टोक्यो ओलंपिक के आयोजन में अभी भी क्या हैं चुनौतियां - BBC News हिंदी

टोक्यो ओलंपिक: जापान में कोरोना के बढ़ते मामले, क्या फिर भी होंगे खेल?

29-05-2021 14:23:00

टोक्यो ओलंपिक: जापान में कोरोना के बढ़ते मामले, क्या फिर भी होंगे खेल?

टोक्यो ओलंपिक खेलों को शुरू होने में अब दो महीने से भी कम समय रह गया है. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने कहा है कि खेलों का आयोजन अपने तय वक़्त पर होगा.

समाप्तओलंपिक खेलों के दौरान 33 खेलों के 339 इवेंट होंगे जो 42 जगहों पर आयोजित किये जायेंगे.वहीं पैरालंपिक खेलों में 539 इवेंट होते हैं. इसमें 22 खेल आयोजित होते हैं जिनके लिए 21 जगहें चिन्हित की गई हैं.ज़्यादातर खेल ग्रेटर टोक्यो क्षेत्र में आयोजित होने हैं. जबकि फ़ुलबॉल के कुछ मैच और मैराथन दौड़ जापान के होकाइडो में आयोजित की जायेगी. इन दोनों ही जगहों पर फ़िलहाल कोरोना महामारी की वजह से इमरजेंसी लगी हुई है.

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इमेज स्रोत,EPAजापान में कोविड की स्थिति कैसी?जापान में तुलनात्मक रूप से कोरोना संक्रमण के मामले कम रहे हैं. लेकिन अप्रैल में संक्रमण की एक और लहर आने की वजह से नये मामलों में उछाल देखा गया है.पिछले साल से अब तक, जापान में कोरोना संक्रमण के कुल सात लाख बीस हज़ार मामलों की पुष्टि हुई है और 12,200 लोग कोविड-19 की वजह से मारे गए हैं.

अप्रैल में कोरोना संक्रमण के मामले एक बार फिर बढ़ने की वजह से ही जापान के अधिकांश क्षेत्रों में इमरजेंसी लगाई गई है जो मई अंत तक लागू रहेगी. हालांकि, जापान के कुछ इलाक़ों में 20 जून तक कड़े प्रतिबंध रहने की बात कही गई है.जापान ने इसी साल फ़रवरी में जाकर अपने यहाँ टीकाकरण अभियान की शुरुआत की. headtopics.com

जापान में अब तक सिर्फ़ तीस लाख लोगों को ही कोविड वैक्सीन लगी है. यह जापान की कुल आबादी का महज़ 2.3 प्रतिशत है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टोक्यो और ओसाका में मई में जाकर बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान शुरू हो पाया है. जापान के ये दोनों शहर ही कोरोना संक्रमण से सबसे ज़्यादा प्रभावित थे.

जापानी प्रशासन का कहना है कि जुलाई अंत तक 65 साल से अधिक उम्र की पूरी आबादी को कोरोना वैक्सीन लगा दी जायेगी.इमेज स्रोत,Reutersइमेज कैप्शन,मई में जाकर जापान में बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान शुरू हो पायाखेलों में कोविड के क्या नियम रहेंगे?जापान ने विदेशी नागरिकों के लिए अपनी सीमाएं बंद की हुई हैं, इसलिए कोई भी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रशंसक खेल देखने के लिए जापान की यात्रा नहीं कर सकेगा.

घरेलू दर्शकों को खेल देखने की अनुमति होगी. लेकिन स्थिति अगर बिगड़ी तो हो सकता है कि बिना दर्शकों के ही खेलों का आयोजन हो और खाली स्टेडियमों में खेल कराये जायें.यह भी पढ़ें:टोक्यो ओलंपिक: दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजन में इस साल क्या है ख़ास?खिलाड़ियों और उनके साथ आने वाले स्टाफ़ के सदस्यों की कोविड जाँच की जायेगी. यह जाँच जापान में प्रवेश करने और वहाँ से लौटते समय, दोनों बार होगी.

अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को क्वारंटीन में तो नहीं रहना होगा, मगर उन्हें स्थानीय आबादी से मिलने-जुलने की अनुमति नहीं होगी.यह ज़रूरी नहीं कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को कोरोना वैक्सीन लगवानी ही होगी. हालांकि, आईओसी के अधिकारियों का अनुमान है कि खेलों की शुरुआत होने तक 80 फ़ीसदी खिलाड़ी वैक्सीन लगवा चुके होंगे. headtopics.com

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खेलों के दौरान सभी खिलाड़ियों की रोज़ाना कोविड जाँच की जायेगी.इमेज स्रोत,Reutersक्या जापान में लोग चाहते हैं कि खेल हों?एक हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, तक़रीबन 70 फ़ीसदी जनता ओलंपिक खेलों के ख़िलाफ़ हैं.राजधानी टोक्यो के अलावा जापान के जिन शहरों में ओलंपिक खेलों के कुछ इवेंट होने थे, उन्हें संक्रमण फैलने के डर से हटा लिया गया है.

मई की शुरुआत में, डॉक्टरों की एक यूनियन ने जापान सरकार से कहा था कि महामारी की इस स्थिति में क्या खेलों के आयोजन को रोका नहीं जा सकता था.जापान के एक नामी उद्योगपति ने भी सरकार के ओलंपिक खेल आयोजित कराने के निर्णय की आलोचना की है.एक ट्वीट में सॉफ़्टबैंक के सीईओ मासायोशी सोन ने कहा कि "ज़्यादातर लोग चाहते हैं कि ओलंपिक खेल ना हों, इन्हें टाल दिया जाये, तो सरकार की क्या मजबूरी है?" उनका यह ट्वीट जापान में काफ़ी वायरल हुआ.

इसके अलावा मई के अंतिम सप्ताह में जापान के एक बड़े अख़बार ने भी खेल रद्द करने की माँग की.खिलाड़ियों के प्रतिनिधियों ने क्या कहा?कई नामी विशेषज्ञ और कई संस्थाएं ओलंपिक खेलों के आयोजन पर चिंता ज़ाहिर कर चुकी हैं.द वर्ल्ड प्लेयर्स एसोसिएशन जो 60 देशों के क़रीब 85 हज़ार खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था है, उसने कहा है कि आईओसी को खेलों के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ और कड़े क़दम उठाने चाहिए, वरना इस खेल आयोजन के नतीजे बहुत ख़राब हो सकते हैं.

जापान में खिलाड़ियों की किसी संस्था या किसी खिलाड़ी ने निजी स्तर पर इस आयोजन के ख़िलाफ़ कोई बड़ा बयान तो नहीं दिया, लेकिन जापान की टेनिस चैंपियन नाओमी ओसाका ने कहा है कि इस मुद्दे पर बहस होनी चाहिए.कुछ नामी लेखकों ने भी यह दलील दी है कि "कोई खेल आयोजन कोरोना का सुपर-स्प्रेडर इवेंट नहीं बनना चाहिए, लोगों की सुरक्षा सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण है, किसी भी तरह के आर्थिक मुनाफ़े से कहीं ज़्यादा." headtopics.com

इमेज स्रोत,EPAअन्य देशों ने ओलंपिक में हिस्सा लेने को लेकर क्या कहा?किसी भी बड़े देश ने ओलंपिक खेलों के आयोजन के ख़िलाफ़ कोई बयान नहीं दिया है.अमेरिका ने जापान में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद, अपने नागरिकों के लिए एक वॉर्निंग जारी की है. लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें विश्वास है कि उनके ख़िलाड़ी इन खेलों में हिस्सा लेंगे.

यह भी पढ़ें:BBC ISWOTY- भावना जाट: सीधे ओलंपिक के लिए चुने जाने की कहानीब्रिटेन ने भी इसी तरह अपने खिलाड़ियों को जापान भेजने की बात कही है.चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि वो भी इन खेलों के आयोजन में जापान का पूरा सहयोग करेंगे. अगले साल (2022) फ़रवरी में वैसे भी चीन में विंटर ओलंपिक खेलों का आयोजन होना है.

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वीडियो कैप्शन,ओलंपिक 2021: क्यों नाराज़ है जापान के लोग?क्या ओलंपिक रद्द हो सकता है?हाँ, ओलंपिक खेलों को रद्द किया जा सकता है. लेकिन बहुत ख़राब परिस्थितियों, जैसे युद्ध या गृह-युद्ध की वजह से ही ऐसा निर्णय लिया जा सकता है.जो भी देश ओलंपिक खेलों के आयोजन के लिए आगे आता है, उसके और आईओसी के बीच हुए क़रार में यह स्पष्ट रूप से लिखा होता है कि ओलंपिक खेलों को रद्द करने का निर्णय सिर्फ़ आईओसी ले सकता है.

आईओसी को 70 फ़ीसदी आमदनी खेलों के प्रसारण के राइट्स बेचकर होती है और क़रीब 18 प्रतिशत आमदनी स्पॉन्सरशिप यानी प्रायोजकों से. अगर टोक्यो ओलंपिक खेल नहीं होते, तो इससे आईओसी को बड़ा आर्थिक झटका लगता.आईओसी लगातार यह कहता रहा है कि इमरजेंसी के दौरान भी खेल सावधानी के साथ बड़ी आसानी से आयोजित कराये जा सकते हैं. लेकिन संस्था के इस दावे पर बहस लगातार जारी है.

इमेज स्रोत,Photoshotइमेज कैप्शन,जापान में एक बड़ा तबका खेलों के आयोजन के ख़िलाफ़ हैजानकारों के अनुसार, अगर जापान आईओसी के साथ अपने अनुबंध को तोड़ता है और आईओसी के निर्णय के ख़िलाफ़ जाता है तो उसके जोखिम और नुकसान, दोनों ही जापान को उठाने होंगे.टोक्यो ओलंपिक खेलों का बजट क़रीब 12.6 बिलियन डॉलर है. हालांकि, कुछ रिपोर्टों में यह कहा गया है कि ओलंपिक खेल कराने की असल क़ीमत इससे लगभग दोगुनी हो सकती है.

बताया जाता है कि ओलंपिक में शामिल सभी पक्षों का इंश्योरेंस होता है, लेकिन अगर ये खेल नहीं हुए तो नुकसान इंश्योरेंस की क़ीमत से कहीं ज़्यादा का होगा.खेल एक बार स्थगित होने और इस अंतरराष्ट्रीय इवेंट में दर्शकों के ना होने से इस आयोजन से होने वाली संभावित आमदनी पहले ही कम हो चुकी है.

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