कोरोना वायरसः 'हवा से संक्रमण' कैसे फैलता है, ये जानना क्यों ज़रूरी है?

कोरोना वायरसः 'हवा से संक्रमण' कैसे फैलता है, इसका क्या मतलब है और ये जानना क्यों ज़रूरी है?

11-07-2020 13:00:00

कोरोना वायरसः 'हवा से संक्रमण' कैसे फैलता है, इसका क्या मतलब है और ये जानना क्यों ज़रूरी है?

हवा से संक्रमण फैला तो कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई में क्या बदल जाएगा और लोगों के जीवन पर क्या असर होगा?

शेयर पैनल को बंद करेंइमेज कॉपीरइटGetty Imagesहाल तक विश्व स्वास्थ्य संगठन का ये कहना रहा था कि कोरोना वायरस का संक्रमण किसी सतह के संपर्क में आने से ही होता है. वैज्ञानिक सबूत भी इसकी तस्दीक कर रहे थे.यही वजह थी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारियों ने कोविड-19 की बीमारी से बचाव के लिए मुख्य तौर पर हाथ धोने की सलाह दी थी.

पाकिस्तान के नए नक्शे पर क्या बोला चीन, कश्मीर पर भारत के क़दम को बताया अवैध खबरदार: राम की नगरी अयोध्या से संपूर्ण 'भूमि पूजन की रिपोर्ट' पीएम मोदी ने राम मंद‍िर का क‍िया भूम‍िपूजन, 29 बाद पूरी हुई प्रत‍िज्ञा!

लेकिन अब वे ये कह रहे हैं कि ख़ास परिस्थितियों में 'हवा से संक्रमण' की संभावना को भी ख़ारिज नहीं किया जा सकता है.इसका मतलब ये हुआ कि जब लोग एक दूसरे से बात कर रहे होते हैं या फिर सांस छोड़ रहे होते हैं, तो सूक्ष्म कणों के ज़रिये भी कोरोना वायरस का संक्रमण हो सकता है.

अगर वैज्ञानिक साक्ष्यों से इसकी पुष्टि हो जाती है तो इससे चारदीवारी के भीतर वाली जगहों पर संक्रमण से बचाव के लिए दी गई गाइडलाइंस पर असर पड़ेगा.'हवा से संक्रमण' का क्या मतलब है?इमेज कॉपीरइटEPAImage captionयदि कोरोना के हवा से फैलने की पुष्टि हो जाती है तो सुरक्षा उपाय बदल जाएंगे

'हवा से संक्रमण' तब होता है जब हम सांस के ज़रिए बैक्टीरिया या वायरस लेते हैं. ये बैक्टीरिया या वायरस हवा में तैर रहे सूक्ष्म कणों के ज़रिये हम तक पहुंचते हैं.ये सूक्ष्म कण घंटों तक हवा में रह सकते हैं. कफ़ की छोटी-छोटी बूंदें बड़े इलाके तक फैल सकती हैं. टीबी (तपेदिक), फ्लू और निमोनिया हवा के ज़रिए फैलने वाली बीमारियों के उदाहरण हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ये माना है कि इस बात के साक्ष्य मिले हैं कि बंद और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर कोरोना वायरस का संक्रमण हवा के ज़रिये हो सकता है.ये हवा में कितनी देर तक जीवित रहता है?इमेज कॉपीरइटGetty ImagesImage captionबंद जगहों पर सिर्फ़ सोशल डिस्टेंसिंग से वायरस को नहीं रोका जा सकेगा

रिसर्च में ये बात सामने आई है कि कृत्रिम रूप से जब हवा में कोरोना वायरस का छिड़काव किया गया तो ये पाया गया कि कोरोना वायरस तीन घंटे तक जीवित रह सकता है.लेकिन वैज्ञानिक ये भी कहते हैं कि ये प्रयोग लैबोरेटरी के नियंत्रित माहौल में किया गया था, असल ज़िंदगी में नतीजे अलग हो सकते हैं.

कोरोना वायरस संक्रमण के मामले जिस तेज़ी से बढ़ रहे हैं, उससे ये आशंका मज़बूत हुई हैं कि इस महामारी का संक्रमण हवा के ज़रिये भी हो सकता है.अमरीका के वॉशिंगटन शहर के माउंट वर्नन में एक आदमी पर कम से कम 45 लोगों को संक्रमित करने का संदेह है. ये लोग एक गायक मंडली के सदस्य थे.

पीएम मोदी बोले- अयोध्या में एक धन्य दिन, भगवान राम का आशीर्वाद बना रहे कोविड महामारी के प्रकोप के चलते 17.5 करोड़ लोगों का रोजगार छिनने की आशंका : रिपोर्ट अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए शिवसेना ने दिया एक करोड़ का चंदा

संक्रमित होने वाले लोगों में से कुछ ने सोशल डिस्टेंसिंग के कोई नियम नहीं तोड़े थे.जनवरी के आख़िर में चीन के ग्वांग्झू में भी ऐसा ही एक मामला रिपोर्ट हुआ था. इस आदमी पर कम से कम नौ लोगों को कोरोना संक्रमित करने का संदेह था.सभी लोगों ने एक ही रेस्तरां में खाया था. वैज्ञानिकों का कहना है कि रेस्तरां में एक संक्रमित ग्राहक उस व्यक्ति से छह मीटर की दूरी पर बैठा हुआ था.

हमें अब क्या करना चाहिए?इमेज कॉपीरइटGetty ImagesImage captionकुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि एयर कंडीशन से वायरस और ज़्यादा फैलेगाकोई बीमारी जिस तरह से फैलती है, उससे ये तय होता है कि इसे रोकने के लिए क्या क़दम उठाए जाएं.विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जारी की गई मौजूदा गाइडलाइंस के तहत गुनगुने पानी से 20 सेकेंड तक साबुन से हाथ धोने की सलाह दी गई है.

इसके अलावा डब्ल्यूएचओ ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने की भी सलाह दी है.लेकिन कुछ वैज्ञानिकों का अब ये कहना है कि इन एहतियाती उपायों की अपनी अहमियत है लेकिन हवा से संक्रमण के फैलने की सूरत में ये नाकाफ़ी होंगे.अभी तक डब्ल्यूएचओ ने अपनी मौजूदा गाइडलाइंस में कोई नई बात नहीं जोड़ी है लेकिन वे नए साक्ष्यों का मूल्यांकन कर रहे हैं.

अगर इसकी पुष्टि होती है तो आधिकारिक सलाह में मास्क के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की बात को जोड़ा जा सकता है.सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को और सख़्त करने की वकालत की जा सकती है, ख़ासकर बार, रेस्तरां और सार्वजनिक परिवहन के साधनों में.उन जगहों पर जहां एयर कंडीशनर की व्यवस्था होती है, उनके लिए भी कुछ सख़्त नियम लाने पर विचार किया जा सकता है.

डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइंस बदलने की प्रक्रिया क्या है?इमेज कॉपीरइटGetty Imagesहाल ही में 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को एक खुली चिट्ठी लिखी थी.उन्होंने हवा के ज़रिये कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना के मद्देनज़र विश्व स्वास्थ्य संगठन से अपनी गाइडलाइंस को अपडेट करने की अपील की थी.

इस चिट्ठी पर दस्तख़त करने वाले यूनिवर्सिटी ऑफ़ कोलोराडो के केमिस्ट जोसे जिमेनेज़ कहते हैं,"हम चाहते हैं कि इससे जुड़े साक्ष्यों को वह स्वीकार करें."जिमेनेज़ आगे कहते हैं,"ये निश्चित रूप से विश्व स्वास्थ्य संगठन पर कोई हमला नहीं है. ये एक वैज्ञानिक बहस है. लेकिन हमें लगा कि हमें जनता के बीच जाने की ज़रूरत है क्योंकि वह लंबी बातचीत के बाद भी सबूतों को देखने-सुनने से इनकार कर रहे थे."

रामायण सर्किट में 9 राज्यों के 15 स्थान, भगवान राम से जिनका संबंध घर में रहकर कैंसर के मरीज ने संतुलित आहार और योग से COVID-19 को दी मात सुशांत राजपूत केस की जांच करने गए पटना SP को ऐसे रखा गया है, जैसे अरेस्ट किया हो- बिहार DGP

विश्व स्वास्थ्य संगठन के इंफ़ेक्शन प्रिवेंशन एंड कंट्रोल विभाग के टेक्निकल लीड बेनेडेट्टा एल्लेग्रांज़ी ने इस चिट्ठी के जवाब में कहा कि भीड़-भाड़ वाली, बंद जगहों और ख़राब रोशनी-हवा के इंतज़ाम वाली जगहों पर हवा के ज़रिए कोरोना वायरस के संक्रमण से इनकार नहीं किया जा सकता है.

हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ये भी कहा है कि वो कोई फ़ैसला लेने से पहले और सबूतों की जांच करेगा. और पढो: BBC News Hindi »

अगर हवा से संक्रमण फैला तब तो और ज्यादा तबाही मचेगा!! COVID__19

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने माना, हवा से भी फैल सकता है कोरोना वायरस का संक्रमणविश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस संभावना को स्वीकार किया है कि जानलेवा कोरोना वायरस हवा में फैल सकता है. इस संबंध में 200 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने अंतरराष्ट्रीय संगठन से इसे लेकर कदम उठाने की अपील की है. SpeakUpForStudents खादी को बचाने के लिए ख़ाकी के इस त्याग को हमेशा याद रखा जाएगा नेताओं_का_विकास Don't trust who

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, जनसंख्या के हिसाब से भारत में कोरोना संक्रमण की स्थिति बेहतरस्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, जनसंख्या के हिसाब से भारत में कोरोना संक्रमण की स्थिति बेहतर Coronavirus COVIDー19 coronavirusinIndia स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा गलत नहीं है। 😆😆😆😆😀😀😀 इनके हिसाब से तो करोड़ भी हो जाये तब भी कहगे जनसंख्या के हिसाब से स्थिति बेहतर... 😡😡

अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने माना, कुछ शर्तों में हवा में फैल सकता है कोरोना वायरसब्रिटेन न्यूज़: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अब माना है कि किसी कोरोना संक्रमित मरीज के साथ इंडोर यानी बंद दरवाजों और घर में रहने से यह फैल सकता है। अपर्याप्त हवादार स्थानों पर संक्रमित व्यक्तियों के साथ लंबे समय तक रहने से भी कोरोना हो सकता है।

कोरोना से मौतों को रोकने के लिए सरकार बनाएगी माइक्रो प्लानDelhi Samachar: दिल्ली सरकार (Delhi Government) यह पता लगाना चाहती है कि कोविड-19 (Covid 19) से जिन लोगों की मौतें हुई हैं, उनमें कितने लोग पहले से ही अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे या उनकी उम्र क्या थी? क्या कोविड होने के बाद उनकी मौत की वजह पूर्व की गंभीर बीमारी थी या कुछ और रही है?

दिल्ली में कोरोना के दो हजार से ज्यादा नए केस, पुलिस के ASI ने गंवाई जानदिल्ली पुलिस के एक अधिकारी की भी गुरुवार को कोरोना से मौत हो गई. स्पेशल ब्रांच में तैनात ASI जीवन सिंह की सर गंगाराम अस्पताल में मौत हो गई. वह 23 जून से अस्पताल में भर्ती थे. arvindojha PankajJainClick वह अपराधी पैर से लंगड़ा भी थीं ऐसे गलत चीज को बढ़ावा देश में कोई व्यक्ति ना दे आने वाले दिनों में बहुत खतरनाक होगी कोई भी सरकार अपने राजनीतिक फायदे के लिए किसी को भी एनकाउंटर करा सकतीं है फर्जी तरीके से कृपया आवाज को बुलंद करें ऐसे गलत काम करने वाले के खिलाफ खड़ा हो जाएं

कोरोना से निपटने के लिए दिल्ली सरकार की नई रणनीति, संशोधित कोविड रिस्पांस प्लान जारीPankajJainClick