Opinion, Columnist

Opinion, Columnist

डॉ. एम. चंद्र शेखर का कॉलम: सूूचनाओं का कभी लॉकडाउन नहीं होता, सूचनाओं से अपडेट रहिए, यही तो असली संपत्ति है

डॉ. एम. चंद्र शेखर का कॉलम: सूूचनाओं का कभी लॉकडाउन नहीं होता, सूचनाओं से अपडेट रहिए, यही तो असली संपत्ति है #Opinion #Columnist

15-06-2021 06:56:00

डॉ. एम. चंद्र शेखर का कॉलम: सूूचनाओं का कभी लॉकडाउन नहीं होता, सूचनाओं से अपडेट रहिए, यही तो असली संपत्ति है Opinion Columnist

आज के प्रतिस्पर्धी समाज में व्यक्ति को खुद से जिंदगी गुजारने के लिए बस थोड़ी सी बहुमूल्य सूचना की जरूरत है। दशकों से रेडियो, टीवी और समाचार पत्र विश्वसनीय जानकारी के स्रोत बने रहे हैं। एक जमाने में सूचनाओं से भरा सुबह-शाम का रेडियो बुलेटिन ही सबसे विश्वसनीय होता था। माध्यम बदलते रहे, लेकिन सूचना की महत्ता नहीं बदली। | There is never a lockdown of information, stay updated with information, this is the real asset

डॉ. एम. चंद्र शेखर का कॉलम:सूूचनाओं का कभी लॉकडाउन नहीं होता, सूचनाओं से अपडेट रहिए, यही तो असली संपत्ति है9 घंटे पहलेकॉपी लिंकडॉ. एम. चंद्र शेखर, असि. प्रोफेसर, इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइज, हैदराबादआज के प्रतिस्पर्धी समाज में व्यक्ति को खुद से जिंदगी गुजारने के लिए बस थोड़ी सी बहुमूल्य सूचना की जरूरत है। दशकों से रेडियो, टीवी और समाचार पत्र विश्वसनीय जानकारी के स्रोत बने रहे हैं। एक जमाने में सूचनाओं से भरा सुबह-शाम का रेडियो बुलेटिन ही सबसे विश्वसनीय होता था। माध्यम बदलते रहे, लेकिन सूचना की महत्ता नहीं बदली।

टोक्यो ओलंपिक: पुरुष हॉकी टीम सेमी फ़ाइनल में बेल्जियम के सामने, पीएम मोदी बोले- मैच देख रहा हूँ - BBC Hindi टोक्यो ओलंपिक: सेमी फ़ाइनल मुक़ाबले में बेल्जियम भारत से 4-2 से आगे - BBC Hindi परमाणु सौदा तुड़वाने के लिए चीन ने लेफ़्ट पार्टियों का लेना चाहा था सहारा? - BBC News हिंदी

आज से पहले, अभी और आगे भी सूचनाएं धन-संपत्ति या संपदा जुटाने में मदद करती रहेंगी। वह सूचना या जानकारी जो किसी के निजी संपर्कों या नेटवर्क से हासिल की जाती है जैसे कि डॉ. सांद्रा नवीदी अपनी किताब ‘सुपर हब्स’ में कहती हैं नेटवर्क, नेटवर्थ है। अक्सर उस व्यक्ति के नेटवर्क से आने वाली बहुमूल्य सूचना बताती है कि वह व्यक्ति कितना धनवान है या हो सकता है। बावजूद इसके उस बहुमूल्य जानकारी के लिए जरूरी नेटवर्क तक आबादी के उच्च वर्गीय पांच फीसदी लोगों की ही पहुंच होती है।

नेटवर्क के जरिए नए प्रोजेक्ट, राजनीति, नियमन, टैक्स और छूट आदि से जुड़ी गुप्त और विश्वसनीय जानकारी उनके पास आम आदमी तक पहुंचने से पहले पहुंच जाती है। उदाहरण के लिए एक प्रमुख आईटी कंपनी के सह-संस्थापक उसी कंपनी के 100 करोड़ रुपए के शेयर खरीदते हैं। अगले ही दिन आईटी कंपनी के लिए फायदेमंद एच1बी वीज़ा से संबंधित खबर सामने आती है और कंपनी के शेयर का मूल्य बढ़ जाता है। ये इत्तेफाक है या कुछ और, पर पहले से मौजूद सूचनाओं के आधार पर हाईएंड नेटवर्क के जरिए पैसा बनाने का अच्छा उदाहरण है। headtopics.com

सूूचनाओं का कभी लॉकडाउन नहीं होता। साल के 365 दिन, सप्ताह के सातों दिन सूचनाएं तैरती रहती हैं। इंसानों को गुमान है कि तकनीक में हुई प्रगति के कारण उन्हें सबकुछ पता है। हालांकि वही इंसान कोरोनावायरस से लड़ रहा है और इससे छुटकारा पाने के लिए किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहा है। जीवनयापन के लिए सूचनाओं की जरूरत हर किसी को है। छात्र अपने कॅरिअर की योजना में जानकारी और सूचनाओं के लिए शिक्षक पर निर्भर है, तो कर्मचारी अपने बॉस या कंपनी से कॅरिअर में उन्नति की उम्मीद कर रहा है।

एक दोस्त दूसरे दोस्त से जानकारी लेता है। इनमें सब सिर्फ बहुमूल्य जानकारी ही चाहते हैं, क्योंकि ये सही समय और तथ्यों पर आधारित होती है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों को लगता है कि गूगल ही सबकुछ है और उससे आने वाली जानकारी बेशकीमती है। सोशल मीडिया ने भी सूचनाओं में सेंध लगाई है, लेकिन इसकी विश्वसनीयत संदेह के घेरे में रहती है। दूसरी ओर इसका हद से ज्यादा इस्तेमाल बुद्धिमत्ता को धीमा कर रहा है।

मलयाली सिनेमा की फिल्म ‘दृश्यम-2’ का उदाहरण लेते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे नेटवर्क के जरिए जुटाई गई जानकारी अप्रत्याशित और अनिश्चित या विपरीत हालातों में भी सफल होने के लिए किस तरह मददगार साबित होती है। बहरहाल हम उम्मीद करते हैं कि बहुमूल्य सूचनाओं तक सबकी पहुंच हो।

(ये लेखक के अपने विचार हैं) और पढो: Dainik Bhaskar »

भास्कर एक्सप्लेनर: रिजर्व बैंक डिजिटल रुपया लाने की तैयारी में; जानिए यह आपकी जेब में रखे रुपए से कितना अलग होगा?

भारत में जल्द ही लेन-देन का तरीका बदलने वाला है। आपको रुपए का विकल्प मिल रहा है। होगा तो वह भी रुपया ही, जारी भी रिजर्व बैंक ही करेगा, पर वह प्रिंटेड नोट से बिल्कुल ही अलग होगा। रिजर्व बैंक ही नहीं बल्कि दुनियाभर के केंद्रीय बैंक बिटकॉइन, ईथर जैसी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी के विकल्प के तौर पर डिजिटल करेंसी पर काम कर रहे हैं। | RBI To Launch Digital Rupee Or (Central Bank Digital Currency) CBDC पिछले हफ्ते रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर ने विधि सेंटर फॉर लीगल पॉलिसी के वेबिनार में कहा कि भारत को भी डिजिटल करेंसी की जरूरत है।

चोर गिरफ्तार, बरामद हो गया करोड़ों का माल...खजाने के मालिक का अता-पता नहींपुलिस ने एक बहुत बड़ी चोरी का पर्दाफाश तो कर दिया, करोड़ों रुपये चुराने वाले चोरों को भी पकड़ लिया लेकिन यह धन है किसका, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. जिसका धन है ही सकता है कि वह ज्यादा बड़ा चोर हो, या फिर डाकू ही हो।

सोलर लाइट से जगमगाएगा अमृतसर का स्वर्ण मंदिर परिसर, लग रहा 700 किलोवाट का प्लांटप्रमुख तीर्थस्थल श्री हरिमंदिर साहिब में 700 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया जा रहा है। जल्द ही परिसर सोलर लाइट से जगमगाएगा। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अफसरों को प्रोजेक्ट में पूरा सहयोग देने के निर्देश दिए हैं। Good evening punjab sirs Parnam GURUJI

मिजोरम: नहीं रहा दुनिया की सबसे बड़ी फैमिली का मुखिया, परिवार में 38 पत्नियां, 89 बच्चेदुनिया के सबसे बड़े परिवार के मुखिया माने जाने वाले जिओना चाना का 76 साल की उम्र में निधन हो गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक मिजोरम के सीएम जोरमथांगा ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी.

SL vs IND: चयनकर्ताओं की लगातार अनदेखी से निराश उनादकट बोले- हार नहीं मानूंगाSL vs IND: चयनकर्ताओं की लगातार अनदेखी से निराश उनादकट बोले- हार नहीं मानूंगा JaydevUnadkat INDvSL JUnadkat

सुशांत केस से जुड़ा ड्रग्स एंगल: एक बार फिर बॉलीवुड की बदनामी से ज्यादा कुछ नहीं, NCB ने कहा- मामले में अभी जांच बंद नहीं हुई हैसुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग्स केस में अब तक 35 आरोपी सामने आ चुके हैं, लेकिन इनमें रिया चक्रवर्ती को छोड़कर कोई बड़ा नाम नहीं है। इस केस से बॉलीवुड में ड्रग्स लेने की बात फिर सामने आ गई है, लेकिन किसी बड़े स्टार के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला। | Sushant Singh Rajput Death Anniversary: The drugs angle is nothing more than the slander of Bollywood; सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग्स केस में अब तक 35 आरोपी सामने आ चुके है। लेकिन इनमें रिया चक्रवर्ती को छोड़कर कोई बड़ा नाम नहीं है। narcoticsbureau विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं

मां की ताजपोशी का प्रस्ताव ले चाचा के पास गए चिराग, पर नहीं बनी बातपांचों सांसदों ने पशुपति कुमार पारस को पार्टी का नेता चुन लिया। वहीं सांसद चौधरी महबूब अली कैसर को पार्टी का उपनेता चुना गया है।