कोरोना से बेहाल अमरीका की अर्थव्यवस्था डूब जाएगी?

कोरोना वायरस: अमरीका की अर्थव्यवस्था डूबने की कगार पर खड़ी है?

26.3.2020

कोरोना वायरस: अमरीका की अर्थव्यवस्था डूबने की कगार पर खड़ी है?

ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि कोरोना वायरस से पैदा हुए संकट ने अमरीकी अर्थव्यवस्था की मज़बूत नींव भी हिला दी है.

गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्रियों ने मंदी का अनुमान लगाया है. पहली तिमाही की जीडीपी में छह फीसदी की गिरावट के बाद दूसरी तिमाही में 24 फीसदी की बड़ी गिरावट का अनुमान है. यह आकड़े काफी चौंकाने वाले हैं. बैंकिंग सेक्टर की एक बड़ी कंपनी जेपी मॉर्गन ने अपने एक विश्लेषण में कहा है,"पहली तिमाही में चार फ़ीसदी के बाद दूसरी तिमाही में अमरीकी अर्थव्यवस्था में 14 फीसदी की गिरावट दर्ज होने का अनुमान है तो वहीं तीसरी तिमाही में यह आठ फीसदी और चौथी तिमाही में चार फीसदी की भारपाई करने में कामयाब मिलेगी." जेपी मॉर्गन के मुख्य अर्थशास्त्री माइकल फेरोली के आकलन के मुताबिक,"आने वाले हफ्तों में अमरीका में नौकरी जाने वालों की शुरुआती संख्या चार लाख को पार करने वाली है." बैंक ऑफ अमरीका के अर्थशास्त्री मिशेल मेयेर ने लिखा है,"हम आधिकारिक तौर पर इस बात की घोषणा करते हैं कि हमारी अर्थव्यवस्था मंदी के दौर में जा चुकी है और हम बाकी दुनिया के साथ उसी कतार में खड़े हो चुके हैं. हम गहरे संकट में जा चुके हैं." आगे उन्होंने लिखा है,"नौकरियां नहीं रहेंगी. लोगों के पास पैसे नहीं रहेंगे और हताशा की स्थिति पैदा होगी." बैंक ऑफ अमरीका के अनुमान के मुताबिक दूसरी तिमाही में 12 फीसदी की गिरावट के साथ अर्थव्यवस्था 'डूबने' वाली है. पूरे साल की जीडीपी में 0.8 फीसदी की गिरावट आने वाली है. हालांकि अर्थशास्त्री इस मुश्किल घड़ी के बाद अर्थव्यवस्था के संभलने की भी उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन हर पल बदलते हालात के बीच इस पर कुछ भी निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता. किसी को भी अभी यह नहीं पता कि यह दौर कितना लंबा चलने वाला है. इमेज कॉपीरइट Getty Images स्विट्जरलैंड की निवेशक कंपनी यूबीएस के मुताबिक दूसरी तिमाही के दौरान अमरीकी अर्थव्यवस्था में 'बड़ी गिरावट' दर्ज होने वाली है तो वहीं कोरोना वायरस की वजह से पहली छमाही में गहरी मंदी का दौर रहने वाला है. स्विस बैंकिंग कंपनी टाइटन के मुताबिक अमरीकी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर पहली तिमाही के दौरान -2.1 फीसदी तक पहुंच जाएगी और दूसरी तिमाही में 10 फ़ीसदी की गिरावट होगी. जाहिर तौर पर अर्थव्यवस्था में आई गिरावट का सीधा असर नौकरियों पर पड़ने वाला है. बैंक ऑफ अमरीका के अनुमान के मुताबिक बेरोजगारी दर दोगुना होने वाला है और हर महीने करीब दस लाख नौकरियां जाने वाली हैं. इस हिसाब से दूसरी तिमाही में करीब पैंतीस लाख नौकरियां जाने वाली हैं. एनालिसिस कंपनी ऑक्सफोर्ड इकॉनॉमिक्स ने अनुमान लगाया है कि यात्राओं के रद्द होने की वजह से करीब 46 लाख नौकरियां जाएंगी. रिपोर्ट के मुताबिक,"यात्राओं पर होने वाला 355 अरब डॉलर का खर्च इस साल यात्राओं के रद्द होने से नहीं हो पाएगा. नतीजतन अमरीकी अर्थव्यवस्था में इसकी वजह से 809 अरब डॉलर का नुकसान होगा. यह नुकसान 9/11 की घटना के बाद होने वाले इस मद के नुकसान से छह गुना ज्यादा है." रिपोर्ट में आगे लिखा है,"हम अमरीका की अर्थव्यवस्था में सिर्फ़ यात्राओं को होने वाले नुकसान के आधार पर मंदी के दौर में जाने की बात कह सकते हैं." लेबर यूनियन 'यूनाइट हेयर' ने बयान जारी किया है,"हमारे तीन लाख सदस्यों में 80 से 90 फीसदी सदस्य कोविड-19 से जुड़ी बंदियों और पाबंदियों के कारण अनिश्चत समय के लिए बेकार हो गए हैं." इमेज कॉपीरइट Getty Images अमरीकी इतिहास का सबसे बड़ा राहत पैकेज एयरलाइन्स उद्योग से जुड़े ट्रेड संगठन एयरलाइन्स फॉर अमरीका ने रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों को लिखे एक पत्र में गुहार लगाई कि संसद में वित्तीय पैकेज पारित किया जाए ताकि साढ़े सात लाख नौकरियों को बचाया जा सके. दोनों ही दल करीब दो ट्रिलियन के आर्थिक सहायता पैकेज पर करीब-करीब राज़ी हो गए हैं. यह अमरीकी इतिहास का सबसे बड़ा राहत पैकेज है. दोनों ही दल पैसे के कैसे खर्च किए जाएं, इसे लेकर विचार-विमर्श कर रहे हैं. लेकिन जो बात साफ़ तौर पर नज़र आ रही है, वो यह है कि मौजूदा संकट से सबसे ज्यादा ग़रीब, कम आमदनी वाले और बेघर लोग प्रभावित होने वाले हैं. ये वो तबका है, जिसका न कोई बीमा हो रखा होता है, न किसी तरह की छुट्टी होती है इनके पास और अच्छी मेडिकल सुविधाएँ इनकी पहुँच से बाहर होती हैं. 2018 के एक आकलन के मुताबिक करीब पौने तीन करोड़ लोगों के पास अमरीका में कोई स्वास्थ्य बीमा नहीं हैं. यह तादाद पूरी आबादी का साढ़े आठ फीसदी है. ऐसे हालात में नस्ल, लिंग और आप्रवास के आधार पर असुरक्षा की भावना और बढ़ जाती है. कोरोना वायरस की वजह से ग़रीबों पर पड़ने वाले असर को लेकर तैयार की गई ह्यूमन राइट्स वॉच की रिपोर्ट में कहा गया है,"अमरीका में ग़रीबी रेखा से नीचे रहने वाले चार करोड़ साठ लाख लोगों के पास इतनी बचत नहीं है कि वो आमदनी नहीं होने की स्थिति में अपना गुज़ारा कर सके. इसके अलावा खाने-पीने की चीजें इकट्ठा करने से भी आर्थिक दबाव पड़ने वाला है." इमेज कॉपीरइट Getty Images इससे भी ज़्यादा बुरा दौर आएगा? रिपोर्ट के मुताबिक"अमरीका में आर्थिक असमानता आमदनी और संपदा के नस्लीय बंटवारे के साथ जुड़ी हुई है. करीब 21 फ़ीसदी काले लोग और 18 फीसदी हिस्पैनिक लोग यहां ग़रीबी रेखा से नीचे रहते हैं. वहीं ग़रीबी रेखा से नीचे रहने वाले सिर्फ़ आठ फ़ीसदी गोरे लोग हैं." राष्ट्रपति ट्रंप ने वायरस को 'अदृश्य शत्रु' बताया है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि ईस्टर के मौके पर देश पूरी तरह से खुला रहेगा और हम पुराने अच्छे दिनों की तरफ लौटेंगे. अर्थव्यवस्था और नौकरियों पर पड़ने वाले बुरे असर को देखते हुए कई लोगों का मानना है कि पाबंदियों में छूट देनी चाहिए और नौजवान जिन्हें थोड़ा कम खतरा है, उन्हें काम पर लौटना शुरू करना चाहिए. ज़्यादातर उम्रदराज लोग इस वायरस से प्रभावित हो रहे हैं लेकिन मृतकों और संक्रमित लोगों की संख्या में इजाफ़े को देखते हुए यह आसान फैसला नहीं होगा. क्योंकि ऐसा भी माना जा रहा है कि अभी संक्रमण का और बुरा दौर आना बाकी है. और पढो: BBC News Hindi

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India ki economic Bach jaigi keya ChineseVirus If it happens , China objective will be fulfilled. तो इंडिया की कौन सी अभी चारों पहियों पर दौड़ रही है, यहां भी तो हालात बाद से बदतर होते जा रहे हैं, ab aaya unt pahaad ke niche 70 dollar = 1 rs kab tak ho jayega This is trade war now understand the magic of death

Chinese virus sabko khayega जब भी विश्व में मक्कार शासकों का शासन होता है तो भगवान इसी प्रकार की विपत्तिया लाता है । भक्तों के पप्पा का साथी हैं इसलिए भक्त उसके साथ है वँहा भी जाकर लठ्ठ गाड़ देगे गो कोरोना.......कोरोना गो अपनी नाकाबिलयत को कोरोना पर थोप दो ।

कोरोना वायरस: पहली बार देश में बनी कोरोना जांच किट, एक से 100 लोगों की जांचकोरोना वायरस: पहली बार देश में बनी कोरोना जांच किट MoHFW_INDIA Lockdown21 ChineseVirus19 COVID2019 StopTheSpreadOfCorona CoronavirusLockdown 21daysLockdown CurfewInIndia lockdownindia StayHomeIndia

अमरीका और इज़राइल दुनिया के नकशे से मिट जाता तो बेहतर होता । वर्तमान समय में मिस्टर ट्रंप को भारत और जापान को गुड फेथ में लेकर इस समस्या से निपटना चाहिए। अमेरिका को कुछ उदारता दिखाना होगा। भारत और जापान के मजबूत इच्छाशक्ति का इस्तेमाल कर अमेरिका जल्द ही इस घाटे का भरपाई कर सकता है....✍️ हा हा हा जो ख़ुद को बड़ा तीस मार खां समझने वाला सुपर पावर अमेरिका की अर्थव्यवस्था डूब ही जाए तो अच्छा है। अमेरिका ने छोटे और ग़रीब देशों को आपस में लड़ाया और उनको अपने हथियार बेचे लोगों की लाशों पर अपनी अर्थव्यवस्था खड़ी की। ज़ालिम का ज़ुल्‍म ज्यादा दिन नहीं चलता। 007AliSohrab srspoet

भक्त उनके साथ है डरने की कोई बात नही ok अपने देश भारत की फिक्र करो. कोरोना से अपना भारत तो चांद पर पंहुच जाऐगा अबे अमेरिका की खबर अंग्रेजी सर्विस मे बताना यहां हिंदी मे तो भारत की न्यूज बताओ? 🤣😂🤣😂

कोरोना वायरस: लॉकडाउन से टूटेगी अर्थव्यवस्था की कमर?भारतीय अर्थव्यवस्था में पहले ही सुस्ती छाई थी जिसे सरकार दूर करने की कोशिश कर रही थी. देश का हुआ भारी नुकसान यही तो आरएसएस चाहती है नोट बंदी क्या था CoronavirusPandemic : खाये चीन.... ....हाथ धोये पूरा दुनिया ChinaLiedAndPeopleDied CoronavirusLockdown

अगर अमरीका डूबेगा तो भारत का क्या होगा। BC तुम उस डायन की तरह हो जो सबका घर बर्बाद करके आबाद होना चाहती है मतलब वामपंथी जमात इसका जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ चीन है। ChinaVirus tum kitna bhi tarakki karlo allah se haath mai hai sab ye baat maan lo The whole world is ready to deal with Korona at this time Doing them and The Earth is worrying,

तो ये कया हो रहा है फिर महाशक्ति अमेरिका की अर्थव्यवस्था डुबाने में चाइना का बहुत बड़ा हाथ है कोरोनावायरस चीन की देन है अब अमेरिका को चाहिए पूरे विश्व को कट्ठा करें और चीन के विरुद्ध आंदोलन छेड़ दे क्योंकि अमेरिका के साथ विश्व की भी अर्थव्यवस्था बिगड़ी है चाइना पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दे और इंडिया की तो डूब गई

झांट का एक बाल उखड़ने से मुर्दा हल्का नहीं होता जी।जितना खर्च कर रहा है उस से ज्यादा तो अकेले पाकिस्तान को भीख देता है। सबकी डूबा रहे थे अभी तक अब अपनी पर आई तो समझ आया है

LIVE: दुनियाभर में 3.7 लाख से ज्यादा कोरोना से संक्रमित, 16,000 से अधिक लोगों की मौतCoronavirus in India Latest News Live Updates, Corona Virus Cases Latest News in India today Live updates: पीएम मोदी ने इस दौरान पूरे देश में 25 मार्च से लॉकडाउन का ऐलान किया है। यह लॉकडाउन तीन सप्ताह यानी 21 दिन का लॉकडाउन है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई के लिए यह जरूरी कदम है।

Yes लो ! आ गया असली परिणाम । यही तो चाहिए था मीठे को ? RIP UK अर्थव्यवस्था तो डूबनी है!लोग मर रहे हैं!लॉक डाउन तो करना पड़ेगा!जितनी जल्दी कर लोगे उतना कम लोग मरेंगे।मोदी फॉर्मूला ही2काम करेगा आदमी सब मर रहा है अमेरिका तो अर्थव्यवस्था के चक्कर में लगा हुआ You are an enemy of USA and world. Your news shop should be shut down. USA will come up with double enthusiasm and power.

अमेरिका की क्यों सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि पूरे दुनिया का अर्थव्यवस्था डूब रहा है ।

कोरोना का कहरः MP में कोरोना के और 5 मामले आए, मरीजों की संख्या हुई 14इस संकटकालीन घड़ी में एक सच्चे भारतीय होने के नाते यदि आपका कोई पड़ोसी (राशन,पानी,दवाई,) जैसी समस्या से जूझ रहा है तो जितना हो सके उसकी मदद करें।।। सत्यमेव जयते।। Mamaji Ko fursat nhi hai .. politics se.. power mein aate hi purani sarkar ke faisle palatne mein lag gye.. corona .. ye kya hai.. ye MP se door rahega..

कोरोना की वजह से हुए लॉकडाउन के दौरान ये 16 जवाब आपको खतरे से बचाएंगेनई दिल्ली. कोरोनावायरस की बीमारी दिसंबर 2019 में चीन के वुहान शहर से शुरू हुई थी और अब तक 15 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले चुकी है। | india Coronavirus Lockdown Curfew Live Corona Virus COVID-19 Are you sure lock down hai ? Religious Place band hai ? मोदी-विरोधी पप्पू-पेजर और विपक्ष कैसे मान गया मोदी की बात? Good News: पूरा विपक्ष -ve है, कभी कोरोना +ve नहीं हो सकता।

कोरोना वायरस: डॉक्टरों-नर्सों को किराये के मकानों से निकाला जा रहा, गृहमंत्री से की शिकायतराजधानी दिल्ली समेत देश के कुछ हिस्सों से कोरोना वायरस संक्रमितों के इलाज में लगे डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को उनके किराये के मकानों से निकाले जाने की ख़बरें आ रही हैं. लोगों का कहना है कि इनसे वायरस फैलने का ख़तरा है. एम्स के रेजिडेंट्स डॉक्टर्स एसोसिएशन ने गृह मंत्री को पत्र लिख इसकी शिकायत की है. prashantbhagat2 जब नर्सों को पर्याप्त रूप से संसाधन नहीं मिलेगा तो जनता का इलाज कैसे करेंगे जब भारत के नर्सों और डॉक्टरों को पर्याप्त रूप से पीपीई किट नहीं मिलेगा तो वह अपनी सुरक्षा कैसे करेंगे ,परिवार की सुरक्षा कैसे करेंगे अपने देश के मरीजों की सुरक्षा कैसे करेंगे बाल बच्चे भी प्रभावित होंगे पुरे भारत मे अगर कोई भी मकान मालिक भाड़े की वजह से किसी को भी घर से बाहर निकालने की धमकी देता है तो उसे लोकडाउन खत्म होने तक बिना ज़मानत जेल मे दाल दीया जाए ऐसे मकान मालिक को जेल में होना चाहिए..



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