कोरोना: तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल लोगों की देशभर में हो रही पहचान

पूरे देश में खोजे जा रहे हैं तबलीगी जमात कार्यक्रम में शामिल हुए लोग।

01-04-2020 15:01:00

पूरे देश में खोजे जा रहे हैं तबलीगी जमात कार्यक्रम में शामिल हुए लोग।

तबलीगी जमात ने मीडिया से जो चिट्ठियां साझा की हैं उनके मुताबिक सभी प्रतिभागी लॉकडाउन की अवधि शुरू होने से पहले ही आ गए थे और उनकी जानकारी 24 मार्च को हजरत निजामुद्दीन के एसएचओ से साझा की गई थी.

दिल्ली के कार्यक्रम से कुछ दिन पहले, तबलीगी जमात ने मलेशिया के सेलेन्गोर में श्री पेटलिंग मस्जिद में दिल्ली से भी बड़े धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया था. 27 फरवरी से 1 मार्च तक आयोजित इस कार्यक्रम में कनाडा, नाइजीरिया, भारत, चीन, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, ब्रुनेई और ऑस्ट्रेलिया से आए 1,500 विदेशी नागरिकों समेत कुल 16,000 लोग शामिल हुए.

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कोरोना पर भ्रम फैलाने से बचें, आजतक डॉट इन का स्पेशल WhatsApp बुलेटिन शेयर करेंदुर्भाग्य से ये शायद दक्षिण पूर्व एशिया में Covid-19 का सबसे बड़ा क्लस्टर साबित हुआ. इस आयोजन में शामिल हुए लोगों में से पहली मौत 17 मार्च को हुई थी. यह साफ नहीं है कि इस क्लस्टर का इंडेक्स स्प्रेडर कौन था? इस क्लस्टर से बीमारी का पता चलते ही मलेशिया में आंशिक रूप से लॉकडाउन का ऐलान किया गया, जिसे फिर पूरे लॉकडाउन में बदल दिया गया. तब तक मलेशिया में जितने Covid-19 पॉजिटिव केस थे, उसमें से दो तिहाई इसी क्लस्टर से ही आए थे.

30 मार्च तक इस कार्यक्रम में शरीक होने वाले 1,290 लोगों का Covid-19 टेस्ट पॉजिटिव आ चुका है. ये मलेशिया में कुल सामने आए मामलों का 49.2 प्रतिशत है. यह संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई टेस्टिंग नतीजे आना अभी बाकी है. इस कार्यक्रम से पहले तक मलेशिया में राजनीतिक टकराव की ही गूंज थी. तब तक मलेशिया में Covid-19 के पॉजिटिव मामले 30 से भी कम थे. शायद, राजनीतिक अस्थिरता ने इस घटना से फोकस हटाया.

तबलीगी जमात एक इस्लामी मिशनरी आंदोलन है. ये मुस्लिमों से अपील करता है कि वे इस्लामिक पैगंबर मुहम्मद के दौर जैसे ही इस्लाम धर्म के पालन की तरफ लौटें. इस संगठन के 15 करोड़ से 250 करोड़ अनुयायी होने का अनुमान है. इनमें से अधिकतर दक्षिण एशिया में रहने वाले हैं. संगठन की मौजूदगी 180 और 200 देशों के बीच कहीं न कहीं है.

तबलीगी जमात की ओर से दिल्ली में हुए धार्मिक कार्यक्रम से जुड़े घटनाक्रम ने भारतीय अधिकारियों को दौड़ने पर मजबूर कर दिया. लेकिन ये भी तथ्य है कि यह आयोजन देश में औपचारिक तौर पर लॉकडाउन शुरू होने से पहले हुआ था. उसी अवधि में भारत में कई और धार्मिक आयोजन भी हुए. ये जिम्मेदारी संबंधित सरकारी एजेंसियों पर थी कि वो बीमारी के फैलाव के खतरे को देखते हुए ऐसे आयोजनों पर सख्त नजर रखते. वो भी ऐसी स्थिति में जब मलेशिया ऐसे ही आयोजन का बुरा नतीजा भुगत चुका था.

मलेशिया में जो आयोजन हुआ, उससे जुड़े दस्तावेज बताते हैं कि वहां सोशल डिस्टेंसिंग के विपरीत वहां लोग बड़ी संख्या में आपस में सटे हुए मौजूद थे. इबादत के दौरान उन्होंने एक दूसरे के हाथ पकड़े हुए थे. कार्यक्रम के दौरान लोगों ने खाना भी एक दूसरे की प्लेटों से साझा किया. नतीजा जो हुआ वो मलेशिया के लिए बुरा इतिहास बन गया. दिल्ली के आयोजन की प्रकृति भी हो सकता है कि ऐसी ही रही हो. तबलीगी जमात दुनिया भर में ऐसे आयोजन करती रहती है.

हम जानते हैं कि दिल्ली के कार्यक्रम में करीब 300 विदेशी नागरिकों ने हिस्सा लिया, और उनमें से कुछ Covid-19 संक्रमण के वाहक हो सकते हैं. सरकारी सूत्रों का कहना है कि इन विदेशियों में इंडोनेशिया, मलेशिया, बांग्लादेश और कुछ अन्य देशों के लोग शामिल थे. मोटे तौर पर 1,900 भारतीयों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिनमें तमिलनाडु से 501, असम से 216, उत्तर प्रदेश से 156, महाराष्ट्र से 109 और मध्य प्रदेश से 107 लोग आए थे.

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कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करेंइस घटना में शामिल होने वाले विदेशियों की संख्या को देखा जाए, (वो भी खास तौर से प्रभावित देशों से आए लोग) तो केंद्र और राज्य सरकार को इस आयोजन को लेकर सतर्क रहना चाहिए था. क्या जो लोग कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आए उनकी हवाई अड्डों पर अच्छी तरह स्क्रीनिंग की गई? जिस तरह के हालात थे क्या आयोजकों को उसमें खास सुरक्षा उपाय बरतने के बारे में अवगत कराया गया? क्या विदेशियों ने अनिवार्य क्वारनटीन प्रक्रिया का पालन किया? ऐसे सवालों में से कई का जवाब फिलहाल हमारे पास नहीं है.

हमें जो पता है वो ये है कि आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और कई विदेशियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है. क्योंकि उन्होंने वीजा नियमों का उल्लंघन किया. रिपोर्ट्स के मुताबिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले कई लोग खुद के लिए आवंटित उन्हीं जगहों पर बने रहे क्योंकि लॉकडाउन की अचानक घोषणा हुई थी.

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें... साथ ही उनसे कार्यक्रम वाले क्षेत्र से लोगों को हटाने के लिए सहयोग देने का भी अनुरोध किया था.फिलहाल कार्यक्रम में जो-जो शामिल हुए देश भर में उन्हें ढूंढ कर क्वारनटीन में भेजा जा रहा है. उनके संपर्क में जो लोग आए उनकी भी पहचान की जा रही है, जिससे संक्रमण के संभावित प्रसार को कम से कम से किया जा सके. इस क्लस्टर के पूरे असर का पता एक सप्ताह के बाद चलेगा.

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😠😠😠😠😠😠😠😠😠😠😠 इन्हें न अपनी चिंता है और न अपने परिवार की चिंता है । 😠😠😠😠😠😠😠😠😠😠😠😠 They should run to Pakistan if they don't feel like a responsible Indian citizen.The damage had been done they destroyed whole lockdown system what else is left?govt. plz take action correct. इन लोगो को खुद आकर बताना चाहिए कि हम लोग है हम गए थे अगर नही बता रहे तो समझ जाओ

जमात वालों द्वारा अपने आप को छिपाने से क्या किसी को कोरोना नही होगा।क्या जमात के लोगों की जिम्मेदारी नहीं कि ये सभी खुद सामने आकर अपने टेस्ट कराए? रोहित जी क्या यह लोग सब्ज़ी फल व अन्य दिनचर्या की वस्तुओं में भी एक साजिश के तहत वायरस फैला सकते है ? TablighiVirus ab bi khud samne ni aare hdd h beshrmi ki inko dundna pd ra h bt krte h adhikaro ki prr zimmedari naam ka word ase logo ki dictionary m hi ni h shyd

इनको खोज के हॉस्पिटल में डालोगे और डॉक्टरों की जान खतरे में डालोगे। अपनी सुरक्षा खुद करें टोपी और दाढ़ी वाले आतंकियों से दूर रहे नजदीक आने पर पुलिस को इन्फॉर्म करें कोरोना ज़िहाद शुरू कर दिया है शांतिदूतों ने। कुछ की तो मरने की खबर आ रही है बेहद ही शर्मनाक

उन्नाव, मेरठ व कन्नौज के बाद अब आगरा से मिले तबलीगी जमात में शामिल हुए लोगलखनऊ। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम निजामुद्दीन मरकज में आयोजित तबलीगी जमात में शामिल हुए 157 लोग उत्तरप्रदेश के लिए चिंता का सबब बने हुए हैं और पूरी यूपी पुलिस करके तलाशने में जुटी है। इसके चलते कल मंगलवार को उन्नाव, मेरठ व कन्नौज में पुलिस के हाथ कुछ लोग लग गए थे, जो तबलीगी जमात में शामिल हुए थे।

coronavirus: तेलंगाना में 6 लोगों की कोरोना से मौत, जमात के कार्यक्रम में आए थे दिल्लीcoronavirus: तेलंगाना में 6 लोगों की कोरोना से मौत, जमात के कार्यक्रम में आए थे दिल्ली Nizamuddin CoronavirusOutbreak CoronaUpdate तब्लीगी जमात के मरकज़ के लोग कितने शातिर हैं व इनका मंतव्य ये किसी को बताने की जरूरत नही है इनकी तरफदारी में आगे आने वाली राजनीतिक पार्टीयो व लोगों को जनता को जूतों से मारना चाहिए।इसके डॉक्टर शोएब को तो देशद्रोही करार देना चाहिए जो खुद इस षडयंत्र में शामिल है। Shale sutiye..we r fighting with two kinds of virus ..

एक्शन में सरकार, तबलीगी जमात कार्यकर्ताओं के विदेश से भारत आने पर रोकनिजामुद्दीन मरकज: इस साल तबलीगी गतिविधियों के लिए 2100 विदेशी भारत आए NizamuddinMarkaz CoronaVirus CoronaUpdate CoronaLockdown 21daylockdown MoHFW_INDIA drharshvardhan DelhiPolice MoHFW_INDIA drharshvardhan DelhiPolice निज़ामुद्दीन केस सारे भक्तों दलालों , कुत्तों कामिनो के लिए “डुबते को तिनके का सहारा”का काम कर गया. MoHFW_INDIA drharshvardhan DelhiPolice godi_dalal_media. Hai koi jawab MoHFW_INDIA drharshvardhan DelhiPolice उन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है

कोविड-19: दिल्ली के तबलीगी जमात में हिस्सा लेने वाले 10 लोगों की कोरोना से मौतहैदराबाद न्यूज़: दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा ले चुके 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक विदेशी भी शामिल है।बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में करीब दो हजार लोग शामिल हुए थे। इनमें अब तक सबसे ज्यादा 6 मौते तेलंगाना से हैं। सिर्फ 10? इससे क्या होगा?इनके कर्म ऐसे हैं कि तीन चार सौ से कम तो सुनाई भी नहीं पड़ता। मौत नही अल्लाह के नाम ुर कुरबान हुए, जन्नत नसीब हुई है. narendramodi PMOIndia AmitShah /myogiadityanath /myogioffice dgpup dmbulandshahr bulandshahrpol आज से चार दिन पहले मैंने अपने गांव में यही बात बोल दी कि इनको ऊपर से ईस्वर भी समझने कूद आ जाये ये नही समझ सकते,तो में लिखता भी, यह लोग सारे एक हो ॐ

यूपी: डीजीपी ने दिए आदेश, तबलीगी जमात से लौटे लोगों की होगी तलाशइस कार्यक्रम में शामिल हुए करीब 6 लोगों की COVID 19 के संक्रमण से मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग पॉजिटिव पाए गए हैं. Hii Good morning Aadradiy modi g namaskar m Mujhe aaj ek book me corona virus ka dwa mila hai kripya aap ise dekhe aur kuch hame reply de देश के अनेक मस्जिदों में सैकड़ो विदेशी लोगो को छुपाना किसी भी लिहाज से सही नहीं है इन मस्जिदों के जो जो रहनुमा हैं उनपर देशद्रोह का मुकदमा होना चाहिए I am from Dharavi Mumbai 400017 here we all people use public toilets which are not senitized due to which risk of Corona virus is much because in a day on every toilet 1000+ people go there please listen to this issue and help us to provide this information to the government

गृह मंत्रालय ने 21 मार्च को किया था अलर्ट, तबलीगी जमात पर पुलिस से हुई चूक?गृह मंत्रालय ने तेलंगाना में कोरोना के पॉजिटिव मामलों के सामने आते ही 21 मार्च को सभी राज्यों के साथ भारत में जमात कार्यकर्ताओं का विवरण साझा किया था. इस संबंध में गृह मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और डीजीपी के साथ-साथ पुलिस कमिश्नर, दिल्ली को भी निर्देश जारी किए गए थे. jitendra jitendra Are they sleeper cells trigger to spread corona all over India to give us panic? आज तमिलनाडु में 57 में से 50 का निज़ामुद्दीन की मरकज़ से कनेक्शन,आंध्रप्रदेश में 40 में से 20 मरकज़ के,तेलंगाना में 6, कश्मीर में 1 मरे।अंदाज़ा लगा लीजिए जहां जहां ये गए वहां क्या हुआ होगा।🤦 jitendra

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