दैनिक भास्कर ने 700 करोड़ की आय छिपाई, वित्त मंत्रालय का दावा: आज की बड़ी ख़बरें - BBC Hindi

दैनिक भास्कर ने छिपाई 700 करोड़ रुपये की आय, वित्त मंत्रालय का दावा

25-07-2021 08:56:00

दैनिक भास्कर ने छिपाई 700 करोड़ रुपये की आय, वित्त मंत्रालय का दावा

आयकर विभाग ने बीते गुरुवार यानी 22 जुलाई को भारत के प्रमुख मीडिया समूहों में से एक दैनिक भास्कर के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी.

जिसके बाद सरकार की काफी आलोचना भी हुई और आरोप भी लगे की सरकार विरोधी ‘सच्ची ख़बरें’ दिखाने के कारण ये छापे पड़े हैं.dainik BhaskarCopyright: dainik Bhaskar22 तारीख़ हुई इस छापेमारी के संदर्भ में वित्त मंत्रालय की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है.

US दौरे पर PM मोदी, अब होगा आतंक पर वार! देखें हल्ला बोल आकाशवाणी के रामानुज प्रसाद सिंह का निधन, 86 साल की उम्र में ली आखिरी सांस मीडिया में उत्कृष्ट योगदान के लिए कली पुरी को AIMA का प्रतिष्ठित अवॉर्ड

इसके अनुसार, आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 132 के तहत 22 जुलाई की कार्रवाई की.यह समूह मीडिया, बिजली, कपड़ा और रियल एस्टेट समेत कई क्षेत्रों के कारोबार में शामिल है.वित्त मंत्रालय की विज्ञप्ति के मुताबिक़, समूह का 6000 करोड़ रुपये से अधिक का सालाना का कारोबार है.

समूह में होल्डिंग और सहायक कंपनियों सहित 100 से अधिक कंपनियां हैं.BBCCopyright: BBCफ़र्जी ख़र्चों की बुकिंग और फ़ंड की रूटिंग के आरोपवित्त मंत्रालय की विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि तलाशी के दौरान पता चला है कि समूह अपने कर्मचारियों के नाम पर कई कंपनियों का संचालन कर रहा है. headtopics.com

जिनका इस्तेमाल फ़र्जी ख़र्चों की बुकिंग और फ़ंड की रूटिंग के लिए किया गया है.तलाशी के दौरान कई कर्मचारियों, जिनके नाम शेयरधारकों और निदेशकों के रूप में इस्तेमाल किए गए थे, उन्होंने स्वीकार किया है कि उन्हें ऐसी कंपनियों के बारे में पता तक नहीं था.तलाशी में कुछ लोग ऐसे भी मिले हैं जिन्होंने कागजात पर हस्ताक्षर तो किए थे लेकिन उन्हें कंपनियों की किसी भी व्यावसायिक गतिविधि की जानकारी नहीं थी, जिसमें उन्हें शेयरधारक माना जाता था.

विज्ञप्ति के मुताबिक़, इन तरीकों के इस्तेमाल से छह साल की अवधि में 700 करोड़ रुपये की आय छुपाई गई.दावा है कि यह रकम अधिक भी हो सकती है और पता करने के लिए जांच की जा रही है.साथ ही बेनामी लेनदेन निषेध अधिनियम के लागू होने की भी जांच की जा रही है. और पढो: BBC News Hindi »

धर्म के नाम पर धर्मांतरण का धंधा? देखें क्या है मौलाना कलीम सिद्दीकी का सच

धर्म एक ऐसा शब्द है जो लोगों के विश्वास से जुड़ा हुआ है, समाज के सौहार्द से जुड़ा हुआ है, इतिहास से जुड़ा हुआ है. बड़े-बड़े आंदोलनों को खड़ा करने के लिए धर्म का इस्तेमाल किया गया है. दुनियाभर में अपने-अपने धर्म को लेकर लोग बहुत संवेदनशील रहते हैं. आज उसी धर्मके नाम पर हुए अधर्म का खुलासा उत्तर प्रदेश में हुआ है. एक धर्मगुरु, जिसका काम नैतिक दायित्वों का प्रचार और प्रसार करना था, वही अनैतिक सोच के कृत्य में लिप्त हो गया. आज हम उसी मौलाना कलीम सिद्दीकी पर लगे आरोपों की पड़ताल करेंगे और मौलाना का सनसनीखेज टेप सुनवाएंगे. देखें

यदि 700 करोड़ की आय छुपाई होती तो डीबी सरकार की आलोचना ना करता बल्कि लल्लोचप्पो करता जैसे अन्य सूचना माध्यम कर रहे हैं। बस यही है कि हमारा कुत्ता तो टोमी और तुम्हारा कुत्ता , कुत्ता। सरकार के कारनामे को उजागर करना सम्पत्ति छिपाना है और chinal बेदाग़ है? जनाब तरीका थोड़ा गलत था| अगर वित मंत्रालय को मालूम था| तो रेड करने की बजाय कानूनी कारवाही करते| मेरा मतलब है| कि लीगल नोटिस भेज देते| डराना धमकाना गलत है|

मोदी सरकार के सारे दावे आजतक झूठे ही निकले हैं। भाजपा के खिलाफ बोलो तो छापे पड़ जायेंगे या तो जेल भेज दिया जाएगा bjp ki hakikat dekhane ki saja DainikBhaskar ne sarkar ko sach ka aina dikhaya , aur BBC jaisa defensive nhi agressive mode me. Kiun ki inki pol kholi tabhi to chhupaea is feku sarkar ko sharam kabhi nahin aaea

Ye tho hona hi thaa shame bjp इनके आज तक के दावे सफ़ेद झूठ ही साबित हुआ है निकम्मी सरकार पता क्यों नहीं लगा पायी। निकम्मी सरकार को बर्खास्त करो।

दैनिक भास्कर पर IT रेड: दैनिक भास्कर समूह में आयकर की जांच तीसरे दिन भी जारी रही, कार्रवाई के बीच ही विभाग ने जारी कर दिया बयानकेंद्र सरकार के आयकर विभाग की दैनिक भास्कर समूह में जांच शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इस बीच आयकर विभाग ने जांच के बीच ही एक बयान जारी कर दावा किया कि कुछ दस्तावेजों में उन्हें अनियमितताएं मिली हैं। हालांकि विधि और कर विशेषज्ञों का कहना है कि जांच के बीच में ही आयकर विभाग की ओर से बयान जारी करना बेहद असामान्य है। | Income Tax Raid On Dainik Bhaskar Group News and Updates; Bhopal, Madhya Pradesh, Delhi, Rajasthan, Gujrat, Maharashtra, Dainik Bhaskar Group एमपी में इतने डीबी माल पिछले कुछ सालों में अचानक खुले हैं , कई जगह जमीन संदिग्ध तरीके से हथियाई गई है, सख्त से सख्त जांच की जरूरत है। हमें मोदी सरकार पर गर्व है। 💪🙏 अगर आप ईमानदार हैं तो आपको किसी भी तरह की जांच से नहीं घबराना चाहिए। अगर आप बेइमान हैं तो आपका घबराना वाजिब है।:-) Bahut accha hua, bahut ghotala kiya hai iss paper mai,

शर्म है ऐसे मीडिया हाउस पर जो पत्रकारिता कि आड़ में गलत तरीके से पैसा बनाते हैं. Vitta mantralaya ka dava hi rahega bus. Jo desh se paise lekar bhagey hain unko aaj tak kuch nhi kar paye.ambani adani ka kai lakh crore ka karza maaf kiya. Jo bjp ke khilaf bolega IT raid. Modi ji ati ka ant bhut bhayankar hota hai

इन्हीं के सरकार में ही सब हो रहा,कोई बैंक लूट कर जिसको जैसे मौका वित्तमंत्रालय का दावा नहीं है,इडी ने बताया है जब तक सत्ता की दलाली कर रहा था तब तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के आंखों पर पट्टी बंधी हुई थी। To dhundh lete na...chhapa to mara hi tha कुछ तो बोलेगा Hahhahahahahhaha kuchh v laga ke band krwa Doo Lutere Press

अरे भोसड़ा वालो 700 करोड़ ही नही जाने, वो भी एक समाचार पत्र वाले के पास । कोई नोएडा का न्यूज़ चैनल की बात करते तो समझ आता कि उसके पास हो सकते है 700 करोड़ ।

दैनिक भास्कर किसी के आगे नहीं झुका, छापे से आश्चर्य नहीं- बोले जावेद अख़्तरदैनिक भास्कर किसी के आगे नहीं झुका, छापे से आश्चर्य नहीं- बोले जावेद अख़्तर तो लोग प्रवक्ता बता करने लगे ट्रोल DainikBhaskarRaid JavedAkhtar

Devide and Rule की नीति अभी तक छोड़ी नहीं अंग्रेजो ने? सरकार की बुराई करने के बाद मालूम चली क्या ये बात 😂🤣!!? Than why, IT deptt. return without any proof. अभी तक का सोते रहे थे जो सरकार के खिलाफ जायेगा वो देशद्रोही घोषित कर दिया जाएगा या किसी केश में फसा दिया जाएगा । sarkar ki nazar. hamesha dusro ki aay pr hi kyu rehti h

लेकिन तमाम अध्ययन यह दिखा रहे हैं कि प्रिंट मीडिया अब इतना लोकप्रिय नहीं है। हर कोई ट्विटर पर है। तो 700 करोड़ रुपए कहां से आ रहे हैं? कुछ भी बता दो वित्त जी इसे कम से कम 1000 करोड़ तो करो। देश पे तो बहुत लोग की आय छुपी हुई है फिर निशाने पे दैनिक भास्कर ही क्यों

यूरोपीय संघ ने पत्रकारों पर रूस की कार्रवाई की आलोचना की | DW | 23.07.2021यूरोपीय संघ के विदेश मामलों के प्रतिनिधि योसेप बोरेल की प्रवक्ता नबीला मसराली के मुताबिक, 'यूरोपीय संघ रूसी नागरिक समाज, मानवाधिकार रक्षकों और स्वतंत्र पत्रकारों के साथ खड़ा है और उनके महत्वपूर्ण कार्यों में उनका समर्थन करना जारी रखेगा.'

दावा नहीं सच है। छापा 1 साल पहले क्यूँ नहीं मारा?..1,2 साल पहले क्या सब सही था?corona second wave की reporting के बाद ही क्यूँ छापा मारा?साफ समझ में आ रहा है सत्ताधारियों की हाँ में हाँ लगाओ वर्ना एजेंसियों द्वारा प्रताड़ित होने को तैयार रहो.जंगलराज.आम जनता को बेजुबान कर exploited करना चाहते हैं ,,😂😂

दावा Bakwas.. Ye pata ab laga jab usne modi ke khilaf news chhapi Pakdo salo ko Newspaper he koi bhagwan nhi he वित्त मंत्रालय को ये तब दिखा जब गुजरात के जासूसी कांड पर छाप दिया दैनिक भास्कर ने आखिर कुकर्म कब तक छुपाया जा सकता है😄 दैनिक भास्कर ने खूब चमचागिरी की है, और खूब माल भी कमाया है.! लेकिन उसकी टैक्स चोरी सरकार को तब दिखी... जब वो सरकार के खिलाफ छापने लगा.! अब फिर से 'सेटिंग' होगी, अखबार फिर से मोदी का जयकारा लगाएगा, और टैक्स चोरी वाली फाईल किसी मंत्री के बेडरुम में रहेगी... ताकि प्यार बना रहे.!!

ये तो आज कल के बाबा जैसे हो गए है पूरे समाज पूरे नेताओ पूरे नोकरी करने वालो वायपारी वर्ग सब को ईमानदारी कि घुटी देते है अपने पीना भूल गए

झारखंड: निजी स्कूल एसोसिएशन ने CM सोरेन से की राज्य के 45000 स्कूल खोलने की अपीलएसोसिएशन की ओर से आलोक दुबे ने कहा, बिहार समेत कई राज्य सरकारें स्कूल खोलने की दिशा में कदम उठा रही हैं. ऐसे में एसओपी तैयार कर स्कूल खोले जाएं. उन्होंने कहा, सरकार तय करे कि 30% बच्चे बुलाने हैं या फिर 50% या उससे कम.

Saboot ke sath pesh kare dava bhut ho gaya aur haan isse jo corona deat per juth and kitane crime ko chhupane ka shadyantra kiye vo sahi nahi ho jayega DB ne jo sach hai ujagar ki h vo bilkul sahi h tumko beiman ho अगली बार के दफ़्तरो पे छापे परने चाहिए इनके पास से 1000 करोड़ की आय छुपी हुयी निकलेगी। Firangimedia

Bakwas और 7 साल तक सरकार इंतज़ार में थी सारे पैसे मोदी योगी के सरकार के ही दिए हुए हैं ! वापस माँग रहे हैं 😂 Mili kahe nhi सरकार कोई बात सच नही बोलती मुझे याद है ऐसे ही CBI कहती थी SatyendarJain के बारे में और बड़ी-बड़ी हेडलाइन बनती और छपती थी की हवाला किया लेकिन 7 साल बाद वो हेडलाइन सिर्फ हैडलाइन ही रही बदनाम करने के लिये, ऐसा ही इसमें भी है। शर्म आती है ऐसी कठपुतली एजेंसियों पर।

RaviSah11755500 hitchhiker02013 6 sal se vitt Mantralaya so raha tha ab nind khuli

CBDT का दावा- मीडिया समूह ने 2,200 करोड़ की संदिग्ध लेनदेन कीकेंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शनिवार को दावा किया कि मीडिया समूह के ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे में 2200 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है। हालांकि सीबीडीटी ने समूह के नाम का उल्लेख नहीं किया है अरबों के घोटालों की जड़ कांगियों तक फैली है तह तक जांच करो सीधा लिंक फर्जी परिवार तक जुड़ेगा india me ye sab chalta hai कौन सा मीडिया समूह? कुछ नाम है या बेनाम है !!

जब तक दैनिक भास्कर दलाली करता रहा तब तक वो सबसे अच्छा अखबार था,लेकिन जैसे ही उसने कुछ खिलाफ क्या लिख वो चोर हो गया। खैर हमें क्या, साफ बात ये कि दैनिक भास्कर भी कम नहीं था काश यह बीजेपी रूपी गंगोत्री में डुबकी लगा लेता तो सारी रकम सुपर रिन की चमकार के साथ अल्ट्रा व्हाइट हो जाती। क्यों नहीं, देशभक्ति पार्टी की आमदनी अज्ञात स्रोतों से होती है, इलेक्टोरल बांड से, ये आरटीआई में नहीं आऐंगे! ईमानदारी हो तो ऐसी..

कोई बात नही झबरू का कहां मानकर दोस्ती बनी रहे वाला फॉर्मूला जल्द लागू होगा दैनिक भास्कर की मॉनिटरिंग अब सीधा वित्त मंत्रालय करेगी। सामत आने वाली है दैनिक भास्कर पर। So 7 years ....Were they sleeping..You should penalize IncomeTax department for sleeping for 7 years....vendata.... जिसे आप दावा बोलकर हेडलाइन बना रहे हो, वो दावा नहीं सचाई है और दावा ये है की मोदी दैनिक भास्कर से 'बदला' ले रहा है 😂

नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ने ज्यादा टैक्स चुकाया था। मौज कर दी। तभी तो इस चोर कम्पनी के चोर मालिक द्वारा जबरदस्त शोर मचाया गया था ताकि विरोधियों को अपने पक्ष में लामबंद किया जा सके।पर यह भूल गए थे कि खाओ ख़िलाओ वाली बात अब नही रही।

शबनम की फांसी पर विचार की मांग: क्षमा याचना की चिट्ठी राज्यपाल ने योगी सरकार के पास भेजी, वकील की दलील- सूली पर लटकाया तो दुनिया में खराब होगी भारत की छविदेश की पहली महिला को फांसी देने के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की वकील सहर नक़वी ने इस मामले में एक पत्र प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को लिखा था। राज्यपाल ने पत्र का संज्ञान लेते हुए पूरे मामले पर निर्णय लेने के लिए कारागार विभाग को निर्देश दिए हैं। | Governor sent a letter of apology to the UP government, may consider reducing the death sentence; Vakin's argument - If hanged on the cross, the image of Indian women in the world will be spoiled;क्षमा याचना की चिट्ठी राज्यपाल ने यूपी सरकार को भेजी, फांसी की सजा कम करने पर हो सकता है विचार; वकीन की दलील- सूली पर लटकाया तो दुनिया में भारतीय महिलाओं की छवि होगी खराब CMOfficeUP fasi honi chaiye CMOfficeUP But she is women CMOfficeUP और अगर भविष्य में फिर किसी महिला ने ऐसी घिनौनी हरकत को दोहरा दिया तो इसका जिम्मेदार किसको ठहराया जाएगा इस हत्यारन ने अपने पुरे परिवार को बेरहमी से मार डाला,,उस वक्त क्या भारत की छवि को इसने चार चांद लगा दिएथे एक हत्यारन को बचाने के लिए भारत की छवि बिगड़ने की बात करना ठीक नहीं

Unfounded charges for justification. Why did the machinery not move earlier if all that was happening लगता 7 साल से सब सो रहे थे।।।। 18 घंटे काम करते है या जासूसी ।।। Sabhi news walo ka audit ho jaye ek ek kr k Band Bhaskar इतने बर्षो से क्या कर रहे थे?जो 700 करोड़ छिपा हुआ धन बता रहे हो नौकरी भी ठीक से नही करते हो।

मजा आ रहा है ना, मित्रों ७०० करोङ रूपये, इससे ज्यादा तो हम पार्टी फंड मे दे चुके है। ❤👍 घपला करो। और जब उसकी जाँच हो तो छाती पीटो कि सरकार की बुराई की, इसलिए बदले की कार्रवाही है। फिर 700 करोड़ का फर्जीवाड़ा क्यों। पता नही और क्या क्या नया गुल खिलाएगा ये भास्कर। घपले की जांच से बचना है तो सरकार और मोदी को खूब गालियां दो। अच्छा हथकंडा है ये!

2200 करोड का घोटाला है

तो अबतक कोई गिरफ्तारी क्यों नहीं? भारत सरकार के दावे हैं इन दावों का क्या कहना..! एकबार मोदी साबुन से नहाकर राष्ट्रवादी बनने को माँगता है..!! मजाक बन गया मुल्क शर्म का एहसास होता हैं मोदी की कारस्तानी पर।। इसी तरह हर न्यूज़ चैनल वालों कि जांच होनी चाहिए अभी तो रेड चल ही रही है इतनी हड़बड़ी में कौन रिपोर्ट आउट कर रहा है

ऐसे कईं मीडिया संस्थान है, जिसमें BBC भी शामिल है 😀😀😀 इतने ज्यादा छपे .. कि ..भाव में बिकें से लगे☄️ झूट