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Deepika Padukone, Depression

दीपिका ने मुफ्त में बताया डिप्रेशन से उबरने का शर्तिया इलाज, खुद भी कर चुकी हैं अपना इलाज

11 स्टेप्स में दीपिका ने बताया है कि लोगों को खुद की देखभाल करनी चाहिए और खुद से प्यार भी करना चाहिए।

23-05-2020 04:48:00

दीपिका ने मुफ्त में बताया डिप्रेशन से उबरने का शर्तिया इलाज, खुद भी कर चुकी हैं अपना इलाज deepikapadukone

11 स्टेप्स में दीपिका ने बताया है कि लोगों को खुद की देखभाल करनी चाहिए और खुद से प्यार भी करना चाहिए।

बता दें कि वर्ष 2014 में जब दीपिका पादुकोण का रणबीर कपूर से ब्रेकअप हो गया था तब वह भी अवसाद और तनाव जैसी परेशानियों से ग्रसित हो गई थीं। उस समय उन्होंने इस दर्द को समझा और एक एनजीओ 'द लिव लव लाफ फाउंडेशन' की शुरुआत की। अपने एनजीओ के लिए शानदार काम करते हुए दीपिका को क्रिस्टल अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है। दीपिका इस साल की शुरुआत में ही रिलीज हुई फिल्म 'छपाक' में एक तेजाब हमले की पीड़ित महिला मालती के किरदार में नजर आ चुकी हैं। इसी साल वह अपने पति रणवीर सिंह के साथ फिल्म '83' में कैमियो करती नजर आएंगी। इसके अलावा शकुन बत्रा के निर्देशन में बनने वाली एक फिल्म में वह सिद्धांत चतुर्वेदी और अनन्या पांडे के साथ पर्दा साझा करेंगी।

आठ जून से लागू होगा अनलॉक का पहला चरण, एक जून से ई-पास की अनिवार्यता समाप्त e-एजेंडा: 7500 रुपये का कांग्रेसी नारा जनता चुनाव में नकार चुकी है-शाह ट्विटर पर ट्रेंड #BoycottChineseProducts, अरशद वारसी-मिलिंद सोमन ने किया सपोर्ट

ट्विटर पर स्वरा भास्कर से भिड़े अशोक पंडित, बोले- आपने तो खुद कागज दिखाने से मना कर दिया थाकोरोना वायरस की वजह से भारत भर में लागू हुए लॉकडाउन के बाद घरों में बैठे लोगों के साथ तनाव और अवसाद की समस्याएं आम हो गई हैं। हिंदी सिनेमा की नंबर वन अभिनेत्री दीपिका पादुकोण इन घटनाओं से इत्तेफाक रखती हैं और इनके प्रति अपनी जिम्मेदारी भी समझती हैं। उनका मानना है कि ऐसे समय में लोगों को अपनी मानसिक स्थिति को लगातार चेक करते रहना चाहिए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर 11 स्टेप्स की एक स्वास्थ्य संबंधी सलाह पोस्ट की है जो लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकती है।

विज्ञापनदीपिका पादुकोण- फोटो : Social Media मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त करने के लिए उन्होंने बताया, 'अपने डर को स्वीकार करो और दूसरों से इसके बारे में बातचीत भी करो। आपका जो मन करता है और जो आपको पसंद है आपको दिन भर वही करना चाहिए। हर रोज की एक दिनचर्या होनी चाहिए और उसी के हिसाब से आपको दिन बिताना चाहिए। प्रकृति की सुंदरता को भी निहारने में पीछे न रहें। मेडिटेशन और एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी है। इस दौरान आप अपनी कलाओं को भी बाहर निकालने में वक्त बिता सकते हैं। उन लोगों के साथ हमेशा संपर्क में रहें जिनसे आप प्यार करते हैं। संगीत सुनिए। तनाव और चिंता का सामना कीजिए और अंतिम बात, बिल्कुल मत शरमाइए।'

दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह- फोटो : Social Media और पढो: Amar Ujala »

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कोरोना वायरस को लेकर खुद पर अमेरिकी मुकदमे से चीन उग्र, पलटवार की दी चेतावनीकोरोना वायरस को लेकर खुद पर अमेरिकी मुकदमे से चीन उग्र, पलटवार की दी चेतावनी CoronaUpdate Lockdown4 coronavirus China America realDonaldTrump POTUS PMOIndia realDonaldTrump POTUS PMOIndia चीन पर कोई भी कदम तभी सफल होगी जब उसे आर्थिकरूप से कमजोड़ कियाजाये नही तो उसपर किसी तरह से कुछ भी करने से वो नही सुधरने बाला है वो पूरी दुनियाको तबाहकर पूरी दुनिया पर अपना एक क्षत्रराज चाहता है उसी के लिये उसने केरोनाको फैलाकर पूरी दुनियाको आर्थिक रूपसे तबाह करने की कोशिश कि है

सहवाग से पाकिस्तानी दिग्गज को लगता था डर, खुद की कप्तानी पर करने लगे थे शकवीरेंद्र सहवाग ने भारत के लिए 104 टेस्ट, 251 वनडे और 19 टी20 मुकाबले खेले। इस दौरान टेस्ट में उनका स्ट्राइक रेट टेस्ट में 82.2, वनडे में 104.3 और टी20 में 145.4 का रहा।

कोरोना से लड़ रहे डॉक्टर आज काली पट्टी बांधकर कर रहे हैं प्रदर्शनफेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोशिएशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, वो इलाज के दौरान भी काली पट्टी बांधकर अपना सांकेतिक विरोध करने का फैसला किया है. KumarKunalmedia मुझे तो यह लग रहा पहले सरकार सांकेतिक ही सही मौत की चिंता दिखा रही थी! अब मौतों का उसपर कोई असर नहीं दिख रहा बढ रहे मरीज बढ रही मौतें!

कोरोना मरीजों के लिए बने रेलवे कोच अब फिर श्रमिक स्पेशल में दौड़ेंगे, जानें क्‍या है कारणकोरोना वायरस से संक्रमित रोगियों को अलग रखकर इलाज करने के लिए आनन-फानन में बदले गए ऐसे रेलवे कोच वार्ड अब श्रमिक स्पेशल ट्रेन के कोच बनकर दौड़ेंगे। रेलवे कोच जो हॉस्पिटल के लिए वनाये गये है उन्हे जनरल कोच में परिवर्तित करना जल्द बादी होगी।जुलाई तक कोच को यथावत रखना जरूरी है ।

श्रमिक ट्रेन में कई महिलाएं बनीं मां, ट्रेन के कोच में खिलीं किलकारियांएक से 21 मई तक श्रमिक ट्रेन में कम से कम 24 महिलाओं ने सफर किया है। भारतीय रेल के अधिकारियों ने बताया कि इन 24 महिलाओं में Kya baat hai, train me Maternity coach hona chae , डर तोह इस बात का हैं कहीं ये किलकारियां मुरझा ना जाए। मौजूदा हालत को देखते हुए गरीब का भविष्य सिर्फ अंधकार में डूबा हुआ है । ना रोजगार है, ना शिक्षा और देश की अर्थव्यवस्था ध्वस्त होते जा रही है । हर तरफ गरीबी छाई हुई है । इन 6 वर्षों में देश का काया पलट कर दिया इस सरकार ने ! 🙏🙏🙏🙏❤️❤️❤️

श्रमिक ट्रेन में कई महिलाएं बनी मां, ट्रेन के कोच में गूंजीं किलकारियांएक से 21 मई तक श्रमिक ट्रेन में कम से कम 24 महिलाओं ने सफर किया है। भारतीय रेल के अधिकारियों ने बताया कि इन 24 महिलाओं में Her jagah per bacche paida horhe h .footpath ,train ,bus ,car, sadak esi koi jagah nhi jahaper indian m bacche paida nhi horhe h .carona itna khatarnak nhi jitna y bacche paida hone ki raftar. God bless you

ट्रंप ने चीन को लेकर की दो बड़ी घोषणाएं, WHO से अमरीका को किया अलग नरेंद्र मोदी की चिट्ठी- मुझमें कमी हो सकती है, पर देश पर भरोसा e-Agenda Aaj Tak 2020: 1 Year Of Modi Government 2.0, Schedule and List Of Speakers मोदी सरकार 2.0 के मैन ऑफ़ द मैच हैं अमित शाह? मोदी को टक्कर देना छह साल बाद भी इस क़दर मुश्किल क्यों कोरोना अपडेटः भारत में 24 घंटे में संक्रमण के लगभग 8,000 नए मामले, आँकड़ा पौने दो लाख के पास पहुँचा - BBC Hindi अनलॉक 1: एक जून से क्या-क्या खुलने जा रहा है मोदी 2.0 का एक साल पूरा, पीएम मोदी ने देशवासियों की लिखी चिट्ठी, दस ख़ास बातें कोरोना: 46 घंटे की ट्रेन यात्रा, सिर्फ दो बार खाना और तीन बार पानी कोरोना वायरस: भारत में संक्रमण को रोकने में असल समस्या क्या है? भारत में कोरोना से हुई मौतों का सही आँकड़ा मिलना क्यों मुश्किल