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डेल्टा और ड्रैगन: चीन की जीरो कोविड पॉलिसी की कीमत चुका रहे हैं मासूम बच्चे

डेल्टा और ड्रैगन: चीन की जीरो कोविड पॉलिसी की कीमत चुका रहे हैं मासूम बच्चे #China #Deltavariant #coronavirus

17-09-2021 17:54:00

डेल्टा और ड्रैगन: चीन की जीरो कोविड पॉलिसी की कीमत चुका रहे हैं मासूम बच्चे China Deltavariant coronavirus

एक वीडियो में नजर आने वाला चार साल का बच्चा लोगों को भावुक कर रहा है। साथ ही चीन की सख्त नीति पर भी सवाल उठा रहा है।

ख़बर सुनेंसिर से लेकर पैर तक सूट में ढका एक छोटा सा बच्चा अस्पताल के कॉरिडोर से गुजरता है तो हर कोई उसे देखने लगता है। चार साल का ये बच्चा कोरोना वायरस से पीड़ित है। ये बच्चा अकेले ही क्वारंटीन से अस्पताल तक पहुंचता है। दरअसल, एक वीडियो में नजर आने वाला ये बच्चा लोगों को भावुक कर रहा है। साथ ही चीन की सख्त नीति पर भी सवाल उठा रहा है।

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ये वीडियो इन दिनों तीन में खूब चर्चा में है। इसका कैप्शन कहता है- चार साल का ये बच्चा कोरोना से पीड़ित है। वीडियो चीन के शहर पुतियन के अस्पताल का है जहां हाल ही में डेल्टा वैरियंट के मामले सामने आने लगे हैं। चीन का ये बच्चा अचानक सभी की नजरों में आ गया है।

ये वीडियो बताता है कि चीन की जीरो कोविड नीति किस कदर महंगी साबित हो रही है, हालांकि इसने देश को कोरोना के संक्रमण से बचाकर भी रखा है। यहां पूरी तरह लॉकडाउन लगा है और रोजाना हजारों लोगों के फिर से टेस्ट हो रहे हैं। संक्रमित लोगों को उनके परिजनों से दूर आइसोलेशन में रखा जा रहा है। headtopics.com

गुरुवार को पुतियन प्रशासन ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि चीन की कोरोना नीति कि भी संक्रमित व्यक्ति को पूरी तरह आइसोलेशन में रखती है। लेकिन अगर किसी बच्चे के साथ माता-पिता भी संक्रमति हों तो उन्हें एक ही वार्ड में रखने की कोशिश होती है।शुरुआत में कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आए कुछ बच्चों को टेस्ट में नेगेटिव पाए जाने के बावजूद क्वारंटीन कर दिया गया था। बाद में इस नीति में ढील दी गई और 14 साल से कम उम्र के बच्चों को क्वारंटीन में उनके माता-पिता के साथ रहने की इजाजत दी गई। लेकिन संक्रमित बच्चों के लिए नियम पहले जैसे ही रहे।

अस्पताल की नर्स झू जांकिंग कहती हैं कि जब उन्होंने एंबुलेंस से बच्चों को उतरते देखा तो उनकी आंखें भीग गई। सभी बच्चे सूट पहने हुए थे। वे लोग देरी से पहुंचे थे क्योंकि एक बच्चा अपने मां-बाप को छोड़ना नहीं चाहता था। एंबुलेंस में बैठने से पहले वो दो घंटे तक रोता रहा।

झू कहती हैं- पहुंचने के बाद इन बच्चों का सीटी स्कैन किया गया, कुछ बच्चे तो इतने छोटे थे कि उन्हें सहारा देकर टेबर पर चढ़ाया गया। इन बच्चों को बिना अभिभावकों के यहां देखना दिल तोड़ देने वाला अनुभव था।चीन के ट्वीटर जैसे प्लेटफॉर्म वीबो पर लोग इसे लेकर भावुक प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने कहा- इसने मेरा दिल तोड़ दिया है। दूसरे यूजर ने कहा- मेरी आंखें रो रही हैं। अधिकतर यूजर्स कह रहे हैं कि आखिर इन्हें अपने माता-पिता के साथ आने-जाने क्यों नहीं दिया जा रहा है।

विस्तारसिर से लेकर पैर तक सूट में ढका एक छोटा सा बच्चा अस्पताल के कॉरिडोर से गुजरता है तो हर कोई उसे देखने लगता है। चार साल का ये बच्चा कोरोना वायरस से पीड़ित है। ये बच्चा अकेले ही क्वारंटीन से अस्पताल तक पहुंचता है। दरअसल, एक वीडियो में नजर आने वाला ये बच्चा लोगों को भावुक कर रहा है। साथ ही चीन की सख्त नीति पर भी सवाल उठा रहा है। headtopics.com

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विज्ञापनये वीडियो इन दिनों तीन में खूब चर्चा में है। इसका कैप्शन कहता है- चार साल का ये बच्चा कोरोना से पीड़ित है। वीडियो चीन के शहर पुतियन के अस्पताल का है जहां हाल ही में डेल्टा वैरियंट के मामले सामने आने लगे हैं। चीन का ये बच्चा अचानक सभी की नजरों में आ गया है।

ये वीडियो बताता है कि चीन की जीरो कोविड नीति किस कदर महंगी साबित हो रही है, हालांकि इसने देश को कोरोना के संक्रमण से बचाकर भी रखा है। यहां पूरी तरह लॉकडाउन लगा है और रोजाना हजारों लोगों के फिर से टेस्ट हो रहे हैं। संक्रमित लोगों को उनके परिजनों से दूर आइसोलेशन में रखा जा रहा है।

गुरुवार को पुतियन प्रशासन ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि चीन की कोरोना नीति कि भी संक्रमित व्यक्ति को पूरी तरह आइसोलेशन में रखती है। लेकिन अगर किसी बच्चे के साथ माता-पिता भी संक्रमति हों तो उन्हें एक ही वार्ड में रखने की कोशिश होती है।शुरुआत में कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आए कुछ बच्चों को टेस्ट में नेगेटिव पाए जाने के बावजूद क्वारंटीन कर दिया गया था। बाद में इस नीति में ढील दी गई और 14 साल से कम उम्र के बच्चों को क्वारंटीन में उनके माता-पिता के साथ रहने की इजाजत दी गई। लेकिन संक्रमित बच्चों के लिए नियम पहले जैसे ही रहे।

अस्पताल की नर्स झू जांकिंग कहती हैं कि जब उन्होंने एंबुलेंस से बच्चों को उतरते देखा तो उनकी आंखें भीग गई। सभी बच्चे सूट पहने हुए थे। वे लोग देरी से पहुंचे थे क्योंकि एक बच्चा अपने मां-बाप को छोड़ना नहीं चाहता था। एंबुलेंस में बैठने से पहले वो दो घंटे तक रोता रहा। headtopics.com

झू कहती हैं- पहुंचने के बाद इन बच्चों का सीटी स्कैन किया गया, कुछ बच्चे तो इतने छोटे थे कि उन्हें सहारा देकर टेबर पर चढ़ाया गया। इन बच्चों को बिना अभिभावकों के यहां देखना दिल तोड़ देने वाला अनुभव था।चीन के ट्वीटर जैसे प्लेटफॉर्म वीबो पर लोग इसे लेकर भावुक प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने कहा- इसने मेरा दिल तोड़ दिया है। दूसरे यूजर ने कहा- मेरी आंखें रो रही हैं। अधिकतर यूजर्स कह रहे हैं कि आखिर इन्हें अपने माता-पिता के साथ आने-जाने क्यों नहीं दिया जा रहा है।

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दैनिक भास्कर से बोलीं कश्मीर की बेटी श्रद्धा बिंद्रू: मैं दुनिया को बताना चाहती हूं कि कश्मीर हमारा है, कोई डरा-धमकाकर हमारे हौसले को पस्त नहीं कर सकता

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चीन की तालिबान से सामने आई हमदर्दी, कहा- अफगानिस्तान की संपत्ति से प्रतिबंध हटाए अमेरिकाएक बार फिर चीन की हमदर्दी सामने आई है। चीन ने बुधवार को तालिबान की इस मांग का समर्थन किया कि अमेरिका को अफगानिस्तान की संपत्ति को अनफ्रीज करना चाहिए। चीन ने कहा कि अमेरिका के पास ऐसा करने का कोई वैध कारण नहीं है। जिन नारंगी बेऔलादों ने देश की जनता को मरने के लिए सड़को छोड़ दिया उस समय मसीहा बनकर SonuSood सोनू सूद आया. Please Retweet I_AM_STAND_WITH_SONU_SOOD Accha babu China is also digging its grave by supporting Taliban......Sooner or later they will understand. Economic gain is one big reason for China and land may be second.......

तालिबान में हिंसक झड़प और मौत की खबरों पर क्या बोले मुल्ला बरादर और हक्कानी?अफगानिस्तान पर कब्जा जमाने के बाद क्या तालिबान में दरार आ गई है? लगातार उठ रहे ऐसे कई सवालों का अब खुद मुल्ला बरादर और अनस हक्कानी ने जवाब दिया है.

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