दिल्ली बवाल: समय से फैसले लेने में चूके बड़े अफसर, पूर्व पुलिस आयुक्तों ने उठाए सवाल

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उत्तर-पूर्वी जिले में हिंसा को शुरू से संभालने में पुलिस से चूक हुई है।

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27.2.2020

दिल्ली बवाल: समय से फैसले लेने में चूके बड़े अफसर DelhiPolice DelhiRiots2020 DelhiViolence

उत्तर-पूर्वी जिले में हिंसा को शुरू से संभालने में पुलिस से चूक हुई है।

पुलिस भड़काऊ भाषण देने वाले को शुरू में काबू नहीं कर पाई। दोनों ही पक्षों के लोगों को आमने-सामने आने से रोक दिया जाता, तो हिंसा नहीं होती। शुरू में देखा गया कि हिंसा प्रभावित इलाकों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल नहीं था। ये कहना है दिल्ली पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्तों व पुलिस अधिकारियों का। दिल्ली के पूर्व पुलिस आयुक्त अजय राज शर्मा का कहना है कि उत्तर-पूर्वी जिले में हुई हिंसा को दंगों के रूप में देखना चाहिए। उनका कहना है कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि हिंसा बढ़ कैसे गई, इसकी जांच होनी चाहिए। दिल्ली पुलिस के पूर्व डीसीपी एलएन राव का कहना है कि दिल्ली पुलिस से हिंसा को शुरू में संभालने में चूक हुई है। जब पुलिस को पता चला कि जाफराबाद दूसरा शाहीन बाग बनता जा रहा है तो पुलिस ने ऐसा क्यों करने दिया। पुलिस में अब ये परेशानी हो गई है कि वह जनता से दूरी बनाकर रखती है। थानाध्यक्ष स्थानीय लोगों से नहीं मिलते हैं। पुलिस जनता के लिए है और जनता से ही दूरी बनाकर रखी जाती है। उनका कहना है कि हिंसा शुरू में संभल जाती तो संभल जाती। पुलिस ने सख्त कदम बहुत ही देर से उठाए हैं। जिला स्तर के अधिकारियों की गलती है। पूर्व पुलिस आयुक्त अमोद कंठ का कहना है कि पुलिस से चूक हुई है। दिल्ली पुलिस ने शुरू में पर्याप्त फोर्स क्यों नहीं उतारी। दिल्ली पुलिस में फोर्स की कमी नहीं है। सवाल उसके इस्तेमाल पर निर्भर करता है। जब वहां एक प्रदर्शन पहले से चल रहा था तो सीएए के समर्थकों को प्रदर्शन की अनुमति नहीं देनी चाहिए। उन्होंने इसे दिल्ली पुलिस की नाकामी बताया है। पूर्व पुलिस आयुक्त टीआर कक्कड़ का कहना है कि ऐसी हिंसा अभी तक नहीं देखी। वर्ष 1968 में ऐसे हालत पैदा हुए थे। इस हिंसा को सीएए से जोड़कर नहीं, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति के दौरे से जोड़कर देखना चाहिए। पुलिस भड़काऊ भाषण देने वाले को शुरू में काबू नहीं कर पाई। दोनों ही पक्षों के लोगों को आमने-सामने आने से रोक दिया जाता, तो हिंसा नहीं होती। शुरू में देखा गया कि हिंसा प्रभावित इलाकों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल नहीं था। ये कहना है दिल्ली पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्तों व पुलिस अधिकारियों का। विज्ञापन दिल्ली के पूर्व पुलिस आयुक्त अजय राज शर्मा का कहना है कि उत्तर-पूर्वी जिले में हुई हिंसा को दंगों के रूप में देखना चाहिए। उनका कहना है कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि हिंसा बढ़ कैसे गई, इसकी जांच होनी चाहिए। दिल्ली पुलिस के पूर्व डीसीपी एलएन राव का कहना है कि दिल्ली पुलिस से हिंसा को शुरू में संभालने में चूक हुई है। जब पुलिस को पता चला कि जाफराबाद दूसरा शाहीन बाग बनता जा रहा है तो पुलिस ने ऐसा क्यों करने दिया। पुलिस में अब ये परेशानी हो गई है कि वह जनता से दूरी बनाकर रखती है। थानाध्यक्ष स्थानीय लोगों से नहीं मिलते हैं। पुलिस जनता के लिए है और जनता से ही दूरी बनाकर रखी जाती है। उनका कहना है कि हिंसा शुरू में संभल जाती तो संभल जाती। पुलिस ने सख्त कदम बहुत ही देर से उठाए हैं। जिला स्तर के अधिकारियों की गलती है। पूर्व पुलिस आयुक्त अमोद कंठ का कहना है कि पुलिस से चूक हुई है। दिल्ली पुलिस ने शुरू में पर्याप्त फोर्स क्यों नहीं उतारी। दिल्ली पुलिस में फोर्स की कमी नहीं है। सवाल उसके इस्तेमाल पर निर्भर करता है। जब वहां एक प्रदर्शन पहले से चल रहा था तो सीएए के समर्थकों को प्रदर्शन की अनुमति नहीं देनी चाहिए। उन्होंने इसे दिल्ली पुलिस की नाकामी बताया है। पूर्व पुलिस आयुक्त टीआर कक्कड़ का कहना है कि ऐसी हिंसा अभी तक नहीं देखी। वर्ष 1968 में ऐसे हालत पैदा हुए थे। इस हिंसा को सीएए से जोड़कर नहीं, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति के दौरे से जोड़कर देखना चाहिए। और पढो: Amar Ujala

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sanvision123111 DelhiPolice मेरा दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्तों से कहना है कि वर्तमान आयुक्त ने वही किया जो ग्रह मंत्रालय और गृहमंत्री ने उनसे करबाया । आप होते तो आप भी यही सब करते । DelhiPolice गलती पुलिस की नही लोकतंत्र के तीन खम्बो की है जो ढाई महीनों से तमासा देख रहे थे DelhiPolice Sir Pl don't blame police only Why don't dare to raise finger on SC HC who takes decades to deliver judgement Why police is always demoralised I am not pro police but things must be seen in whole prospective We all r part of such situation not police alone

DelhiPolice बवाल हो तो पुलिस दोषी, बवालॉयो पर कार्यवाही कर तो भी पुलिस ही दोषी, एक नेता कोम ही भगवान की भाई है क्या?

दिल्ली हिंसा: केजरीवाल सरकार असहाय, पुलिस मूकदर्शक, आखिर कौन अमन से खेल रहा है?दिल्ली हिंसा: केजरीवाल सरकार असहाय, पुलिस मूकदर्शक, आखिर कौन अमन से खेल रहा है? DelhiViolence PMOIndia narendramodi ArvindKejriwal DelhiPolice AmitShah AmitShahOffice PMOIndia narendramodi ArvindKejriwal DelhiPolice AmitShah AmitShahOffice वहीं लोग जो देश में अशान्ति फैलाना चाहते हैं जो बोलते हैं 15 भारी 100 पर PMOIndia narendramodi ArvindKejriwal DelhiPolice AmitShah AmitShahOffice केजरीवाल की करतूत है... इन गद्दारों को खाने पीने का सामान केजरीवाल के विधायक पहुंचा रहे। PMOIndia narendramodi ArvindKejriwal DelhiPolice AmitShah AmitShahOffice

नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में पुलिस से लोग नाराज़दिल्ली में हुई हिंसा के बाद नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में लोगों से बात की आजतक संवाददाता चिराग गोठी (aajgothi) ने। देखिए ये खास रिपोर्ट। DelhiViolence ReporterDiary पूरा वीडियो: AajGothi इनसे भी बात कर लेना AajGothi झूठे हैं लोग की पुलिस नदारद थी तो क्या 50/ से ऊपर पुलिस वाले घायल हें , वो घरेलू हिंसा का शिकार हुए AajGothi Moment lady started telling the truth about over criticizing the Delhi police over Jamia lathicharge, repoter became uncomfortable and tried his best to divert the issue. Nobody wants to hear the truth and Court is blatantly promoting anti nationals, thats the truth.

Delhi Violence Live: दिल्ली हिंसा में अबतक 106 लोग गिरफ्तार, 18 FIR दर्ज- पुलिसDelhi Violence Live Updates: दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के नाम पर हुई हिंसा में 22 लोगों की मौत हो चुकी है. हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. वहीं NSA अजीत डोभाल ने हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया और लोगों से बातचीत की. सलाम है न्यूज़ वालों को जो अपनी जान पर खेलकर न्यूज़ दिखा रहे हैं| दिल्ली पुलिस को योगी जी के मॉडल से दंगो पर काबू करने चाहिए। Needed to stop genocides

दिल्ली विधानसभा में गूंजा हिंसा का मामला, पुलिस कमिश्नर को बुलाने की मांग उठीदिल्ली विधानसभा में बुधवार को चांदनी चौके से AAP विधायक प्रह्लाद सिंह साहनी ने उप राज्यपाल की कार्य शैली पर सवाल खड़े किए. वहीं, ओखला से विधायक अमानतुल्लाह खान ने गृहमंत्री और उप राज्यपाल से इस्तीफे की मांग की. गृहमंत्री को स्तीफा दे देना चाहिए : सोनिया गांधी -- सोनिया ने कभी शाहीनबाग पर कुछ कहा? -- कभी ओवैसी या वारिस पठान पर कोई बयान दिया? -- कभी जामिया JNU और AMU की गुंडागर्दी पर कुछ कहा? -- फायरिंग करने वाले शाहरुख पर कुछ कहा? पुलिस ने आज थोड़ा सख्ताई क्या की इनकी जान निकलने लगी 🤔 ISupportKapilMishra इनको लगता है पिटने का इरादा है

Delhi Violence: दिल्ली पुलिस का दावा- काबू में हालात, अब तक 106 लोग गिरफ्तार, 18 FIRDelhi Violence: नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई जारी है. प्रभावित इलाकों में भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया है. ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है. Sahab parso hee jaag jate .. itne masoom nahi mare jate. पर कपिल मिश्रा कब गिरफ्तार होगा? Now it is too late. It doesn’t going to serve any purpose.

दिल्ली हिंसा: 5 अस्पतालों में घायलों का इलाज, पुलिस ने जारी किया हेल्पलाइन नंबरदिल्ली पुलिस की ओर से उन अस्पतालों की लिस्ट जारी की गई है, जहां पर हिंसा के घायलों को ले जाया जा रहा है. इसके साथ ही पुलिस ने फोन नंबर भी जारी किए हैं. Sab marne k baad jari karke kya karoge?



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