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प्रतिबंध के बावजूद उत्तरी अफगानिस्तान में स्कूल जा रही लड़कियां | DW | 18.10.2021

अफगानिस्तान के अधिकांश हिस्सों में लड़कियां घर पर रहती हैं और लड़के स्कूल जाते हैं लेकिन देश के उत्तरी हिस्से में लड़कियों के लिए स्कूल खुले हैं. तालिबान के सत्ता में आने के दो महीने बाद क्षेत्रीय मतभेद उभरने लगा है.

18-10-2021 12:21:00

अफगानिस्तान के अधिकांश हिस्सों में लड़कियां घर पर रहती हैं और लड़के स्कूल जाते हैं लेकिन देश के उत्तरी हिस्से में लड़कियों के लिए स्कूल खुले हैं. तालिबान के सत्ता में आने के दो महीने बाद क्षेत्रीय मतभेद उभरने लगा है. Afghanistan EducationForAll

अफगानिस्तान के अधिकांश हिस्सों में लड़कियां घर पर रहती हैं और लड़के स्कूल जाते हैं लेकिन देश के उत्तरी हिस्से में लड़कियों के लिए स्कूल खुले हैं. तालिबान के सत्ता में आने के दो महीने बाद क्षेत्रीय मतभेद उभरने लगा है.

उनका कहना है,"उन जगहों पर जहां स्कूल खुले हैं, वे खुले हैं. उनके लिए कोई बाधा नहीं है. वहां लड़कियों की शिक्षा में कोई प्रतिबंध नहीं है." नूरानी का कहना है कि न केवल उन्हें बल्कि उनके जैसे कई अन्य अधिकारियों को भी लगता है कि लड़कियों को शिक्षा का अधिकार है.

नूरानी कहते हैं,"मेरा विचार और अन्य सभी इस्लामी जानकारों का विचार यह है कि हमारी बहनों को पुरुषों की तरह पढ़ाई करने का अधिकार है."लड़कियों को शिक्षा से रोकता तालिबानके सत्ता में आने के बाद से लड़कियों की शिक्षा एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दा बन गया है. तालिबान सरकार ने घोषणा की है कि छठी कक्षा के बाद लड़कियां अपने घरों से बाहर स्कूलों में पढ़ने के लिए नहीं जा सकेंगी. तालिबान का कहना है कि उन्होंने सीधे तौर पर ऐसा आदेश जारी नहीं किया है. लेकिन उसकी सरकार के सत्ता में आने के हफ्तों बाद भी देश के अधिकांश हिस्सों में लड़कियों के माध्यमिक विद्यालय बंद हैं. और यह साफ नहीं है कि वे कब फिर से खुलेंगे.

मजार ए शरीफ के स्कूल में पढ़ाई करती लड़कियांशिक्षा से उम्मीद15 साल की मरियम मजार ए शरीफ के एक स्कूल की छात्रा है. वह बिना किसी परेशानी के स्कूल जा रही है. उसने फोन पर समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया,"हमें तालिबान ने कई बार कहा है कि हमें हिजाब या स्कार्फ पहनना चाहिए. उन्होंने कहा कि केवल हमारी आंखें दिखनी चाहिए. हमें अपने हाथों पर दस्ताने भी पहनने चाहिए. कुछ लड़कियां इससे निराश होती हैं लेकिन हम शुक्रगुजार हैं कि हमें स्कूल जाने दिया गया." मरियम आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहती हैं. headtopics.com

तालिबान राज में कुछ ऐसी है आम जिंदगीबुर्के में जिंदगीअभी तक महिलाओं के लिए बुर्का पहनना अनिवार्य नहीं है, लेकिन कई महिलाएं कार्रवाई के डर से ऐसा करती हैं. इस तस्वीर में दो महिलाएं अपने बच्चों के साथ बाजार में पुराने कपड़े खरीद रही हैं. देश छोड़कर भागे हजारों लोग अपने पुराने कपड़े पीछे छोड़ गए हैं, जो अब ऐसे बाजारों में बिक रहे हैं.

तालिबान राज में कुछ ऐसी है आम जिंदगीगलियों और बाजारों में तालिबानी लड़ाकेपुराने शहर के बाजारों में चहल-पहल है, लेकिन सड़कों पर तालिबान लड़ाकों का भी दबदबा है. वे गलियों में सब कुछ नियंत्रित करते हैं और उनके विचारों या नियमों के खिलाफ कुछ होने पर तुरंत दखल देते हैं.

तालिबान राज में कुछ ऐसी है आम जिंदगीदाढ़ी बनाने पर रोकतालिबान ने नाइयों को दाढ़ी काटने और शेव करने से मना किया है. यह आदेश अभी हाल ही में हेलमंद प्रांत में लागू किया गया है. यह अभी साफ नहीं है कि इसे देश भर में लागू किया जाएगा या नहीं. 1996 से 2001 तक पिछले तालिबान शासन के दौरान पुरुषों की दाढ़ी काटने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था.

तालिबान राज में कुछ ऐसी है आम जिंदगीमहिलाओं के चेहरे मिटाए जा रहेब्यूटी पार्लर के बाहर तस्वीरें हों या विज्ञापन तालिबान महिलाओं की ऐसी तस्वीरों को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करता है. ऐसी तस्वीरें हटा दी गईं या फिर उन्हें छुपा दिया गया.तालिबान राज में कुछ ऐसी है आम जिंदगी headtopics.com

लड़कियों को अपनी शिक्षा का डरतालिबान ने लड़कियों को प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने की इजाजत दी है, लेकिन लड़कियों ने अभी तक माध्यमिक विद्यालयों में जाना शुरू नहीं किया है. यूनिवर्सिटी में लड़के और लड़कियों को अलग-अलग बैठने को कहा गया है.तालिबान राज में कुछ ऐसी है आम जिंदगी

क्रिकेट का खेलक्रिकेट खेलने के लिए काबुल के चमन-ए-होजरी पार्क में युवकों का एक समूह इकट्ठा हुआ है. जबकि महिलाओं को अब कोई खेल खेलने की इजाजत नहीं है. क्रिकेट अफगानिस्तान में सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है.तालिबान राज में कुछ ऐसी है आम जिंदगीबढ़ती बेरोजगारी

अफगानिस्तान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. विदेशी सहायता रुकने से वित्त संकट खड़ा हो गया है. इस तस्वीर में ये दिहाड़ी मजदूर बेकार बैठे हैं.तालिबान राज में कुछ ऐसी है आम जिंदगीनमाज भी जरूरीजुमे की नमाज के लिए लोग इकट्ठा हुए हैं. मुसलमानों के लिए शुक्रवार का दिन अहम होता है और जुमे की नमाज का भी खास महत्व होता है. इस तस्वीर में एक लड़की भी दिख रही है जो जूते पॉलिश कर रोजी-रोटी कमाती है.

तालिबान राज में कुछ ऐसी है आम जिंदगीआम नागरिक परेशान, तालिबान खुशअफगान नागरिक एक अजीब संघर्ष में जिंदगी बिता रहे हैं, लेकिन तालिबान अक्सर इसका आनंद लेते दिखते हैं. इस तस्वीर में तालिबान के लड़ाके स्पीडबोट की सवारी का मजा ले रहे हैं.लड़कियों की शिक्षा के बुनियादी अधिकार के समर्थकों का कहना है कि लड़कियों की शिक्षा तक पहुंच अक्सर स्थानीय तालिबान नेताओं पर निर्भर करती है. यूनिसेफ ने पिछले साल तालिबान के साथ कुछ क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर लड़कों और लड़कियों के लिए अनौपचारिक कक्षाएं चलाने पर सहमति जाहिर की थी. headtopics.com

मजार ए शरीफ के स्थानीय लोगों का कहना है कि लड़कियों को स्कूल जाने में कोई दिक्कत नहीं है. लड़कियों के कई स्कूलों का दौरा करने वाले एक पूर्व सरकारी अधिकारी के मुताबिक,"यहां सभी उम्र की लड़कियों को शिक्षा हासिल करने की इजाजत है."आंतरिक मंत्रालय के इस अधिकारी ने बताया,"सभी उम्र की सभी लड़कियों को उनकी कक्षाओं में जाने की इजाजत है."

एए/वीके (रॉयटर्स)अफगानिस्तान में महिलाओं के लिए नए नियममहिलाओं के लिए नए नियमअफगानिस्तान के नए उच्च शिक्षा मंत्री अब्दुल बाकी हक्कानी ने कहा है कि महिलाएं पढ़ाई कर पाएंगी लेकिन उन्हें कुछ विशेष नियमों का पालन करना होगा.अफगानिस्तान में महिलाओं के लिए नए नियम

पढ़ाई की इजाजतमहिलाओं को यूनिवर्सिटी में पढ़ने की इजाजत होगी. हक्कानी ने कहा है कि जैसा देश आज है, उसी के आधार पर नए अफगानिस्तान का निर्माण किया जाएगा ना कि 20 साल पहले के तालिबानी शासन के आधार पर.अफगानिस्तान में महिलाओं के लिए नए नियमलड़कों से अलगमहिला छात्रों को लड़कों से अलग पढ़ाया जाएगा. उन्हें इस्लामिक कानून के आधार पर कपड़े पहनने होंगे यानी सिर से पांव तक खुद को ढककर रखना होगा.

अफगानिस्तान में महिलाओं के लिए नए नियमपुरुष शिक्षक नहींहक्कानी ने कहा कि छात्राओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी जहां तक संभव होगा शिक्षिकाओं को ही दी जाएगी. उन्होंने कहा कि शुक्र है देश में काफी महिला शिक्षक हैं.अफगानिस्तान में महिलाओं के लिए नए नियमअलग-अलग बैठना होगा

जहां महिलाएं उपलब्ध नहीं होंगी, वहां पुरुष शिक्षक भी पढ़ा सकेंगे लेकिन विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं को अलग-अलग बैठना होगा और पर्दे में रहना होगा.अफगानिस्तान में महिलाओं के लिए नए नियमकक्षाओं में पर्देपुरुष और महिला छात्राओं के बीच में पर्दे लगाए जाएंगे या फिर स्ट्रीमिंग के जरिए भी पढ़ाई कराई जा सकती है.

रिपोर्ट: विवेक कुमार और पढो: DW Hindi »

वारदात: तेज हो गई समीर-नवाब की तकरार, क्या है स्कूल सर्टिफिकेट की सच्चाई?

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के मुंबई के जोनल हेड समीर वानखेड़े के बर्थ सर्टिफिकेट और मैरिज सर्टिफिकेट के बाद महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक कथित रूप से उनके ये दो नए सर्टिफिकेट लेकर आए हैं. नवाब मलिक के मुताबिक समीर दादर के सेंट पॉल हाईस्कूल से प्राथमिक शिक्षा ली थी. इस सर्टिफिकेट में समीर वानखेड़े का नाम वानखेड़े समीर दाऊद लिखा है. यहां ये भी लिखा है कि छात्र की जाति और उपजाति तभी बताई जाए जब वो पिछड़े वर्ग, या अनुसूचचित जाति-जनजाति से आए. जबकि धर्म के कॉलम में लिखा है मुस्लिम. इसके बाद समीर वडाला के सेंट जॉसेफ हाईस्कूल में पढने गए. यहां के स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट में समीर का नाम वानखेड़े समीर दाऊद लिखा है. और धर्म के कॉलम में लिखा है मुस्लिम. दरअसल नवाब मलिक समीर वानखेड़े को मुसलमान साबित करने के लिए इसलिए जुटे हैं क्योंकि अगर उनकी बात सही साबित हो गई तो समीर वानखेड़े के नौकरी खतरे में पड़ जाएगी. देखें वीडियो.

महाराष्‍ट्र : अहमदनगर में बच्चों के लिए जिलापरिषद ने घरों में ही शुरू किए स्कूलमहाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के भिस्तबाग इलाके में फिलहाल एक बच्चे के घर पर ही शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं. As Bangladeshi Hindus, we demand our safety. StopCommunalAttack SaveBangladeshiHindus BangladeshiHinduWantSafety WeDemandSafety WeDemandJustice SaveHindus SaveHinduTemples SaveOurCommunity SaveHumanity

पूरे देश में आसमान छू रहे हैं टमाटर के दाम, सौ रुपये किलो के करीब पहुंचाफसल खराब होने और बेमौसम बारिश के चलते पूरे देश में टमाटर के दाम आसमान छू रहे हैं। मेट्रो शहरों के मामले में कोलकाता में सोमवार को यह 93 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया। दिल्ली में एक किलो टमाटर की कीमत 60 रुपये थी। अब दैनिक जागरण भी सनसनी फैलाने लगा है, हमारे यहाँ टमाटर 50-60 रू प्रति किलो मारा मारा फिर रहा है ये सौ रु किलो बता रहे हैं एक गुहार -केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय व प्रधानमंत्री जी से NH56लखनऊ से वाराणसी फोरलेन सीमेंटेड कंक्रीट मिस्रणयुक्त सड़क निर्माण में विगत6 वर्षों से लगातार लाखो करोड़ो लीटर सीमित भूगर्भजल की बर्बादी क्यों -जलनायक संदीप अग्रहरि की अपील -मो.9935230146 महँगाई की मार.. मोदी सरकार

विभिन्न मानवाधिकार उल्लंघनों के बीच आयोग के अध्यक्ष द्वारा सरकार की तारीफ़ के क्या मायने हैंजिस राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को देशवासियों के मानवाधिकारों की रक्षा करने, साथ ही उल्लंघन पर नज़र रखने के लिए गठित किया गया था, वह अपने स्थापना दिवस पर भी उनके उल्लंघन के विरुद्ध मुखर होने वालों पर बरसने से परहेज़ न कर पाए, तो इसके सिवा और क्या कहा जा सकता है कि अब मवेशियों के बजाय उन्हें रोकने के लिए लगाई गई बाड़ ही खेत खाने लगी है? ashoswai Inko b rajyasabha ya loksabha jana hoga tabhi to desh ko barbaad krne walo k gungaan kr the.. योगी और मोदी का एकी नारा.....! 'ना घर बसा हमारा' 'ना बसने देगे तुम्हारा'।

छत्तीसगढ़ के बाद अब भोपाल में दुर्गा विसर्जन समारोह में दौड़ी कार, चपेट में आया बच्चाभोपाल में दुर्गा विसर्जन समारोह में जा रहे लोगों को एक कार ने कुचल दिया. इस हादसे में एक बच्चा घायल हो गया है. घटना भोपाल रेलवे स्टेशन के समीप बजरिया तिराहे के करीब की है. ReporterRavish गजब 🤔 मतलब पहले 'रौंदना / कुचलना' सिर्फ़ शाब्दिक रूप में इस्तेमाल होता था,अब सचमुच में गाड़ियों से रौंदा जाने लगा है🤔 ReporterRavish Ab ye trend bn gya hai ReporterRavish Challo gullo ki team RubikaLiyaquat AMISHDEVGAN mu kholo, Patti utaro mu se jaldi ab 🤬

Delhi Rain : दिल्ली-नोएडा में बारिश, घने बादलों के बीच तापमान में भी आई गिरावटdelhi up rain : उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, नोएडा, पिलखुआ, हापुड़, बुलंदशह, जहांगीराबाद में भी अगले कुछ घंटे में हल्की बारिश हो सकती है. दिल्ली के करावल नगर, दिलशाद गार्डेन, सीमापुर, सीलमपुर, शाहदरा, विवेक नगर, लाल किला, प्रीति विहार समेत कई इलाकों में हल्की बारिश से लेकर बूंदाबांदी होती रहेगी.

दिल्ली-एनसीआर: राजधानी के कई इलाकों में हो रही बारिश, तापमान में आएगी गिरावटमौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कल भी राजधानी में बारिश की संभावना है। वहीं अगले 24 घंटे में बादल छाए रहने के साथ योगीजी_137000_पूरी_कीजिये myogiadityanath GorakhnathMndr dpradhanbjp MukulSinghal13 brajeshpathakup महाराज जी अपनी बात का रखो मान योग्यता का करो सम्मान हम योग्य शिक्षक हैं बेरोजगार 137000 सीटें भरकर पूरा करो मिशन रोजगार फिर आएगी योगी सरकार Again a confusing weather in Capital