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जम्मू-कश्मीर: अमित शाह ने 'अनुच्छेद 370' के साथ ही खत्म कर डाले थे 164 कानून, अब घाटी में किसके लिए धुंधली हुई 'रोशनी'

गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू-कश्मीर की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के पहले दिन शनिवार को श्रीनगर पहुंच गए हैं। पांच अगस्त, 2019

23-10-2021 15:02:00

जम्मू-कश्मीर: अमित शाह ने 'अनुच्छेद 370' के साथ ही खत्म कर डाले थे 164 कानून, अब घाटी में किसके लिए धुंधली हुई 'रोशनी' JammuAndKashmir

गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू-कश्मीर की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के पहले दिन शनिवार को श्रीनगर पहुंच गए हैं। पांच अगस्त, 2019

2019 के बाद लागू हुए अधिकांश कानूनजम्मू-कश्मीर में जब तक 'अनुच्छेद 370' व 35(ए) रहा, तब तक केंद्र सरकार के अधिकांश कानून यहां लागू नहीं हो सके। यहां के लोगों को केंद्र सरकार की कई योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका। पांच अगस्त 2019 के बाद एकाएक जम्मू कश्मीर में केंद्र के 170 से अधिक कानून लागू हो गए। इनमें राइट-टू-एजुकेशन, मैंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पैरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट 2001, नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटी एक्ट और बेनिफिट ऑफ वूमेन, चिल्ड्रन एंड डिसेबल्ड पर्सन, आदि शामिल हैं। भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता का अधिकार, ये कानून भी अब जम्मू-कश्मीर में लागू हो गया है। इसके अलावा मिनिस्टर ऑफ स्टेट सेलरी एक्ट में भी बदलाव किया गया। स्टेट लेजिस्लेचर मेंबर्स पेंशन एक्ट 1984 को निरस्त कर दिया गया। डोमिसाइल नीति में व्यापक बदलाव किए गए।

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बाहरी भी खरीद सकते हैं जमीनकेंद्र सरकार ने अन्य राज्यों में रहने वाले लोगों के लिए अब जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदने का रास्ता तैयार कर दिया है। हालांकि अभी तक लोगों की कोई बड़ी संख्या, जमीन खरीदने के लिए आगे नहीं आई है। कुछ ही लोगों द्वारा जमीन खरीदने की बात कही गई है। जम्मू-कश्मीर विकास अधिनियम की धारा 17 से वह वाक्य हटा लिया गया है, जिसमें जमीन खरीदने के लिए राज्य का स्थायी निवासी होने की बात कही गई थी। नियमों में इस तरह का बदलाव होने के बाद, कुछ मामलों को छोड़ दें तो कृषि योग्य भूमि को गैर खेती के कार्यों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई है। जम्मू-कश्मीर से बाहर अन्य राज्यों में शादी करने वाली स्थानीय महिलाओं के पति भी यहां का मूल निवासी प्रमाण पत्र हासिल कर सकते हैं। ऐसा होने के बाद उन्हें कई दूसरी सुविधाएं मिल गई हैं। अब वे भी जम्मू कश्मीर में संपत्ति खरीद सकते हैं। दूसरे स्थानीय लोगों की तरह उन्हें भी सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन जमा कराने का अधिकार मिल गया है। स्थानीय लोगों ने इस निर्णय को एक बड़ी उपलब्धि माना है।

रोशनी एक्ट का घोटाला सामने आयाजम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद डोमिसाइल नीति में भी बदलाव किए गए हैं। केंद्र शासित प्रदेश में अगर कोई व्यक्ति 15 वर्ष तक रहा है, सात साल तक पढ़ाई की है, 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले लोगों और उनके बच्चों को भी यहां का मूल निवासी होने का प्रमाण पत्र दिया जाने लगा है। जम्मू-कश्मीर राज्य भूमि अधिनियम 2001, जिसे 'रोशनी' का नाम दिया गया था, अब यह एक्ट कई पार्टियों के नेताओं और पूर्व नौकरशाहों की नींद हराम कर रहा है। तत्कालीन फारूक अब्दुल्ला सरकार ने जल विद्युत परियोजनाओं की खातिर फंड एकत्रित करने के लिए यह कानून बनाया था। रोशनी एक्ट में भूमि का मालिकाना हक उसके अनधिकृत कब्जेदारों को इस शर्त पर दिया जाना था कि वे बाजार भाव पर भूमि के मूल्य का भुगतान करेंगे। इसके लिए कटऑफ मूल्य 1990 की गाइडलाइन के अनुसार तय किया गया था। सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले किसानों को कृषि के लिए मालिकाना हक दिया दे गया। दो बार इस एक्ट में संशोधन कर दिए गए। 2014 के दौरान सीएजी रिपोर्ट में चौकाने वाला खुलासा हुआ। सरकार को रोशन एक्ट के तहत 25 हजार करोड़ रुपये मिलने थे, जबकि सरकारी खजाने में सिर्फ 76 करोड़ रुपये ही जमा हुए थे। जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के आदेश पर अब सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। अपने परिजनों, रिश्तेदारों और सौदागरों को 'रोशनी' एक्ट के जरिए कोड़ियों के दाम पर जमीन दिलाने वाले नेता व पूर्व नौकरशाह अब जांच एजेंसी के रडार पर हैं। headtopics.com

विस्तारकेंद्रीय को जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे 'अनुच्छेद 370' को समाप्त करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री की यह पहली यात्रा है। अमित शाह ने जिस तरह से एक झटके में 'अनुच्छेद 370' को खत्म किया, उसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में 164 कानूनों को भी निरस्त कर दिया था। इतना ही नहीं, केंद्र सरकार की योजनाओं का फायदा जम्मू-कश्मीर के लोगों को मिले, इसके लिए 138 कानूनों में आंशिक तौर पर या बड़े बदलाव किए गए। इसके बाद ही केंद्र सरकार के 170 कानूनों को जम्मू-कश्मीर में लागू किए जाने का मार्ग प्रशस्त हो सका। सीबीआई ने जब 25 हजार करोड़ रुपये के जमीन घोटाले की जांच शुरू की तो जम्मू कश्मीर पर राज करने वालों को वह 'रोशनी' धुंधली नजर आने लगी।

विज्ञापन2019 के बाद लागू हुए अधिकांश कानूनजम्मू-कश्मीर में जब तक 'अनुच्छेद 370' व 35(ए) रहा, तब तक केंद्र सरकार के अधिकांश कानून यहां लागू नहीं हो सके। यहां के लोगों को केंद्र सरकार की कई योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका। पांच अगस्त 2019 के बाद एकाएक जम्मू कश्मीर में केंद्र के 170 से अधिक कानून लागू हो गए। इनमें राइट-टू-एजुकेशन, मैंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पैरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट 2001, नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटी एक्ट और बेनिफिट ऑफ वूमेन, चिल्ड्रन एंड डिसेबल्ड पर्सन, आदि शामिल हैं। भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता का अधिकार, ये कानून भी अब जम्मू-कश्मीर में लागू हो गया है। इसके अलावा मिनिस्टर ऑफ स्टेट सेलरी एक्ट में भी बदलाव किया गया। स्टेट लेजिस्लेचर मेंबर्स पेंशन एक्ट 1984 को निरस्त कर दिया गया। डोमिसाइल नीति में व्यापक बदलाव किए गए।

बाहरी भी खरीद सकते हैं जमीनकेंद्र सरकार ने अन्य राज्यों में रहने वाले लोगों के लिए अब जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदने का रास्ता तैयार कर दिया है। हालांकि अभी तक लोगों की कोई बड़ी संख्या, जमीन खरीदने के लिए आगे नहीं आई है। कुछ ही लोगों द्वारा जमीन खरीदने की बात कही गई है। जम्मू-कश्मीर विकास अधिनियम की धारा 17 से वह वाक्य हटा लिया गया है, जिसमें जमीन खरीदने के लिए राज्य का स्थायी निवासी होने की बात कही गई थी। नियमों में इस तरह का बदलाव होने के बाद, कुछ मामलों को छोड़ दें तो कृषि योग्य भूमि को गैर खेती के कार्यों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई है। जम्मू-कश्मीर से बाहर अन्य राज्यों में शादी करने वाली स्थानीय महिलाओं के पति भी यहां का मूल निवासी प्रमाण पत्र हासिल कर सकते हैं। ऐसा होने के बाद उन्हें कई दूसरी सुविधाएं मिल गई हैं। अब वे भी जम्मू कश्मीर में संपत्ति खरीद सकते हैं। दूसरे स्थानीय लोगों की तरह उन्हें भी सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन जमा कराने का अधिकार मिल गया है। स्थानीय लोगों ने इस निर्णय को एक बड़ी उपलब्धि माना है।

रोशनी एक्ट का घोटाला सामने आयाजम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद डोमिसाइल नीति में भी बदलाव किए गए हैं। केंद्र शासित प्रदेश में अगर कोई व्यक्ति 15 वर्ष तक रहा है, सात साल तक पढ़ाई की है, 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले लोगों और उनके बच्चों को भी यहां का मूल निवासी होने का प्रमाण पत्र दिया जाने लगा है। जम्मू-कश्मीर राज्य भूमि अधिनियम 2001, जिसे 'रोशनी' का नाम दिया गया था, अब यह एक्ट कई पार्टियों के नेताओं और पूर्व नौकरशाहों की नींद हराम कर रहा है। तत्कालीन फारूक अब्दुल्ला सरकार ने जल विद्युत परियोजनाओं की खातिर फंड एकत्रित करने के लिए यह कानून बनाया था। रोशनी एक्ट में भूमि का मालिकाना हक उसके अनधिकृत कब्जेदारों को इस शर्त पर दिया जाना था कि वे बाजार भाव पर भूमि के मूल्य का भुगतान करेंगे। इसके लिए कटऑफ मूल्य 1990 की गाइडलाइन के अनुसार तय किया गया था। सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले किसानों को कृषि के लिए मालिकाना हक दिया दे गया। दो बार इस एक्ट में संशोधन कर दिए गए। 2014 के दौरान सीएजी रिपोर्ट में चौकाने वाला खुलासा हुआ। सरकार को रोशन एक्ट के तहत 25 हजार करोड़ रुपये मिलने थे, जबकि सरकारी खजाने में सिर्फ 76 करोड़ रुपये ही जमा हुए थे। जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के आदेश पर अब सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। अपने परिजनों, रिश्तेदारों और सौदागरों को 'रोशनी' एक्ट के जरिए कोड़ियों के दाम पर जमीन दिलाने वाले नेता व पूर्व नौकरशाह अब जांच एजेंसी के रडार पर हैं। headtopics.com

Katrina Kaif Vicky Kaushal Wedding: सलमान खान के बॉडीगार्ड शेरा देंगे कटरीना-विक्की की शादी में सिक्योरिटी, फोन ले जाने पर भी लगाई गई है पाबंदी मध्‍यप्रदेश में होमगार्ड को भी पुलिसकर्मियों तरह मिलेगा भोजन भत्ता, लेकिन... पीएम नरेन्द्र मोदी कल पूरा करेंगे पूर्वांचल का सपना, खाद कारखाना व एम्स समेत 9650 करोड़ का देंगे उपहार

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गलत पहचान, गई 14 जान... Nagaland Firing पर सियासी उबाल, देखें हल्ला बोल

नगालैंड में एक गलत पहचान की वजह से 14 लोगों की मौत हो गई. गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में जो बयान दिया उसके मुताबिक सुरक्षाबलों को एक गाड़ी में उग्रवादियों के होने की सूचना मिली थी. गाड़ी आई तो रुकने के लिए कहा गया, नहीं रुकी तो जवानों ने फायरिंग की और 6 लोगों की मौत हो गई. उसके बाद लोगों का गुस्सा भड़का तो बेकाबू भीड़ को कंट्रोल करने की कोशिश में 8 और की जान चली गई. अब नगालैंड को लेकर सियासत तेज है और एक बार फिर से AFSPA को हटाने की मांग शुरु हो गई है. हल्ला बोल में देखें अहम बहस.

गृह मंत्री अमित शाह की तीन दिवसीय जम्‍मू-कश्‍मीर यात्रा शनिवार से, सुरक्षा के कड़े इंतजामगृह मंत्री शनिवार की सुबह 10 बजे श्रीनगर लैंड करेंगे.राजभवन-गुपकर रोड पर, जहां शाह ठहरेंगे, वहां के 20 किमी के दायरे में सुरक्षा के चाकचौबंद इंतजाम किए गए  हैं.अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कश्मीर घाटी की यह पहली यात्रा है. एक सम्मानीय कदंब... गधा है यह तोह Ek vo they aur ek yeh hain.

जम्मू-कश्मीर पहुंचे अमित शाह, ड्रोन और शार्पशूटर तैनात, डल झील पर भी कड़ा पहरागृह मंत्री अमित शाह तीन दिन के कश्मीर दौरे पर हैं। सुरक्षा को देखते हुए चाक चौबंद व्यवस्था की गई है।

जम्मू-कश्मीर: अनुच्छेद-370 हटने के बाद कल पहली बार कश्मीर दौरे पर आएंगे अमित शाह, अतिरिक्त अर्धसैनिक बल तैनातजम्मू-कश्मीर: अनुच्छेद-370 हटने के बाद कल पहली बार कश्मीर दौरे पर आएंगे अमित शाह, अतिरिक्त अर्धसैनिक बल तैनात JammuKashmir AmitShah अपने लिए अतिरिक्त बल की तैनाती। हमारी_भी_सुनलो_सरकार हमारी_भी_सुनलो_सरकार हमारी_भी_सुनलो_सरकार हमारी_भी_सुनलो_सरकार हमारी_भी_सुनलो_सरकार we_want_justice हमको_इंसाफ_चाहिए अगर हिम्मत है तो बिना सुरक्षा के जाकर बताएं कि हमने 370 हटाई और सब शांति है। सुरक्षा के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई बर्बाद होती है जनता मूकदर्शक बनी हुई है।

जम्मू कश्मीर के पुंछ में आतंकियों से मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने संभाला मोर्चापुंछ जिले के भट्टा दुरियन के घने जंगल में छिपे आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चला रहे थे. सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की छोटी-छोटी टुकड़ियों को घेर लिया.

पाकिस्तान के पूर्व राजदूत बोले, जम्मू-कश्मीर में दुबई का निवेश भारत की बड़ी सफलतादुबई के जम्मू-कश्मीर में इन्वेस्टमेंट समझौते के बाद से पाकिस्तान की इमरान सरकार को उनके अपने ही कोस रहे हैं। पूर्व राजदूत अब्दुल बासित ने इमरान खान की विदेशनीति पर जमकर निशाना साधा है।

अनुच्छेद 370 हटने और नागरिकों की हत्या के बीच पहली बार जम्मू-कश्मीर दौरे पर अमित शाह, जानें- पूरा कार्यक्रम5 अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित होने के बाद शाह की यह पहली यात्रा है. इससे पहले शाह ने 2019 में गृह मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के ठीक बाद राज्य का दौरा किया था. उन्होंने तब अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा की समीक्षा की थी और केंद्रीय योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया था. narendramodi_in PMOIndia Modi ji thoda sa petrol ka daam km krwaa dijiye wahi pahale jo INCIndia ke time pe tha 70 rupees wahi kara dijiye🙏🏻🙏🏻 Puchate the na ap ki jeb me kuch pesaa bachne laga ki nhi bachane laga Ab nhi bach raha hai maharaj😭😭😭😭 😂