Canada, Pakistanifamily, Antiısmalic, Hatecrime, कनाडा, पाकिस्तानीपरिवार, इस्लामविरोधीनफरत, इस्लामोफोबिया, İslamophobia

Canada, Pakistanifamily

घृणा और हिंसा के प्रति समाज के रवैये से उसकी सभ्यता का स्तर मालूम होता है

घृणा और हिंसा के प्रति समाज के रवैये से उसकी सभ्यता का स्तर मालूम होता है #Canada #PakistaniFamily #AntiIsmalic #HateCrime #कनाडा #पाकिस्तानीपरिवार #इस्लामविरोधीनफरत #इस्लामोफोबिया #islamophobia

11-06-2021 10:30:00

घृणा और हिंसा के प्रति समाज के रवैये से उसकी सभ्यता का स्तर मालूम होता है Canada PakistaniFamily AntiIsmalic HateCrime कनाडा पाकिस्तानीपरिवार इस्लामविरोधीनफरत इस्लामोफोबिया islamophobia

मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसा सिर्फ भारत में नहीं है. यह एक प्रकार की विश्वव्यापी बीमारी है और यह कनाडा में भी पाई जाती है. लेकिन इस हिंसा पर समाज, सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया क्या है, कनाडा और भारत में यही तुलना का संदर्भ है.

कनाडा के ओंटारियो और भारत के नूह या गाज़ियाबाद या मथुरा का क्या रिश्ता है? यह रिश्ता हिंसा का है या हिंसा के विरोध का?बीते इतवार यानी 6 जून को कनाडा के ओंटारियो प्रदेश के लंदन शहर में एक 20 साल के कनाडावासी ने पाकिस्तानी मूल के एक परिवार के पांच लोगों पर अपनी गाड़ी चढ़ाकर उन्हें कुचल दिया. चार की मौत हो गई, एक मात्र जीवित बचा नौ साल का बच्चा अस्पताल में मौत से जूझ रहा है.

कोरोना महामारी की दूसरी लहर अभी ख़त्म नहीं हुई: डॉ वीके पॉल - BBC Hindi Bihar: विधानसभा के मॉनसून सत्र का बॉयकाट करेगा समूचा विपक्ष, तेजस्‍वी यादव ने किया ऐलान.. MP News: कोरोना जांच में घटिया टेस्ट किट का इस्तेमाल, कांग्रेस ने लगाया घोटाले का आरोप

भारत में इस तरह की घटना नई नहीं है. गाज़ियाबाद, बुलंदशहर, उन्नाव,मथुरा, सोहना, और भी कितने नाम होंगे शहरों, कस्बों और गांवों के जहां मुसलमानों को मारा गया है या उनके खिलाफ हिंसा की गई हैऔर यह सिर्फ पिछले एक महीने की बात है.हिंसा हर जगह है. वह कनाडा में है और भारत में है. भारत को हीन महसूस नहीं करना चाहिए कि यहां मुसलमानों और ईसाइयों पर हमले होते रहते हैं और उनकी हत्या भी की जाती रही है. यह, जैसा इतवार के इस वाकये से जान पड़ता है कनाडा जैसे शिक्षित मुल्क में भी होता है.

हिंसा के मामले में हम, भारतीय कोई अतुलनीय नहीं हैं. मुसलमानों के खिलाफ हिंसा सिर्फ भारत में नहीं है. यह एक प्रकार की विश्वव्यापी बीमारी है. कनाडा में भी यह पाई जाती है.तुलना लेकिन यहां खत्म हो जाती है. यह सच है, जैसा इस हत्याकांड के बाद कनाडा के मेरे मुसलमान मित्रों ने मुझे लिखा, बुरे और हिंसक लोग हर जगह होते हैं. वे भारत में ही नहीं, कनाडा, फ्रांस, अमेरिका में भी होंगे. असली तुलना इसके बाद शुरू होती है. headtopics.com

इस हिंसा पर समाज की, सरकार की, पुलिस की प्रतिक्रिया क्या है, कनाडा में और भारत में, यही तुलना का संदर्भ बनता है. मेरे मित्र ने टोरोंटो से लिखा, ‘…क़ानून यहां बहुत तेजी से काम करता है, दोषी तुरत पकड़ा जाता है और उस पर कानून की सारी सख्त धाराएं लगाई जाती हैं और अगर वह विक्षिप्त नहीं हुआ तो उसे मुनासिब सजा होना तय है.’

दूसरे मित्र ने लिखा, ‘सरकार और प्रशासन के हर स्तर पर इस हिंसा को बहुत गंभीरता से लिया गया है.’ ‘ सारे राजनीतिक दलों ने इसकी भर्त्सना की है,’ पहले मित्र ने लिखा.लिखने वाले मुसलमान हैं. वे इस भयानक हत्याकांड के बाद जिसमें तकरीबन पूरा परिवार मार डाला गया, अपनी सरकार और गैर मुस्लिम कनाडावासियों पर अपना भरोसा जता रहे हैं.

हां! हर जगह ऐसे लोग होंगे जिनके दिमाग में एक अतार्किक हिंसा होगी, जो शैतान होंगे लेकिन समाज तो उसे किसी तरह बर्दाश्त नहीं करता. सरकार, प्रशासन और पुलिस उसके खिलाफ फौरन सक्रिय हो जाती है.इस एक हमले के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो ने ज़रूरी समझा कि वे प्रेस के माध्यम से देशवासियों से बात करें. उन्होंने कहा कि यह दिल तोड़ देने वाली वारदात है. एक परिवार खत्म हो गया है. उन्होंने इस हिंसा पर लीपापोती नहीं की.

उन्होंने कहा कि यह मुसलमान विरोधी घृणा से प्रेरित हिंसा है. उन्होंने स्वीकार किया कि कनाडा में घृणा जीवित है. मुसलमान विरोधी घृणा देश में है. प्रधानमंत्री ने कहा कि घृणा के नतीजे होते हैं. अगर वह दिमाग में हो तो बाहर भी निकलती है.कनाडा के प्रधानमंत्री ने हिंसा को सामान्य हिंसा नहीं कहा. उन्होंने उसे उसका सही नाम दिया और देशवासियों को सावधान किया कि उन्हें इसे पहचानना और इसके खिलाफ सक्रिय होना चाहिए. headtopics.com

बरमुडा बना ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाला दुनिया का सबसे छोटा देश - BBC Hindi बासवराज बोम्मईः कर्नाटक की भाजपा सरकार के नए मुख्यमंत्री होंगे - BBC News हिंदी आईएमएफ़ ने घटाया भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान - BBC Hindi

कनाडा के प्रधानमंत्री के शब्द हैं, ‘उन्हें जघन्य, कायराना तरीके से और ढिठाई से मार डाला गया. यह हत्या कोई दुर्घटना नहीं है. यह हमारे समुदायों में से ही एक के दिल में पल रही हिंसा के कारण किया गया आतंकवादी कृत्य है.’मृत परिवार को श्रद्धांजलि देने के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो. (फोटो: रॉयटर्स)

कंज़र्वेटिव पार्टी समेत दूसरे दलों के नेताओं ने भी कहा कि यह किसी भी लिहाज से आतंकवादी कृत्य से कम नहीं. कंज़र्वेटिव नेता ने अफ़सोस जाहिर किया कि कोविड महामारी ने समाज में और विभाजन बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि पुलिस को चेताया गया था कि देश में घृणा आधारित हिंसा, हिंसक अतिवाद और मुसलमान विरोधी घृणा और असहिष्णुता बढ़ रही है.

ध्यान दीजिए, तकरीबन हर नेता ने, शासक दल का और विरोधी भी, इस हत्या को आतंकवादी हिंसा करार दिया. वह तब जब हत्या का अभियुक्त सिर्फ 20 वर्ष का एक ईसाई, श्वेत कनाडावासी है, जो वहां के बहुसंख्यक समुदाय का सदस्य है.इसके साथ ही जस्टिन ट्रुडो ने कहा कि एक समुदाय शोक में है, गुस्से में है. हम कहना चाहते हैं कि आपके पड़ोसी आपके साथ हैं. हर कनाडावासी एक दूसरे को थामे हुए है.

कनाडा के अखबारों में तस्वीरें हैं कि हत्याकांड स्थल पर लोग आकर फूल रख रहे हैं. बच्चियां, माएं , पिता, दादा, नानी, श्वेत, अश्वेत, ईसाई, अरब, पाकिस्तानी, भारतीय, हिंदू, मुसलमान, यहूदी, हर मूल के कनाडावासी. लोग सिर झुकाकर खड़े हैं.उनमें से शायद ही कोई इस परिवार को जानता हो. लेकिन कनाडा के लोग इस पर अपना शोक, अपना क्षोभ दर्ज कर रहे हैं. वे यह बताना चाहते हैं कि वे हत्यारे के साथ नहीं हैं. वे इस घृणा में शामिल नहीं है. लेकिन वे उसके कृत्य के लिए शर्मिंदा हैं क्योंकि एक तरह से वह उनके बीच का ही है. headtopics.com

अब तक कोई बयान नहीं देखा, और इसे तीन दिन हो चुके हैं जिसमें इस हत्या के लिए कोई बहाना खोजा गया हो. किसी ने मारे गए लोगों के बाहरी होने, उनके पाकिस्तानी मूल, मुसलमान होने के कारण हत्या को जायज़ नहीं ठहराया है.किसी ने यह नहीं कहा कि इसे क्यों आतंकवादी हिंसा कहा जा रहा है.किसी ने यह आरोप नहीं लगाया कि इसे आतंकवादी हिंसा कहने वाले कनाडा को बदनाम कर रहे हैं.

कनाडा में भी हिंसा है, घृणा है लेकिन एक सामाजिक सहमति है इस घृणा के खिलाफ. राजनीति, किसी प्रकार की इस घृणा को सहलाती नहीं है. कानून का पालन करने वाली संस्थाएं ऐसे मामलों में नरमी नहीं दिखलाती हैं.कनाडा से जब हम अपनी निगाह भारत में घुमाते हैं, तो बिल्कुल उल्टा नज़ारा देखने को मिलता है.

'केवल हम ही बचे हैं' : हिमाचल भूस्खलन में बचे लोगों का VIDEO आया सामने, देखकर रौंगटे खड़े हो जाएंगे दुनिया का सबसे बड़ा नीलम श्रीलंका के एक आँगन में अचानक 'ग़लती से' मिला - BBC News हिंदी Purvanchal Expressway: 15 अगस्त को पूर्वांचल को बड़ी सौगात, अब साढ़े तीन घंटे में पूरा होगा गाजीपुर से लखनऊ का सफर

2 जून, 2014 को पुणे में एक नौजवान मोहसिन शेख अपने दोस्त के साथ सड़क पर था. अचानक उसे घेरकर उस पर बुरी तरह हमला किया जाता है और उसे मार डाला जाता है.हमलावर की हिंसा के लिए अदालत तर्क खोजती है: ‘वह बेचारा मोहसिन शेख के पहनावे से उत्तेजित हो गया.’ उसने उत्तेजना के कारण मोहसिन पर हमला किया.

अदालत हत्यारे को अपनी उत्तेजना के आगे बेबस पाकर उस पर रहम करती है और उसे जमानत दे देती है. जिसकी हत्या हुई उसकी शक्ल सूरत, उसके पहनावे ने ही उसके हत्यारे में हिंसा पैदा की. वह बेचारा क्या करता? बस! उसने मोहसिन को मार डाला!फिर शहर में उसके स्वागत में जुलूस निकाला जाता है. फिर तो भारत में यह सिलसिला बन जाता है. गुजरात, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हर कुछ दिन पर मुसलमानों पर हमले, उनकी हत्या की खबर आने लगती है.

मई, 2014 में एक सरकार बनी. उसके दो राज बाद मोहसिन शेख मारा गया. खुशी के मारे नारा लगाया गया, ‘पहला विकेट डाउन!’हमारे शासक दल की प्रतिक्रिया? प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया? पुलिस और अदालत की प्रतिक्रिया? बाकी राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया? समाज की प्रतिक्रिया? खासकर हिंदू समाज की प्रतिक्रिया? कहीं शोक, क्षोभ, लज्जा, पश्चाताप? मोहसिन के लिए उसके देशवासियों की तरफ से फूल?

क्या भारत के मुसलमान कनाडा के मित्र शाहनवाज़ या हनीफ की तरह यह कह सकते हैं कि हां! नफरत है, बुरे लोग हैं, लेकिन हमारी सरकार, पुलिस इसे बर्दाश्त नहीं करती. हमारी अदालत में ऐसी हिंसा पर सबसे सख्त सज़ा होना तय है.क्या उन्हें उनका मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री यह कह सकता है कि हम आपके दुख, गुस्से में शरीक हैं? क्या भारत के राजनीतिक दल यह कह सकते हैं कि ऐसी हिंसा आतंकवादी हिंसा ही है!

उत्तर हम जानते हैं. कनाडा हो या न्यूजीलैंड, भारत अपनी तुलना इनसे नहीं कर सकता. ऐसी हिंसा को पहले पहचानना ज़रूरी है.मारे गए परिवार की एक परिचित ने साफ़ शब्दों में कहा, ‘ऐसी चीज़ें शून्य में नहीं होतीं… देश के नेताओं के बयानों से ध्रुवीकरण होता है और उसी के कारण यह मुस्लिम विरोधी घृणा फलती-फूलती है. राजनेताओं को जो वे कहते हैं उसके लिए और उसका जो असर देश पर होता है, उसके लिए जिम्मेदारी लेनी चाहिए.’

कनाडा की संसद ने इस हत्याकांड पर शोक ज़ाहिर करने के लिए मौन धारण किया. प्रधानमंत्री ने संसद में वक्तव्य दिया और कहा कि छोटी छोटी हरकतें एक विकृत प्रवृत्ति में बदल जाती है: ‘ जो चुटकुले चलते हैं वे कोई मज़ाक़ नहीं हैं. बेतकल्लुफाना नस्लवाद! छिपे हुए इशारे जिनका मक़सद दूसरे को छोटा करना है. ज़हरीले भाषण. मिथ्या प्रचार और ऑनलाइन अतिवाद. हम अपने सार्वजनिक विचार-विमर्श और राजनीति में जो ध्रुवीकरण देखते हैं वही इस तरह की हिंसा में परिणत होता है.’

यह आत्मावलोकन की भाषा है. एक असल नेता की जो सबको अपने भीतर झांककर इस घृणा का स्रोत पहचानने को कह रहा है.ज़ाहिर है, ऐसे सारे हत्याकांड रोके नहीं जा सकते. फिर भी मुसलमानों को इसकी तसल्ली तो है कि देश उन्हें अपना मानता है, उनकी आशंका देश की आशंका है और वह उनके ख़िलाफ़ किसी हिंसा को लापरवाही से नहीं लेता. उन पर हमला करने वाले को कोई समुदाय, कोई राजनीतिक दल अपनाने को तैयार नहीं. यह एक बड़ा आश्वासन है कि घृणा प्रचारक या घृणा की हिंसा का कोई पैरोकार नहीं.

घृणा और हिंसा के प्रति राष्ट्र या समाज के रवैए से उसकी सभ्यता का स्तर मालूम होता है. अपने बारे में उसका खयाल ज़ाहिर होता है.कनाडा क्या है, क्या होना चाहता है, यह इस हत्याकांड के बाद कनाडा के बहुसंख्यक ईसाई समाज, उसके राजनीतिक दलों और प्रशासन की प्रतिक्रिया से ज़ाहिर है. क्या हम इसे तुलना लायक़ मानते हैं या इसका ज़िक्र करने वाले को जेल में डाल देना चाहते हैं?

(लेखक दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाते हैं.) और पढो: द वायर हिंदी »

जानिए UP Cabinet Expansion में किन-किन समीकरणों का रखा जा सकता है ध्यान? देखें शंखनाद

संगठन की ओर से 25,26 और 30 जुलाई की तारीख का प्रस्ताव भी दिया गया है. जिस पर योगी आदित्यनाथ फैसला करेंगे .जाहिर सी बात है कि मंत्रिमंडल विस्तार में उन सारे समीकरण को ध्यान में रखा जाएगा, जिसे साधकर यूपी में जीत की राह आसान हो सके. संजय निषाद के सांसद बेटे प्रवीण निषाद को मोदी कैबिनेट में शामिल किए जाने की चर्चा थी,लेकिन उन्हें जगह नहीं मिली तो अब निषाद वोटों को जोड़े रखने के लिए संजय निषाद कैबिनेट में शामिल किए जा सकते हैं. निषाद समाज के अलावा राजभर समाज पर भी योगी सरकार की नजर है, जिसका पूर्वांचल में काफी दबदबा है. देखें वीडियो.

घृणा के मामले में इस्लाम सबसे अव्वल है,

बुरे फंसे KKR के कप्तान और RR के विकेटकीपर, ईसीबी ने उठाया यह कदमईसीबी ने कहा कि इस मामले से उचित तरीके से नि​बटा जाएगा। ईसीबी प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा, ‘हमें पिछले सप्ताह आपत्तिजनक ट्वीट को लेकर सतर्क किया गया था, इसलिए अन्य खिलाड़ियों के पुराने सोशल मीडिया पोस्ट पर भी सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए गए हैं।’

'लगता है मोदी के दिमागी सॉफ्टवेयर में कोई वायरस आ चुका है...',पीएम मोदी का जो पुराना वीडियो दिग्विजय सिंह ने शेयर किया है, उसमें ऑडियंस मोदी-मोदी के नारे लगा रही है, इस पर दिग्विजय ने कहा है- 'मोदी मोदी मोदी ..... नारे लगाने वाले अंध भक्तों अब कहां हो? कहां छिपे हो?' लगता है हैग हो गया

महंगे हो गये Vivo Y1s और Vivo Y12s स्मार्टफोन, जानिए फोन की नई कीमत और ऑफर्सVivo Y1s और Vivo Y12s स्मार्टफोन में एक समान MediaTek Helio P35 प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि बाकी फीचर्स में Viv12s स्मार्टफोन Vivo Y1s से बेहतर है। दोनों स्मार्टफोन को बढ़ी हुई कीमतों के साथ बिक्री के लिए लिस्ट किया गया है।

वसुंधरा और दुष्यंत के गुमशुदगी के पोस्टर लगे: पूर्व CM और उनके सांसद बेटे को ढूंढने वाले को इनाम देने की घोषणा, BJP कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर पोस्टर फाड़ेप्रदेश में नेताओं के खींचतान के बीच पोस्टर पॉलिटिक्स सामने आ रही है। बुधवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर लगाए गए मुख्य होर्डिंग से पूर्व CM वसुंधरा राजे की फोटो गायब हुई। अब झालावाड़ में वसुंधरा राजे व उनके पुत्र सांसद दुष्यंत सिंह के गुमशुदगी के पोस्टर चर्चा का विषय बन गए। इस पर बीजेपी कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली है। | kota,rajasthan,Posters of disappearance of former CM put up in Jhalawar BJP4Rajasthan Posters of missing doesn't mean people are annoyed with their leaders rather the posters prove how much people are to miss their leaders BJP4Rajasthan वसुंधरा मारकणी गाय की तरह सींग मारना चाहती है। लेकिन वह जानती है, उसके सींग तूटे हुए हैं। अब राजे का पतन है। BJP4Rajasthan REET2018_JOINING_DO Sos_Sourabh ashokgehlot51 GovindDotasra pantlp DrSatishPoonia lkantbhardwaj RajShikshaNews RajCMO कब होगा न्याय RahulGandhi priyankagandhi

सरकार में फेरबदल की अटकलों के बीच योगी पहुंचे दिल्ली, मोदी-नड्डा और शाह से मिलेंगेउत्तर प्रदेश में सियासी सरगर्मियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज दिल्ली पहुंच रहे हैं. योगी आदित्यनाथ आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं. abhishek6164 ShivendraAajTak प्रदेश को उत्तम न्याय व्यवस्था देना हो,जन विकास को हर गरीब तक पहुँचाना हो,माफियाओं की दबंगई निकालना हो तथा जनता की शिकायत का त्वरित निवारण करना हो,का उत्तम उदाहरण है 'योगी सरकार' | CM हो तो 'योगी' जैसा 🙏🙏 abhishek6164 ShivendraAajTak 12460शिक्षक_भर्ती_पूरी_करो Kindly be sensitive towards unemployed youtha who r desperately waiting for joining in govt school,, f myogioffice CMOfficeUP myogiadityanath drdwivedisatish abhishek6164 ShivendraAajTak उत्तर प्रदेश सिर्फ सिर्फ योगी बिना योगी प्रदेश बन जायेगा रोगी जनता त भोगबे करी भाजपा भी भोगी इसलिए ओनली योगी जय जय सियाराम 🙏🙏

शुभ विवाह: शादी के बंधन में बंधे दानिश सेत और अन्या रंगास्वामी, देखें पहली तस्वीरकन्नड़ सिनेमा के अभिनेता, टीवी पर्सनालिटी और लेखक दानिश ने शादी की पहली तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। कपल ने रजिस्टर्ड DanishSait Corruption,Cheating,Frauds,Forgery Of Doc's,Harassment,Molesting Drug Peddling Blackmailing & Threatening Acts By SBI to me & my 80+Sr.Parents,SBI stil Hiding My Home Loan Sanction Letter.Nor RBI,CONSUMER FORUM,Gov.Take Any Action Infact Equaly Supporting&involved In Their Crimes