पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक रूप से माफ़ी क्यों मांग रहे हैं बीजेपी कार्यकर्ता? - BBC News हिंदी

पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक रूप से माफ़ी क्यों मांग रहे हैं बीजेपी कार्यकर्ता?

15-06-2021 05:02:00

पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक रूप से माफ़ी क्यों मांग रहे हैं बीजेपी कार्यकर्ता?

बंगाल में बीजेपी के कार्यकर्ता माफ़ी मांग कर टीएमसी में लौट रहे हैं. इस पर क्या कहना है टीएमसी और बीजेपी का?

आरोप-प्रत्यारोपबीजेपी के बीरभूम ज़िला अध्यक्ष ध्रुव साहा कहते हैं, "इन लोगों को बीजेपी में शामिल होने की सजा भुगतनी पड़ रही थी. उनको तमाम सरकारी सुविधाओं और योजनाओं से वंचित कर दिया गया था. उनलोगों ने स्वेच्छा से नहीं बल्कि मजबूरी और दबाव में ही टीएमसी में शामिल होने का फ़ैसला लिया है."

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साहा कहते हैं कि इस घटना से साफ़ है कि लाभपुर में लोकतंत्र की कैसे हत्या की जा रही है. बीजेपी कार्यकर्ताओं को डरा-धमका कर टीएमसी में शामिल होने पर मजबूर किया जा रहा है. पुलिस और प्रशासन इन आरोपों पर कोई जवाब नहीं देती.बीरभूम ज़िले के एक पुलिस अधिकारी नाम नहीं छापने की शर्त पर कहते हैं, "हमारे पास ज़ोर-जबरदस्ती की कोई शिकायत नहीं आई है. ऐसे में अगर कोई पार्टी बदलता है तो पुलिस क्या कर सकती है?"

इमेज स्रोत,SANJAY DAS/BBCउधर, लाभपुर के टीएमसी विधायक अभिजीत सिंह साहा के आरोपों को निराधार बताते हैं.वे कहते हैं, "हमने किसी पर कोई दबाव नहीं डाला है. बीजेपी ही दबाव और प्रलोभन के सहारे लोगों को ग़लत रास्ते पर ले जाती है. बीजेपी कार्यकर्ता अपनी ग़लती पर पश्चाताप की वजह से माफ़ी मांग कर टीएमसी में लौटे हैं." headtopics.com

टीएमसी के बीरभूम ज़िला अध्यक्ष अणुब्रत मंडल कहते हैं, "हमें किसी को जबरन बुलाने की ज़रूरत ही नहीं है. बीजेपी और उसकी नीतियों से मोहभंग होने की वजह से लोग ख़ुद लौटना चाहते हैं."इमेज स्रोत,SANJAY DAS/BBCहुगली का मामलाहुगली ज़िले में धनियाखाली के बेलमुड़ी ग्राम पंचायत के फीडर रोड पर दुकान चलाने वाले बाप्पा कर ने चुनाव से पहले भगवा पार्टी का दामन थामा था. लेकिन जिस दिन चुनाव का नतीजा निकला उसी दिन से उनकी मोबाइल की दुकान बंद थी.

आख़िर में बीते शुक्रवार को टीएमसी नेताओं-कार्यकर्ताओं की मौजदूगी में भरे बाजार में उन्होंने माफ़ीनामा पढ़ा और दोबारा टीएमसी में शामिल हो गए. उसके बाद उनकी दुकान खुल गई है.क्या उन्होंने टीएमसी की धमकी की वजह से दुकान बंद रखी थी?बाप्पा बताते हैं, "मैंने ख़ुद डर के मारे दुकान बंद कर दी थी. लेकिन रोजी-रोटी की दिक़्क़त होने लगी तो मैंने टीएमसी से इसे खोलने की अनुमति मांगी." वे इससे ज़्यादा बोलने को तैयार नहीं हैं.

टीएमसी के स्थानीय नेता और बेलमूड़ी के अंचल प्रमुख सुब्रत साहा कहते हैं, "हमने न तो जबरन किसी की दुकान बंद कराई है और न ही किसी को टीएमसी में लौटने पर मजबूर किया है. बाप्पा ने ख़ुद ही दुकान बंद रखी थी. वे पहले टीएमसी में ही थे. अपनी ग़लती मान कर लौटना चाहते थे. इसलिए हमने उनको पार्टी में शामिल कर लिया."

लेकिन धनियाखाली विधानसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार रहे तुषार मजूमदार आरोप लगाते हैं, "ज़िले में हर जगह यही चल रहा है. कई दुकानें बंद करा दी गई हैं. टीएमसी करने वालों को ही व्यापार करने की अनुमति दी जा रही है. बाप्पा का मामला भी अपवाद नहीं है. इलाके में बीजेपी के सैकड़ों समर्थक अब भी घर छोड़ कर दूसरी जगहों पर रह रहे हैं." headtopics.com

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इमेज स्रोत,इमेज कैप्शन,बीजेपी की युवा मोर्चा के हुगली जिला अध्यक्ष सुरेश सावबीजेपी की युवा मोर्चा के हुगली जिला अध्यक्ष सुरेश साव भी यही आरोप लगाते हैं.वह कहते हैं, "इलाके में टीएमसी वाला ही दुकान चला सकता है. टीएमसी ने कई लोगों के सामाजिक बायकाट की अपील की है. पुलिस का एक गुट भी इसे समर्थन दे रहा है."

वैसे हाईकोर्ट के निर्देश पर इलाक़े में 130 परिवार रविवार को ही लौटे हैं. यह लोग चुनाव नतीजों के बाद से ही टीएमसी के कथित आतंक और अत्याचार की वजह से घर छोड़ कर भाग गए थे.प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष का कहना है, "जो जिस पार्टी में चाहे जाने के लिए स्वतंत्र है. यह लोग कोई गाय-भैंस तो हैं नहीं जिनको बांध कर रखा जाए. किसी के रहने या जाने से ख़ास फ़र्क नहीं पड़ता."

घोष का यह बयान हालांकि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल राय समेत कई अन्य नेताओं के टीएमसी के शामिल होने के संदर्भ में है, लेकिन यह पार्टी के मौजूदा रवैए का भी संकेत है. पार्टी के सामने कुनबा बचाने की चुनौती है.पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने बंगाल की ओर से मुंह मोड़ लिया है. प्रदेश के नेता फ़िलहाल असंतोष की चौतरफ़ा आवाज़ों से निपटने में ही व्यस्त हैं.

इमेज स्रोत,इमेज कैप्शन,दिलीप घोषइस बीच, दिलीप घोष को यहां से हटा कर केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करने और यहां विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के लिए मैदान खुला छोड़ने की चर्चा भी जोर पकड़ रही है. हालांकि घोष ने इसकी पुष्टि करने से इनकार कर दिया है.राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि ख़ासकर मुकुल राय जैसे बड़े नेताओं के टीएमसी में लौटने और कई अन्य नेताओं के नाम लौटने वालों की सूची में होने की वजह से ज़मीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल तेज़ी से गिर रहा है. headtopics.com

राजनीतिक विश्लेषक प्रोफेसर समीरन पाल कहते हैं, "बंगाल में जिसकी लाठी उसकी भैंस की तर्ज पर राजनीतिक हिंसा का इतिहास बहुत पुराना है. गांव वालों को आख़िर रहना तो वहीं है. ऐसे में पानी में रह कर मगरमच्छ से बैर लेने का दुस्साहस भला कौन करेगा?" और पढो: BBC News Hindi »

इन राज्यों में राहत की बारिश बनी भारी आफत? देखें तस्वीरें

बारिश ने पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों के लोगों के सामने लिए बड़ी मुश्किलें लाकर खड़ी कर दी. एक तरफ जहां पहाड़ों पर लोग भूस्खलन से जान गंवा रहे हैं तो दूसरी तरफ मैदानी इलाकों में बाढ़ ने कहर मचा रखा है. दरभंगा में बाढ़ के पानी से कुशेश्वरस्थान के लोग परेशान तो मध्य प्रदेश के कई जिले भी बाढ़ से त्रस्त हैं. सबसे बुरी हालात में महाराष्ट्र है जहां बारिश और बाढ़ से अबतक तकरीबन 112 लोग जान गंवा चुके हैं. इन सबके अलावा कर्नाटक से लेकर तेलंगाना तक में मौसम ने अपना कहर बरपा रखा है. देखें वीडियो.

योगी जी ने कहा था बंगाल में बीजेपी की सरकार आई तो ममता समर्थन अपनी जान की भीख मांगेंगे बस उसका उल्टा हो रहा है 😂 लोकतंत्र को बर्बाद करने के लिए तरीका ममता बनर्जी द्वारा बनाया गया है इन सभी को पूरे परिवार के जान से मारने की फरमान जारी किया गया है तो अपने आप को बचाने के लिए तात्कालिक उपाय कर रहे हैं और कुछ नहीं ।

🤔🤔🤔🤔🤔 Sherani k dahar se अंधभक्तों की आंख जल्दी खुल गई, कुछ अभी तक अंधभक्ती में लीन हैं 🤔 cjwerleman This shows that BJP means Bharat Jalao Party डरना जरूरी है या मना है ? घास चरने गयी अकल,ठिकाने आ गयी। लोकतंत्र के नाम पर जेहादियो के साथ खूनी खेल

यूपी में छोटे दल भी बीजेपी को पिला रहे पानी, मनमाफिक मांगें पूरी कराने में जुटेकांग्रेस नेता जितिन प्रसाद को अपने पाले में लाकर बीजेपी नेतृत्व अपनी पीठ थपथपाते नहीं अघा रहा है लेकिन जमीनी हकीकत इससे कुछ उलट ही है। पंचायत चुनाव के नतीजों से आभाष हो रहा है कि बीजेपी की हालत यूपी में पतली है। यही वजह है कि अर्से से बीजेपी के हमजोली रहे छोटे-छोटे दल मोलभाव पर उतर आए हैं। tum khush ho jao.. Pdosi ki olad ho tum to jansatta walon.

Now Democracy not under threat BBC ..🤔 MamataOfficial SabkaHisabHoga क्योकि लोकतंत्र के नाम पर जेहादियो के साथ 8ओIओक खेला हो रहा है I may not have seen a lot, but all my life I have never seen a boycott of a political party like BJP is being boycott in Haryana, Punjab & Western UP. Shameful. FarmersProtest किसानआंदोलन

Money can't buy everything, look how they are humiliating BJP in Bengal. didi_o_didi KhelaHobe MamataBanerjee Modi अपनी हत्या का डर है । जब TMC का नेता लोग BJP मे जा रहा था तो सब ठीक था, अब जब वापस हो रहा है तो गलत... हद हो भाई... ऐसा न हो कि कुनबा खाली हो जाए BJP का

मुंह में राम, जेब में चंदा- राम मंदिर जमीन घोटाले में पूर्व IAS का तंज़पूर्व आईएएस अधिकारी ने तंज करते हुए एक और ट्वीट किया और लिखा 'मुँह में राम, जेब में चंदा, चम्पत होगा अब ये बंदा।' उन्होंने आगे लिखा 'ट्रस्ट ने ट्रस्ट खोया, लाखों रामभक्तों का।' संज्ञान में लिया जाय और सीबीआई से जांच हो BJP4UP priyankac19 ppbajpai narendramodi myogiadityanath नेता बनने का कितना सौक पाल रखा है आपने जरा समर्पण राशि के बारे में बताना आप ने कितना दिया है सिविल सर्विस में देश को लूटा जी नही भरा तो राजनित करने आ गये लेकिन मेरे ठाकुर जी पर तो रहम करो राजनित करने के बहुत मंच मिलेंगे जब हमारे प्रधानमंत्री हजारों करोड़ खर्च करके कुर्सी खरीद सकते हैं और कहते हैं मैने तो 35 साल भीख मान्गकर कर खाया था,!

मुंबई में जोरदार बारिश के बीच पार्किंग में खड़ी कार गड्ढे में समाई, वीडियो वायरलरविवार को भारी बारिश होने की वजह से मुंबई के घाटकोपर में स्थित राम निवास सोसायटी की पार्किंग में खड़ी एक कार देखते ही देखते जमीन में समा गई।

बंगाल में कोरोना से जुड़ी पाबंदियां 1 जुलाई तक बढ़ाई गईं, रेस्टोरेंट व विनिर्माण इकाइयां खुलेंगीपश्चिम बंगाल में कोरोना से जुड़ी पाबंदियां 1 जुलाई तक बढ़ाई गईं. हालांकि इसके साथ ही कुछ रियायतें भी दी गई हैं. रेस्टोरेंट व विनिर्माण इकाइयां खुलेंगी I think it is a good move

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भोपाल में हुई मानसून की पहली बारिश: राजधानी में 10 दिन पहले आया मानसून, 3 से 4 दिन में पूरे MP में पहुंच जाएगा; प्रदेश के सभी संभागों में बारिश की चेतावनीभोपाल में 10 दिन पहले मानसून पहुंच गया है। राजधानी में रविवार दोपहर बाद मानसून की पहली बारिश हुई। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी संभागों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून समय से पहले ही पहुंच गया है। पिछले साल राजधानी में 23 जून को मानसून आया था। | Monsoon arrived in Bhopal, Vidisha, Chhatarpur, Bhopal…. Monsoon came the day before, yellow alert of rain in the state