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पंजाब में दलित समुदाय के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जाना कांग्रेस का चुनावी हथकंडा: मायावती

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21-09-2021 20:30:00

पंजाब में दलित समुदाय के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जाना कांग्रेस का चुनावी हथकंडा: मायावती Punjab Congress CharanjitSinghChanni Dalit Mayawati मायावती पंजाब चरणजीतसिंहचन्नी कांग्रेस दलित

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि मीडिया के ज़रिये पता चला है कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में नहीं, बल्कि ग़ैर- दलित के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा, जिससे यह साफ़ ज़ाहिर है कि कांग्रेस को अब भी दलित ों पर पूरा भरोसा नहीं है. ‘जातिवादी दल’ दलित ों को जो भी दे रहे हैं, वह उनके वोट पाने के लिए और स्वार्थ सिद्धि के लिए है, न कि उनके उत्थान के लिए. दलित ों को इससे सावधान रहना चाहिए.

ने राज्य के उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. रंधावा जाट सिख और सोनी हिंदू समुदाय से आते हैं.चन्नी पंजाब के मालवा क्षेत्र से हैं, जबकि रंधावा और सोनी दोनों राज्य के माझा क्षेत्र से हैं. एक दलित को मुख्यमंत्री, एक जाट सिंह और एक हिंदू को उप-मुख्यमंत्री बनाकर कांग्रेस ने जाति संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है.

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चन्नी दलित सिख (रामदासिया सिख) समुदाय से आते हैं और अमरिंदर सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री थे. वह रूपनगर जिले के चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. वह इस क्षेत्र से साल 2007 में पहली बार विधायक बने और इसके बाद लगातार जीत दर्ज की.वह शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन के शासनकाल के दौरान साल 2015-16 में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी थे.

58 वर्षीय चन्नी का चुना जाना भले आश्चर्यजनक विकल्प प्रतीत होता है, लेकिन यह सुविचारित निर्णय हो सकता है, क्योंकि पार्टी को आशा है कि मुख्यमंत्री पद के लिए दलित वर्ग से नेता के चयन का विरोध नहीं होगा और अमरिंदर सिंह की नाराजगी से हुए संभावित नुकसान की भरपाई हो जाएगी. headtopics.com

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले केंद्र में आई जातिवाद की राजनीतिपंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में दलित नेता चरणजीत सिंह चन्नी के शपथ लेने के साथ ही 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले जातिवाद देश की राजनीति के केंद्र में आ गया है. चन्नी को मुख्यमंत्री बनाए जाने को न सिर्फ पंजाब बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

चरणजीत सिंह चन्नी. (फोटो: पीटीआई)अगले साल की शुरुआत में पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर विधानसभा के चुनाव होने हैं.कांग्रेस ने उत्तर भारत के किसी राज्य में पहली बार अनुसूचित जाति के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाकर ऐसा दांव चला है, जिसकी चर्चा राजनीतिक हलकों में हावी होती दिख रही है. लगभग सभी दलों के नेताओं ने उनकी नियुक्ति का स्वागत किया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, और आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान ने मुख्यमंत्री बनने पर चन्नी को बधाई दी, जबकि भारतीय जनता पार्टी और बसपा ने कांग्रेस को चेताते हुए कहा कि उसका यह कदम सिर्फ दलितों का वोट हासिल करने के लिए महज राजनीतिक हथकंडा नहीं होना चाहिए.

एक दलित को मुख्यमंत्री के रूप में पेश करने के कांग्रेस के फैसले को सबसे पहली चुनौती कांग्रेस के ही भीतर से आई जब पार्टी की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पार्टी महासचिव व राज्य के प्रभारी हरीश रावत के उस बयान पर सवाल उठा दिए, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2022 का पंजाब विधानसभा चुनाव प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. headtopics.com

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On the swearing-in day of Shas Chief Minister, Mr Rawats’s statement that “elections will be fought under Sidhu”, is baffling. It’s likely to undermine CM’s authority but also negate the very ‘raison d’être’ of his selection for this position.— Sunil Jakhar (@sunilkjakhar)

September 20, 2021जाखड़ ने ट्वीट किया, ‘चरणचीत सिंह चन्नी के पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के दिन, श्री रावत का ‘सिद्धू के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का बयान’ काफी चौंकाने वाला है. यह न केवल मुख्यमंत्री के अधिकारों को कमजोर कर सकता है, बल्कि इस पद के लिए उनके चयन के कारणों को भी नकारेगा.’

जाखड़ के इस ट्वीट ने भाजपा सहित अन्य विपक्षी दलों को कांग्रेस पर हमला करने का मौका दे दिया. इन दलों ने चन्नी को मुख्यमंत्री बनाए जाने की कांग्रेस की मंशा पर ही सवाल खड़े कर दिए.कांग्रेस पर हमला करते हुए भाजपा आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने कहा, ‘पंजाब में एक दलित को नाइट वाचमैन के रूप में मुख्यमंत्री बनाया गया है, जब तक गांधी परिवार के विश्वासपात्र नवजोत सिंह सिद्धू मुख्यमंत्री नहीं बन जाते.’

दलित को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस ने अपने विरोधियों पर बढ़त बना ली है वहीं राजनीतिक जानकारों का मानना है कि देश की राजनीति में जातिगत समीकरण के महत्व को देखते हुए कांग्रेस के लिए एक दलित को शीर्ष पद से हटाना आसान नहीं होगा. headtopics.com

आम आदमी पार्टी ने और बसपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रहे शिरोमणि अकाली दल ने घोषणा की है कि यदि उनकी पार्टी या गठबंधन सत्ता में आता है तो वह किसी दलित को उप-मुख्यमंत्री बनाएंगे.भाजपा नेता मालवीय ने आरोप लगाया कि दलित ‘कांग्रेस की कुटिल राजनीति में सिर्फ राजनीतिक मोहरे हैं’.

उन्होंने कहा कि वह दावा करती है कि उसने एक दलित को मुख्यमंत्री बनाया है, लेकिन राजस्थान में जब एक दलित युवक की भीड़ द्वारा हत्या कर दी जाती है, तब उस पर वह चुप रहती है.कांग्रेस ने पलटवार करते हुए सवाल किया कि भाजपा ने पार्टी शासित राज्यों में किसी दलित को क्यों नहीं मुख्यमंत्री बनाया.

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कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, ‘चरणजीत सिंह चन्नी आज भारत में एकमात्र दलित मुख्यमंत्री हैं. एक दलित मुख्यमंत्री पर हमला करके भाजपा को खुशी हो रही है, लेकिन क्या वह बता सकती है कि एक दलित को मुख्यमंत्री बनाए जाने से उसके पेट में क्यों दर्द हो रहा है?’

कांग्रेस नेता ने चन्नी को मुख्यमंत्री बनाए जाने को ऐतिहासिक करार दिया और कहा कि वह जमीन से उठे नेता रहे हैं, जिन्होंने अपने पिता के साथ मैला ढोने का काम किया और आज वह पंजाब के मुख्यमंत्री हैं.उन्होंने कहा, ‘यह दर्शाता है कि हमारे द्वार गरीबों और पिछड़ों के लिए हमेशा खुले हुए हैं.’

कांग्रेस ने साथ ही भाजपा पर आरोप लगाया कि वह उत्तर प्रदेश में धर्म की राजनीति कर रही है. सुरजेवाला ने कहा कि चन्नी मुख्यमंत्री के तौर पर और सिद्धू प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रूप में पार्टी का चेहरा होंगे.(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ) और पढो: द वायर हिंदी »

भास्कर एक्सप्लेनर: बॉर्डर एरिया पर चीन नागरिकों को बना रहा ‘फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस’; उसका नया कानून हमारी चिंता बढ़ाने वाला?

चीन ने 23 अक्टूबर को बॉर्डर सिक्योरिटी से जुड़ा नया कानून पास किया है। इस कानून को लैंड बॉर्डर लॉ कहा जा रहा है। कानून का लाने के पीछे चीन का उद्देश्य नेशनल, रीजनल और लोकल लेवल पर राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना और बॉर्डर सिक्योरिटी से जुड़े मसलों को कानूनी रूप से बेहतर तरीके से मैनेज करना है। | China New Land Border Law Explained by Dainik Bhaskar (दैनिक भास्कर); Know Everything About China बॉर्डर सिक्योरिटी चीन ने ये कानून आखिर बनाया क्यों? और इस कानून को अभी क्यों पास किया गया? कानून को पास करने की टाइमिंग,

To mayawati ki kyo jal rahi hain , up me bolde agar BSP aati hain , to koi air dalit cm hoga . Sahi hai मायावती जी बना दिया तो हथकंडा नहीं बनाया होता तो दलितों का शोषण हो रहा है न जाने क्या-क्या कहा जाता कहीं यह तो नहीं कि दलित नेताओं की रेस में कोई और भी शामिल हो गए हैं यह बात आपको पच नहीं रही है। BSP...... Run Out 2022 election.

Kuchh bhi ho, CM toh banaya hai na! और यूपी मे बीजेपी को सपोर्ट करना ये कहा कि राजनीति अगर दलितों सब से बड़ा धोखा तो बीएसपी ने दिया है What about your work, your mla use to make cross vote for rajya sabha seat, for whom u benefit , giving tickets to Muslim faces to divide for what u work, many more are their example

मायावती को बीजेपी ने समर्थन देकर 3 बार मुख्यमंत्री बनाया तभी बीजेपी देश में छाया अब कोंग्रेस ने भी दलित को मुख्यमंत्री बनाया देखें फायदा होता है या नहीं मैडम की क्यू सुलग रही है यह महिला जो अपने आप को दलित मसीहाईन कहलाती है उसे दलित को मुख्यमंत्री बनाए जाने से भी आपत्ति है ! यह महिला और उसका पक्ष भाजपा की बी टीम है और अगले चुनाव में अपना वोट बर्बाद न करते हुए इस से दूर रहना हितावह है !

चुनाव जीतने के लिए कौनसी पार्टी हथकंडे नही अपनाती,,सब कुछ न कुछ ऐसा करने की कोशिश करते हैं जिससे उनको वोट ज्यादा मिल जाएं

राजस्थान मैरिज एक्ट में संशोधन को SC में चुनौती, बाल विवाह के पंजीकरण को लेकर आपत्तियाचिकाकर्ताओं ने बाल विवाह के रजिस्ट्रेशन के प्रावधान पर आपत्ति जताते हुए इस संशोधन को रद्द करने की गुहार लगाई है. इस जनहित याचिका में भारत सरकार के कैबिनेट सचिव, राजस्थान सरकार और NCPCR को पक्षकार बनाते हुए जल्द सुनवाई की मांग की गई है.

दलितों का वोट लेकर बुआ जी के द्वारा भतीजे को बनाना पार्टी का उपाध्यक्ष बनाना यह बसपा का हथकंडा है।

बैंगलोर बनाम कोलकाता के मैच में इन खिलाड़ियों को ले सकते हैं फैंटेसी टीम मेंआज के मैच में किस वर्ग में किस खिलाड़ी को लेने से आपको हो सकता है फायदा जानिए IPL2021 IPLinUAE KKRvsRCB KKR RCB RCBvKKR RCBvsKKR T20 EoinMorgan viratkholi imVkohli Eoin16 IPL

बाल विवाह को वैध करने के आरोपों के बीच राजस्थान में नए बिल पर बवालराज्य के कानून मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, ये उच्चतम न्यायालय का फैसला है कि शादी चाहे माइनर की हो या मेजर की हो, उसका रजिस्ट्रेशन आवश्यक है. सदन के पटल पर, भी राज्य के कानून मंत्री ने कहा, विवाह प्रमाण पत्र एक कानूनी दस्तावेज है जिसके अभाव में विधवा को किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा.

आंध्र प्रदेश में मंडल एवं जिला परिषदों के चुनावों में वाईएसआर कांग्रेस को मिली जीतआंध्र प्रदेश में मंडल एवं जिला परिषदों के चुनावों में वाईएसआर कांग्रेस (YSR Congress Party) ने शानदार जीत हासिल की है। साथ ही विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) को तकरीबन सभी जिलों में पराजित किया। बता दें कि तेदेपा ने चुनावों का बहिष्कार किया था।

कोविड महामारी के दौरान देश में हत्या के मामले बढ़े, यूपी में सर्वाधिक केस, लक्षद्वीप, लद्दाख में एक भी नहीं; NCRB रिपोर्ट में अन्य अपराधों में भी तेजीसबसे खास बात यह है कि आबादी के लिहाज से भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में 2020 में हत्या के सबसे अधिक 3,779 मामले दर्ज किए गए। दूसरी तरफ इस दौरान लक्षद्वीप और लद्दाख जैसे राज्यों में कोई मर्डर नहीं हुआ।

वेंकैया नायडू ने कहा, सरकारों को किसानों के कल्याण को देनी चाहिए प्राथमिकतानायडू ने कहा कि सभी सरकारों को किसानों के कल्याण को प्राथमिकता देनी चाहिए और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना चाहिए। किसानों और सरकार के बीच हमेशा संवाद होना चाहिए। किसानों की समस्याओं को राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। जब इसे वोटों से जोड़ा जाता है तो विभाजन होता है। MVenkaiahNaidu बहुत द्विन बाद याद आयी