कोरोना वायरस के संक्रमण में मलेरिया की दवाई की इतनी मांग क्यों है?

कोरोना वायरस के संक्रमण में मलेरिया की दवाई की इतनी मांग क्यों है?

08-04-2020 05:53:00

कोरोना वायरस के संक्रमण में मलेरिया की दवाई की इतनी मांग क्यों है?

मलेरिया की दवा की मांग पूरे विश्व में बढ़ गई है लेकिन यह किस हद तक प्रभावी है इसे लेकर कोई ठोस प्रमाण मौजूद नहीं हैं.

शेयर पैनल को बंद करेंइमेज कॉपीरइटGetty Imagesपूरी दुनिया में मलेरिया की दवा की मांग कोरोना वायरस से निपटने के काम में आने की वजह से बढ़ गई है जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन का यह कहना है कि ये कोरोना वायरस के इलाज में कितनी प्रभावी है, इसे लेकर कोई ठोस प्रमाण मौजूद नहीं है.

PM नरेंद्र मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू को दी श्रद्धांजलि भारत-चीन के बीच तनातनी : आखिर, क्यों खिंची हैं दोनों देशों के बीच तलवारें? क्या है विवाद कांग्रेस का आरोप- यूपी में दलितों-पिछड़ों को निशाना बना रही योगी सरकार

कोरोना वायरस के इलाज में यह कितनी प्रभावी है, इसे लेकर मौजूद साक्ष्य क्या हैं और इसे कौन इस्तेमाल कर रहा है? इस दवाई के बारे में हमें क्या पता है?अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपनी ब्रीफिंग में मलेरिया में काम आने वाली दवाई हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन का बार-बार ज़िक्र किया है.

फ़ेसबुक ने ब्राज़ील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो का एक वीडियो ग़लत जानकारी फैलाने की वजह से हटा दिया है. इस वीडियो में बोलसोनारो दावा कर रहे हैं,"हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन सभी जगहों पर काम कर रही है."लंबे समय से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन का इस्तेमाल मलेरिया के बुखार को कम करने में किया जा रहा है और उम्मीद है कि यह कोरोना वायरस को भी रोकने में सक्षम हो सकती है.

बीबीसी के स्वास्थ्य संवाददाता जेम्स गैलघर कहते हैं,"स्टडी में ऐसा लगता है कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन कोरोना वायरस को रोकने में सक्षम है. डॉक्टरों की ओर से भी कहा गया है कि कुछ मामलों में यह काम कर रही है."फ़िलहाल हुए परीक्षणों में कोरोना के इलाज में यह कितनी प्रभावी होगी, इसे लेकर पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं. दूसरी ओर इस दवा का गुर्दा और लीवर पर गंभीर साइड इफेक्ट पड़ता है.

कोरोना के इलाज में मलेरिया की दवा के प्रभाव पर रिपोर्ट लिखने वाले ऑक्सफ़र्ड यूनिवर्सिटी के कोम गेबनिगी कहते हैं,"यह कितना कारगर है, यह जानने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले रैंडम क्लिनिकल ट्रायल की ज़रूरत है."इमेज कॉपीरइटReutersअमरीका, ब्रिटेन, स्पेन और चीन में 20 से ज्यादा परीक्षण चल रहे हैं. कैबिनेट मंत्री माइकल गोव बताते हैं कि ब्रिटेन में मलेरिया-रोधी दवा की कोरोना वायरस के ऊपर पड़ने वाले प्रभावों पर लगातार क्लिनिकल परीक्षण किए जा रहे हैं.

अमरीका में भी हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन और एजिथ्रोमाइसिन जैसी दवाओं को साथ मिलाकर इसके कोरोना के इलाज में प्रभावी होने के ऊपर कई परीक्षण किए जा रहे हैं.यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) अमरीका में किसी दवाई के इस्तेमाल की अनुमति देती है. उसने अभी इन दवाइयों को आपातस्थिति में कोरोना के सीमित मामलों में उपयोग की इजाज़त दी है.

इसका यह मतलब नहीं है कि एफडीए इन दवाइयों को प्रभावी मानती है. इसका मतलब है कि किसी ख़ास परिस्थिति में अस्पताल अनुरोध करके इन दवाइयों का इस्तेमाल कोरोना के मरीज़ों पर कर सकता है.अमरीका की सरकार ने कहा है कि जर्मनी की दवा कंपनी ने तीन करोड़ हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन दान में दिया है और जो सरकार के पास है.

एलएसी पर तपिश तेज: भारत के पास चीन के खिलाफ क्षमता बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं देश में COVID-19 मरीज़ों का आंकड़ा डेढ़ लाख के पार, पिछले 24 घंटे में 170 की गई जान, 6,387 नए मामले स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस की दूसरी स्क्वाड्रन आज वायुसेना में होगी शामिल

दूसरे देश भी इस दवाई का इस्तेमाल अलग-अलग स्तरों पर कर रहे हैं.इमेज कॉपीरइटReutersफ़्रांस ने अपने डॉक्टरों को कोरोना के मरीज़ों को दवा देने की सलाह की इजाज़त तो दी है लेकिन साथ ही में इसके साइड इफेक्ट को लेकर चेताया भी है.भारत के स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वालों कर्मियों को ऐहतियातन हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन लेने की सलाह तो दी है, इसके साथ ही डॉक्टर की सलाह पर उन परिवार वालों को भी ये दवा खाने को कहा है जिन परिवारों में कोरोना के किसी मामले की पुष्टि हुई है.

हालांकि भारत सरकार की शोध संस्था ने इसके प्रयोग को लेकर चेतावनी दी है और कहा है कि यह 'प्रयोग' के स्तर पर है और आपतकालीन स्थिति में ही केवल इसका इस्तेमाल करना चाहिए.मध्य-पूर्व के कई देशों ने अपने यहां इसके इस्तेमाल की इजाज़त दी है. इन देशों में बहरीन, मोरोक्को, अल्जीरिया और ट्यूनिशिया शामिल हैं. बहरीन का दावा है कि उसने सबसे पहले अपने यहां कोरोना के मरीज़ पर हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन का इस्तेमाल किया है.

जैसे-जैसे कोरोना के इलाज में इस दवा के प्रभावी होने की संभावना व्यक्त की जा रही है वैसे-वैसे कई देशों में इसकी मांग बढ़ी है और उसकी उपलब्धता में कमी हो रही है.इमेज कॉपीरइटReutersक्लोरोक्विन और इससे जुड़ी दवाइयां विकासशील देशों में पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं. इन देशों में मलेरिया के इलाज में इन दवाओं का इस्तेमाल होता आया है.

हालांकि धीरे-धीरे मलेरिया के ज़्यादा प्रतिरोधी होने की वजह से इस दवा का प्रभाव मलेरिया के मामले में कम होता गया है.जॉर्डन ने जमाखोरी रोकने के लिए दवाई दुकानों में इसकी ब्रिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है तो वहीं कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी निजी दवा दुकानों से इसे वापस ले लिया है और सरकारी केंद्रों और अस्पतालों तक इसकी उपलब्धता को सीमित कर दिया है. कीनिया में अब यह सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर ही मिलेगी. कोई काउंटर पर जाकर इसे यूं ही नहीं ख़रीद सकता.

भारत इन दवाइयों का एक बड़ा उत्पादक देश है. भारत ने इसके निर्यात पर पाबंदी लगा दी है.अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस दवा को अमरीका को देने का अनुरोध किया है. ऐसी रिपोर्ट है कि इस पर भारत सरकार विचार कर रही है.2005 में इस दवा पर पाबंदी लगने के बावजूद नाइजीरिया में लोग अभी भी मलेरिया की दवा के रूप में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. चीन में फरवरी के महीने में इस बात का जिक्र होने के बाद कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन कोरोना वायरस के ऊपर काम करती है.

अब राष्ट्रपति ट्रंप के बोलने के बाद दवा दुकानों के बाहर भारी भीड़ जमा हो रही है और आनन-फानन में ही पूरा स्टॉक बिक जा रहा है.प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहाकोरोना के आगे बेबस अमरीका को क्या है उम्मीद?नाइजीरिया के रोग नियंत्रक केंद्रों ने लोगों से अपील की है कि वो इस दवा को लेना बंद करें और कहा है कि,"विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के इलाज में इस दवा के प्रभाव की पुष्टि नहीं की है."

लद्दाख: भारत अडिग, जहां-जहां चीनी सेना वहां से 'इंच भर' भी पीछे नहीं हटेगी इंडियन आर्मी लंबी लाइन, लंबा इंतजार : घर जाने के लिए ट्रेन पकड़ने की उम्मीद, मुंबई रेलवे स्टेशन के बाहर प्रवासी मजदूरों का भारी हुजूम चीन से सीमा पर तनातनी की सही तस्वीर देश को बताए सरकार: राहुल गांधी और पढो: BBC News Hindi »

Mai kah to rahi hun R&D ko kahiye kuchh aur conposition mila ke control kiya ja sakta hai. Science 10 tak hi padha hai. Meri majburi samjhiye aap log. दवाई दे दो उसे,वरना वो सारी दुनिया को बता देगा 302 सीटें कैसे जीते हो😃 ये CORONA के वज़ह से विकसित देशो मे भय और आतुररत का परिणाम भी हो सकता है। जबकि हर तरफ अभी उपचार के लिए प्रयोग व प्रयास हो रहे है । भारत ने निर्यात से आंशिक रोक हटा कर अच्छा ही किया है।

अ बाद तद्दोजुं प्यूएफ ल टूत ला ट्यूजी दवा कंपनी के शेअर्स खरीदें है! पैसा बनाना है! तो प्रजा को 'जादुई दवां' बोलकर दवांई को खपाना बिझनेसमन का मुं का मैल है. Jiske pas budhi na ho woh kya karega. Nach na paye toh angan tera. अमेरिका जाये भाड़ में प्रधानमंत्री को अपना देशहित पहले देखना चाहिये औऱ अमेरिका तो बैसे भी चालक लोमड़ी है वोह खाता हमारी है लेक़िन ग़ुलामी चीन औऱ पाकिस्तान की करेगा नीचे नीचे😢

आखिर DelhiPolice की ऐसी क्या माबूरी है जो उसके नाम से बेहद ख़तरनाक अफ़वाह फैलाने वालों (AMISHDEVGAN आदि) पर कोई कार्यवाई नहीं कर रही? Cc: CPDelhi, PIBHomeAffairs, LtGovDelhi, ArvindKejriwal Only two can tell this. One is India’s famous and another developed country’s famous person.

कोविड-19: क्या मलेरिया की दवाई है कोरोना का तोड़, यहां जानिए हर कन्फ्यूजन का जवाबIndia News: कोरोना वायरस (Coronavirus in India) से लड़ने के लिए अभी कोई वैक्सीन तैयार नहीं हुई है। लेकिन मलेरिया की दवाई हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) का इस्तेमाल इस बीमारी में यूज करने की बात सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारत यह दवा देने का आग्रह किया है। realDonaldTrump लोग पूछ रहे हैं लोकडॉन में पटाखे कहाँ से आए ----------- तो मित्रों.... RDX आ सकता है फिर पटाखा कौनसी बड़ी बात है🤷 realDonaldTrump Kya baat kar rahe hoan...raaz ki baat pakadli tumne....thodi dawai advance me khaalo...aapko corona naa ho jaaye kahi.... realDonaldTrump लगता है हमारी मदद को हमारी मजबूरी समझ रहे है

कोरोना वायरस: आख़िर भारत मलेरिया की दवाई बेचने से बच क्यों रहा है?हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन को दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इजाद किया गया था. मलेरिया के अलावा ये जोड़ों के दर्द में भी इस्तेमाल होती है. कोरोना वायरस संकट से अमेरिका भयानक तबाही की ओर बढ़ रहा है अमेरिका पे कोरोना अटैक चीन का सीक्रेट हमला है? Manmohan Singh closed down all industries and promoted import from china? It's make now shortage of raw materials etc is this emergency period. Who is responsible Manmohan Singh and Sonia Gandhi for this today situation? But media silence on that not exposing Cong ? और बताइये.... ब्रिटेन मे क्या हाल - चाल है जी?

Live: जापान में लग सकती है इमरजेंसी, पाकिस्तान में अब तक 50 की मौतCoronavirusPandemic | Japan में लग सकती है इमरजेंसी, Pakistan में अब तक 50 की मौत। लाइव अपडेट्स पढ़ें

Live: अमेरिका में मृतकों की संख्या 10 हजार के पार, फ्रांस में 8,911 की मौतCoronavirusPandemic | अमेरिका में मृतकों की संख्या 10 हज़ार के पार, फ्रांस में 8,911 की मौत। लाइव अपडेट भगवान सभी की रक्षा करे । Omg 😢 अब चीन को मिलकर रोकना ही होगा । वरना ये पूरी दुनिया को बर्बाद कर देंगे ।

देश में बढ़ सकता है लॉकडाउन, कई राज्य सरकारों ने केंद्र से किया है आग्रह: सूत्रIndia News: देश में जारी 21 दिनों का लॉकडाउन बढ़ाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, कई राज्य सरकारों ने केंद्र से इसका आग्रह किया है। बता दें कि देश में कोरोना फैलने के बाद कनाडा सरकार की तरह भारत सरकार भी अपने नागरिकों की finencily मदद करे 🤝 सही निर्णय नहीं तो सभी के जान का खतरा बढ़ जाए गा कुछ तब्लीगी लोगों के कारण पूरे देश क्यों सजा दी रही है जिन्होनें गुनाह किया उसे सजा दी जाय 2.3 हजार लोगों के लिऐ 130 करोड़ आम जनता को सजा दी जा रही है पहले 7दिन 144 फिर 21 दिन लाकडाउन से वैसे भी देश व व्यापार 10 साल पीछे चला गया है

लॉकडाउन हटाने की रणनीति बनाने में जुटी मोदी सरकार, ये हो सकती है प्रक्रिया - Coronavirus AajTakकोरोना वायरस की वजह से पूरे देश में 25 मार्च से 14 अप्रैल तक लॉकडाउन लगा हुआ है. अगर केंद्र सरकार के आंकड़ों की माने तो सरकार ने कोरोना लॉक डाउन क्या है और क्यों जरुरी है चलती भीड़ में कोरोना संक्रमित पहचानना बहुत मुश्किल होता है यही कारण है की लॉक डाउन के बाद इतने कोरोना के संक्रिमत सामने आये, इतने या इससे जायदा लॉक डाउन से पहले भी थे, पर पहचान में नहीं आ रहे थे, लॉक डाउन से इस चेन को तोड़ा गया, 15 दिन औऱ बढ़ाया जाना चाहिए इस समय के हालात को देखते हुए 9th class me admission kab hoga kuchh information bataiye padhai me bahut disturb horahi hai

राहुल गांधी का वार- पीएम ने पहले फ्रंटफुट पर खेला, लेकिन अब बैकफुट पर हैं केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा ने क्वारंटाइन से किया किनारा, सफाई में बोले- छूट वाली कैटेगरी में आता हूं योगी आदित्यनाथ का वो बयान जिस पर मच रहा है सियासी घमासान दिल्ली के तुगलकाबाद में भीषण आग से 1500 झुग्गियां जलकर राख, सैकड़ों लोग बेघर मजदूरों की मदद के नाम पर पब्लिस्टी स्टंट के आरोप, सोनू सूद ने द‍िया जवाब आयुष मंत्रालय पर अखिलेश यादव का तंज- कोरोना से बचाता है काढ़ा और च्यवनप्राश, तो मुफ्त बांटे सरकार कोरोना अपटडेटः भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या डेढ़ लाख के क़रीब, अकेले महाराष्ट्र में 52 हज़ार से ज़्यादा मामले - BBC Hindi प्रियंका गांधी ने CM योगी आदित्यनाथ का Video शेयर कर पूछा- क्या यूपी में कोरोना वायरस के 10 लाख से ज्यादा मरीज हैं युद्ध की तैयारी में चीन! राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सेना को तैयार रहने के दिए आदेश गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर आज आधी रात से दोबारा होगा सील, इन लोगों को मिलेगी छूट कांग्रेस के संजय निरुपम ने महाराष्‍ट्र में कोरोना संकट के लिए सीएम उद्धव ठाकरे को दोषी ठहराया, लगाया यह आरोप..