कोरोना वैक्सीन की 1 एक अरब डोज़ दान करेंगे जी-7 देश: आज की बड़ी ख़बरें - BBC Hindi

कोरोना वैक्सीन की 1 एक अरब डोज़ दान करेंगे जी-7 देश

13-06-2021 16:24:00

कोरोना वैक्सीन की 1 एक अरब डोज़ दान करेंगे जी-7 देश

जी-7 देशों के नेताओं ने अगले साल तक कोरोना वैक्सीन की 1 अरब डोज़ दान करने का ऐलान किया है.

6:53नासा के पहले ‘मेगारॉकेट’ की तस्वीर आई सामने, चांद पर इंसानों को भेजने की दिशा में पहला क़दमNASACopyright: NASAकोर स्टेज और ट्विन बूस्टर रॉकेट्स स्टेच्यू ऑफ़ लिबर्टी से भी ज़्यादा ऊंचे हैं.Image caption: कोर स्टेज और ट्विन बूस्टर रॉकेट्स स्टेच्यू ऑफ़ लिबर्टी से भी ज़्यादा ऊंचे हैं.

मॉन्टी पनेसर के फ़ैसले से पाकिस्तान को झटका - BBC Hindi India vs Belgium Hockey Live: बेल्जियम ने की वापसी, मुकाबला फिर से 2-2 की बराबरी पर लखनऊ: कैब ड्राइवर को बीच सड़क ताबड़तोड़ चांटे मारने वाली लड़की पर FIR

नासा ने अपने पहले शक्तिशाली स्पेस लॉन्च सिस्टम (एसएलएस) के रॉकेट को तैयार कर लिया है. ये रॉकेट इसी दशक के भीतर चांद पर इंसानों को ले जाएगा.शुक्रवार को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर में इंजीनियरों ने रॉकेट के 65 मीटर ऊंचे मूल हिस्से को दो छोटे बूस्टर रॉकेटों के बीच फ़िट किया.

ये पहली बार है जब इस विशाल रॉकेट के तीनों हिस्सों को लॉन्च कंफिग्रेशन में स्थापित किया गया है.नासा इस साल एसएलएस को उसकी पहली उड़ान पर भेजेगा.इस मिशन को आर्टेमिस-1 नाम दिया गया है. इसके तहत एसएलएस अमेरिका की अगली पीढ़ी के क्रू व्हीकल ओरियन को चांद की तरफ लेकर जाएगा. headtopics.com

हालांकि पहली उड़ान में इंसानों को नहीं भेजा जाएगा. इंजीनियर 2023 में इंसानों को भेजने से पहले रॉकेट और स्पेसशिप को पूरी तरह परखना चाहते हैं.स्टेच्यू ऑफ़ लिबर्टी से ऊंचेNASACopyright: NASAविहिकल एसेंबली बिल्डिंग (वीएबी) में कोर स्टेज को खड़ा किया गयाImage caption: विहिकल एसेंबली बिल्डिंग (वीएबी) में कोर स्टेज को खड़ा किया गया

एसएलएस में एक विशाल कोर स्टेज है जिसमें प्रोपेलेंट टैंक और चार शक्तिशाली इंजन हैं. इसके दोनों तरफ़ दो 54 मीटर लंबे सॉलिड रॉकेट बूस्टर हैं.उड़ान के पहले दो मिनट के दौरान ये दोनों बूस्टर रॉकेट ही एसएलएस को ज़मीन से ऊपर उठने के लिए पर्याप्त शक्ति देते हैं.

इस रॉकेट की कोर स्टेज और दोनों ही सॉलिड रॉकेट बूस्टर स्टेच्यू ऑफ़ लिबर्टी की बिना पायदान के ऊंचाई से ऊंचे हैं.शुक्रवार और शनिवार को केनेडी स्पेस सेंटर के इंजीनियरों ने कोर स्टेज को दोनों सॉलिड रॉकेट बूस्टरों के बीच में एक प्लेटफार्म पर खड़ा किया जिसे मोबाइल लॉन्चर कहते हैं.

ये स्ट्रक्चर इस समय नासा की विशाल क्यूबॉइड व्हीकल असेंबली बिल्डिंग (वीएबी) में रखा गया है.क्या है ग्रीन रनNASACopyright: NASAउठाए जाने के बाद कोर स्टेज को पूरी तरह घुमाया गयाImage caption: उठाए जाने के बाद कोर स्टेज को पूरी तरह घुमाया गयामोबाइल लॉन्चर के ज़रिए एसएलएस का परीक्षण और मरम्मत की जा सकती है. इसी के ज़रिए इस विशाल रॉकेट को लॉन्च पैड पर पहुंचाया जाएगा. headtopics.com

टोक्यो ओलंपिक: हॉकी के सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में भारत मज़बूत या बेल्जियम - BBC News हिंदी ओलिंपिक में 2.02 मीटर से मेडल जीतने से चूकीं कमलप्रीत: टॉप 6 में पहुंचकर रचा इतिहास तो मां बोली-मेरे लिए तो बेटी जीत गई, वहां तक पहुंचना ही बहुत बड़ी बात है; फिर फूटे पटाखे Tokyo के बाद अब सिंधु की निगाहें पेरिस ओलंपिक पर, कहा- सफर अभी रुकेगा नहीं...

इंजीनियरों ने पिछले साल नवंबर में एसएलएस को मोबाइल लॉन्चर पर रखने का काम शुरू किया था.जब ये सब किया जा रहा था तब रॉकेट की कोर स्टेज को मिसीसिपी प्रांत में टेस्ट स्टैंड पर रखा गया था. इस दौरान इसका विस्तृत परीक्षण किया जा रहा था जिसे ग्रीन रन कहते हैं.

मार्च में कोर स्टेज के इंजनों को आठ मिनट के लिए चालू किया गया था. ये परीक्षण कामयाब रहा था.एसएलएस इतने समय के भीतर ही ज़मीन से अंतरिक्ष में पहुंच जाएगा. ये ग्रीन रन का अंतिम और सबसे ज़रूरी परीक्षण था.नवीकरण के बाद कोर स्टेज को विशाल नौका के ज़रिए केनेडी स्पेस सेंटर पहुंचाया गया था.

NASACopyright: NASAआर्टवर्क: नासा वापस चांद पर लौटना चाहता है लेकिन इस बार वहां रहने के लिएImage caption: आर्टवर्क: नासा वापस चांद पर लौटना चाहता है लेकिन इस बार वहां रहने के लिएअर्टेमिस-3 1972 में चांद पर अपोलो-17 की लैंडिंग के बाद पहला मिशन होगा जिसमें इंसान फिर से चांद पर क़दम रखेगा. ये अगले कुछ सालों में लॉन्च किया जाएगा.

नासा ने हाल ही में अगली पीढ़ी के मून लैंडर के निर्माण के लिए स्पेस एक्स को ठेका दिया है. स्पेस एक्स इस काम के लिए अपने स्टारशिप डिज़ाइन को अपना रही है. और पढो: BBC News Hindi »

झारखंड में जज की हत्या का आरोपी गिरफ्तार: ऑटो चालक ने गुनाह कबूला, केस की जांच SIT करेगी; हाईकोर्ट ने कहा- कोताही हुई तो केस CBI को सौंपेंगे

झारखंड के धनबाद में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की हत्या की मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि इनमें से एक ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। झारखंड पुलिस के प्रवक्ता अमोल बी होमकर ने बताया कि ऑटो चालक लखन वर्मा और उसके सहयोगी राहुल वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। लखन ने स्वीकार किया है कि उसने ऑटो से जज को धक्का मारा था। | Jharkhand Judge Murder CCTV Footage | Uttam Anand Dies After Being Hit By Auto In Dhanbad

अगर चीन मनमानी कर रहा है सभी देश को उस पर नजर रखनी चाहिए कड़ी आपत्ति दर्ज करानी चाहिए Or china ne maan li , 🤣 Well done, क्या गैर लोकतांत्रिक देश एकतरफा कार्यवाही से बाज़ आ सकते है उनको चेतावनी मतलब भैस के आगे बिन बजाना है? भारत की और कोई स्पष्ट रुख..? It's too late now. बहुत ही सराहनीय कदम है इसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है

India ko nahi chahiye kyonki ... modi hai tho mumkin hai ( feku hai tho mumkin hai)😁😁😁

वैश्विक समझौते से ही कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति संभव, विकासशील देशों को मिलेगी मदद: WTOमामले में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा है कि वो अस्थायी छूट का समर्थन करते हैं लेकिन अन्य विकसित देश जहां कई बड़ी दवा कंपनियां हैं। उनका मानना है कि इस तरह के कदम से उत्पादन को बढ़ावा नहीं मिलेगा बल्कि इससे अनुसंधान और विकास प्रभावित हो सकता है।

अब देश के सुदूर इलाकों में जल्‍द ड्रोन से कोरोना वैक्‍सीन पहुंचाएगी सरकारCorona Vaccination: अब सरकार देश के उन सुदूर इलाकों में अनमैंड एरियल व्‍हीकल (UAV) यानी ड्रोन (Drones) के जरिये कोरोना वायरस की वैक्‍सीन पहुंचाने की योजना बना रही है, जहां के रास्‍ते दुर्गम हैं या जहां पहुंचना कठिन है.

वैक्सीन पर नहीं घटा GST, रेमडेसिविर समेत कोरोना से जुड़े कई दवा-उपकरणों पर राहतवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) की अध्यक्षता में आज (शनिवार) गुड्स एंड सर्विस टैक्स काउंसिल (GST Council Meeting) की 44वीं बैठक हुई. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह बैठक हुई. बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur), कई राज्यों के वित्त मंत्री और केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. वित्त मंत्री ने कहा, ये मीटिंग सिर्फ एक मुद्दे पर बुलाई गई थी. GOM की रिपोर्ट 6 तारीख को हमें दी गई थी. ये रिपोर्ट COVID-19 के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाले चीजों पर थी. Modi ji to free me dene ki bat kar rahe the मोदी जी आपदा में अवसर लूटते हर नारी नर आप मालिक हैं , जैसी आपकी मर्जी 🙏

ताकि कोरोना वैक्सीन रहे कारगर: वैक्सीन की दो डोज छोड़िए, तीसरी डोज के लिए ट्रायल शुरू, वैरिएंट्स के लिए खास बूस्टर डोज की भी तैयारी; जानिए अपने सवालों के जवाबदुनिया में जैसे-जैसे लोगों को कोरोना वैक्सीन लग रही हैं, सभी के मन में सवाल हैं कि आखिर ये वैक्सीन उन्हें कब तक सुरक्षा देंगी? क्या ये वैक्सीन नए-नए तरह के कोरोना यानी कोरोना वायरस के नए वैरिएंट्स के खिलाफ कारगर होंगी? | Questions Answered About Covid-19 Vaccine Booster Shots हमें हर साल फ्लू की वैक्सीन क्यों लगवानी पड़ती, जबकि बचपन में ही लगे खसरे के दो टीके हमें ताउम्र बचाते हैं? कोरोना वैक्सीन दूसरी बीमारियों की वैक्सीन के मुकाबले क्यों जल्दी बेअसर हो जाएगी? कोरोना वायरस के वैरिएंट्स का क्या होगा? Jyadatar sirf batolebajee hai, kyunki 2 doze ke baad herd immunity ban jayegee aur Jo 2-4 apwaad honge unse jyada fark nahee padega. Third dose Health workers and frontline workers ko de sakte Hain संविदा_का_विरोध_करने_दिल्ली_पहुंचे_कंप्यूटर_ग्रेजुएट अरोड़ा_बना_कंप्यूटर_भर्ती_का_रोड़ा देखना है जोर कितना बाजुये कातिल मे है ashokgehlot51 ShantiDhariwal DrBDKallaINC TheUpenYadav RaghusharmaINC PramodBhayaINC GovindDotasra RahulGandhi priyankagandhi

कोरोना की दूसरी लहर में 719 चिकित्सकों की गई जान, बिहार ने खोए सबसे ज्यादा डॉक्टरआईएमए के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर में देशभर के 719 डॉक्टर्स की मौत हुई है. इन 719 में 111 डॉक्टर्स अकेले बिहार के हैं. दिल्ली में 109, यूपी में 79, पश्चिम बंगाल में 63 और राजस्थान में 43 चिकित्सकों की मौत हुई है. snehamordani IMA को एक आंकड़ा येभी जारी करना चाहिए के कितने हस्पतालों ने ओर कितने डाक्टरों ने बीस लाख से ज्यादा के बिल कोरॉना मरीजों से वसूले ओर उन मरीजों में से कितने जिंदा बचे।

कोरोना की दूसरी लहर में झेली ऑक्सीजन की किल्लत, अब दिल्ली के अस्पताल बन रहे 'आत्मनिर्भर'दिल्ली सरकार ने 9 अस्पतालों में 22 नए ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट किए हैं. इन प्लांट्स की संयुक्त क्षमता 17 मीट्रिक टन है और अब तक दिल्ली में ऑक्सीजन के कुल 27 प्लांट शुरू किए जा चुके हैं. PankajJainClick After one week your reporter should have fact-check whether the oxygen plants are really working or false propaganda by AAP government.