चीन के राजदूत की 'दखलंदाज़ी' से चिढ़ा नेपाल

चीन के राजदूत की 'दखलंदाज़ी' से चिढ़ा नेपाल

10-07-2020 04:37:00

चीन के राजदूत की 'दखलंदाज़ी' से चिढ़ा नेपाल

नेपाल में पिछले कुछ समय से सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी में वर्चस्व की लड़ाई छिड़ी है, प्रधानमंत्री ओली और पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड आमने-सामने हैं. और इस राजनीतिक रस्साकशी के बीच नेपाल में चीन की राजदूत हाओ यांकी काफ़ी सक्रिय रहीं.

इमेज कॉपीरइटImage captionप्रचण्ड, ओली और माधव नेपालहालांकि इस बीच चीन की राजदूत हाओ यांकी ने पार्टी को बिखरने से रोकने के लिए अपनी कोशिशें लगातार जारी रखी हैं.उन्होंने नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के सीनियर नेताओं से मुलाकात की और यहां तक कि चीन का संदेश लेकर वे राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से भी मिलने गईं.

सुशांत के कॉल डिटेल्स से हुए कई खुलासे, रिया ने किया था एक्टर का फोन ब्लॉक चीन में फैल रहा नया वायरस, 60 लोग बीमार, 7 लोगों की मौत - trending clicks AajTak LAC तनाव: चीन को इस नई शर्त को भारत ने किया नामंजूर

हाओ यांकी की इस सक्रियता को नेपाल की घरेलू राजनीति में दखल के रूप में देखा जा रहा है.और एनसीपी ने चीन की तरफ़ से किसी दखलंदाज़ी की बात से इनकार किया है. लेकिन बहुत से लोग एनसीपी की सफ़ाई से संतुष्ट नहीं दिखते.इस पर नेपाली अख़बारों की भी प्रतिक्रियाएं आई हैं.

दखलंदाज़ी कबूल नहीं है...इमेज कॉपीरइटETIENNE OLIVEAU/GETTY IMAGESनेपाली भाषा के अख़बार 'नया पत्रिका' ने बुधवार को अपने संपादकीय लेख में लिखा कि चीन धीरे-धीरे नेपाल की घरेलू राजनीति में अपने 'माइक्रो मैनेजमेंट का दायरा' बढ़ा रहा है.अख़बार ने अपने संपादकीय में लिखा,"सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के मतभेदों को सुलझाने के लिए चीनी राजदूत का सक्रिय होना द्विपक्षीय संबंधों और कूटनीति दोनों ही लिहाज से ठीक नहीं है."

एक और नेपाली अख़बार 'नागरिक' ने भी 'नया पत्रिका' की तर्ज पर अपनी बात रखी है.अख़बार लिखता है,"ऐसा लगता है कि नेपाल के अंदरूनी मामलों में दखल न देने की अपनी पुरानी नीति से चीन पीछे हट गया है. नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के अंदरूनी सत्ता संघर्ष में राजदूत हाओ यांकी की सक्रियता को सामान्य बात नहीं माना जा सकता है. इससे पता चलता है कि हम अभी तक स्वतंत्र रूप से फ़ैसले लेने में सक्षम नहीं हो पाए हैं."

कूटनीतिक आचार संहिताइमेज कॉपीरइटImage captionनेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओलीअजीब बात ये हुई कि नेपाल के विदेश मंत्रालय को राजदूत हाओ यांकी की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से हुई मुलाकात के बारे में जानकारी नहीं थी.कुछ अधिकारियों ने अंग्रेज़ी अख़बार 'काठमांडू पोस्ट' से कहा कि राजदूत हाओ यांकी का ऐसा करना कूटनीति के नियमों के ख़िलाफ़ था.

एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर 'काठमांडू पोस्ट' से कहा,"कूटनीतिक आचार संहिता के तहत ऐसा मुलाकातों के समय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को वहां मौजूद होना चाहिए. चूंकि इस मीटिंग का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है, इसलिए हमें नहीं मालूम कि वहां किन मुद्दों पर बात हुई."

चीन ने राजदूत हाओ यांकी की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से हुई मुलाकात को 'रूटीन मीटिंग' बताया.विशेषज्ञ क्या कहते हैं?ऐसा नहीं है कि नेपाल की राजनीति में चीन की बढ़ती दिलचस्पी को लेकर केवल प्रेस और मीडिया शिकायत कर रहे हैं.विपक्षी नेताओं, विदेश नीति मामलों के जानकार और यहां तक कि छात्र भी इस पर सवाल उठा रहे हैं.

दिल्लीः 12 साल की मासूम के साथ दरिंदगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार दिल्ली: हैवानियत का शिकार हुई 13 साल की बच्ची की हालत नाजुक, मिलने पहुंचे केजरीवाल कश्मीर पर भारत का तुर्की को जवाब- हमारे आंतरिक मामले में हस्तक्षेप ना करे

पूर्व विदेश मंत्री और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के चेयरमैन कमल थापा ने ट्वीट किया,"क्या रिमोट कंट्रोल से चल रहा कोई लोकतांत्रिक गणराज्य नेपाली लोगों का फायदा कर सकता है?"इमेज कॉपीरइटImage captionनेपाल के पूर्व विदेश मंत्री कमल थापाकमल थापा की टिप्पणी से ये साफ़ था कि वे राजदूत हाओ यांकी की नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं से हुई मुलाकात का हवाला दे रहे थे.

पूर्व कूटनयिकों और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि एक राजदूत का घरेलू राजनीतिक विवाद को सुलझाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाना असामान्य बात है.नेपाल के लिए पारंपरिक रूप से ये बात सही भी नहीं लगती है.नेपाल में कम्युनिस्ट सरकारभारत में नेपाल के राजदूत रह चुके लोकराज बराल ने 'नेपाली टाइम्स' से कहा,"कुछ साल पहले नेपाल में भारत जिस तरह से दखल देता था, चीन आज वही कर रहा है. चीन अपनी विदेश नीति के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नेपाल की राजनीति के माइक्रो मैनेजमेंट की दिशा में कदम बढ़ा रहा है."

चीन मामलों के विशेषज्ञ रूपक सपकोटा इस मामले को उतनी तवज्जो नहीं देते हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि चीन नेपाल में एक कम्युनिस्ट सरकार देखना चाहेगा.थिंकटैंक 'इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ॉरैन अफेयर्स' के कार्यकारी निदेशक रूपक सपकोटा कहते हैं,"इस वक़्त ये मुलाकात हालात का जायजा लेने के लिए की गई होगी. मुझे नहीं लगता कि सरकार का नेतृत्व कौन करेगा, इसे लेकर उनकी कोई पसंद या नापसंद होगी."

'द हिमालयन टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक़ छात्रों के एक ग्रुप ने इस हफ़्ते की शुरुआत में चीनी राजदूत के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन भी किया था. वे चीनी राजदूत से नेपाल के मामलों से दूर रहने की मांग कर रहे थे.चीन की विदेश नीतिजानकारों का कहना है कि सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के सत्ता संघर्ष को ख़त्म करने की हाओ यांकी कोशिश चीन की आक्रामक विदेशी नीति का ही हिस्सा है. पिछले पांच सालों से चीन हिमालय की गोद में बसे इस छोटे से देश में पांव पसारने की आहिस्ता-आहिस्ता कोशिश कर रहा है. नेपाल में चीनी राजदूत हाओ यांकी की बढ़ती सक्रियता ने भारत के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है.

साल 2018 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से ओली ने चीन के साथ नजदीकियां बढ़ाई हैं वे भारत को नीचा दिखाने से उन्होंने कभी भी संकोच नहीं किया.लेकिन नेपाल में बहुत से लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि प्रधानमंत्री ओली ने एक देश की कीमत पर दूसरे देश का पक्ष लिया है.

उनकी चिंता है कि इससे राजनीतिक रूप से अस्थिर और आर्थिक तौर पर कमज़ोर नेपाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.विदेश नीति का ये असंतुलनइमेज कॉपीरइटGetty Images'माई रिपब्लिका' अख़बार से विपक्ष के एक राजनेता ने कहा,"किसी एक देश का पक्ष लेते समय ओली सरकार को विवेक से काम लेना चाहिए. अगर इस बहुध्रुवीय दुनिया में हम किसी एक शक्ति का पक्ष लेते हैं तो विदेश नीति का ये असंतुलन लंबे समय में हमें नुक़सान पहुंचाएगा."

वुहान में ठीक हुए कोरोना मरीजों में 90% के फेफड़े खराबः रिपोर्ट - Coronavirus AajTak EXCLUSIVE: दुनिया की सबसे ऊंची सड़क पर पहुंचा आजतक, भारत ऐसे बिगाड़ रहा चीन का गेम प्लान! J-K के पूर्व उपराज्यपाल जीसी मुर्मू होंगे नए CAG, राजीव महर्षि की लेंगे जगह

संयुक्त राष्ट्र में नेपाल के स्थाई प्रतिनिधि रह चुके दिनेश भट्टाराई एक कदम और आगे बढ़कर चेतावनी देते हैं कि अगर चीन को नेपाल की राजनीति में गहराई से उतरने का मौका लगा तो इसके उल्टे नतीज़े हो सकते हैं.भट्टाराई ने अंग्रेज़ी अख़बार 'द हिमालयन टाइम्स' से कहा,"मुमकिन है कि चीन सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में एकता देखना चाहता हो लेकिन अगर उसने पार्टी को एक रखने के लिए बार-बार दखल दिया तो नेपाल में मौजूद दूसरे ताक़तवर देशों को इससे परेशानी हो सकती है."

राजनीतिक विश्लेषक जय निशांत भी दिनेश भट्टाराई की बात से सहमत लगते हैं. उन्होंने 'द हिमालयन टाइम्स' से कहा,"अगर चीन ने नेपाल में अपनी गतिविधियां बढ़ाई तो इससे नेपाल को मदद मिलने के बजाय केवल उसकी परेशानी बढ़ेगी." और पढो: BBC News Hindi »

LAC तनाव: चीन को इस नई शर्त को भारत ने किया नामंजूर

पैंगॉन्ग में चीन ने नया पंगा मोल लिया है. कई बार इस विश्व विख्यात झील के फिंगर 5 से पीछे हटने पर राजी होने के बाद भी चीन ने ही रखी है ये नई शर्त. ये शर्त है भारत भी फिंगर 2 से पीछे हटे तब चीनी सेना पीछे हटेगी. जाहिर है चीन फिर से तनाव बढ़ा रहा है, और क्यों बढ़ा रहा है, देखिए हमारी ये रिपोर्ट.

🍯 trap Pushpendra विष कन्या औली की Excess Chini......... Not good for health.... 😂 नेपाल की जनता को अभी चीन से नया नया प्यार हुआ है। उस प्यार के सामने भारत एक खलनायक है जब आंख खुलेगी तब तक बहुत देर हो जायेगी। पाकिस्तान से बुरी हालत होगी एक कर्जे में बुरी तरह डूबे हुवे देश की तरह। भगवान पशुपतिनाथ नेपाली जनता और नेताओं को सद्बुद्धि दे🙏

ये नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी अपने हित के लिए पूरे नेपाल का चीन के हाथों सौदा कर चुकी हैं। इसलिए अब चीनी सरकार जो चाहेगी वही नेपाल की सरकार करेगी। पहले चीन भारत के ख़िलाफ़ नेपाल में नफरत फैलाएगी, जो फिलहाल कर भी रही हैं, और फिर आखिर में नेपाल को अपना बंधुआ मजदूर बना लेगी। Have you no shame ? CCP If this is going on Pakistan nepal will be no longer country.

Bhagao. Nepal ki halat , aaj kal ke HongKong ki hone wali hai , sirf 5 yrs ka wait karo .. sare low & order , China he honge .. Nepal ko samlha bahut jarori hai .. हम को भि ईक ABPNews कि पत्रकार साहिबा HoneyTrap फसाने वालि है । हमको बचाना मत ! फस जाने दो यारो ! I heard that Mother India is going to marry with China

Bikas himself was surrendered, So how can he run? Criminal Police भारतिय समाचार चैनल Fact based news से ज्यादा TRP based news मे बिश्वास करते है। जोर से चिल्लाना, अपने हिसाबसे समाचारमे मसाला डालना and very biased News देना भारतिय समाचार चैनलकी identity है। सबसे बडा लोकतन्त्र का मजाक कैसे बनाते है कोइ इनसे सिखे।

चीन से सभी देश को संबंध खत्म कर लेना चाहिए क्योंकि यह चालबाज और निकम्मा देश है। सहमत हो तो likes करो.... BoycottChina Ab Nepal ko bhi ban karega.. 🤣🤣 चीनी वाइरस से दूर रहने मे ही भलाई है, इस वाईरस से पूरी दुनिया संकट मे है। Social distancing=chinese virus. आज से नेपाल मे भारत का चेनल सब को बन्द करदिया नेपाल सरकार ।। इस कार्य से मै बहुत दुखी हु ।।।।

अभी तो नेपाल को और बेइज़्ज़त होना है mofnepal aajtak Government surrendered to China. Unfortunately weak political power, internal struggle invited parasites to kill democracy. Nepali media still breathing to alive but government decided to destory own crop for few advantage or terror. मन की इच्छा थी हमारी सनम हम तेरे हो पाते दिल हमारा तेरा ही है हम तुझी में,खो जाते

इसकी दखल भीतर तक है लगता है कुछ का चूल्हा जल रहा है रोटियाँ सेक रहें हैं चलो कुछ का काम चल रहा है लोकडाउन में।। Oli ki mauj H Kuch be kaho maal mst h 🦇 She is doing it since long but woke up just now when all done by her.. 🤣😂🤣 She should be thrown out of Nepal. Foreign ambassador must not be allowed in internal politics.

इतनी सुंदर राजदूत होगी तो ओली क्या, कोई भी गोली खा लेगा☺️☺️☺️ चिनी की ज्यादा मात्रा नुकसान करती है। यह नेपाल वाले जितना जल्दी समझ जाए, उतना ही अच्छा है उनके लिए। 'अरे मेरे नेपाल बुलाती है मगर जाने का नही उधर लुटेरा है भूमाफिया उधर जाने का नहीं खिलाएगा सोने की गोलियां मगर खाने का नहीं अरे मेरे नेपाल बुलाती है मगर जाने का नहीं' 🤣🤣😁😁

चीन के एक देश के खिलाफ दूसरे देश को उकसा आता है दुनिया के लिए मुसीबत है चाइना china india k against uske apne dost he khara kar raha hai. Kher pakistan toh kiska saga nahi. pakistani sponserd Pissfulls be like😂 She that finally figured out her worth, has picked up her suitcases of pride and boarded a flight to freedom, which landed in the valley of change.

नेपाल में चीन के कतपुतली pm ओली साजिशतन हिंदुस्तान सें संबंघ बिगाड़े और चीन को नेपाल कि जमीन में कब्जा करने दिया नही तो जैसे पड़ोसी देश भूटान कि डोकलाम में रक्षा किया था वैसे ही मित्र देश नेपाल कि भी रक्षा करता चीन का कम्युनिष्ट एजेंट है ओली नेपाल को बचना है तो ओली को भगाना है Hmm लगता है चीनी कम्युनिस्ट पार्टी इस बार बीबीसी को हफ्ता नही पहुँचाई

अभी भी मौका है नेपाल अपनी सोच को बदले चीन पर भरोसा करना छोड़ दे अन्यथा चीन उसे कहीं का नहीं छोड़ेगा। उसे भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहिए भारत ने हर वक्त उसकी भलाई की है और करेगा भी। नेपाल वाले लगता है आजकल कुछ ज्यादा ही तीखी चटनी खा रहे है मोमोस के साथ... सबके साथ पंगा लिया पड़े है.. पहले मंजूरी अब ना मंज़ूर । अजब खेल

Tum kis country ke side lete ho BC ke clear hi nhi hota hai Aisi dakhalandaji india me bhi krni chahiye ek baar 😍😍

नेपाल: टूट के कगार पर एनसीपी, राजनीतिक संकट को भुनाने की कोशिश में लगा चीननेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड की बातचीत नाकाम होने के बाद kpsharmaoli Lmao kpsharmaoli आप लोगो ने जोडदिए,कहाँ टुटी ! कमसे कम दूसरेको नकारात्मक बाट मत करियेगा ! येह सोच से आप लोग कैसे विश्व शक्ति होंगे / शभ्य होनेक जरुरि होता हे ! kpsharmaoli China is using Nepal just as it's play thing if situation demands then china can overtake Nepal without even thinking for once.

नेपाल सरकार की एक और चाल, मैत्री पुल पर लगाया 'नेपाल सीमा' प्रारंभ का बोर्डनेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे को लेकर विवाद जारी है। पीएम ओली के हाथ से उनकी कुर्सी जा सकती है लेकिन

चीन की राह पर नेपालओली सरकार ने नया मानचित्र बना कर जो गलती की है, उसमें सुधार कर पुरानी स्थिति को स्वीकार करें। भारत को नेपाल की राजनीतिक उथल-पुथल वाले इस वक्त को कतई नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। भटके हुए नेपाल को सही रास्ते पर लाने के लिए अच्छी कोशिश करना इस समय का तकाजा है।

कोरोना की उत्पत्ति की जांच के लिए चीन जाएगी डब्ल्यूएचओ की टीम, मिली मंजूरीकोरोना की उत्पत्ति की जांच के लिए चीन जाएगी डब्ल्यूएचओ की टीम, मिली मंजूरी Coronavirus covid19 WHO ChinaCoronaVirus china lies people died. IndiaFightAgainstcorona UnitedAgainstchina Boycottchina Boycottmadeinchina Boycottchineseproducts Jana bhi chahiye puri duniya isase tabah huyi ak jhuth se chaina ke ise ujagar hona hi chahiye

कोरोना के सहारे नेपाल में अपनी कुर्सी बचाना चाहते हैं पीएम ओली, राष्ट्रपति से की चर्चाकोरोना के सहारे नेपाल में अपनी कुर्सी बचाना चाहते हैं पीएम ओली, राष्ट्रपति से की चर्चा kpsharmaoli NepalPM KPSharmaOli COVID19 Coronavirus

2021 की सर्दियों में भारत में प्रतिदिन 2.87 लाख नए कोरोना केस की आशंकाका घाबरवताय Wah kiya baat he मोदी है तो मुमकिन होगा।