Pegasusproject, Pegasus, Supremecourt, पेगाससप्रोजेक्ट, पेगासस, सुप्रीमकोर्ट

Pegasusproject, Pegasus

पेगासस के ज़रिये भारतीय नागरिकों की जासूसी के आरोपों की जांच के लिए विशेष समिति गठित

पेगासस के ज़रिये भारतीय नागरिकों की जासूसी के आरोपों की जांच के लिए विशेष समिति गठित #PegasusProject #Pegasus #SupremeCourt #ModiGovt #पेगाससप्रोजेक्ट #पेगासस #सुप्रीमकोर्ट #मोदीसरकार

27-10-2021 11:36:00

पेगासस के ज़रिये भारतीय नागरिकों की जासूसी के आरोपों की जांच के लिए विशेष समिति गठित PegasusProject Pegasus SupremeCourt ModiGovt पेगाससप्रोजेक्ट पेगासस सुप्रीमकोर्ट मोदीसरकार

सुप्रीम कोर्ट ने समिति का गठन करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ में निजता का हनन नहीं हो सकता. अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार द्वारा उचित हलफ़नामा दायर न करने को लेकर गहरी नाराज़गी जताई और कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरा होने का दावा करना पर्याप्त नहीं है, इसे साबित भी करना होता है.

द वायरसहित विश्व के 17 मीडिया संगठनों ने 50,000 से ज्यादा लीक हुए मोबाइल नंबरों के डेटाबेस की जानकारियां प्रकाशित करनी शुरू की थी, जिनकी पेगासस स्पायवेयर के जरिये निगरानी की जा रही थी या वे संभावित सर्विलांस के दायरे में थे.एनएसओ ग्रुप यह मिलिट्री ग्रेड स्पायवेयर सिर्फ सरकारों को ही बेचता है. भारत सरकार ने पेगासस की खरीद को लेकर न तो इनकार किया है और न ही स्वीकार किया है.

अखिलेश यादव से मिलने पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर, गठबंधन पर हो सकती है बात त्रिपुरा नगर निकाय चुनावों में बीजेपी का दबदबा, टीएमसी बना मुख्य विपक्षी दल - BBC Hindi CM Yogi Visit: देवरिया में बोले सीएम योगी आदित्यनाथ, टीईटी परीक्षा में धांधली करने वालों के घरों पर चलेगा बुलडोजर

इस खुलासे के बाद भारत सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने के चलते एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, वरिष्ठ पत्रकार एन. राम, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी एवं गैर सरकारी संगठन कॉमन काज ने याचिका दायर कर मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की थी.अन्य याचिकाकर्ताओं में पत्रकार शशि कुमार, राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास, पेगासस स्पायवेयर के पुष्ट पीड़ित पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता और एसएनएम अब्दी और स्पायवेयर के संभावित लक्ष्य पत्रकार प्रेम शंकर झा, रूपेश कुमार सिंह और कार्यकर्ता इप्सा शताक्षी शामिल हैं.

बार एंड बेंचके मुताबिक, शीर्ष अदालत ने कहा, ‘केंद्र द्वारा स्पष्ट रूप से खंडन (पेगासस के इस्तेमाल के बारे में) नहीं किया गया है. इस प्रकार हमारे पास याचिकाकर्ता की दलीलों को प्रथम दृष्टया स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है और इस प्रकार हम एक विशेषज्ञ समिति नियुक्त करते हैं, जिसका कार्य सर्वोच्च न्यायालय द्वारा देखा जाएगा.’ headtopics.com

कोर्ट ने इस मामले में केंद्र के लचर रवैये पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि उन्होंने उचित हलफनामा दायर नहीं किया.न्यायालय ने कहा कि केंद्र सरकार को साल 2019 से पेगासस हमले को लेकर जानकारी साझा करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने सीमित हलफनामा दायर किया, जिसके कारण कोई खास चीज पता नहीं चल पाई.

शीर्ष अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में सिर्फ इतना ही काम कर पाई कि वे तथ्यहीन और मनमाना आधार पर याचिकाओं को खारिज करते रहे.सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि केंद्र हर समय जवाबदेही से बचने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ नहीं ले सकता है. उन्होंने कहा कि यदि वे ऐसा दावा करते हैं, तो इसे साबित करना होता है और इसके पक्ष में दलीलें देनी होती हैं.

कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ में निजता का हनन नहीं हो सकता है.मालूम हो कि भारत के रक्षा और आईटी मंत्रालय ने पेगासस स्पायवेयर के इस्तेमाल से इनकार कर दिया था और मोदी सरकार ने इस निगरानी सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल और उसे खरीदने पर चुप्पी साध रखी है.

अदालत ने कहा कि कानून के अनुसार अंधाधुंध जासूसी की अनुमति नहीं दी जा सकती है.उन्होंने कहा, ‘एक सभ्य लोकतांत्रिक समाज के सदस्यों को निजता की उचित अपेक्षा होती है. निजता पत्रकारों या सामाजिक कार्यकर्ताओं की एकमात्र चिंता नहीं है.’ कोर्ट ने कहा कि इस तरह की निगरानी से बोलने की आजादी और प्रेस की स्वतंत्रता पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ सकता है. headtopics.com

UPTET Paper leak: सपा-कांग्रेस ने योगी सरकार को घेरा, अखिलेश बोले-बेरोजगारों का इंकलाब होगा कोरोना के इलाज के नाम पर भारत के लोग कितना क़र्ज़ में डूबे? - BBC News हिंदी Ground Report: अमृतसर में CM चन्नी का चलेगा जादू या केजरीवाल करेंगे कमाल, क्या कहते हैं लोग

अदालत ने कहा, ‘यह प्रेस की स्वतंत्रता के लिए भी एक महत्वपूर्ण चिंता है, जो लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर संभावित दुष्प्रभाव लोकतंत्र को प्रभावित करेगा.’ और पढो: द वायर हिंदी »

वारदात: तेज हो गई समीर-नवाब की तकरार, क्या है स्कूल सर्टिफिकेट की सच्चाई?

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के मुंबई के जोनल हेड समीर वानखेड़े के बर्थ सर्टिफिकेट और मैरिज सर्टिफिकेट के बाद महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक कथित रूप से उनके ये दो नए सर्टिफिकेट लेकर आए हैं. नवाब मलिक के मुताबिक समीर दादर के सेंट पॉल हाईस्कूल से प्राथमिक शिक्षा ली थी. इस सर्टिफिकेट में समीर वानखेड़े का नाम वानखेड़े समीर दाऊद लिखा है. यहां ये भी लिखा है कि छात्र की जाति और उपजाति तभी बताई जाए जब वो पिछड़े वर्ग, या अनुसूचचित जाति-जनजाति से आए. जबकि धर्म के कॉलम में लिखा है मुस्लिम. इसके बाद समीर वडाला के सेंट जॉसेफ हाईस्कूल में पढने गए. यहां के स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट में समीर का नाम वानखेड़े समीर दाऊद लिखा है. और धर्म के कॉलम में लिखा है मुस्लिम. दरअसल नवाब मलिक समीर वानखेड़े को मुसलमान साबित करने के लिए इसलिए जुटे हैं क्योंकि अगर उनकी बात सही साबित हो गई तो समीर वानखेड़े के नौकरी खतरे में पड़ जाएगी. देखें वीडियो.

सबसे पहले तुम्हारे जैसे चरसी पत्रकार की भी जासूसी करवानी चाहिए

आज की पॉजिटिव खबर: ट्रैवलिंग की शौकीन इंदौर की साक्षी ने शुरू किया महिलाओं के लिए ट्रैवलिंग स्टार्टअप ; घूमने के साथ 30 लाख का सालाना टर्नओवरघूमने का क्रेज काफी लोगों में देखने को मिलता है। फेमिली और फ्रेंड्स के अलावा कई लोग सोलो ट्रेवलिंग यानी अकेले घूमने जाना भी पसंद करते हैं। सोलो ट्रिप मजेदार होने से साथ काफी चुनौतीपूर्ण भी होती है, खासकर लड़कियों के लिए। इन्हीं चुनौतियों को कम करने और ट्रैवलिंग को खास, सुरक्षित और पॉकेट-फ्रेंडली बनाने के लिए इंदौर की साक्षी ने ‘लेट हर ट्रेवल’ (Let Her Travel) नाम से स्टार्टअप शुरू किया है | Sakshi of Indore, fond of traveling, started a safe travel startup for women; Annual turnover of 30 lakhs with roaming

जानें अब कौन हैं आर्यन खान के वकील, करेंगे शाहरुख खान के बेटे की पैरवीAryan Khan Drugs Case: देश के जाने माने वकील और पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी शाहरुख खान के बेटे की तरफ से पैरवी करेंगे।

ममता का आरोप: आम लोगों को प्रताड़ित करने के लिए केंद्र ने बढ़ाए बीएसएफ के अधिकारममता का आरोप: आम लोगों को प्रताड़ित करने के लिए केंद्र ने बढ़ाए बीएसएफ के अधिकार Westbengal BSF MamataBanerjee MamataOfficial BJP4India MamataOfficial BJP4India BSF se aam log Kyun pratarit hone lage ...? Police ki chowki to hmsa ghr k as ps hi hoti tab bhi aam log pratarit nahi hote sirf chor logon ko hi pratarna mehsus hoti hai ... MamataOfficial BJP4India डरे हुए आम आदमी = घुसपैठिए !

दो दिन के अंदर इन दो IPO में निवेश का मौका, जानें- कंपनियों के बारे मेंइस महीने के आखिरी हफ्ते में दो आईपीओ ओपन होने जा रहे हैं. पहला आईपीओ FSN ई-कॉमर्स वेंचर्स लिमिटेड के मालिकाना हक वाली कंपनी Nykaa का 28 अक्टूबर को खुलेगा, जबकि 29 अक्टूबर फिनो पेमेंट बैंक (Fino Payment Bank) का IPO ओपन होगा.

द्रविड़ ने किया टीम इंडिया के हेड कोच के लिए आवेदन, लक्ष्मण संभालेंगे NCA की जिम्मेदारी?RahulDravid VVSLaxman RaviShastri souravganguly TeamIndia headcoach cricketnews NCA BCCI बीसीसीआई ने पहले भी राहुल द्रविड़ से हेड कोच बनने की बात कही थी, लेकिन दब उन्होने मना कर दिया था।

एलन मस्क ने फिर की Dogecoin की तारीफ, SHIB के बारे में दिया चौंकाने वाला बयान!एलन मस्क ने "डॉजकॉइन करोड़पति" ग्लौबर कॉन्टेसोटो के जवाब में ट्वीट किया कि वह Dogecoin को "लोगों के क्रिप्टो" (the people's crypto) के रूप में देखते हैं और बताया कि वह क्रिप्टोकरेंसी को सपोर्ट क्यों करते हैं। भारत देश में वंचित और शोषित वर्गों का एकमात्र सहारा सिर्फ संविधान ही हैं धार्मिक किताबों से कई गुना ज्यादा शक्तिशाली हैं,हमारा पवित्र ग्रन्थ भारत का संविधान