Coronavirusupdates, वामपंथी बुद्धिजीवियों की मांग, कोरोना न्यूज, Demand Of Leftist İntellectuals, Corona Update, Corona Crisis, İndia Latest News

Coronavirusupdates, वामपंथी बुद्धिजीवियों की मांग

कोरोना संकट से निपटने के लिए निजी संपत्ति पर सरकारी कब्जे की मांग

कोरोना संकट से निपटने के लिए निजी संपत्ति पर सरकारी कब्जे की मांग #CoronaVirusUpdates

23-05-2020 15:01:00

कोरोना संकट से निपटने के लिए निजी संपत्ति पर सरकारी कब्जे की मांग CoronaVirusUpdates

India News: देश कोरोना के संकट से जूझ रहा है और इससे निपटने के लिए जाने-माने वामपंथी अर्थशास्त्रियों, बुद्धिजीवियों और ऐक्टिविस्टों ने एक अजीब मांग रखी है। उन्होंने सात सूत्रीय एक कार्ययोजना में कई तरह की मांगे रखी हैं।

हाइलाइट्सदेश के लोगों के पास मौजूद संसाधनों और देश के संसाधनों को इस संकट के दौरान राष्ट्रीय संसाधन माना जाना चाहिएकोरोना के मरीजों, फ्रंटलाइन वर्करों और उनके परिवारों को यूनिवर्सल और मुफ्त हेल्थ केयर सुविधा मिलनी चाहिएराशनकार्ड में शामिल हर सदस्य को हर महीने 10 किलो अनाज, 1.5 किलो दाल, 800 मिली खाद्य तेल, 500 ग्राम चीनी मिलनी चाहिए

इंडिया हटा कर देश का नाम भारत रखने की मांग, SC में 2 जून को होगी सुनवाई कोरोना को लेकर गुजरात सरकार को कड़ी फटकार लगाने वाली हाईकोर्ट पीठ में बदलाव किया गया कोरोना वायरस महामारी 2020 के अंत तक 8.6 करोड़ बच्चों को गरीबी में धकेल सकती है: रिपोर्ट

ईपीएफ में पंजीकृत कर्मचारी को नौकरी जाने पर मुआवजा मिलना चाहिएनई दिल्लीदेश के जाने-माने वामपंथी अर्थशास्त्रियों, बुद्धिजीवियों और ऐक्टिविस्टों ने देश को मौजूदा आर्थिक, स्वास्थ्य और मानवीय संकट से बाहर निकालने के लिए सभी लोगों की चल-अचल निजी संपत्ति पर सरकारी कब्जे की मांग की है। उनका कहना है कि देश के लोगों के पास मौजूद संसाधनों जैसे नकदी, रियल एस्टेट, संपत्ति, बॉन्ड आदि और देश के संसाधनों को इस संकट के दौरान राष्ट्रीय संसाधन माना जाना चाहिए।

लेटेस्ट कॉमेंटसुझाव बिल्कुल वाजिब है लेकिन शुरुआत कहा से हो। देश की सर्वप्रथम राष्ट्रीय पार्टी के सदस्यों से की जाए तो कैसा रहेगा? और सुझाव देनेवालों से भी। कब भेजे ED को संपत्तियों को खंगालने?Ajay Kumarअपना कॉमेंट लिखेंइन बुद्धिजीवियों का कहना है कि सरकार ने जो आत्मनिर्भर भारत पैकेज घोषित किया है उसमें आम लोगों की जरूरतों की अनदेखी की गई है। कोरोना संकट और लॉकडाउन के कारण आम लोग की जिंदगी और आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई है। उन्होंने मिशन जय हिंद के तहत सात सूत्रीय़ कार्य योजना का प्रस्ताव रखा है और सरकार से इस पर अमल करने की मांग की है।

उनकी मांग है कि केंद्र और राज्य सरकारों को लोगों का जीवन पटरी पर लाने के लिए इस कार्य योजना को लागू करना चाहिए। यह मांग करने वालों में इसे इतिहासकार रामचंद्र गुहा, राजमोहन गांधी, अभिजीत सेन, योगेंद्र यादव और अभिजीत सेन सहित 24 जाने-माने बुद्धिजीवी शामिल हैं। वरिष्ठ पत्रकार, राजनीतिक विश्लेषक और ऐक्टिविस्ट कंचन गुप्ता ने इस इसे ट्विटर पर साझा किया और इसे पब्लिश करने के लिए योगेंद्र यादव को धन्यवाद दिया।

प्रवासियों को 10 दिन में भेजें घरउनकी मांग है कि सरकार को प्रवासियों को 10 दिन के भीतर अपने घर जाने में मदद करनी चाहिए। उन्हें घर भेजने की व्यवस्था करनी चाहिए और ट्रेन तथा बसों का किराया देना चाहिए। राज्य सरकारों को अपने राज्य के भीतर उन्हें उनके घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। स्थानीय प्रशासन को तत्काल उन्हें भोजन, पानी और आश्रय की व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही उन्हें नजदीकी रेल या बस स्टेशन पहुंचाने का भी इंतजाम होना चाहिए।

यूनिवर्सल और मुफ्त हेल्थ केयर सुविधाकोरोना के मरीजों, फ्रंटलाइन वर्करों और उनके परिवारों को यूनिवर्सल और मुफ्त हेल्थ केयर सुविधा मिलनी चाहिए। कोरोना के लक्षण वाले सभी मरीजों की मुफ्त जांच होनी चाहिए। मरीजों के इलाज की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। फ्रंटलाइन वर्करों और उनके परिवारों को एक साल का मेडिकल और इकनॉमिक कवर मिलना चाहिए।

राशनकार्ड पर हर सदस्य को हर महीने 10 किलो अनाजराशनकार्ड में शामिल हर सदस्य को हर महीने 10 किलो अनाज, 1.5 किलो दाल, 800 मिली खाद्य तेल, 500 ग्राम चीनी मिलनी चाहिए। राशन कार्ड में अतिरिक्त नाम जोड़े जाने चाहिए या आपात राशन कार्ड मुहैया कराए जाने चाहिए। सबको राशन की सुविधा मिलने तक स्कूलों में लंगर लगाए जाने चाहिए।

चीन ने दी ताइवान पर हमले की धमकी, मिला जवाब ऐसी हिमाकत अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन पाकिस्तान में आतंकी संगठन हि‍जबुल मुजाहिदीन का सरगना सैयद सलाहुद्दीन पर किया गया हमला Jammu and Kashmir: मोदी 2.0 में बदल गई जम्मू-कश्मीर की सियासत, व्यवस्था और भूगोल

हर परिवार को साल में 200 दिन कामशहरी और ग्रामीण इलाकों में जॉब गारंटी बढ़ाई जानी चाहिए। मनरेगा के तहत देश में हर परिवार को साल में 200 दिन काम की गारंटी मिलनी चाहिए। शहरों में हर व्यक्ति को 100 दिन ग्रीन जॉब की गारंटी मिलनी चाहिए और इसके लिए 400 रुपये रोजाना मजदूरी मिलनी चाहिए। मनरेगा कार्ड वाले मजदूर को लॉकडाउन के कारण 30 दिन के काम के नुकसान के लिए मुआवजा मिलना चाहिए।

नौकरी जाने पर मुआवजाईपीएफ में पंजीकृत कर्मचारी को नौकरी जाने पर मुआवजा मिलना चाहिए। दबावग्रस्त कंपनियों को ब्याज मुक्त लोन मिलना चाहिए ताकि वे कर्मचारियों को आंशिक वेतन दे सकें। सरकार को उन एसएमएसई कंपनियों का छह महीने का ईपीएफ अंशदान देना चाहिए जो अपने कर्मचारियों को लगातार वेतन दे रही हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों को तीन महीने तक 2000 रुपये की एकमुश्त राशि।

किस्त के भुगतान में छूटकिसानों, छोटे कारोबारियों के लिए और हाउस लोन पर किस्त के भुगतान में तीन महीने की छूट मिलनी चाहिए। अर्थव्यवस्था के पटरी पर आने तक कोई ब्याज नहीं लिया जाना चाहिए। मुद्रा किशोर और शिशु लोन पर छह महीने तक ब्याज और रिपेमेंट नहीं। इस दौरान आदिवासी इलाकों को साहूकारों के भारी भरकम ब्याज दरों से बचाया जाना चाहिए।

लोगों की निजी संपत्ति राष्ट्रीय संसाधनइन लोगों का कहना है कि देश के लोगों के पास मौजूद संसाधनों जैसे नकदी, रियल एस्टेट, संपत्ति, बॉन्ड आदि और देश के संसाधनों को इस संकट के दौरान राष्ट्रीय संसाधन माना जाना चाहिए। इस उद्देश्य के लिए केद्र द्वारा जुटाए गए राजस्व का आधा हिस्सा राज्यों के साथ साझा किया जाना चाहिए। इस मिशन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और गैर जरूरी सरकारी खर्चों और सब्सिडी को बंद कर देना चाहिए।

Web Titleintellectuals demand private property must be treated as national resources और पढो: NBT Hindi News »

संकट काल में टैक्स देने वालों की कौन मदद करता है। दरिद्र इंसान अपने कर्मों के कारण रहता है। संसार की रचना ही कर्म पर आधारित है। सब अपने अपने कर्मों के अनुसार ही धन पाते हैं। कोरोना काल मे वोट बैंक और मुफ्तखोरों के घर भर गए हैं। और टैक्स देने वालों की आमदनी समाप्त हुई है। लोगों के पास कांग्रेसी गुलामों की तरह लूटी हुई संम्पत्ति नहीं है।बहुत मेहनत से इकट्ठा की हुई है,मुफ्तखोर वोट बैंक के लिए मेहनत कस लोगों की सम्पदा छीनने का षड्यंत्र कांग्रेसी ही कर सकते हैं। ये मुफ्तखोर चोरकटे अपने आप को बुद्धिजीवी कहते हैं, जबकि अक्ल चपरासी बनने जितनी नहीं है।

अब जब 2स्तरीय ईकोनोमी को लागू किया जा रहा पारख शाह लोढा अम्बानि आडानी केलिए बोलने का साहस इन मरद में नहीं सो सनातन के मिटटी के बरतन घास फूस के मकानो पर इनकी नजर इनकी नजर सनातन कि खून पी सोसाइटी बैंक को-ऑपरेटिवबैंक NBFC HOUSING MF Share मे लूट वापस कर मोदी कहने की ताकत नहीं

कोरोना संकट के बीच डॉक्टरों और नर्सों के संगठन ने केंद्र सरकार के खिलाफ खोला मोर्चाकेन्द्र सरकार ने अपने एक आदेश में मेडिकल कर्मचारियों के लिए क्वारंटीन रहने की अनिवार्यता खत्म कर दी है। जिसके खिलाफ डॉक्टरों और नर्सों के संगठन ने अपना विरोध दर्ज कराया है।

कोरोना और अम्फान के बीच देश पर एक और आफत, पाकिस्तान से आया संकटसाल के छह महीने भी नहीं गुजरे हैं कि कोरोना और तूफान अम्फान के बाद अब एक और बड़ा संकट देश के सामने है। राजस्थान में घुसीं संकट तो 2014 से ही आया हुआ है 😂😂 Bhai abhi to wha congress ki sarkar hai

बिहार में कोरोना संकट के बीच स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव का तबादलाबिहार सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव का तबादला कर उन्हें पर्यटन विभाग के मुख्य सचिव का पद दे दिया है और पर्यटन विभाग के मुख्य सचिव को अगले आदेश तक स्वास्थ्य विभाग का प्रधान सचिव बना दिया है. कोरोना का सही अपडेट बताने का गिफ्ट दिए हैं पलटू चाचा? Very bad decision of bihar govt. संजय जी कार्यकुशल और व्यवहार कुशल, गंभीर और अध्ययनशील अधिकारी हैं। बिहार जैसे विशेष राज्य के स्वास्थ्य विभाग में ज्यादा दिन रहना उनके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं था। पर्यटन में थोड़ा इत्मीनान रहेंगे। बिहार का जो हो, सो हो।

नेपाल के PM बोले- भारत से फैला कोरोना चीन-इटली से ज्यादा घातक - trending clicks AajTakप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने संसद में अपने भाषण के दौरान नेपाल में कोरोना वायरस के संक्रमण के लिए भी भारत को जिम्मेदार ठहरा दिया है. अब कुछ ज्यादा हो रहा है इसका। No words would be best to Mark this Occasion. Even if the words are joined to form a beautiful Sentence that would fall apart back in line to welcome Modi ji Make No 1 Trend HistoricOneYearOfModi2 कितना अच्छा दोस्त था कभी ये कैसी कूटनीति है

'कोरोना वायरस के खिलाफ हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल से हो सकती है मरीजों की मौत'क्या मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन या क्लोरोक्वीन कोरोना वायरस को रोक सकती है? WHO CoronavirusPandemic COVID19Pandemic hydroxychloroquine WHO Ban tik TOk

कोरोना से पस्त इकॉनमी के लिए RBI के बड़े ऐलान, रीपो रेट घटाकर 4% कियाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई को देश के नाम संबोधन में इसकी घोषणा की थी। इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार पांच दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तार से अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के लिए किए गए उपायों की घोषणा की थी। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों को बिना गारंटी आसान लोन के लिए 3 लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। अम्बानी मतबल सरकार सरकार मतबल अम्बानी मेरा मतबल रिलायंस ..2 ..2 इनवेन्टरी खत्म सनातन शिफट् 20लाख करोड़ अपनो मतबल मोदी महाजन NBFC को हुऐ बायप्रोडक्ट सहारे रिलायंस मतबल मित्रों मित्र बना रहा दुनिया ता सनातन को मूरख और कच्चा तेल से हुई हानि निवेशक से रहा वसूल! कोई नया याद नहीं आया बचा तो लाॅक ऑपन!😉

चीन के साथ सरहद पर तनाव को लेकर पीएम मोदी का 'मूड ठीक नहीं' है: ट्रंप मोदी सरकार में मध्यम वर्ग क्या ताली और थाली ही बजाएगा? Modi Government 2: भाजपा दस करोड़ घरों तक पहुंचाएगी पीएम मोदी की उपलब्धि कोविड-19 जैसे लक्षण दिखने पर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा अस्पताल में भर्ती चुनौतियों को अवसर में बदलते योगी: देश के सबसे प्रभावी, ईमानदार और कठोर परिश्रमी मुख्यमंत्री सोनिया गांधी की डिमांड- प्रवासी मजदूरों के लिए खजाना खोले मोदी सरकार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का केंद्र सरकार को सुझाव- खजाने का ताला खोलिए और जरूरतमंदों को राहत दीजिए Rising India: जादुई कोटिंग से आपके कपड़े बन जाएंगे 'कोरोना रोधी कवच' कोरोना: 46 घंटे की ट्रेन यात्रा, सिर्फ दो बार खाना और तीन बार पानी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण शुरू होने पर तिलमिला उठा पाकिस्तान, बयान पर संत भड़के खबरदार: पुलवामा पार्ट-2 में पाकिस्तान की भूमिका का विश्लेषण