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चीन को साधने के लिए बाइडन को पड़ेगी भारत की जरूरत, ट्रंप की तरह नहीं होंगी आक्रामक पॉलिसी

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22-01-2021 08:50:00

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बाइडन के कार्यकाल में चीन के प्रति उनकी नीतियांं कैसी होगी? इसको लेकर जानकार मानते हैं कि बाइडन चीन को रोकने के लिए भारत को पूरी तवज्‍जो देंगे। वहीं ईरान को लेकर भी उनकी पॉलिसी पूर्व राष्‍ट्रपति से कुछ अलग होगी।

अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन के सत्‍ता संभालने के बाद उनकी चीन और ईरान को लेकर कैसी पॉलिसी होगी इसको लेकर फिलहाल विशेषज्ञ कयास ही लगा रहे हैं। हालांकि ये कयासबाजी भी बाइडन के पुराने बयानों को ध्‍यान में रखते हुए लगाई जा रही है। आपको बता दें कि ओबामा प्रशासन में बाइडन उपराष्‍ट्रपति के रूप में काम कर चुके हैं। चीन और ईरान दोनों ही पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका से तनाव की बड़ी वजह बनी थीं। इस दोनों देशों के बारे में जवाहरलाल नेहरू के प्रोफेसर एके पाशा का मानना है कि अमेरिका चीन को साधने के लिए भारत को तवज्‍जो देगा।

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दैनिक जागरण से बात करते हुए उन्‍होंने कहा कि अमेरिका मौजूदा समय में आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा है और ऐसे में वो भारत को एक बड़े बाजार के तौर पर देखता है। बाइडन अपने कार्यकाल में चाहेंगे कि उनकी कंपनियों की पहुंच भारतीय बाजारों तक आसानी से हो सके। इसके अलावा वो भारत की रूस पर हथियारों को लेकर जो निर्भरता है उसको भी कम करना चाहेंगे। वो चाहेंगे कि भारत हथियारों की खरीद के लिए अमेरिका की तरफ अधिक झुकाव रखे। यही वजह है कि भारत को बाइडन के कार्यकाल में पूरी तवज्‍जो मिलेगी।

जहां तक चीन का सवाल है तो प्रोफेसर पाशा का कहना है कि ड्रैगन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए बाइडन काफी कुछ उसी दिशा में काम करेंगे जिस तरह से पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप कर रहे थे। हालांकि उनकी नीतियों में पूर्व की तरह आक्रामकता नहीं दिखाई देगी। उनके मुताबिक अमेरिका के नए राष्‍ट्रपति चीन को रोकने के लिए क्वाड्रीलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग (क्वॉड) को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। इसमें भारत, अमेरिका, जापान और आस्‍ट्रेलिया शामिल हैं। उनका ये भी कहना है कि बाइडन मुमकिन है कि चीन के ऊपर लगे प्रतिबंधों को भी कम कर दें। हालांकि चीन के प्रति नीति बनाते समय और इसको लागू करते समय वो भारत का भी ध्‍यान जरूर रखेंगे। चीन की बढ़ती आर्थिक और सैन्‍य ताकत को रोकने के लिए वो भारत का सहयोग भी करेंगे और इसमें भारत की मदद भी करेंगे। headtopics.com

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