log apni apni jagah pahuch Gaye to ab ye dikhawa kyo ....

अभी तो लॉक डाउन शुरू भी नहीं हुआ महामहिमों इतना पहले आदेश देने का क्या तात्पर्य है। इतना ध्यान रखिए गा गरीबों का अगर अर्णव वाले मामले में पहले तरजीह दिए होते तो कोरोना के आगमन से पहले का फैसला साबित हो जाता सही किया अपने अर्णव को पहले तरजीह दी थी। सारे मजदूर चले गए तो अब ये घोषणा कर के कोई फायदा नहीं मोदी जी इसे सिर्फ आपको फायदा मिलेगा

हां सुप्रीम कोर्ट के खर्च और जजों की सैलरी से काट लिया जाये Kyon SC ki needh abhi khuli hain देर से आया फैसला Tumhare sunta hi kaun hai 🤣🤣🤣 Jyadha bole to transfer अब आँख खुली हाथी निकल गया पूछ बची है। वह भी निकल जायेगी अपना भारत अब आत्मनिर्भर है अब तक 80% मजदूर घर पहुँच गये माननीय न्यायालय! Supreme court slept in cool ac rooms all these while. One month before same CJI expressed helplessness in doing something that it is meant to do and now? Why does not Govt of India not charged for contempt to mislead court with incorrect statement.

अब तो और मरेगें मजदूर। 75%लोग पहुंच चुके हैं अपने अपने घर, बड़ी देर कर दी Are lijiye sahab.. bahut pesa h hamre gareeb bhaiyo pr..Pet to in bhukhe nange netao ka nahi bharta h.. Bhut der kar di ate ate People have already walked to their home, now SC out of slumber, still breathing. नेता या कोई पक्ष पर नही, न्याय व्यवस्था पर विश्वास है हमारा।लेकीन थोडी देर हुई,अबतक कितने गरिब मजदुर भाई मजबुर ,कुछ जान गवाँ बैठे ।

SC walkup too late बहुत देर कर दी मेहरबां आते आते सुप्रीम कोर्ट इतना लेट सारा सिस्टम ही फेल है कुछ नहीं हो सकता भगवान भला करे प्रवासी मजदूर से किराया तो भारतीय रेल वसूल भी नहीं रही है फ्री में सफर करा रही है ये व्यवस्ता करने वाले राज्य सरकार के दलाल बिना कागजात रसीद के वसूल रहे है और 50लाख मजदूरों कों फ्री मैं सफर करा कर भी बेवजह भारतीय रेल बदनाम हों रही है

किराया ही जिनकी जीविका हो वो क्या करें सुप्रीम कोर्ट भी मजदूरों के साथ मजाक कर रही है!!!!दुखद!!😢 अजी हा पेंचो अब क्या फायदा क्या उखाड़ लोगे आधे से ज्यादा लोग की जान गई परेशान हुए तब सुप्रीम कोर्ट सोनू सूड बनने Hutttt आदेश 15 जून के बाद चालू होगी!! ये प्रवासी मज़दूर क्या होता है, भारत के हैं भारतीय मज़दूर बोलिए।

जब सब लूट गए बर्बाद हो गए तब ये फैसला आ रहा है वाह सुप्रीम कोर्ट बहुत देर हो गई जी निर्णय आने में। Mahino bad sc jaga hea गुजरात की घटिया स्वास्थ्य व्यवस्था के बारे में कहा - हाई कोर्ट के जज साब बदल गए कपिल मिश्रा पर एफआईआर के लिए कहा -- हाई कोर्ट के जज साब बदल गए जिसने राफेल पर क्लीन चिट दी - सुप्रीम कोर्ट के जज साब संसद में पहुंच गए विश्व गुरु की राह पर अग्रसर SupremeKotha JudicairySoldOut

बहुत देर कर दिए जगने में .... शुक्रिया ... तो एक फ़रमान यह जारी कर दे जो दिए हैं उनको वापस कर दे। फैसला बहुत जल्दी आया. इतनी जल्दी क्या थी दो चार महीनें और रूक जाते Sanam aate aate bahut der kar di !!! Supreme court se aisi ummid nahi thi !!! Justice is delayed justice is denied !! sc par ab brosa nahi सो कर जगे हों कोई महत्व नहीं अब

तुमसे ना हो पाएगा 🙏 बहुत त्वरित न्याय मी लार्ड ।90%तो पहले ही अपने किराए से या पैदल ही घर पहुंच चुके हैं।तो क्या उनको भी कुछ क्षतिपूर्ति मिलेगी ? ndtvindia की माने तो देश मे एक ही वीपक्ष या राजनेतीक पार्टी हे जो की वीरोध कर रही हे मोदी सरकार के खीलाफ ओ हे काँग्रेस बहुजन_समाज के नेता सरकार के खीलाफ वीरोध हो या लोगोकी मदत करते हुवे हर दीन social मीडिया पर दीखाई देते हे लेकीन ईस TV news channel पे दीखाई नही देते ऐसा Q?

सुप्रीम कोर्ट के बातों को कौन मानता है अब?सिर्फ नाम का सुप्रीम कोर्ट है । कोमा से निकल आये I think its little bit late... what u think guys Sorry boss... Aap late ho..! 2 mahine bad बहुत जल्दी फैसला ले लिया। ... बड़ी जल्दी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला ले लिया 🙄 In dhartrastron ko Ye baat bhi s c ko kehna parta h

शुक्रर है। 65 दिन बाद याद तो आई सुप्रीम कोर्ट को मजदूरों की। हुजूर आते आते बहुत देर कर दी ! दवा लाते लाते बहुत देर कर दी!! हजारों मजदूर नजरें लगाए दम तोड़ दी। जब तकरीबन सभी मजदूर अपने घर में पहुंच गए हैं तब आपकी निंद खुली है बहुत जल्दी आदेश आया। 35 लाख घर पहुँच गये तब जागे हुजूर? Bahut Jaldi Jaage.. Dhanya hai

अब आपकी आँखे खुली जब गरीब मजदुर को लूट लिया गया Court aaj so ke utha hai And what if they continue to do? Jail for them? Or condemnation? When I listen to justice from IndSupremeCourt My reaction is LoL 🤓🤣 क्या कोर्ट के बाद सरकार सुनती है इस देश में कोर्ट एक मजाक है U shud hab intervened much earlier 'supreme court'. When entire country started shaming u then u were forced to take suo moto...

कम से कम अपने देश में ही मज़दूरों को प्रबासी न कहें , अगर SC ही कहती है आप के लेखन के अनुसार तो यह बहुत दुःखद है ! अब कामगार अपने घर में ही प्रबासीं हो गैए करोंना ने सब कुछ छिना ,अब इनकी पहचान तो मत बदलिये ! good lodhi_anshuman माइ लॉर्ड आप बहुत देर बाद जगते है Lagta hai...tranfer order aanewala hai फिर बोलकर उलट तो नहीं जाओगे? जैसे कोरोना टेस्ट गरीबों को मुफ्त कराने का बोलकर उलट गए!

Till now 80% were on there home is it's not 'to early ' . जो मजदूर 1500.या 3000 हजार देके आये थे उनका क्या होगा. जो किराया पहले लिए गए उनका क्या Supreme court late jaga hai.. abhi to bharat ke nagrik hi Pravasi bn gye hai....apne hi ghr me garo jaisa behaviour... politician must penalized for not not serving the public afterall they're representative of ours......

कांग्रेस ने लिया । वीडियो भी है। भारत का न्याय सबसे बाद में जागता है. इससे अच्छा होता आप बोलते जो भी प्रवासी मजदूर पैसा दिए हैं ट्रेन के टिकट के लिए उनका पैसा वापस किया जाए shame on institution after so many days. सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते है प्रवासी मजदूर Ab nind khuli hai after 60 days...wah ...desh ki court....

सुप्रीम कोर्ट की बात कहा सुनती है सरकार मतलब आप पूरी तरह से प्रवासी मजदूरों से भाड़ा लिया जाएगा। बहुत देर कर दी हुजूर आते आते जब टिकट कट गए और मजदूर घर पहुच गए बहुत से मजदूर तो पैदल अपने घर चले गए मरते भूखे प्यासे पहुचे बहुतों को तो सोनू सूद जैसे फरिश्ते ने पहुचा दिया उनके घर तब जागे आप कुम्भकर्ण महाराज टिकट के पैसे वापस करने का आदेश देते तो बात होती MigrantLabourers

Sir kuch school kay fee kay leyay bhi kuch bolay. अब निंद उड़ी है सुप्रीम कोर्ट की क्या! Bahot jaldi bola judge sahab ne...! BJP Ke Dalaal Abhi Tak So Raha Tha Kya प्रवासी मजदूरो से किराया नही लिया जाए। प्रवासी मजदूरो की केवल जान ले ली जाए। कमाल हे हजारों से किराया लेने के बाद ना लेने का फैसला जिनसे लिया उनको वापस मिलेगा?

दारू पीने के लिए पैसा है तो किराया भी चुका सकते हैं । सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रवासी मजदूरों से रेल भाड़ा न लिया जाय। मतलब साफ हो गया कि मजदूरों से रेल भाड़ा लिया जा रहा था। IndianRailways Bro MLA's bhi toh khridne ha . आप को पहले बोलना था जी बहुत देर से फ़ैसला आया आप का Sorry sir केन्द्र की सरकार राज्य की सरकार प्रवासी मज़दूरों से किराया (पैसा) ही नहीं इनका ख़ून भी चूस लिए अब आप इनके खाते में हर महीने पैसा ट्रान्स्फ़र करवाने का हुक्म दे घर में दो रोटी सुकून से खा सके

किससे कह रहे हो! बहरी सरकार से।। बहुत देर कर दी हुजूर आते आते। Bhut jaldi faisla dediya . Wah ji wah The Supreme Court has delayed too long so far the migrant laborers have nothing left to give. Ab to bahut der ho chuki he tab se kya so rahe tha SC Sorryyyyyyy to say now days our supreme court has failed to do INSAAF for poor peoples. Many judgment is given by them are doubts full. plz they r not thinking DESH logo se bana hain na ky ek party se or desh kanoon se chalta hain na ky bhakthi se.

At last the highest court wakeup Shame !!! Itna itenzar kyun krwaya bahut khoon laga hai sarkar k haathon pr... जीन मजदूरों से किराया लिया उनका क्या?वह भी 2 महीने बाद संज्ञान लिया आपने... ek sawal to SC se bhi banta hai ki ye order dene me itne din kyo lag gaye . Bahut sare majdor bhai kiraya de kr kisi trah ghar pauch gya hy jo ak aad bache hy SonuSood 🙏 jaise mahan log ghar paucha rha hy,,,

of_ind barandbench / सुप्रीम कोर्ट को.... है कि आती ही नहीं! MigrantWorkers SpeakUpIndia SpeakUp बहुत देर कर दी मेहरबां आते आते!! Almost 66 Lakhs labourers already paid their ticket fares and returned home. This direction of SC has little meaning. बड़ी जल्दी केहदिया और कहते 10 साल बाद Kanoon ko sayad nind bahot ati kiyoki o jagne me bahot late kr deti

Supreme court just wake up ये सब बस कहने की बात है और गवर्नमेंट तो कहती ही रहती है और सुप्रिम कोर्ट भी, देर आए दुरुस्त आए आखिर कर इतना होने के बाद नियाले ने अब अपना परकिरिया दिया जब तक कितने लोग भूखे पियसे पैदल चलते अपना जान गवां दिया । Bahut der kardi guru order dene me.......kya system h India ka..wah re wah

काश की पहले ही ये कदम उठा लिए होते। *किराया कोहराम* SC भी कूद गया।अब कौन बताये किसको कितना लूट गया।। किराया देने लायक कुछ है भी नहीं अब उनके पास ये भाजपा मुख्यालय कह किससे रहा हैं ? ? ? जिस तरीके से ट्रेन चल रही है , रेलवे को तो उल्टा किराया देना चाहिए मजदूरों को , किराया लेने लायक तो काम हो नही रहा । रेलवे की श्रमिक स्पेशल ट्रेनों ने अभी तक 50 लाख से अधिक कामगारों' को 'सुविधाजनक व सुरक्षित तरीके से उनके गृहराज्य पहुंचाया गया है.

This is very good and very necessary. Center Government, state governments, bureaucrats, NGOs, charities, religious institutions, charities etc all are responsible for the miseries of the migrant workers and labourers. बहुत जल्दी बोले

coronavirus outbreak live updates of 28th may 2020 and lockdown 4.0 in various cities of india - सुप्रीम कोर्ट में प्रवासी मजदूरों की परेशानियों पर सुनवाई शुरू। सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि अबतक 90 लाख प्रवासी मजदूर अपने घर पहुंचे। | Navbharat Timesदुनियाभर में अब भी कोरोना वायरस (Coronavirus) के केसों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। भारत (Coronavirus in india) में भी अब 5-6 हजार औसतन केस रोजाना सामने आ रहे हैं। हालांकि, अच्छी बात यह है कि हमारा रिकवरी रेट काफी अच्छा है। भारत में अब तक 1,51,767 केस सामने आ चुके हैं। इनमें से 64,425 लोग ठीक भी हो चुके हैं। अब तक कोरोना ने देश में 4,337 लोगों की जान ली है। इस बीच अमेरिका में कोरोना संक्रमण की व जह से मौतों की संख्या एक लाख पार कर गई है। कोरोना के हर लाइव अपडेट्स (Coronavirus Live Updates) के लिए जुड़े रहें हमारे साथ... कितने मजदूर ट्रेनों में भूख प्यास से मर गए ..कितने पडिल 1200-1500 किलोमीटर चल कर रास्ते में दम तोड़ दिए.. गोवा से बलिया जाने वाली ट्रेन कानपुर पहुंची है. अभी और कितना दलाली चलेगा..? ये मेक इन इंडिया और अच्छे दिन का ट्रेलर है कितने मजदूर ट्रेनों में भूख प्यास से मर गए ..कितने पैदल 1200-1500 किलोमीटर चल कर रास्ते में दम तोड़ दिए.. गोवा से बलिया जाने वाली ट्रेन नागपुर पहुंची है. अभी और कितना दलाली चलेगा..? ये मेक इन इंडिया और अच्छे दिन का ट्रेलर है सरकार की उतना ही दलाली करो जितना में भारत के आने वाली पीढ़ी की भविश्वा सलामत रहे.कही यषा न हो कि एक दिन सरकार की गलत कामों को नजरअंदाज करने वालो के साथ पूरा देश के नागरिक ही डूब जाये

शौचालय में ठहरने को मजबूर प्रवासी मजदूर, खाने में दीं कच्ची रोटियां - trending clicks AajTakकोरोना महामारी में मजदूरों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है. वे पैदल चल रहे हैं. उनके पैरों में छाले पड़ गए हैं. बहुत से मजदूर रेल Sarkar se saval rko hindu muslim se pr baat krna band kro वो मजदूर हैं साब,पार्टी के कार्यकर्ता नहीं को उनको मुर्गा खिलाया जाए , वो सिर्फ देश निर्माण में योगदान देते हैं सरकार निर्माण में नहीं। गलत है । पर जब हज़ारों लाखों का रोज़ इंतज़ाम करना होगा तो बदइंतज़ामी होगी ही ।

दिल्ली के किसान ने 10 प्रवासी मजदूरों को बिहार भेजने के लिए फ्लाइट के टिकट खरीदे, मजदूर बोले- शब्दों में नहीं बयां कर सकते खुशीमजदूरों की फ्लाइट गुरुवार सुबह 6 बजे बिहार की राजधानी पटना के लिए उड़ान भरेगीलखिंदर राम ने कहा- मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं प्लेन में सफर करूंगाकिसान ने सभी मजदूरों को तीन-तीन हजार रुपए भी दिए, ताकि घर लौटने के बाद भी उन्हें तकलीफ न हो | coronavirus, covid 19, special plane for migrants, migrant workers, shramik news PMOIndia ArvindKejriwal HardeepSPuri Salute for Kishan PMOIndia ArvindKejriwal HardeepSPuri हे किसान पुत्र तुझमे इतना दम है कि तु पुरी दुनिया का पेट भर सकता है पर आज तेरी हालात पर रहा नहीं जाता है जब लोक डाउन में सब रोजगार बंद थे तब केवल किसान ही था जो लगातार काम करता रहा PMOIndia ArvindKejriwal HardeepSPuri अमीरों की लाई विदेशी बीमारी से कोसों दूर मजदूर को पहले ही घर भेज देते तो वो बेमौत न मरते और न ही देश की दुर्दशा होती। गरीब मजदूर की अमीर के संपर्क में आनेकी हैसियत ही कहां होती है साहब? गांव और गरीब तक कोरोना फ़ैलाने व मजदूरों की हत्या की अपराधी सिर्फ मोदी सरकार हीहै, कोई और नहीं

22 हजार रु. कर्ज लेकर खरीदा था प्रवासी मजदूर का बच्चा, 20 रुपए के स्टॉम्प पर बनाया था एग्रीमेंटहैदाराबाद में हुआ था दो महीने के बच्चे का सौदा, ऐन वक्त पर पुलिस ने पहुंचकर सबको पकड़ा, पैसे जब्त किए, बच्चा फिलहाल शिशु विहार में हैबच्चे की मां का आरोप, पति शराब पीता है, उसने बिना बताए सौदा कर दिया था | Telangana (Hyderabad) Lockdown News Updates On Migrant Workers Child Selling Case TelanganaCOPs TelanganaCMO LabourMinistry MinistryWCD smritiirani Where is humanity in this dark era. Greedy vultures all over , just looking for opportunity to suck blood of poor people God help. TelanganaCOPs TelanganaCMO LabourMinistry MinistryWCD smritiirani जघन्य अपराध है । TelanganaCOPs TelanganaCMO LabourMinistry MinistryWCD smritiirani 69k_संशोधन_का_मौका_दे_या_इच्छा_मृत्यु 69k_प्राप्तांक_पूर्णाक_संशोधन 69k_शिक्षक_भर्ती_फॉर्म_संशोधन drdwivedisatish r9_tv SarvendraEdu basicshiksha_up rupa_jha Ayushilivenews gaganishere chandramanishu7 prashhant1402 Prashan19201484 Aamitabh2

मध्यप्रदेश के 10 जिलाें में आए प्रवासी मजदूराें पर सर्वे- आधे से ज्यादा मजदूर अब शहर नहीं लौटना चाहते हैंभास्कर एक्सक्लूसिव / मध्यप्रदेश के 10 जिलाें में आए प्रवासी मजदूराें पर सर्वे- आधे से ज्यादा मजदूर अब शहर नहीं लौटना चाहते हैं MigrantWorkers Lockdown4 drnarottammisra CMMadhyaPradesh ChouhanShivraj drnarottammisra CMMadhyaPradesh ChouhanShivraj Apna ghar chhoda apne jamin chhodi Tinka tinka karke kamaya wo makan malik ne le lee Saan se rah kha sakte the apne ghar me lekin Nata to tanhaiyon se jod lee

संकट में प्रवासी मजदूर: भूख-प्यास से बेहाल मां की स्टेशन पर ही मौत, जगाने की कोशिश करता रहा बच्चादिल्ली और गुजरात से अपने गांव के लिए ट्रेन से चले एक महिला प्रवासी और एक ढाई साल के बच्चे की मुजफ्फरपुर स्टेशन पर पहुंचने के साथ ही मौत हो गई. भीषण गर्मी के बीच ट्रेन में खाना-पानी नही मिलने के कारण बच्चे की तबियत खराब हो गई थी. NitishKumar yadavtejashwi 😭 NitishKumar yadavtejashwi AnkitaNDTV The child in a sense spoke for an entire generation 🙏 NitishKumar yadavtejashwi 😭😭😭

10तक: ह‍िंदुस्तान ने LAC पर दिखाया दम तो चीन ने पीछे ल‍िए कदम चीन ने दी धमकी: तिब्बत मामले को न छुए भारत, नहीं तो होगा नुकसान - trending clicks AajTak LAC से चीन का पीछे हटना पीएम मोदी की आक्रामक रणनीति का असर? देखें दंगल स्वदेशी वैक्सीन के ह्युमन ट्रायल को अनुमति, सरकार ने कहा ‘कोरोना के अंत की शुरुआत’ - BBC Hindi ओवैसी ने पूछा, ना कोई घुसा है, ना कोई घुसा हुआ है तब 'डी-एस्केलेशन' क्यों? 'चीन को दूध पिलाकर 6 साल तक मोटा किया', पीएम पर भड़के कांग्रेस प्रवक्ता दिल्ली से सटे सोनीपत में 7 मुस्लिम परिवारों ने अपनाया हिंदू धर्म राहुल का वार- फेलियर पर स्टडी में शामिल होंगी 3 चीज़ें, कोविड-19, GST और नोटबंदी देश का सबसे बड़ा कोविड सेंटर दिल्ली में तैयार, देखने पहुंचे शाह-राजनाथ LAC विवाद पर राहुल ने सरकार से पूछे तीन सवाल, दोनों देशों के अलग बयान का भी जिक्र चीन ने कोरोना संक्रमित लाखों लोगों को विमान से विदेश भेजा: अमेरिकी अधिकारी - trending clicks AajTak