Jammuandkashmir, Landscam, Gupkargang, Roshnilandscam, Anuragthakur, Farooqabdullah, Anurag Thakur, Farooq Abdullah, Roshni Land Scan, Jammu Kashmir, Gupkar Gang

Jammuandkashmir, Landscam

जम्मू-कश्मीर में जमीन घोटाले पर बोले अनुराग ठाकुर, गुपकार 'ठगबंधन' की पोल खुली

वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार के एक समाचार चैनल से बात करते हुए जम्मू-कश्मीर में

24-11-2020 14:14:00

जम्मू-कश्मीर में जमीन घोटाले पर बोले अनुराग ठाकुर, गुपकार गैंग की पोल खुली JammuAndKashmir LandScam GupkarGang RoshniLandScam AnuragThakur FarooqAbdullah

वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार के एक समाचार चैनल से बात करते हुए जम्मू-कश्मीर में

ठाकुर ने गुपकार गठबंधन को 'ठगबंधन' करार देते हुए कहा कि यह 2001 से चल रहा है। उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला को उन पर लगे आरोपों का जवाब देना चाहिए। नेता-अधिकारी यहां जमीन लूट कर खा गए, अरबों-खरबों की जमीन कौड़ियों के भाव खरीदी। यह जम्मू-कश्मीर के संसाधनों की लूट है।

गणतंत्र दिवस परेड: 7 तरीकों से अलग होगा इस साल का समारोह - BBC News हिंदी चीन की घुसपैठ पर कांग्रेस ने PM मोदी से पूछा- डरें मत, साफ बताएं हालात क्या हैं? यदि ऐसा हुआ तो विकसित देशों को भी कहीं पीछे छोड़ देगा भारत, जानें पूरा मामला और एक्‍सपर्ट व्‍यू

इससे पहले इस मामले में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला पर 7 कनाल जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा करने का आरोप लगाया था। बता दें कि जम्मू-कश्मीर का रोशनी जमीन घोटाला इस वक्त सुर्खियों में है। 25 हजार करोड़ के इस जमीन घोटाले में कई राजनीतिक दलों के नेताओं और नौकरशाहों का नाम सामने आया है, जिनमें फारूक अब्दुल्ला का नाम भी शामिल है।

फारूक अब्दुल्ला पर लगे यह आरोपजम्मू-कश्मीर के रोशनी जमीन घोटाला मामले में फारूक अब्दुल्ला के दामन पर भी दाग लगे हैं। दरअसल, जम्मू के सजवान में फारूक अब्दुल्ला का मकान है, जो 10 कनाल जमीन पर बना हुआ है। आरोप है कि इस 10 कनाल जमीन में 3 कनाल जमीन फारूक अब्दुल्ला की है, जबकि बाकी 7 कनाल जमीन जंगल की है, जिस पर रोशनी एक्ट के तहत कब्जा कर लिया गया। headtopics.com

फारूक अब्दुल्ला ने कही यह बातरोशनी जमीन घोटाला में नाम सामने आने के बाद फारूक अब्दुल्ला ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उस इलाके में सिर्फ मेरा ही घर नहीं है। वहां सैकड़ों घर हैं। यह मुझे परेशान करने की कोशिश है, उन्हें करने दीजिए।यह है रोशनी जमीन घोटाला

बता दें कि जम्मू-कश्मीर राज्य भूमि अधिनियम, 2001 तत्कालीन फारूक अब्दुल्ला सरकार जल विद्युत परियोजनाओं के लिए फंड इकट्ठा करने मकसद से लाई थी। इस कानून को रोशनी नाम दिया गया। इस कानून के अनुसार, भूमि का मालिकाना हक उसके अनधिकृत कब्जेदारों को इस शर्त पर दिया जाना था कि वे लोग मार्केट रेट पर सरकार को भूमि का भुगतान करेंगे। इसकी कट ऑफ 1990 में तय की गई थी। शुरुआत में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले किसानों को कृषि के लिए मालिकाना हक दिया गया।

हालांकि, इस अधिनियम में दो बार संशोधन हुए, जो मुफ्ती सईद और गुलाम नबी आजाद की सरकार के कार्यकाल में हुए। उस दौरान इस कानून की कट ऑफ पहले 2004 और बाद में 2007 कर दी गई। 2014 में सीएजी की रिपोर्ट आई, जिसमें खुलासा हुआ कि 2007 से 2013 के बीच जमीन ट्रांसफर करने के मामले में गड़बड़ी हुई। सीएजी रिपोर्ट में दावा किया गया कि सरकार ने 25 हजार करोड़ के बजाय सिर्फ 76 करोड़ रुपये ही जमा कराए। जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है।

रोशनी जमीन घोटाला मामले में फारूक अब्दुल्ला पर लगे आरोपों पर बात की। यहां उन्होंने कहा कि यह मामला सामना आने के बाद जम्मू-कश्मीर के गुपकार गैंग की पोल खुल गई है।विज्ञापनठाकुर ने गुपकार गठबंधन को 'ठगबंधन' करार देते हुए कहा कि यह 2001 से चल रहा है। उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला को उन पर लगे आरोपों का जवाब देना चाहिए। नेता-अधिकारी यहां जमीन लूट कर खा गए, अरबों-खरबों की जमीन कौड़ियों के भाव खरीदी। यह जम्मू-कश्मीर के संसाधनों की लूट है। headtopics.com

'यौन हमले के लिए स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट जरूरी' वाले बॉम्बे HC के फैसले की निंदा, ओवैसी ने कही ये बात भारत के कृषि क्षेत्र को उद्योगपतियों को सौंप खत्म कर रहे हैं PM मोदी : राहुल गांधी 35 लाख का ट्रैक्टर बना लोगों के आकर्षण का केंद्र, पानी की बौछार का भी नहीं होगा असर

इससे पहले इस मामले में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला पर 7 कनाल जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा करने का आरोप लगाया था। बता दें कि जम्मू-कश्मीर का रोशनी जमीन घोटाला इस वक्त सुर्खियों में है। 25 हजार करोड़ के इस जमीन घोटाले में कई राजनीतिक दलों के नेताओं और नौकरशाहों का नाम सामने आया है, जिनमें फारूक अब्दुल्ला का नाम भी शामिल है।

फारूक अब्दुल्ला पर लगे यह आरोपजम्मू-कश्मीर के रोशनी जमीन घोटाला मामले में फारूक अब्दुल्ला के दामन पर भी दाग लगे हैं। दरअसल, जम्मू के सजवान में फारूक अब्दुल्ला का मकान है, जो 10 कनाल जमीन पर बना हुआ है। आरोप है कि इस 10 कनाल जमीन में 3 कनाल जमीन फारूक अब्दुल्ला की है, जबकि बाकी 7 कनाल जमीन जंगल की है, जिस पर रोशनी एक्ट के तहत कब्जा कर लिया गया।

फारूक अब्दुल्ला ने कही यह बातरोशनी जमीन घोटाला में नाम सामने आने के बाद फारूक अब्दुल्ला ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उस इलाके में सिर्फ मेरा ही घर नहीं है। वहां सैकड़ों घर हैं। यह मुझे परेशान करने की कोशिश है, उन्हें करने दीजिए।यह है रोशनी जमीन घोटाला

बता दें कि जम्मू-कश्मीर राज्य भूमि अधिनियम, 2001 तत्कालीन फारूक अब्दुल्ला सरकार जल विद्युत परियोजनाओं के लिए फंड इकट्ठा करने मकसद से लाई थी। इस कानून को रोशनी नाम दिया गया। इस कानून के अनुसार, भूमि का मालिकाना हक उसके अनधिकृत कब्जेदारों को इस शर्त पर दिया जाना था कि वे लोग मार्केट रेट पर सरकार को भूमि का भुगतान करेंगे। इसकी कट ऑफ 1990 में तय की गई थी। शुरुआत में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले किसानों को कृषि के लिए मालिकाना हक दिया गया। headtopics.com

हालांकि, इस अधिनियम में दो बार संशोधन हुए, जो मुफ्ती सईद और गुलाम नबी आजाद की सरकार के कार्यकाल में हुए। उस दौरान इस कानून की कट ऑफ पहले 2004 और बाद में 2007 कर दी गई। 2014 में सीएजी की रिपोर्ट आई, जिसमें खुलासा हुआ कि 2007 से 2013 के बीच जमीन ट्रांसफर करने के मामले में गड़बड़ी हुई। सीएजी रिपोर्ट में दावा किया गया कि सरकार ने 25 हजार करोड़ के बजाय सिर्फ 76 करोड़ रुपये ही जमा कराए। जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है।

और पढो: Amar Ujala »

Arunachal में China का गांव, Rahul Gandhi का दांव, BRO का मिशन क्लीन! देखें खबरदार

कभी सोचा है आपने सुपरहीरो कौन होते हैं? वो किसी दूसरी दुनिया से नहीं आते. वो हमारे बीच से ही आते हैं. अपने कर्मों से बड़े बड़े करिश्मे करते हैं. एक महीने पहले जो टीम पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 36 रन पर ऑलआउट हो गई थी. आज चौथे टेस्ट में उसी टीम ने सबसे बड़े स्कोर का पीछा करते हुए एक ऐतिहासिक जीत अपने नाम कर ली. आज इस जीत की वजह से क्रिकेट की दुनिया में भारत का तिरंगा शान से लहरा रहा है. भारत में सूर्योदय रोज सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश में होता है. आज विवादों का सूर्य भी वहीं से उगा. एक बार फिर भारत में चीन की घुसपैठ के दावे हो रहे हैं. कुपवाड़ा में बॉर्डर पर सीमा सड़क संगठन ने श्वेत क्रांति की है. ये चीन और पाकिस्तान का मौसम बिगाड़ने और दुश्मन के पैरों तले सड़क खिसकाने वाली रिपोर्ट है. देखें खबरदार, श्वेता सिंह के साथ.

370 की आड़ में यही सब लूटपाट तो चल रही थी अब्दुल्ला , मुफ़्ती और नबी जैसे कांग्रेसी नेताओं की . इसीलिए ये 370 हटने के बाद से परेशान हैं और माँग कर रहे है वापस लाने की किससे कोई भी जाँच नही हो पाए Ye goli maro gang ka sargana hai वैसे चड्डीगैंग की पोल भी खुल चूकि है अंधे लोगो का गांव