Indianrailway, Kochi News, Kochi Latest News, Kochi News Live, Kochi News Today, Today News Kochi, Sebastian, Thiruvananthapuram, Legal Notice To Railways, C T Babu, K Radhakrishnan Nair, Window Malfunction Costs Railways, Thrissur, Railways, Window Malfunction, Railways Malfunctioning Window İn Train, Malfunctioning Window, Consumer Disputes Redressal Commission

Indianrailway, Kochi News

ट्रेन की खराब खिड़की के चलते भीग गया मुसाफिर, अब रेलवे को देने पड़ेंगे 8000 रुपये

ट्रेन की खराब खिड़की के चलते भीग गया मुसाफिर, अब रेलवे को देने पड़ेंगे 8000 रुपये #IndianRailway @IRCTCofficial

25-01-2021 12:56:00

ट्रेन की खराब खिड़की के चलते भीग गया मुसाफिर, अब रेलवे को देने पड़ेंगे 8000 रुपये IndianRailway IRCTCofficial

खराब खिड़की के चलते एक यात्री को परेशानी हुई। इसके लिए रेलवे को आठ हजार रुपये का हर्जाना देने को कहा गया है। कुल मुआवजे

मामला सात साल पुराना है। पुथुर के रहने वाले पीओ सेबेस्टियन ने 29 जून, 2013 को जन शताब्दी एक्सप्रेस में त्रिशूर से तिरुवनंतपुरम की यात्रा की थी। यात्रा के दौरान भारी बारिश हो रही थी लेकिन उनके कोच की स्लाइडिंग खिड़की खराब थी, जिसकी वजह से उनके कपड़े और सामान भीग गया।

आजतक सबसे तेज: समाचार तमाशा नहीं, भरोसा है फैक्ट चेक: अक्षय कुमार ने सरकार से नहीं की रोजगार देने की मांग, फर्जी है ये तस्वीर भारत-इंग्लैंड टेस्ट: पिच की किच-किच से जीत हुई बेस्वाद - BBC News हिंदी

सेबेस्टियन के मुताबिक उन्होंने ट्रेन में मौजूद टीटीई से खिड़की की मरम्मत करवाने या उसे सुविधाजनक सीट पर शिफ्ट करने का अनुरोध भी किया था, जिसके जवाब में टीटीई ने मदद करने का वादा तो कर दिया, लेकिन इसके बाद कुछ नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान अपनी कठिनाई के बारे में उन्होंने तिरुवनंतपुरम में स्टेशन मास्टर को भी सूचित किया था, लेकिन उनकी तरफ से भी कोई अनुकूल प्रतिक्रिया नहीं मिली थी।

रेलवे के इस व्यवहार से तंग आकर उन्होंने एडवोकेट वी. एम. विनोष के जरिये रेलवे को कानूनी नोटिस भेजा था, जिसमें 50 हजार रुपये के मुआवजे की मांग की गई थी। इसके अलावा उन्होंने उपभोक्ता अदालत में भी एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में उन्होंने बताया कि रेलेवे की वजह से यात्रा के दौरान उनका स्वास्थ्य खराब हो गया था। उन्होंने अदालत को एक चिकित्सा प्रमाण पत्र भी दिखाया था, जिसमें उन्होंने बीमार होने और तनाव झेलने का दावा किया था। इस याचिका पर ही अदालत ने रेलवे को उन्हें 8,000 रुपये हर्जाना देने का आदेश दिया है। headtopics.com

रेलवे की जिम्मेदारी यात्रियों को उनके गंतव्य तक समय पर पहुंचाने के साथ ही ट्रेनों को भी दुरुस्त रखना है। अगर इस व्यवस्था में गड़बड़ी की वजह से किसी यात्री को नुकसान होता है तो रेलवे को हर्जाना देना होगा। ऐसे ही एक मामले में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक यात्री को हुई परेशानी के चलते आठ हजार रुपये का हर्जाना अदा करने का आदेश दिया है।

विज्ञापनपांच हजार रुपये मानसिक पीड़ा के लिए देने के आदेशदरअसल, ट्रेन में सफर के दौरान में से पांच हजार रुपये यात्री को हुए मानसिक पीड़ा के लिए और बाकी रकम मुकदमेबाजी की लागत के तहत देने के आदेश मिले हैं।क्या है मामला?मामला सात साल पुराना है। पुथुर के रहने वाले पीओ सेबेस्टियन ने 29 जून, 2013 को जन शताब्दी एक्सप्रेस में त्रिशूर से तिरुवनंतपुरम की यात्रा की थी। यात्रा के दौरान भारी बारिश हो रही थी लेकिन उनके कोच की स्लाइडिंग खिड़की खराब थी, जिसकी वजह से उनके कपड़े और सामान भीग गया।

टीटीई ने नहीं की मददसेबेस्टियन के मुताबिक उन्होंने ट्रेन में मौजूद टीटीई से खिड़की की मरम्मत करवाने या उसे सुविधाजनक सीट पर शिफ्ट करने का अनुरोध भी किया था, जिसके जवाब में टीटीई ने मदद करने का वादा तो कर दिया, लेकिन इसके बाद कुछ नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान अपनी कठिनाई के बारे में उन्होंने तिरुवनंतपुरम में स्टेशन मास्टर को भी सूचित किया था, लेकिन उनकी तरफ से भी कोई अनुकूल प्रतिक्रिया नहीं मिली थी।

50 हजार रुपये के मुआवजे की मांग की थीरेलवे के इस व्यवहार से तंग आकर उन्होंने एडवोकेट वी. एम. विनोष के जरिये रेलवे को कानूनी नोटिस भेजा था, जिसमें 50 हजार रुपये के मुआवजे की मांग की गई थी। इसके अलावा उन्होंने उपभोक्ता अदालत में भी एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में उन्होंने बताया कि रेलेवे की वजह से यात्रा के दौरान उनका स्वास्थ्य खराब हो गया था। उन्होंने अदालत को एक चिकित्सा प्रमाण पत्र भी दिखाया था, जिसमें उन्होंने बीमार होने और तनाव झेलने का दावा किया था। इस याचिका पर ही अदालत ने रेलवे को उन्हें 8,000 रुपये हर्जाना देने का आदेश दिया है। headtopics.com

गुजरात: दलित व्यक्ति की बारात में शामिल लोगों पर पथराव, नौ के ख़िलाफ़ प्राथमिकी मोदी का पाँच ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था का सपना 2025 तक हो सकेगा पूरा? - BBC News हिंदी सोशल मीडिया की नई गाइडलाइन्स से क्या बदलेगा, देखें पूरा विश्लेषण

विज्ञापनपांच हजार रुपये मानसिक पीड़ा के लिए देने के आदेशविज्ञापनआपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?हांखबर की भाषा और शीर्षक से आप संतुष्ट हैं?हांखबर के प्रस्तुतिकरण से आप संतुष्ट हैं?

हांखबर में और अधिक सुधार की आवश्यकता है? और पढो: Amar Ujala »

'एक लड़की को पिलाना चाहता था जहर', देखें उन्नाव केस के बड़े खुलासे

उन्नाव में दलित परिवार की दो लड़कियों की संदिग्ध मौत के मामले में यूपी पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि शुक्रवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मुख्य आरोपी का नाम विनय उर्फ लंबू है. वहीं दूसरा आरोपी विनय का दोस्त है जो नाबालिग है. पुलिस ने बताया कि विनय एक लड़की से प्रेम करता था. उसने उसके सामने प्रस्ताव भी रखा था. लेकिन उसने ठुकरा दिया.

IRCTCofficial Nice 👍 lots of windows are in poor condition. IRCTCofficial ऐसे तो मेरी भी टट्टी निकल गई थी एक बारी मुझे तो ₹10 भी नहीं है साबुन क्यों इन्होंने