कोरोना वायरस: राज्यों को सौंपी कमान, क्या मोदी सरकार ने मान ली हार?

कोरोना वायरस: राज्यों को सौंपी कमान, क्या मोदी सरकार ने मान ली हार?

01-06-2020 18:02:00

कोरोना वायरस: राज्यों को सौंपी कमान, क्या मोदी सरकार ने मान ली हार?

केंद्र सरकार ने अब लॉकडाउन खोलकर गेंद राज्यों के पाले में डाल दी है.

आपके सवालकोरोना वायरस क्या है?लीड्स के कैटलिन सेसबसे ज्यादा पूछे जाने वालेबीबीसी न्यूज़स्वास्थ्य टीमकोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है जिसका पता दिसंबर 2019 में चीन में चला. इसका संक्षिप्त नाम कोविड-19 हैसैकड़ों तरह के कोरोना वायरस होते हैं. इनमें से ज्यादातर सुअरों, ऊंटों, चमगादड़ों और बिल्लियों समेत अन्य जानवरों में पाए जाते हैं. लेकिन कोविड-19 जैसे कम ही वायरस हैं जो मनुष्यों को प्रभावित करते हैं

कोरोना: डॉक्टरों, नर्सों की कमी से जूझते हुए जारी है महामारी से जंग कोरोना वायरस की वैक्सीन में केकड़ा के ख़ून का क्या इस्तेमाल? NDTV पर दिखने के कुछ मिनट बाद ही कांग्रेस ने संजय झा को किया निलंबित, अनुशासनहीनता का आरोप

कुछ कोरोना वायरस मामूली से हल्की बीमारियां पैदा करते हैं. इनमें सामान्य जुकाम शामिल है. कोविड-19 उन वायरसों में शामिल है जिनकी वजह से निमोनिया जैसी ज्यादा गंभीर बीमारियां पैदा होती हैं.ज्यादातर संक्रमित लोगों में बुखार, हाथों-पैरों में दर्द और कफ़ जैसे हल्के लक्षण दिखाई देते हैं. ये लोग बिना किसी खास इलाज के ठीक हो जाते हैं.

लेकिन, कुछ उम्रदराज़ लोगों और पहले से ह्दय रोग, डायबिटीज़ या कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ रहे लोगों में इससे गंभीर रूप से बीमार होने का ख़तरा रहता है.एक बार आप कोरोना से उबर गए तो क्या आपको फिर से यह नहीं हो सकता?बाइसेस्टर से डेनिस मिशेलसबसे ज्यादा पूछे गए सवाल

बाीबीसी न्यूज़स्वास्थ्य टीमजब लोग एक संक्रमण से उबर जाते हैं तो उनके शरीर में इस बात की समझ पैदा हो जाती है कि अगर उन्हें यह दोबारा हुआ तो इससे कैसे लड़ाई लड़नी है.यह इम्युनिटी हमेशा नहीं रहती है या पूरी तरह से प्रभावी नहीं होती है. बाद में इसमें कमी आ सकती है.

ऐसा माना जा रहा है कि अगर आप एक बार कोरोना वायरस से रिकवर हो चुके हैं तो आपकी इम्युनिटी बढ़ जाएगी. हालांकि, यह नहीं पता कि यह इम्युनिटी कब तक चलेगी.कोरोना वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड क्या है?जिलियन गिब्समिशेल रॉबर्ट्सबीबीसी हेल्थ ऑनलाइन एडिटरवैज्ञानिकों का कहना है कि औसतन पांच दिनों में लक्षण दिखाई देने लगते हैं. लेकिन, कुछ लोगों में इससे पहले भी लक्षण दिख सकते हैं.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि इसका इनक्यूबेशन पीरियड 14 दिन तक का हो सकता है. लेकिन कुछ शोधार्थियों का कहना है कि यह 24 दिन तक जा सकता है.इनक्यूबेशन पीरियड को जानना और समझना बेहद जरूरी है. इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों को वायरस को फैलने से रोकने के लिए कारगर तरीके लाने में मदद मिलती है.

क्या कोरोना वायरस फ़्लू से ज्यादा संक्रमणकारी है?सिडनी से मेरी फिट्ज़पैट्रिकमिशेल रॉबर्ट्सबीबीसी हेल्थ ऑनलाइन एडिटरदोनों वायरस बेहद संक्रामक हैं.ऐसा माना जाता है कि कोरोना वायरस से पीड़ित एक शख्स औसतन दो या तीन और लोगों को संक्रमित करता है. जबकि फ़्लू वाला व्यक्ति एक और शख्स को इससे संक्रमित करता है.

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फ़्लू और कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं.बार-बार अपने हाथ साबुन और पानी से धोएंजब तक आपके हाथ साफ न हों अपने चेहरे को छूने से बचेंखांसते और छींकते समय टिश्यू का इस्तेमाल करें और उसे तुरंत सीधे डस्टबिन में डाल दें.आप कितने दिनों से बीमार हैं?

मेडस्टोन से नीताबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमहर पांच में से चार लोगों में कोविड-19 फ़्लू की तरह की एक मामूली बीमारी होती है.इसके लक्षणों में बुख़ार और सूखी खांसी शामिल है. आप कुछ दिनों से बीमार होते हैं, लेकिन लक्षण दिखने के हफ्ते भर में आप ठीक हो सकते हैं.अगर वायरस फ़ेफ़ड़ों में ठीक से बैठ गया तो यह सांस लेने में दिक्कत और निमोनिया पैदा कर सकता है. हर सात में से एक शख्स को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.

End of कोरोना वायरस के बारे में सब कुछमेरी स्वास्थ्य स्थितियांआपके सवालअस्थमा वाले मरीजों के लिए कोरोना वायरस कितना ख़तरनाक है?फ़ल्किर्क से लेस्ले-एनमिशेल रॉबर्ट्सबीबीसी हेल्थ ऑनलाइन एडिटरअस्थमा यूके की सलाह है कि आप अपना रोज़ाना का इनहेलर लेते रहें. इससे कोरोना वायरस समेत किसी भी रेस्पिरेटरी वायरस के चलते होने वाले अस्थमा अटैक से आपको बचने में मदद मिलेगी.

अगर आपको अपने अस्थमा के बढ़ने का डर है तो अपने साथ रिलीवर इनहेलर रखें. अगर आपका अस्थमा बिगड़ता है तो आपको कोरोना वायरस होने का ख़तरा है.क्या ऐसे विकलांग लोग जिन्हें दूसरी कोई बीमारी नहीं है, उन्हें कोरोना वायरस होने का डर है?स्टॉकपोर्ट से अबीगेल आयरलैंड

बीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमह्दय और फ़ेफ़ड़ों की बीमारी या डायबिटीज जैसी पहले से मौजूद बीमारियों से जूझ रहे लोग और उम्रदराज़ लोगों में कोरोना वायरस ज्यादा गंभीर हो सकता है.ऐसे विकलांग लोग जो कि किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित नहीं हैं और जिनको कोई रेस्पिरेटरी दिक्कत नहीं है, उनके कोरोना वायरस से कोई अतिरिक्त ख़तरा हो, इसके कोई प्रमाण नहीं मिले हैं.

जिन्हें निमोनिया रह चुका है क्या उनमें कोरोना वायरस के हल्के लक्षण दिखाई देते हैं?कनाडा के मोंट्रियल से मार्जेबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमकम संख्या में कोविड-19 निमोनिया बन सकता है. ऐसा उन लोगों के साथ ज्यादा होता है जिन्हें पहले से फ़ेफ़ड़ों की बीमारी हो.लेकिन, चूंकि यह एक नया वायरस है, किसी में भी इसकी इम्युनिटी नहीं है. चाहे उन्हें पहले निमोनिया हो या सार्स जैसा दूसरा कोरोना वायरस रह चुका हो.

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End of मेरी स्वास्थ्य स्थितियांअपने आप को और दूसरों को बचानाआपके सवालकोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकारें इतने कड़े कदम क्यों उठा रही हैं जबकि फ़्लू इससे कहीं ज्यादा घातक जान पड़ता है?हार्लो से लोरैन स्मिथजेम्स गैलेगरस्वास्थ्य संवाददाताशहरों को क्वारंटीन करना और लोगों को घरों पर ही रहने के लिए बोलना सख्त कदम लग सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो वायरस पूरी रफ्तार से फैल जाएगा.

फ़्लू की तरह इस नए वायरस की कोई वैक्सीन नहीं है. इस वजह से उम्रदराज़ लोगों और पहले से बीमारियों के शिकार लोगों के लिए यह ज्यादा बड़ा ख़तरा हो सकता है.क्या खुद को और दूसरों को वायरस से बचाने के लिए मुझे मास्क पहनना चाहिए?मैनचेस्टर से एन हार्डमैनबीबीसी न्यूज़

हेल्थ टीमपूरी दुनिया में सरकारें मास्क पहनने की सलाह में लगातार संशोधन कर रही हैं. लेकिन, डब्ल्यूएचओ ऐसे लोगों को मास्क पहनने की सलाह दे रहा है जिन्हें कोरोना वायरस के लक्षण (लगातार तेज तापमान, कफ़ या छींकें आना) दिख रहे हैं या जो कोविड-19 के कनफ़र्म या संदिग्ध लोगों की देखभाल कर रहे हैं.

मास्क से आप खुद को और दूसरों को संक्रमण से बचाते हैं, लेकिन ऐसा तभी होगा जब इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए और इन्हें अपने हाथ बार-बार धोने और घर के बाहर कम से कम निकलने जैसे अन्य उपायों के साथ इस्तेमाल किया जाए.फ़ेस मास्क पहनने की सलाह को लेकर अलग-अलग चिंताएं हैं. कुछ देश यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके यहां स्वास्थकर्मियों के लिए इनकी कमी न पड़ जाए, जबकि दूसरे देशों की चिंता यह है कि मास्क पहने से लोगों में अपने सुरक्षित होने की झूठी तसल्ली न पैदा हो जाए. अगर आप मास्क पहन रहे हैं तो आपके अपने चेहरे को छूने के आसार भी बढ़ जाते हैं.

यह सुनिश्चित कीजिए कि आप अपने इलाके में अनिवार्य नियमों से वाकिफ़ हों. जैसे कि कुछ जगहों पर अगर आप घर से बाहर जाे रहे हैं तो आपको मास्क पहनना जरूरी है. भारत, अर्जेंटीना, चीन, इटली और मोरक्को जैसे देशों के कई हिस्सों में यह अनिवार्य है.अगर मैं ऐसे शख्स के साथ रह रहा हूं जो सेल्फ-आइसोलेशन में है तो मुझे क्या करना चाहिए?

लंदन से ग्राहम राइटबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमअगर आप किसी ऐसे शख्स के साथ रह रहे हैं जो कि सेल्फ-आइसोलेशन में है तो आपको उससे न्यूनतम संपर्क रखना चाहिए और अगर मुमकिन हो तो एक कमरे में साथ न रहें.सेल्फ-आइसोलेशन में रह रहे शख्स को एक हवादार कमरे में रहना चाहिए जिसमें एक खिड़की हो जिसे खोला जा सके. ऐसे शख्स को घर के दूसरे लोगों से दूर रहना चाहिए.

End of अपने आप को और दूसरों को बचानामैं और मेरा परिवारआपके सवालमैं पांच महीने की गर्भवती महिला हूं. अगर मैं संक्रमित हो जाती हूं तो मेरे बच्चे पर इसका क्या असर होगा?बीबीसी वेबसाइट के एक पाठक का सवालजेम्स गैलेगरस्वास्थ्य संवाददातागर्भवती महिलाओं पर कोविड-19 के असर को समझने के लिए वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन अभी बारे में बेहद सीमित जानकारी मौजूद है.

यह नहीं पता कि वायरस से संक्रमित कोई गर्भवती महिला प्रेग्नेंसी या डिलीवरी के दौरान इसे अपने भ्रूण या बच्चे को पास कर सकती है. लेकिन अभी तक यह वायरस एमनियोटिक फ्लूइड या ब्रेस्टमिल्क में नहीं पाया गया है.गर्भवती महिलाओंं के बारे में अभी ऐसा कोई सुबूत नहीं है कि वे आम लोगों के मुकाबले गंभीर रूप से बीमार होने के ज्यादा जोखिम में हैं. हालांकि, अपने शरीर और इम्यून सिस्टम में बदलाव होने के चलते गर्भवती महिलाएं कुछ रेस्पिरेटरी इंफेक्शंस से बुरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं.

मैं अपने पांच महीने के बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हूं. अगर मैं कोरोना से संक्रमित हो जाती हूं तो मुझे क्या करना चाहिए?मीव मैकगोल्डरिकजेम्स गैलेगरस्वास्थ्य संवाददाताअपने ब्रेस्ट मिल्क के जरिए माएं अपने बच्चों को संक्रमण से बचाव मुहैया करा सकती हैं.अगर आपका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज़ पैदा कर रहा है तो इन्हें ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पास किया जा सकता है.

ब्रेस्टफीड कराने वाली माओं को भी जोखिम से बचने के लिए दूसरों की तरह से ही सलाह का पालन करना चाहिए. अपने चेहरे को छींकते या खांसते वक्त ढक लें. इस्तेमाल किए गए टिश्यू को फेंक दें और हाथों को बार-बार धोएं. अपनी आंखों, नाक या चेहरे को बिना धोए हाथों से न छुएं.

बच्चों के लिए क्या जोखिम है?लंदन से लुइसबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमचीन और दूसरे देशों के आंकड़ों के मुताबिक, आमतौर पर बच्चे कोरोना वायरस से अपेक्षाकृत अप्रभावित दिखे हैं.ऐसा शायद इस वजह है क्योंकि वे संक्रमण से लड़ने की ताकत रखते हैं या उनमें कोई लक्षण नहीं दिखते हैं या उनमें सर्दी जैसे मामूली लक्षण दिखते हैं.

हालांकि, पहले से अस्थमा जैसी फ़ेफ़ड़ों की बीमारी से जूझ रहे बच्चों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए. और पढो: BBC News Hindi »

Central Government has given sufficient time to State Governments to become self sufficient to fight against Corona Viral disease (COVID-19). BBC is delegating of authority khatay hai.. Par tum tho vidashi hindi media ho... samaj nahi payogay... Yes.. यस फेल हो गई सरकार लाकडाऊन लगा उस टाईम हम 38 नंबर पे थे और आज एशिया में नंबर वन ।

नहीं ! लाभ 100% पा लिया मोदी सरकार तां अपनो में ! -कोरोना लाया ईकोनोमी के ईज्जत बचाने वाले दिन इनवेंटरी मजदूर लगे ठिकाने! अपनो हाथ आया20लाख करोड़ सोसाइटी बैंक को-ऑपरेटिव बैंक NBFC HOUSING MF Share मे लुटे मौत बिमारी में मोदी महाजन को भूले मोदी शाह 2नो संतोश का झूला झूले! Sab kaam baap hi karega to beta kya g... Mararyega

बेवड़ी मीडिया दलाल मीडिया शर्मनाक भाजपा सरकार मोदी सरकार ने महामारी से लड़ा ही नहीं बल्कि वो मजदूरों से मुसलमानों से गरीबों से लड़ रही है महामारी जैसे कठिन समय में भी हिन्दू मुस्लिम दंगे कराने में लगे हुए हैं 6 सालों में देश के लिए एक काम नहीं किया गया उसी नाकामी को छुपाने के लिए हिन्दू मुस्लिम दंगे कराए गए कमजोर सरकार

राज्य सरकारों को इसलिए कमान सौंपी है क्योंकि मोदी सरकार तुम्हारे आका चीन को सबक सिखाने में लगी है। और राज्य सरकारों के नेता सक्षम है अपने राज्य को संभालने में । bbc न्यूज़ भारत के ज्यादातर लोग तुम्हारी असलियत जानते है। नहीं हार नहीं मानना चाहिये एक बार अगर समस्त देशवासी किसी एक टाईम खड़े हो पिपहरी या सुतही बजा दे करोना खत्म और लोगो से बजवाने की योग्यता सिर्फ मोदी के पास है

Jahir si baat h मोदी सरकार 2 महीना देश को अपने कंट्रोल में नही रख पाई तीसरे लॉक डाउन से सबकुछ राज्यों पर छोड़कर, मोदी जी भाग निकले। मोदी जी भारत के प्रधानमंत्री हैं INCMP नमस्ते ट्रंप और मध्य प्रदेश सरकार बनाने के चक्कर में महामारी फैला दी। वियतनाम में जनवरी से ही जागरूकता बढ़ा दी गई थी, चीन का पड़ोसी होते हुए भी एक भी कोविड से मौत नहीं हुई।

लड़ने की इक्षाशक्ति थी ही कब इस सरकार में जो कहा जाये कि हार मानली, जो लड़ता है वही जीतता या हारता है और जो कभी लड़ा ही नहीं उसकी क्या जीत और क्या हार 🤔 तू तो भोसरी के मोदी के रोज झटिया भी खोज रहा होगा कि कहाँ गिरा BBC का नाम बदनाम कर दिया, मोडिफोबिया में, थू 8 बजे रात के बाद कमान संभाली ही कब थी Modi sarkar samjh hi nahi pai kya karna hai....modi me attitude hai wah kisi se ...bat vichar nahi karte

बिल्कुल पतली गली से वह निकल गया BBC इंडिया ख़िलाफ़त में कांग्रेस से भी आगे है,ये देश की छवि खराब कर रहे हैं, इसको संज्ञान लेते हुए HMOIndia और OfficeOfRSP बेन करने की पहल करें, का काम केवल देश को बदनाम करना है और उससे सस्ती लोकप्रियता हासिल करना। PMOIndia अब तुम्हारे हवाले तुम्हारा राज्य साथियों!! इस से ज्यादा मे आप लोगों का बेड़ा गर्क नही कर सकता :- स्त्रोत 'मन की बात'

लग तो ऐसा ही रहा है इन गोरों अंग्रेजों की टीआरपी देखो, कैसे और क्या टीआरपी चला रखा है।जब देश में अलग-अलग राजनीति पार्टियों की सरकारें हो, और सब अपने हिसाब से अपनी समझदारी दिखाकर काम करने की सोच रखता हो,वहा संवैधानिक और संघीय ढांचे के हिसाब से चलने पड़ते हैं। वर्ना प्रदेश सरकारो जो, प्रवासी मजदूरों क आत्मनिर्भरता की बात है

Jisne v ye headline likhi hai uska pant utar kar chcht chht chht chht chht chht chht chht chht chht chht thokna chahiye इसमें हारजीत की क्या बात? Modi विशेषज्ञों की सलाह पर guidelines दे सकते हैं जमीन पर उनका implementation राज्यों को ही करना है वो उसे सफल भी कर सकते हैं और विफल भी पर भुगतना आखिर में जनता को ही है और ये ही हमारे federal structure की विडम्बना है जहां आज महामारी पर राजनीति भारी है

हार तो अंग्रेजो ने मानी थी...बड़े jahir ho rha hai unke bas ka kuchh bhi nahi hai Voh sirf ghumne me interest rakhte hai बिलकुल Yes Teri ma ka bhosda जैसा नाम आपका वैसा ही सोच.... BBC😄😄😆😆🤣🤣🤣 हां तेरी अम्मी का जोपडा बीबीसी नही बीबीसी और ndtv जैसे चैनल अब खेले । जब मोदी ने कहा मान जाओ पर नही अब भुगतो... मिक्स ब्रीड तुम्हे अकल नही आएगी दुनिया समस्त जीव मर जाये पर जिंग पिंग के नीचे ही लटके रहना

Bhaiyya aag lagane mea BBC sea badker koi Nahi ? Kyu itni problem hai Bhai goverment sea ? चाटुकारिता बीबीसी कहीं फेक तो नहीं तेरा ट्विटर हमेशा नफरत करते हो मोदी को 2019 में अल्लाह भी नहीं हरा सका चुतिपा पैंटी छोड़ काम की बात कर बोल वन्दे मातरम् जय चाणक्य जय चन्द्रगुप्त nikhatbanooo Yes .... Still Daily Cases & Deaths increasing day by Day ...

, ? ? Half knowledge is dangerous. States ki khujli mitane ke liye unko hi khujane bol diya .... khud khujao apni apni ' दुनिया तारिफ ' करते नहीं थक रही है , और ये हमारे यहाँ के ' दोगले ', खोट निकालते नहीं थक रहे हैं ....😡 याद रखेगा सारा, जमाना ..... बड़े बहन C हो तुम राज्य सरकार के हाथों में देना हर राज्य को वुहान बना डालेगी उत्तर प्रदेश को छोड़कर सारे राज्य सरकार निकम्मी है मोदी जी पहली बात तो हार मानते नहीं और समझो कि उन्होंने हार मान लिया तो तुम्हें तुम्हारा बाप भी नहीं बचा पाएगा

और क्या कर सकते थे totally failed cheap headline Yes, BBC ne sare desh drohiyo ko apne yaha job pr rkh liya h ? इसमे गलत क्या है?हर राज्य स्थितियाँ अलग अललग है। Anti india channel मज़बूरी है आखिर करें क्या? हार गई किंतु हार मानी नहीं, नाकामी का ठीकरा राज्यों के सर मढ़ने की चाल 60 साल से ज़िद कर रहे थे सरकार हम चलायेंगे - हम चलाएँगे, हम पर भरोसा कीजिए..🤔 और 6 साल में ही बोल दिए हम से ना हो पायेगा..🤦 आप आत्मनिर्भर हो जाइये..🤣 सरकार है या सरकस

अपनी सुरक्षा अब अपने हाथ । The person wants the only credit.

कोरोना मरीजों के शवों के दाह संस्कार के लिए दिल्ली सरकार ने जारी किया आदेशदिल्ली सरकार के दिशानिर्देशों के मुताबिक अगर कोरोना पॉजिटिव या कोरोना संदिग्ध व्यक्ति की मृत्यु अस्पताल में होती है, तो अस्पताल 2 घंटे के भीतर शव को मुर्दाघर में भेजेगा. (PankajJainClick) coronavirus delhi PankajJainClick imAmolPawar 💯% Follow Back PankajJainClick Good decision PankajJainClick ये सिर्फ आम जनता के लिए है या सब के लिए?😢

कोरोना काल में दिल्ली पर आर्थिक संकट, केजरीवाल सरकार ने केंद्र से तत्काल मांगी मदददिल्ली सरकार ने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए केंद्र से मांगे पांच हजार करोड़ रुपये Delhi ArvindKejriwal msisodia PMOIndia nsitharaman ArvindKejriwal msisodia PMOIndia nsitharaman इसलिये पहले ही कहते आ रहे है कि सरकारी खर्चे कम करिए और सरकारी कर्मचारियों को भी सरकारों का साथ देना चाहिए।।। ArvindKejriwal msisodia PMOIndia nsitharaman दो माह का वेतन सी एम् करेस फण्ड में ले लो सभी कर्मचारीओ से। सभी डोनेट कर देंगे करोना की इस महामारी आपदा के समय में। मत लो लोन केंद्र से। ArvindKejriwal msisodia PMOIndia nsitharaman With this logic every business will ask from govt & center should ask from worldbank? Every man who earns plan investment so that he can pass tough times for few months. R we taking about govt or nikay? With this logic how any major plan can be done if there is no surplus money?

दिल्ली में कोरोना से मौत का सिलसिला जारी, सरकार ने अस्पतालों से मांगी रिपोर्टपिछले कुछ समय से दिल्ली में कोरोना से मरने वाले लोगों के आंकड़ों में अनियमितता देखने को मिल रही है. दिल्ली में 10 मई तक कोरोना से मरने वाले लोगों की संख्या केवल 73 थी. 31 मई को दिल्ली सरकार के हेल्थ बुलेटिन में 473 कोरोना मरीजों की मौत की बात कही गई है. PankajJainClick बहुत ही दुखद PankajJainClick ये तेजी नही जो छिपा रखा था वो बाहर आ रहा है। PankajJainClick ArvindKejriwal ignorance may not make Delhi next Wuhan as when situation get out of control then even mind not works properly as Delhi density of population is one of highest in World If fails in controlling then huge anger may erupt in Delhi

कोरोना लॉकडाउनः महाराष्ट्र सरकार ने दी फिल्म शुटिंग की अनुमतिमहाराष्ट्र सरकार ने लॉकडाउन 5 में फिल्मों की शूटिंग की भी अनुमति दे दी है। इससे कोरोना महामारी के बीच जारी लॉकडाउन के CMOMaharashtra माननीय मोदी जी और शिवराज मामा । देश और प्रदेश के सभी विद्यार्थी General promotion चाहते है कृपया हम सब की बात को अनसुना न किया जाए । wewantgeneralpromotion rgpv_spreading_corona_virus anjanaomkashyap aajtak ChouhanShivraj PMOIndia CMOMaharashtra Cm sahab pahle Maharashtra ko corona mukt kro.

राजस्थान: सरकार से रियायत लेने वाले निजी अस्पतालों में होगा कोरोना मरीजों का फ्री इलाजsharatjpr गहलोत सरकार पानी बिजली बिल माफ करो sharatjpr सराहनीय आदेश sharatjpr Failed CM... कुर्सी से उतार फेकना चाहिये...Pilot is good option than this failed man...

भारत में अब कोरोना के कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा, सरकार रही फेल: नेशनल टास्क फोर्सप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में इन विशेषज्ञों ने लॉकडाउन को क्रूर बताया है और कहा है कि लॉकडाउन की कठोर सख्ती, नीतियों में समन्वय की कमी की कीमत अब भारत को चुकानी पड़ रही है. Milan_reports सरकर क्या केरय लोग मनाने को त्यार नही Milan_reports कहीँ ये विशेषज्ञ हु वाले त्रेदोस जैसा चीनी परस्त तो नहीँ ? Milan_reports

कांग्रेस के सचिन अब क्या बीजेपी के लिए 'बल्लेबाज़ी' करेंगे? WHO ने कहा- कोरोना अभी बद से बदतर होगा, वैक्सीन और इम्युनिटी से भी निराशा नेपाल के पीएम ओली अयोध्या और राम पर अपने ही देश में घिरे राजस्थान: सचिन पायलट को कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री पद से हटाया योगी सरकार की 'ठोंको नीति' से इंसाफ़ मिलेगा या अपराध बढ़ेगा? कोरोना वायरस: महामारी रोकने के लिए दक्षिण अफ्रीका ने लगाई शराब पर पाबंदी - BBC Hindi कोरोना वायरस: अमरीका में एक दिन में 66,281 नए मामले, अकेले फ्लोरिडा में 15,300 पॉज़िटिव - BBC Hindi गूगल कंपनी भारत में करेगी 75 हज़ार करोड़ का निवेश ईरान ने भारत को दिया झटका, चार साल पहले मोदी ने किया था करार Kanpur Encounter Case : 50 हजार का इनामी शशिकांत गिरफ्तार, विकास दुबे के घर से एके-47 राइफल बरामद नेपाल के पीएम ओली का अयोध्या को लेकर बयान, खड़ा हुआ विवाद