गलवान का एक साल: कैसे बिगड़े थे हालात, अब क्या है सीमा पर हाल? - BBC News हिंदी

भारत-चीन सीमा पर तनाव: गलवान का एक साल, कहां से चले-कहां आ गए

15-06-2021 04:46:00

भारत-चीन सीमा पर तनाव: गलवान का एक साल, कहां से चले-कहां आ गए

सालों पुराने सीमा विवाद के बावजूद भारत और चीन के बीच छोटी मोटी झड़पों के अलावा कई दशकों तक कोई गंभीर हिंसा नहीं हुई थी.

16 जून, 2020उस दिन अफवाहों का बाज़ार गर्म था. पहले ये ख़बर आई कि सीमा के एक विवादित हिस्से पर कहीं झड़प हुई है. फिर ये सुनने में आया कि अलग-अलग जगहों पर हिंसा हुई है. ऐसा लग रहा था कि जैसे हर किसी के पास एक सोर्स है और एक ख़बर भी थी.आख़िरकार दिन के एक बजे भारतीय सेना ने बताया, "गलवान घाटी में तनाव कम करने की प्रक्रिया के दौरान कल रात हिंसक झड़प हुई जिसमें दोनों ही पक्षों को नुक़सान उठाना पड़ा है. भारतीय पक्ष की ओर से एक अधिकारी और दो सैनिकों ने जान गंवाई है."

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रात दस बजे के थोड़ी देर बाद ही सेना ने अपने बयान में संशोधन किया.बयान में गलवान घाटी में चीनी पक्ष से कब्जा छुड़ाने की घोषणा के साथ ये कहा गया, "झड़प वाली जगह पर ड्यूटी पर तैनात गंभीर रूप से घायल होने वाले 17 सैनिकों की मौत हो गई. इस संघर्ष में मरने वाले सैनिकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है."

इस के अगले दिन यानी 17 जून को चीन के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर अपने बयान में कहा, "15 जून को भारतीय सैनिकों ने आश्चर्यजनक रूप से अपनी अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा पार किया और चीनी सैनिकों पर हमला कर उन्हें उकसाया. इस वजह से दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई और सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी. headtopics.com

चीन के बयान से जो बात साफ़ हुई, वो ये थी कि भारत की तरह वो मरने वाले सैनिकों की संख्या के बारे में जानकारी नहीं देता है.'सेना के सूत्रों' का हवाला देते हुए भारत की सरकारी समाचार सेवा 'प्रसार भारती न्यूज़ सर्विसेज़' ने ट्वीट किया, "चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के 45 से भी ज़्यादा जवान मारे गए हैं. गलवान में हालात सामान्य करने के लिए मेजर जनरल स्तर की बातचीत चल रही है. भारत का कोई सैनिक लापता नहीं है."

भारत ने पहली बार बताया, गलवान में क्या हुआ था?जनरल हुडा ने कहा, "ये साफ़ है कि हम चीनी पक्ष के संकेतों को समझ नहीं पाए. न केवल सेना के स्तर पर बल्कि राजनीतिक नेतृत्व भी इसे भांप नहीं पाया. जैसे ही गलवान की घटना हुई, ये बात समझ में आ गई कि ये सामान्य स्थिति नहीं है. इस बात की भी तारीफ की जानी चाहिए कि सेना ने इसके बाद कितनी जल्दी से कार्रवाई की."

वीडियो कैप्शन,गलवान घाटी को लेकर तनाव क्यों है?गलवान में हालात कैसे बिगड़े?सिम टैक भू-राजनीतिक मामलों के विशेषज्ञ हैं.उन्होंने बीबीसी को बताया, "सैटेलाइट से ली गई कई तस्वीरों के जरिए हमने देखा कि वहां चीन क्या कर रहा था. चीन ने गलवान घाटी में घुसपैठ शुरू कर दी थी. गलवान घाटी में उसने पैट्रोल प्वॉयंट 14 तक मिलिट्री बेस या अस्थाई ठिकानों का निर्माण कर लिया था."

"एक दिन हमने देखा कि वहां चीनी सैनिक पोजिशन लेकर तैयार थे. इसके बाद वहां से हिंसक झड़प की ख़बरें आईं और फिर हमने देखा कि चीनी सैनिक पैट्रोल प्वॉयंट 14 से पीछे हट गए हैं."गलवान में सैनिकों की मौत को लेकर चीन में भारत को गालियाँसिम टैक आगे कहते हैं, "हालांकि जैसे ही चीनी सैनिक गलवान घाटी में पिछले हटने लगे, हमने देखा कि अक्साई चिन में उसने नए ठिकानों पर अपना दायरा फैलाना शुरू कर दिया था." headtopics.com

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वीडियो कैप्शन,Coverstory: किस ओर बढ़ रहा है भारत-चीन तनाव?19 जून, 2020चीन के ख़िलाफ़ भारत की जवाबी कार्रवाई के बारे में सर्वदलीय मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया, "किसी ने भी हमारे क्षेत्र में घुसपैठ नहीं की है. कोई भीतर नहीं आया है और न ही हमारी किसी चौकी पर किसी और का कब्ज़ा है."

चीनी पक्ष ने लगभग उसी समय अपने बयान में कहा कि भारतीय सैनिक अप्रैल, 2020 से वास्तविक नियंत्रण रेखा पर निर्माण कार्य में लगे हुए थे जिसका उन्होंने विरोध किया था.स्वतंत्र विश्लेषक और चीन के वाणिज्य मंत्रालय के लिए काम कर चुके एक पूर्व नौकरशाह सन शी ने बीबीसी की चीनी सेवा को बताया, "भारतीय सैनिकों के सीमा नहीं पार करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही तैयार हो गए हों लेकिन इस संघर्ष का ये नतीज़ा निकला कि भारत पश्चिमी देशों के खेमे के और करीब चला गया."

"चीन यकीनन ये नहीं चाहता था. दरअसल, हिंसक संघर्ष के बाद चीन ने मरने वाले अपने सैनिकों की संख्या सार्वजनिक नहीं की क्योंकि शी जिनपिंग की सरकार इसे बड़ी ख़बर नहीं बनने देना चाहते थे."वीडियो कैप्शन,भारत और चीन के बीच क्या और बुरे हालात होने वाले हैं?

तीन जुलाई, 2020प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय सैनिकों से मिलने लद्दाख पहुंचे.उन्होंने उस लड़ाई को मानवता और विस्तारवाद के बीच की लड़ाई करार दिया लेकिन चीन का नाम नहीं लिया.31 अगस्त, 2020भारत ने कहा कि उसे चीन की गतिविधियों का अंदाजा था और अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए उसने कदम उठाए. बाद में headtopics.com

भारतीय पक्षने माना कि गलवान में जो कुछ हुआ वो 'एक सुनियोजित और सोच समझकर किया गया ऑपरेशन था ताकि वहां बढ़त बनाई' जा सके.इसके अगले दिन चीन की सरकार ने कहा, "भारतीय सैनिकों ने एक बार फिर पैगोंग त्सो झील के दक्षिणी किनारे पर और रेकिन पर्वत के पास अवैध रूप से वास्तविक नियंत्रण रेखा पार की. ये क्षेत्र भारत-चीन सीमा के पश्चिमी सेक्टर में है."

इमेज स्रोत,ANIपांच सितंबर, 2020इसके बाद सबकी नज़र मॉस्को पर चली गई जहां पांच दिनों के भीतर दोनों ही पक्षों के रक्षा और विदेश मंत्रियों की बैठक हुई.हालात गंभीर होते हुए दिखने लगे थे. बाद के दिनों में दोनों ही पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया था.

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तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन में कहा, "वहां नाजुक हालात हैं. हम चीन और भारत की मदद के लिए तैयार हैं."हालांकि किसी दूसरे देश की सीधी दखलंदाज़ी की नौबत नहीं आई और दोनों ही पक्षों के बीच एक संतुलित बातचीत से उम्मीद बंधी.

22 सितंबर, 2020दोनों ही देशों की सेनाओं ने पहला साझा बयान जारी किया जिसमें वहां और सैनिक नहीं जुटाने पर सहमति जाहिर की गई.इमेज स्रोत,ANI15 जनवरी, 2021सेना दिवस की पूर्व संध्या पर जनरल नरवणे ने कहा, "जो बात साफ तौर पर सामने आई है, वो ये है कि हमें अपनी क्षमताओं के पुनर्गठन और उसे विस्तार करने की ज़रूरत है."

उन्होंने ये भी कहा कि लद्दाख में जो कुछ भी हुआ, उसके अलावा चीन के साथ सेंट्रल सेक्टर और ईस्टर्न सेक्टर में भी ऐसी जगहें हैं जहां संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है.10 फरवरी, 2021तकरीबन दस महीनों के बाद लद्दाख की पैंगोंग झील के इलाके से दोनों ही देशों की सेनाओं मे अपने सैनिकों को वहां से पीछे हटाना शुरू किया.

ठीक उसी दिन, रूस की सरकारी न्यूज़ एजेंसी'तास'ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि साल 2020 के मई और जून महीने में हुई झड़प में चीन के 45 सैनिकों की जान गई थी.चीन ने तब तक गलवान की घटना में मरने वाले अपने सैनिकों के बारे में सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहा था लेकिन इस रिपोर्ट के बाद उसे सफ़ाई देनी पड़ी. चीन ने कहा कि उसके चार सैनिक मारे गए थे.

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Kya halat hai China to giyo चीन के बारे में एक शब्द भी नहीं बोलने वाले मोदीजी की यह नाकामी है। अभी चौकीदार सो रहा हैं। भारत नहीं बदलता! अब चीन को जवाब मिलने वाला है 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻💪💪💪✊✊✌✌

चीन भारत सीमा विवाद: एक साल बाद क्या है गलवान घाटी की स्थिति - BBC News हिंदीभारत और चीन के सैनिकों के बीच बीते साल जून के महीने में गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई थी. कबीरा कहे रहीम से ऐसा भी दिन आयेगा. दूध-घी चढेगा पत्थर पर इंसान मूत्र पी जाऐंगा. कबीरसाहेब_की_52_लीलाएं जनता को याद दिलाने की गलती कर रहे है के साल भर बाद भी चीन भारत की जमीन हड़पे बैठा है और साहेब का लाल आँख काला पड़ गया ,डर नही लगता क्या ,56 इंच का सीना है अपने साहेब का ।

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