चांद की सतह पर मिला पानी, तो क्या अब वहां बस सकती है मानव-बस्ती? - BBC News हिंदी

चांद की सतह पर मिला पानी, तो क्या अब वहां बस सकती है मानव-बस्ती?

27-10-2020 15:47:00

चांद की सतह पर मिला पानी, तो क्या अब वहां बस सकती है मानव-बस्ती?

स्पेस एजेंसी नासा का कहना है कि उनकी योजना के मुताबिक़ वे साल 2024 तक पहली महिला और अगले पुरुष को चांद की सतह पर भेजेंगे.

समाप्तएक वर्चुअल टेलीकॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बोलते शोध-पत्र की सह-लेखिका केसी होनिबल ने कहा, "वहाँ जो पानी है वो चांद पर लगभग एक क्यूबिक मीटर मिट्टी में 12 औंस की एक बोतल के बराबर पानी है." यानी चांद के लगभग एक क्यूबिक मीटर आयतन या क्षेत्र में आधे लीटर से भी कम (0.325 लीटर) पानी है. होनिबल मैरीलैंड स्थित नासा के गोडार्ड स्पेस फ़्लाइट सेंटर में पोस्टडॉक्टरल फ़ेलो हैं.

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होनिबल के नासा सहयोगी जैकब ब्लीचर का कहना है कि शोधकर्ताओं को जल-जमाव की प्रकृति समझने की ज़रूरत है. उनका मानना है कि इससे उन्हें यह तय करने मे मदद मिलेगी कि अगर भविष्य में चांद पर किसी तरह की खोज की जाती है तो यह प्राकृतिक संसाधन कितनी मात्रा में सुलभ होंगे.

इमेज स्रोत,इमेज कैप्शन,चांद की सतहचंद्रमा पर पानी होने के संकेत और तथ्य पहले भी मिले हैं लेकिन इस नई खोज से यह पता चलता है कि यह पहले की खोज के अनुमान से कहीं अधिक मात्रा में मौजूद है.मिल्टन केन्स स्थित ओपन यूनिवर्सिटी की ग्रह वैज्ञानिक हनाह सर्जेंट के मुताबिक़, "इस खोज ने हमें चांद पर पानी के संभावित स्रोतों के और अधिक विकल्प दे दिये हैं."

"चंद्रमा पर बेस कहां हो यह बहुत हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि पानी कहां है. "स्पेस एजेंसी का कहना है कि उनकी योजना के मुताबिक़ वे साल 2024 तक पहली महिला और अगले पुरुष को चांद की सतह पर भेजेंगे. यह योजना साल 2030 में नासा के मंगल पर मानव के 'अगले बड़े क़दम' की तैयारी की एक कड़ी है.

वैज्ञानिकों को चंद्रमा पर कैसे मिला पानी?इस खोज के लिए सबसे पहले एक एयरबोर्न-इंफ़्रारेड टेलीस्कोप बनाया गया, जिसे सोफ़िया नाम दिया गया है. यह एक ऐसी वेधशाला है जो वायुमंडल के काफ़ी ऊपर उड़ती है और एक बड़े पैमाने पर सौर मंडल का काफ़ी स्पष्ट दृश्य उपलब्ध कराती है. इंफ्रारेड टेलीस्कोप की मदद से शोधकर्ताओं ने पानी के अणुओं के 'सिग्नेचर कलर' की पहचान की.

शोधकर्ताओं का अनुमान है कि यह लूनर ग्लास के बुलबुलों में या फिर सतह पर मौजूद कणों के बीच जम गया और यही कारण है कि यह कठोर वातावरण होने के बावजूद भी मौजूद है.एक अन्य अध्ययन में वैज्ञानिकों ने हमेशा अंधेरे में रहने वाले क्षेत्र का अध्ययन किया, इसे ठंडे जाल के रूप में जाना जाता है. यहां पानी जमा होने या फिर स्थायी तौर पर मौजूद होने की संभावना हो सकती है. वैज्ञानिकों को दोनों ध्रुवों पर ये ठंडे जाल मिले और उन्होंने इनके आधार पर निष्कर्ष निकाला कि "चंद्रमा की सतह का क़रीब 40 हज़ार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पानी को बांधकर करने की क्षमता रखता है."

इमेज स्रोत,LOCKHEED MARTINइमेज कैप्शन,आर्टवर्क: अंतरिक्षयात्री ओरियन नाम के स्पेसक्राफ़्ट में चांद की यात्रा करेंगेइस खोज के क्या मायने हैं?डॉ. सर्जेंट के मुताबिक़, इस खोज के साथ ही उन जगहों की सूची और बड़ी हो जाएगी जहां बेस बनाया जा सकेगा.आने वाले सालों में चांद के ध्रुवीय क्षेत्रों में कई मिशन भेजे जाने की योजना है लेकिन आने वाले सालों में चांद पर स्थायी आवास बनाने की भी योजना है. यह एक दीर्घकालिक और महत्वाकांक्षी योजना है.

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ओपन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता के मुताबिक़, "निश्चित तौर पर यह कुछ प्रभाव डाल सकता है. इससे हमे कुछ शोध करने के लिए समय मिलता है.""हालांकि हमारे पास ज़्यादा समय नहीं क्योंकि हम पहले से ही चंद्रमा पर बेस तैयार करने की योजना पर काम कर रहे हैं और हम इस ओर आगे भी बढ़ रहे हैं लेकिन निश्चित तौर पर यह आशाजनक है."

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हम एक बार यह समझ जाएं कि इसे निकालना कैसे है तो चांद की सतह पर मौजूद यह बर्फ़ीले पानी की सतह चंद्रमा पर अर्थव्यवस्था के लिए आधार को तैयार करने में मददगार साबित हो सकती है.अगर ऐसा हो पाता है तो धरती से चंद्रमा पर किसी रॉकेट को भेजने की तुलना में, चंद्रमा पर रॉकेट ईंधन बनाना सस्ता हो जाएगा. तो ऐसे में अगर भविष्य में चंद्रमा पर शोध करने वाले धरती पर लौटना चाहेंगे तो वे पानी से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को अलग कर सकेंगे और ईंधन के तौर पर इस्तेमाल कर सकेंगे.

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आज कृषि कानूनों के विरोध में किसान दिल्ली को घेरने की तैयारी में हैं. लेकिन दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी है. उधर, हरियाणा ने भी अपनी सीमाएं सील कर रखी हैं. लेकिन किसान किसी की भी बात सुनने को तैयार नहीं हैं. देखें

Agar sab log Chand bhar jaenge to fir Chand kahan se dekhenge log karva chauth ka upvas kaise rahenge kisko Ko dekhkar kholenge Dharti sambhal ni raha bhosdike .... Chand pe jayenge वहां पर ज़मीन कब खरीदी जा सकती है Are kab se yahi bolte pani mila To yaha 4 din m ek bar pine ka pani q पहले कोरोना का इलाज ढूंढ लो, फिर बसाना बस्ती!

नेताओं ने वहां वोटरों को ज़मीन दे दी है। आप ख़बर लेट लाये हो। तो फिर चलनी से किसको देखेंगे? Chand ko bhi dharti jaisa ganda kar dega manav😞 ब्रिटिश-बीसी, आप सबसे पहेले वहाँ पहुँच जाय, अपने सब पत्रकारों को लेकर... पृथ्वी पर ठीक से रह नहीं पा रहे चांद पे चले है घर बसाने..! बी बीसी इस बस्ती को तो बर्बाद कर दिया। 'चांद को चांद ही रहने दो। 😥

Jao waha agr log huye toh Indian nahi honge ki aaram se 800 saal Islam k 300 saal angrz k gulam bn k reh lenge Raaton raat maar k nikal Bahar karenge 🤪🤪 अभी तो नामुमकिन लगता है लेकिन एक दिन ऐसा आएगा जब चाँद पर जाना औऱ आना ज़िंदगी का हिस्सा बन जाएगा वैज्ञानिकों का।। जैसे अब स्पेस में आते जाते हैं। और चाँद की बहुमूल्य धातुओं का लोग इस्तेमाल किया करेंगे। शायद तब हम न हों पर ये होना जरूर है।

Hum bhi intzar kar rahe hain gola badalne ka kyun ki ab is gole pe bahut nafrat fail gyi hai ...... 😐😐 इंसान और इन्सानियत सब पर मिट्टी पालित हो रही है कंही युद्ध, कंही आतंकवाद, कंही विस्तारवाद, कही जात पात धर्म... धरती पर रहने के काबिल नहीं चाँद पर गंदगी फेलायेंगे l Darti par thak gaye ab chand par jakar maro

इस धरती के अलावा दूसरे किसी भी ग्रह पर जीवन नही Insano ke liye zameen yani earth hai isse alava chand yani moon ya kahi aur rahne ki koshish karenge to kudarat ose maut degi. Samundar, nadi, talab ya nale ke kinare log zameen karid aur bechte hai paisa kamane keliye kudrat ka nizam sabkuch baha lejata hai jab barish hoti hai.

💘 DILWALA _ D143💘 I LOVE SRK 💘 I LOVE SRK 💘 I LOVE SRK I LOVE SRK 💘I LOVE SRK 💘 I LOVE SRK 💘 I LOVE SRK 💘 I LOVE SRK 💘 I LOVE SRK 💘 I LOVE SRK 💘 I LOVE SRK 💘 I LOVE SRK 💘 Kamal h is duniya Mai to maanav ne duniya ganddi kardi murder rape nafrat hevaniyat se upparwale ki naraz kardiya kya ab aasman ki khubsurati ko gandda karenge

That’s very good now we just need whiskey and some peanuts 🥜 or snacks 🥂🥂🥂 I think we're just polluting the space as we've done to the earth and plz explore the space without disturbing the balance. U never know when u hit that very thin line... Mujhe nahi jana hai. Mai or kitna jivunga 80 sal. Earth kam se kam 1k sal to chalegi hi no tension. Agar sab sankalp le to fir se waisa hi bana sakte hain sirf gangediyon ko mouth ke ghat utarna hoga.

अमांं यार तुम भी कहीं भी कुछ भी,तो क्या करें झोला उठा ले? Daaru aur Chakna leke jaana hai bas... paani toh waha mil hi jaayeha... पहले यहाँ वालो को तो पानी पहुँचादो चांद पर तारे भी होंगी.... तारो की बारातें भी होंगी .... उड़न तश्तरी में दूरगामी जीव होंगे .... तमाम शबाब भी होंगे .... महिमा में चन्द्रमा भी होगी ... उसके दीदार को बेकरार भी होंगे...😅

Rehne do...manav basti yahi theek hai..varna chand par na kavita banegi na shayari... Why?

नासा ने चांद की सतह पर खोजा पानी, इंसानी बस्तियां बसाने की वैज्ञानिक उम्मीदें और मजबूतचांद पर इंसानी बस्तियां बसाने की वैज्ञानिक उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं। दरअसल, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चंद्रमा बढ़िया हुआ पानी मिल गया, क्योंकि जिस तरह धरती पर 56/56 इंच के बाबा घूम रहे हैं, उस हिसाब से तो चाँद ही सेफ रहेगा।😉

NASA की बड़ी कामयाबी, चंद्रमा की सतह पर खोजा पानी, इंसानी बस्तियां बसाई जा सकेंगीतुलनात्मक रूप में SOFIA ने चंद्रमा की सतह पर जितनी पानी की खोज की है उसकी मात्रा अफ्रीका के सहारा रेगिस्तान में मौजूद पानी की तुलना में 100 गुना कम है. पानी की इस छोटी मात्रा के बावजूद यह खोज नए सवाल उठाती है कि चंद्रमा की सतह पर पानी कैसे बनता है. JournoAshutosh IAmRepublic JournoAshutosh JournoAshutosh Listen to End SARS 🇳🇬 blood flow 🇳🇬 OG Mili Ybnl046 by OG Mili Ybnl046 on SoundCloud

नासा ने चांद पर खोजा पानी, मानव बस्तियां बसाने की दिशा में बड़ी सफलतावॉशिंगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने सोमवार को बड़ा खुलासा करते हुए चांद की सतह पर पर्याप्त मात्रा में पानी होने की पुष्टी की है। चांद पर पानी उसी हिस्से में मिला है जहां सूरज की रोशनी पहुंचती है। इसे नासा की चांद पर मानव बस्तियां बसाने की योजना की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है।

अमेजॉन की अपील पर रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप की डील पर लगी रोकमामले की सीधे तौर पर जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने आर्बिट्रेशन पैनल के फैसले को लेकर कहा कि रिलायंस और फ्यूचर की डील पर आया यह निर्णय अमेजॉन के लिए व्यापक जीत की तरह है। अब उसे इस डील को रोके जाने के लिए एक तरह से एक आदेश मिल गया है।

चंद्रमा की सतह पर नासा ने खोजा पानी, इंसानी बस्तियों को बसाने में मिलेगी मददसाइंस न्यूज़ न्यूज़: Water on Moon: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चंद्रमा की सतह पर पानी की खोज की है। चंद्रमा की सतह पर पानी सूरज की किरणें पड़ने वाले इलाके में खोजी गई है। इस बड़ी खोज से न केवल चंद्रमा पर भविष्य में होने वाले मानव मिशन को बड़ी ताकत मिलेगी। बल्कि, इनका उपयोग पीने और रॉकेट ईंधन उत्पादन के लिए भी किया जा सकेगा। Ok वेट,,, दारू ले कर आता हूं बोतल भर ले..जी भर पी ले धरती पे तो इंसान सभल नही रहे, धरती तो रोज़ खून से कही न कही लाल होती है, अब चांद को भी खून से लाल करोगे, बख्स तो चांद को।

इस्लाम पर विवादः अर्दोआन ने की फ़्रांस के उत्पाद न ख़रीदने की अपील - BBC News हिंदीफ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कट्टरवादी इस्लाम को लेकर सख़्त रुख़ अपनाया है. Islamophobia in France 🇫🇷 Boycott French Goods सही किया .....मैं इस हैशटैग का समर्थन करता हूँ हमारे प्यारे नबी स.अ.व.की शान में गुस्ताखी नाक़ाबिले बर्दाश्त है यह हैशटैग चलाया जा रहा है आप भी हिस्सा लें टवीट करें अगर लिख नही सकते तो RT करे जो नबी का नही वो हमारा नही। फ्रांस_माफी_मांग Boycott france all products फ्रांस_माफी_मांग boycottfrenchproducts