चीनी सामान कम ख़रीदने लगा भारत, पर चीन को भारतीय सामानों की बिक्री बढ़ी, ऐसा कैसे?

चीनी सामानों की ख़रीद घटी, पर चीन को भारतीय सामानों की बिक्री बढ़ी, ऐसा कैसे?

10-08-2020 18:18:00

चीनी सामानों की ख़रीद घटी, पर चीन को भारतीय सामानों की बिक्री बढ़ी, ऐसा कैसे?

जनवरी से जून तक चीन से होने वाले आयात में कमी आई है. मगर दूसरी तरफ़ भारत से चीन को होने वाला निर्यात बढ़ गया है. तो ऐसा कैसे हो रहा है?

शेयर पैनल को बंद करेंइमेज कॉपीरइटNARENDRA MODI/TWITTERप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्रैल में पहली बार आत्मनिर्भरता के नारे और चीन के साथ मई से सीमा पर शुरू हुए तनाव के बावजूद पिछले तीन महीने से द्विपक्षीय व्यापार में बढ़ोतरी हुई है.सरहद पर हिंसक टकराव के बाद से भारत सरकार ने चीनी आयात पर निर्भरता को कम करने के मक़सद से कुछ ठोस क़दम उठाये हैं जिनमें चीन से टीवी और मोबाइल फ़ोन आयात पर अंकुश लगाया जाना शामिल है.

IPL 2020: RCBvsMI- सुपर ओवर में जीती आरसीबी, मुंबई के ईशान ने जीता दिल - BBC News हिंदी IPL में पहली बार 200+ रन बनाने के बावजूद मैच टाई हुआ, रन चेज करते हुए मुंबई इंडियंस ने आखिरी 5 ओवर में रिकॉर्ड 89 रन बनाए IPL 2020: RCBvsMI- विराट फिर फेल, बैंगलोर ने मुंबई को दी 202 की चुनौती - BBC News हिंदी

लेकिन चीन पर नज़र रखने वाले विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर इन क़दमों का असर हुआ तो अगले तीन महीने के बाद ही इसका ठीक से पता चलेगा.विशेषज्ञ कहते हैं कि प्रतिबंध मतलब ये नहीं है कि भारत-चीन द्विपक्षीय व्यापार तेज़ी से कम हो जाएगा.दिल्ली में FORE स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट में चीनी मामलों के विशेषज्ञ डॉक्टर फ़ैसल अहमद कहते हैं,"ये (चीन के ख़िलाफ़ अंकुश लगाना) एक उपकरण है जिसका इस्तेमाल सीमा पर तनाव पर नाराज़गी व्यक्त करने के साथ-साथ द्विपक्षीय व्यापार में असंतुलन को कम करने का एक प्रयास भी है."

वो आगे कहते हैं,"भारत के लिए चीन के साथ नकारात्मक द्विपक्षीय व्यापार संतुलन एक गंभीर मुद्दा रहा है जिसके कारण भारत सरकार क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) संगठन से बाहर रहने के लिए मजबूर है क्योंकि इससे चीन से आयात में और वृद्धि हो सकती है".

पिछले कई सालों की तरह 2019 में भी द्विपक्षीय व्यापार संतुलन पूरी तरह से चीन के पक्ष में था. लगभग 100 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार में चीन का योगदान दो-तिहाई था.इमेज कॉपीरइटGetty Imagesसंतुलित हो रहा है व्यापारभारत के इन क़दमों की वजह से चीन के साथ द्विपक्षीय व्यापार संतुलन में भारत के पक्ष में मामूली बेहतरी आई है.

दिलचस्प बात ये है कि एक तरफ़ जनवरी से जून तक चीन से आयात में कमी हुई है तो दूसरी तरफ़ भारत से चीन को भेजे गए माल में बढ़ोतरी हुई है.अप्रैल में भारत ने चीन को लगभग 2 अरब डॉलर का सामान बेचा जो जुलाई में बढ़ कर लगभग 4.5 अरब डॉलर हो गया. चीन को भारतीय निर्यात में इस साल जनवरी से जून तक 6.7 फीसदी के हिसाब से वृद्धि हुई है

चीन ने दोनों देशों के बीच ताज़ा छह-मासिक रिपोर्ट आंकड़े जारी किए हैं जिसके अनुसार पिछले साल के मुक़ाबले इस साल जनवरी से जून तक भारत के लिए चीनी आयात में 24.7 प्रतिशत की कमी आयी है. लेकिन अप्रैल से जुलाई के आयात पर नज़र डालें तो पता लगेगा कि इस में हर महीने वृद्धि हो रही है. अप्रैल में चीनी आयात 3.2 अरब डॉलर था जो जुलाई में बढ़ कर 5.6 अरब डॉलर हो गया.

चीनी आयात में कमी पर टिप्पणी करते हुए विशेषज्ञ कहते हैं कि इसके दो मुख्य कारण हैं: लॉकडाउन के दौरान आयात-निर्यात का ठप हो जाना और दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं का सिकुड़ जाना.इमेज कॉपीरइटGetty Imagesवायरस का असर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर बुरी तरह से महसूस किया गया. इसके अलावा भारतीय बंदरगाहों पर चीनी माल के क्लीयरेंस में देरी भी इसका एक कारण बताया जाता है.

बिहार चुनावः पप्पू यादव और चंद्रशेखर आज़ाद रावण का गठबंधन - BBC News हिंदी Indian Railways: अब महंगा होने वाला है आपका टिकट, ज्यादा किराया वसूलने की तैयारी में रेलवे Bihar Election 2020: जेपी नड्डा से मिले चिराग पासवान, भाजपा के 27+3 सीटों के ऑफर पर बनती नजर आ रही बात

आर्थिक विशेषज्ञ विवेक कौल कहते हैं कि डेटा पर नज़र डालने से लगता है कि दोनों देशों के नेता और व्यापारी सार्वजनिक तौर पर जो भी रूख़ अपना रहे हों जब असल कारोबार की बात आती है तो वो वही कर रहे हैं जो उनके हित में है.भारतीय व्यापारियों और कॉर्पोरेट्स को लगता है कि चीन से व्यापार करना उनके लिए ठीक है तो व्यापार कर रहे हैं. सवाल ये है कि भारत की तरफ़ से अगर टैरिफ़ बढ़ता है तो क्या तब भी वो चीन से व्यापार करेंगे, ये अभी कहना मुश्किल है.

हालाँकि, चीन में सिचुआन यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ़ इंटरनेशनल स्टडीज के प्रोफ़सर हुआंग युंग सोंग कहते हैं कि साल के पहले छह माह के आंकड़े सिद्ध करते हैं कि महामारी के बावजूद अर्थव्यवस्था की अपनी गति होती है.प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा2020 की दूसरी तिमाही में चीनी इकॉनमी 3.2% की दर से बढ़ी है.

उनके अनुसार महामारी से व्यापार में कमी आई है लेकिन ये कुछ समय की बात है. वो कहते हैं,"आंकड़ें ये भी साबित करते हैं कि एशिया के दो दिग्गज देशों की अर्थव्यवस्थाओं को अलग करने की कोशिश नाकाम रही. ये 21वीं सदी की ज़रुरत है."बढ़ा भारत का निर्यातपिछले तीन महीनों में चीन को भारतीय निर्यात में वृद्धि का कारण बताते हुए आर्थिक विशेषज्ञ कहते हैं इसका मुख्य कारण है चीन को कच्चे लोहे का तेज़ी से निर्यात जो पिछले साल के मुक़ाबले में कई गुना ज़्यादा है.

चीन के सीमा शुल्क डेटा के अनुसार, भारत से कच्चे लोहे की शिपमेंट इस साल जनवरी से जून 20 मिलियन टन हो गई है. साल 2019 के पूरे 12 महीनों में ये केवल 8 मिलियन टन थी.चीन अपनी इकॉनमी को दोबारा हरकत में लाने के लिए इस्पात का उत्पादन बढ़ा रहा है जिसके लिए इसे भारत के कच्चे लोहे की ज़रुरत है और वो ये माल भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया से भी आयात कर रहा है

लगभग 60 चीनी ऐप्स पर पाबंदी लगाने के अलावा, भारत सरकार ने 15 जून को गलवान मुठभेड़ के बाद से चीनी वस्तुओं की आमद को कम करने पर कुछ क़दम उठाए हैं.भारत के विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने दो हफ़्ता पहले स्थानीय विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए रंगीन (कलर) टेलीविजन सेटों के आयात पर प्रतिबंध की घोषणा की.

डीजीएफ़टी ने एक नोटिफिकेशन में कहा,"कलर टीवी का आयात फ्री से रेस्ट्रिक्टेड कर दिया गया है.".किसी वस्तु को आयात की रेस्टिकटेड में रखने का अर्थ ये है कि उस वस्तु के आयात के लिए वाणिज्य मंत्रालय के DGFT विभाग से लाइसेंस लेना होगा.प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

उईगरों ही नहीं चीन में उत्सुल मुस्लिमों पर भी हो रहा अत्याचार, कैमरे से रखी जा रही है नजर FCRA: मोदी सरकार ने छह सालों में क्या NGO के लिए एक मुश्किल दौर बनाया है? - BBC News हिंदी कंगना बंगला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी से पूछा- क्या बाकी मामलों में भी इतनी तेजी दिखाई?

59 ऐप बैन करने के क्या मायने?चीन पर निर्भरता कम होगी?भारत सरकार ने, खास तौर से चीन से संबंध बिगड़ने के बाद से, आत्मनिर्भरता पर ज़ोर देना शुरू कर दिया है. लेकिन ऐसा लगता है कि ये कोशिश चीनी सामानों पर निर्भरता को कम करना है.दिल्ली में चीनी सामानों के व्यापारी दीपक चोपड़ा पूछते हैं कि चीनी कलर टीवी पर रोक लगाने से आत्मनिर्भरता कहाँ आएगी?

वे कहते हैं कि वे पिछले पांच सालों से हाई एंड चीनी टीवी इस्तेमाल कर रहे हैं जिसे उन्होंने 40 हज़ार रुपये में ख़रीदा था, उसी स्तर का सोनी या एलजी टीवी एक लाख रुपये का आएगा.चोपड़ा कहते हैं, "नुक़सान तो उपभोक्ताओं का ही होगा ना?"डॉक्टर फैसल अहमद कहते हैं कि आत्मनिर्भरता का मतलब देशों के बीच निर्भरता का अंत नहीं है.

प्रोफ़सर हुआंग भी भारत में चीनी सामानों की आमद को रोकने की कोशिशों को दोनों देशों के हित में नहीं मानते.वे कहते हैं, "ये कभी भी चीन या भारत के हितों में नहीं होगा. बाहरी ताक़तें एशिया के दो बड़े देशों में"फूट डालो और राज करो" की रणनीति का इस्तेमाल कर रही हैं. चीनी ये देखकर बहुत दुखी होते हैं कि भारत उन ताक़तों के हाथों में खेल रहा है."

इमेज कॉपीरइटAFPदुनिया का हर देश अपने उत्पाद की लागत कम करने की पूरी कोशिश करता है. देश आयात और निर्यात पर पूरी तरह से निर्भर होते भी नहीं हैं.हर देश कम लागत में उत्पादन और वैल्यू चेन पर ध्यान केंद्रित करके विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करता है. और उन्हें ऐसा करना चाहिए क्योंकि यह उनके आर्थिक हित में है.

देश किसी विशेष देश पर निर्भर नहीं रहना चाहते हैं इसलिए यह ज़रूरी है कि चीन और आसियान देशों सहित भारत के सभी व्यापार साझेदारों को यह समझना चाहिए कि आत्मनिर्भरता का मतलब ये नहीं है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की आर्थिक निर्भरता ख़त्म हो जाएगी.डॉक्टर फ़ैसल अहमद ये मानते हैं कि सरहदी मतभेद से आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों पर असर हो सकता है. उनके अनुसार इसका सही अंदाज़ा तीन महीने के बाद होगा.

चीन को उनकी सलाह ये थी,"ये जरूरी है कि चीन अपनी भू-राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को नियंत्रित करने के लिए एक कदम आगे बढ़े, और मेक इन इंडिया के साथ-साथ मेड इन चाइना 2025 कार्यक्रमों के लिए सबके फ़ायदे की स्थिति बनाने में मदद करे." और पढो: BBC News Hindi »

सुंदरकांड की सीख, जब तक काम पूरा न हो, हमें विश्राम नहीं करना चाहिए, समय कम हो तो बुद्धि का उपयोग करते हुए बाधाएं दूर करनी चाहिए

हनुमानजी से सीख सकते हैं लक्ष्य कैसे हासिल करना चाहिए | Learning of the Sundarkand, moral of sundarkand, ramcharit manas story, sundarkand story, life management tips according to sundrakand

Gandhi weapon Right direction me ja raha hai desh Just propaganda. To capture indian market china has to masquerade as a 'daanveer'. Anti India media Ye Dekho half Educated festival hote h India me to is saal ke normal months se jyda hoga pr pichle saal se to km h ye nhi dekha झुठ आज भी सब मिलता है इस देश में। मोबाईल और सभी कंप्यूटर पार्ट आज भी चाइना से ही आ रहे हैं। कहने को शोर है पर ये सरकार ही चोर है

डाटा को तोड़ने-मरोड़ने के अलावा क्या आता है इस सरकार को Bane chahe dushman zamaana, salamat rahe dostana humara लॉक डाउन जो हैं भाई बिहार के छपरा से BJP सांसद जनार्दन सिंह और उनके समर्थकों को बाढ़ पीड़ितों ने पीटा। ये कुटाई सांसद की ही नही बल्कि दिल्ली में बैठी निकम्मी मोदी सरकार की हो रही है IYCBihar jitupatwari LambaAlka NayakRagini INCIndia shaktisinhgohil

ये ब्रेन वाश है,जो भारतीयों का कर रही है....BoycottMadeInChina चीन पर भरोसा करने का मतलब है खुद को धोखा देना।... Modi hai to mumkin hai🐅 भारत के सामान की बिक्री उतनी ही है जितनी पहले थी हां चीन के सामान की भारत में बिक्री बहुत कम हो गई है इसलिए अनुपात में ज्यादा लग रहा है, ऊपर से से यहां कोरोनावायरस से भय का माहौल हर जगह लाकडाऊन का खेल, अपने देश का माल ही गोदामों में खराब हो रहा है तो चीन को कौन रोये ?

मोदी_है_तो_मुमकिन_है Bharat hindu rastra reh kr hi apni raksha kr skta he.. Nahi ye dimak jese owesi jese.. Bharat ko tod denge According to real is real but artificial object only for showing up. चीनी सामान पर ही made in India लिख कर बेच दिया होगा चीन को। Chaina dikhava v chal kar raha h apana mall bechane ke chakr me india ka saman jan bujh kar le raha h dhokhe baj h vah lalach me n aye

Boycott China Movement failed by India’s online festive season sales क्योंकि तुम्हारे जैसे देशभक्त सिक्यूलर और विरादर इस देश मे बहुत हैंं। :-) Quality नहीं होता है चीन सामानो में। Kyoki congress nahi h aaj India now believes in Cheeni kam

भारत और चीन पर दुनिया का बहुत कुछ निर्भर करता है : जयशंकरविदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत-चीन मुद्दे पर कहा कि आकार और प्रभाव को देखते हुए भारत और चीन पर दुनिया का काफी कुछ निर्भर DrSJaishankar What about Five_Trillions_Economy 🤔🤔🤔 DrSJaishankar अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा युवा टीम उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष दीपक भारद्वाज ने भारत सरकार से मांग की है कि श्रीनगर ( जम्मू कश्मीर ) के लालचौक का नाम बदलकर भगवान परशुराम चौक के नाम से किया जाए DrSJaishankar Not interested about 'Duniya' but India. Tell the truth. We will support you. China is hoax county itself. We are able and capable to bust their lies. But at lesat you should speak the truth. Don't leave the line.

लद्दाख में चीन को DS-DBO रोड से क्यों लगता है डर?भारत-चीन सीमा पर एक ऐसी जगह भी है जो चीन की हसरतों का जीता जागता श्मशान है. कहने के लिए वह एक आम सड़क है लेकिन शुरुआती दिनों में वो चीन के लिए चुनौती थी. अब चीन ये समझ चुका है कि ये सड़क एक सामरिक चेतावनी भी है. देखिए आखिर डीएस-डीबीओ रोड निर्माण से चीन को क्यों सता रहा है डर? Godimedia are lyk jawano agay bado hum tumhare sath hsi😂 👍👍👍😱 फेकू निति हैं भइया ये

डॉलर से भर रहा है भारत का खजाना, 31 जुलाई तक बना रिकॉर्ड - Business AajTakआर्थिक मोर्च पर कोरोना संकट की वजह से भले कई झटके लगे हैं, लेकिन विदेशी मुद्रा भंडार से लगातार देश का खजाना भरता जा रहा है. पिछले kaise bharr raha hain ? thoda vishtaar se bataye puri duniya corona ki chapet mein udyog dhande bandh hain kaam thapp hain firr konse usse khazana bharr rahe ho firr batao desh ka kitna sona girvi rakha hain wohh chije nhi bataoge ? Hain Naa Jai ho Modiji RahulGandhi hope u hv also read that news...so stopped your nonsense posts.BJP4Delhi BJP4India

India-China Faceoff: चीन को मिलेगा करारा जवाब, भारत ने शुरू किया प्रोजेक्ट 'चीता'India News: Israeli drone fleet with laser guided bombs इजरायली हेरॉन ड्रोन का इस्तेमाल वर्तमान में भारत की तीनों सेनाएं कर रही हैं। सशस्त्र बलों ने इसके लिए 'प्रोजेक्ट चीता' नाम के प्रस्ताव को फिर शुरू किया है। यह प्रस्ताव काफी समय से लंबित है और इस पर 3500 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत आने का अनुमान है। कभी कभी मुलायम भी दे दिया करो, हर समय करारा परोसते रहते हो. India ki puranee aadat hai jab Dushman sir par ho kuwan khoda Jaye.. kayee projects saalon saal file ban Kar MOD me ghumte Hain. clearance tab meeltee hai Jab technology puranee ho jatee saste me market me usase better available hotee hai. Jaise cartography satellites in Kargil Modi ko bolo video gam se uda de china ko...

भारत-चीन सीमा पर भूंकप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.1 रही तीव्रताभारत और पूर्वी जियांग सीमा पर भूकंप के जबरदस्त झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने बताया कि भूकंप ये भूकंप नहीं..... चीन की तरफ से अंडरग्राउंड रेललाइन या फिर भारी हथियारों का आना जाना हो सकता है। May be this earth quake may convince Chinese army to withdraw from the Indian territory in Eastern Ladakh?

ड्रैगन ने किया मिसाइल टेस्ट, क्या परमाणु युद्ध चाहता है चीन?चीन की फितरत से पूरी दुनिया वाकिफ है. जब जब उसने ये दिखाना चाहा है कि वो ही दुनिया का सुपर पावर है, उसने ऐसे कदम उठाए हैं जिसने दुनिया के अमन को खतरे में डाल दिया है. भारत के हाथों गलवाना में मिले जवाब के बाद से वो तिलमिलाया हुआ है, ना पीछे हटने को राज़ी है, ना बातचीत से नतीजे निकालने को. हद तो ये हो गई कि वो एलएसी पर अब परमाणु हथियार जमा कर रहा है. क्या चीन युद्ध चाहता है. देखें वीडियो. SwetaSinghAT माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी आप लोग केवल राजनीतिक बात करेंगे,हमलोगों कि बारे में कोई नहीं जबाब देता है हमलोगों ने पिछले चार महिने से ज्यादा हो गया है एक लेटर भेजे हुए लेकिन कोई जबाब नहीं आया पब्लिक मरते रहे और आपलोग बस राजनीतिक बाते करते रहे SwetaSinghAT Teri bato pe bharosha nhi tu to 2000 ki not me chip h bata rhi thi 🤣🤣🤣🤣🤣 SwetaSinghAT हां कर रहा है। आपके ऊपर ही गिरेगा। 2000 के नोट मत रखना अपने पास। वरना चिप से आपको ढूंढ लेगा।😁😁😁