कोरोना वायरस की वैक्सीन पर अमरीका का यह दांव भारत के लिए कैसा?

कोरोना वायरस की वैक्सीन पर अमरीका का यह दांव क्या भारत के लिए कैसा?

22-05-2020 09:30:00

कोरोना वायरस की वैक्सीन पर अमरीका का यह दांव क्या भारत के लिए कैसा?

अमरीकी स्वास्थ्य विभाग डिपार्टमेंट ऑफ़ हेल्थ ऐंड ह्यूमन सर्विसेज एस्ट्राजेनेका से वैक्सीन के 30 करोड़ डोज़ खरीदने के लिए सहमत हो गई है.

आपके सवालकोरोना वायरस क्या है?लीड्स के कैटलिन सेसबसे ज्यादा पूछे जाने वालेबीबीसी न्यूज़स्वास्थ्य टीमकोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है जिसका पता दिसंबर 2019 में चीन में चला. इसका संक्षिप्त नाम कोविड-19 हैसैकड़ों तरह के कोरोना वायरस होते हैं. इनमें से ज्यादातर सुअरों, ऊंटों, चमगादड़ों और बिल्लियों समेत अन्य जानवरों में पाए जाते हैं. लेकिन कोविड-19 जैसे कम ही वायरस हैं जो मनुष्यों को प्रभावित करते हैं

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कुछ कोरोना वायरस मामूली से हल्की बीमारियां पैदा करते हैं. इनमें सामान्य जुकाम शामिल है. कोविड-19 उन वायरसों में शामिल है जिनकी वजह से निमोनिया जैसी ज्यादा गंभीर बीमारियां पैदा होती हैं.ज्यादातर संक्रमित लोगों में बुखार, हाथों-पैरों में दर्द और कफ़ जैसे हल्के लक्षण दिखाई देते हैं. ये लोग बिना किसी खास इलाज के ठीक हो जाते हैं.

लेकिन, कुछ उम्रदराज़ लोगों और पहले से ह्दय रोग, डायबिटीज़ या कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ रहे लोगों में इससे गंभीर रूप से बीमार होने का ख़तरा रहता है.एक बार आप कोरोना से उबर गए तो क्या आपको फिर से यह नहीं हो सकता?बाइसेस्टर से डेनिस मिशेलसबसे ज्यादा पूछे गए सवाल

बाीबीसी न्यूज़स्वास्थ्य टीमजब लोग एक संक्रमण से उबर जाते हैं तो उनके शरीर में इस बात की समझ पैदा हो जाती है कि अगर उन्हें यह दोबारा हुआ तो इससे कैसे लड़ाई लड़नी है.यह इम्युनिटी हमेशा नहीं रहती है या पूरी तरह से प्रभावी नहीं होती है. बाद में इसमें कमी आ सकती है.

ऐसा माना जा रहा है कि अगर आप एक बार कोरोना वायरस से रिकवर हो चुके हैं तो आपकी इम्युनिटी बढ़ जाएगी. हालांकि, यह नहीं पता कि यह इम्युनिटी कब तक चलेगी.कोरोना वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड क्या है?जिलियन गिब्समिशेल रॉबर्ट्सबीबीसी हेल्थ ऑनलाइन एडिटरवैज्ञानिकों का कहना है कि औसतन पांच दिनों में लक्षण दिखाई देने लगते हैं. लेकिन, कुछ लोगों में इससे पहले भी लक्षण दिख सकते हैं.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि इसका इनक्यूबेशन पीरियड 14 दिन तक का हो सकता है. लेकिन कुछ शोधार्थियों का कहना है कि यह 24 दिन तक जा सकता है.इनक्यूबेशन पीरियड को जानना और समझना बेहद जरूरी है. इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों को वायरस को फैलने से रोकने के लिए कारगर तरीके लाने में मदद मिलती है.

क्या कोरोना वायरस फ़्लू से ज्यादा संक्रमणकारी है?सिडनी से मेरी फिट्ज़पैट्रिकमिशेल रॉबर्ट्सबीबीसी हेल्थ ऑनलाइन एडिटरदोनों वायरस बेहद संक्रामक हैं.ऐसा माना जाता है कि कोरोना वायरस से पीड़ित एक शख्स औसतन दो या तीन और लोगों को संक्रमित करता है. जबकि फ़्लू वाला व्यक्ति एक और शख्स को इससे संक्रमित करता है.

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फ़्लू और कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं.बार-बार अपने हाथ साबुन और पानी से धोएंजब तक आपके हाथ साफ न हों अपने चेहरे को छूने से बचेंखांसते और छींकते समय टिश्यू का इस्तेमाल करें और उसे तुरंत सीधे डस्टबिन में डाल दें.आप कितने दिनों से बीमार हैं?

मेडस्टोन से नीताबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमहर पांच में से चार लोगों में कोविड-19 फ़्लू की तरह की एक मामूली बीमारी होती है.इसके लक्षणों में बुख़ार और सूखी खांसी शामिल है. आप कुछ दिनों से बीमार होते हैं, लेकिन लक्षण दिखने के हफ्ते भर में आप ठीक हो सकते हैं.अगर वायरस फ़ेफ़ड़ों में ठीक से बैठ गया तो यह सांस लेने में दिक्कत और निमोनिया पैदा कर सकता है. हर सात में से एक शख्स को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.

End of कोरोना वायरस के बारे में सब कुछमेरी स्वास्थ्य स्थितियांआपके सवालअस्थमा वाले मरीजों के लिए कोरोना वायरस कितना ख़तरनाक है?फ़ल्किर्क से लेस्ले-एनमिशेल रॉबर्ट्सबीबीसी हेल्थ ऑनलाइन एडिटरअस्थमा यूके की सलाह है कि आप अपना रोज़ाना का इनहेलर लेते रहें. इससे कोरोना वायरस समेत किसी भी रेस्पिरेटरी वायरस के चलते होने वाले अस्थमा अटैक से आपको बचने में मदद मिलेगी.

अगर आपको अपने अस्थमा के बढ़ने का डर है तो अपने साथ रिलीवर इनहेलर रखें. अगर आपका अस्थमा बिगड़ता है तो आपको कोरोना वायरस होने का ख़तरा है.क्या ऐसे विकलांग लोग जिन्हें दूसरी कोई बीमारी नहीं है, उन्हें कोरोना वायरस होने का डर है?स्टॉकपोर्ट से अबीगेल आयरलैंड

बीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमह्दय और फ़ेफ़ड़ों की बीमारी या डायबिटीज जैसी पहले से मौजूद बीमारियों से जूझ रहे लोग और उम्रदराज़ लोगों में कोरोना वायरस ज्यादा गंभीर हो सकता है.ऐसे विकलांग लोग जो कि किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित नहीं हैं और जिनको कोई रेस्पिरेटरी दिक्कत नहीं है, उनके कोरोना वायरस से कोई अतिरिक्त ख़तरा हो, इसके कोई प्रमाण नहीं मिले हैं.

जिन्हें निमोनिया रह चुका है क्या उनमें कोरोना वायरस के हल्के लक्षण दिखाई देते हैं?कनाडा के मोंट्रियल से मार्जेबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमकम संख्या में कोविड-19 निमोनिया बन सकता है. ऐसा उन लोगों के साथ ज्यादा होता है जिन्हें पहले से फ़ेफ़ड़ों की बीमारी हो.लेकिन, चूंकि यह एक नया वायरस है, किसी में भी इसकी इम्युनिटी नहीं है. चाहे उन्हें पहले निमोनिया हो या सार्स जैसा दूसरा कोरोना वायरस रह चुका हो.

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End of मेरी स्वास्थ्य स्थितियांअपने आप को और दूसरों को बचानाआपके सवालकोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकारें इतने कड़े कदम क्यों उठा रही हैं जबकि फ़्लू इससे कहीं ज्यादा घातक जान पड़ता है?हार्लो से लोरैन स्मिथजेम्स गैलेगरस्वास्थ्य संवाददाताशहरों को क्वारंटीन करना और लोगों को घरों पर ही रहने के लिए बोलना सख्त कदम लग सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो वायरस पूरी रफ्तार से फैल जाएगा.

फ़्लू की तरह इस नए वायरस की कोई वैक्सीन नहीं है. इस वजह से उम्रदराज़ लोगों और पहले से बीमारियों के शिकार लोगों के लिए यह ज्यादा बड़ा ख़तरा हो सकता है.क्या खुद को और दूसरों को वायरस से बचाने के लिए मुझे मास्क पहनना चाहिए?मैनचेस्टर से एन हार्डमैनबीबीसी न्यूज़

हेल्थ टीमपूरी दुनिया में सरकारें मास्क पहनने की सलाह में लगातार संशोधन कर रही हैं. लेकिन, डब्ल्यूएचओ ऐसे लोगों को मास्क पहनने की सलाह दे रहा है जिन्हें कोरोना वायरस के लक्षण (लगातार तेज तापमान, कफ़ या छींकें आना) दिख रहे हैं या जो कोविड-19 के कनफ़र्म या संदिग्ध लोगों की देखभाल कर रहे हैं.

मास्क से आप खुद को और दूसरों को संक्रमण से बचाते हैं, लेकिन ऐसा तभी होगा जब इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए और इन्हें अपने हाथ बार-बार धोने और घर के बाहर कम से कम निकलने जैसे अन्य उपायों के साथ इस्तेमाल किया जाए.फ़ेस मास्क पहनने की सलाह को लेकर अलग-अलग चिंताएं हैं. कुछ देश यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके यहां स्वास्थकर्मियों के लिए इनकी कमी न पड़ जाए, जबकि दूसरे देशों की चिंता यह है कि मास्क पहने से लोगों में अपने सुरक्षित होने की झूठी तसल्ली न पैदा हो जाए. अगर आप मास्क पहन रहे हैं तो आपके अपने चेहरे को छूने के आसार भी बढ़ जाते हैं.

यह सुनिश्चित कीजिए कि आप अपने इलाके में अनिवार्य नियमों से वाकिफ़ हों. जैसे कि कुछ जगहों पर अगर आप घर से बाहर जाे रहे हैं तो आपको मास्क पहनना जरूरी है. भारत, अर्जेंटीना, चीन, इटली और मोरक्को जैसे देशों के कई हिस्सों में यह अनिवार्य है.अगर मैं ऐसे शख्स के साथ रह रहा हूं जो सेल्फ-आइसोलेशन में है तो मुझे क्या करना चाहिए?

लंदन से ग्राहम राइटबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमअगर आप किसी ऐसे शख्स के साथ रह रहे हैं जो कि सेल्फ-आइसोलेशन में है तो आपको उससे न्यूनतम संपर्क रखना चाहिए और अगर मुमकिन हो तो एक कमरे में साथ न रहें.सेल्फ-आइसोलेशन में रह रहे शख्स को एक हवादार कमरे में रहना चाहिए जिसमें एक खिड़की हो जिसे खोला जा सके. ऐसे शख्स को घर के दूसरे लोगों से दूर रहना चाहिए.

End of अपने आप को और दूसरों को बचानामैं और मेरा परिवारआपके सवालमैं पांच महीने की गर्भवती महिला हूं. अगर मैं संक्रमित हो जाती हूं तो मेरे बच्चे पर इसका क्या असर होगा?बीबीसी वेबसाइट के एक पाठक का सवालजेम्स गैलेगरस्वास्थ्य संवाददातागर्भवती महिलाओं पर कोविड-19 के असर को समझने के लिए वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन अभी बारे में बेहद सीमित जानकारी मौजूद है.

यह नहीं पता कि वायरस से संक्रमित कोई गर्भवती महिला प्रेग्नेंसी या डिलीवरी के दौरान इसे अपने भ्रूण या बच्चे को पास कर सकती है. लेकिन अभी तक यह वायरस एमनियोटिक फ्लूइड या ब्रेस्टमिल्क में नहीं पाया गया है.गर्भवती महिलाओंं के बारे में अभी ऐसा कोई सुबूत नहीं है कि वे आम लोगों के मुकाबले गंभीर रूप से बीमार होने के ज्यादा जोखिम में हैं. हालांकि, अपने शरीर और इम्यून सिस्टम में बदलाव होने के चलते गर्भवती महिलाएं कुछ रेस्पिरेटरी इंफेक्शंस से बुरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं.

मैं अपने पांच महीने के बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हूं. अगर मैं कोरोना से संक्रमित हो जाती हूं तो मुझे क्या करना चाहिए?मीव मैकगोल्डरिकजेम्स गैलेगरस्वास्थ्य संवाददाताअपने ब्रेस्ट मिल्क के जरिए माएं अपने बच्चों को संक्रमण से बचाव मुहैया करा सकती हैं.अगर आपका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज़ पैदा कर रहा है तो इन्हें ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पास किया जा सकता है.

ब्रेस्टफीड कराने वाली माओं को भी जोखिम से बचने के लिए दूसरों की तरह से ही सलाह का पालन करना चाहिए. अपने चेहरे को छींकते या खांसते वक्त ढक लें. इस्तेमाल किए गए टिश्यू को फेंक दें और हाथों को बार-बार धोएं. अपनी आंखों, नाक या चेहरे को बिना धोए हाथों से न छुएं.

बच्चों के लिए क्या जोखिम है?लंदन से लुइसबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमचीन और दूसरे देशों के आंकड़ों के मुताबिक, आमतौर पर बच्चे कोरोना वायरस से अपेक्षाकृत अप्रभावित दिखे हैं.ऐसा शायद इस वजह है क्योंकि वे संक्रमण से लड़ने की ताकत रखते हैं या उनमें कोई लक्षण नहीं दिखते हैं या उनमें सर्दी जैसे मामूली लक्षण दिखते हैं.

हालांकि, पहले से अस्थमा जैसी फ़ेफ़ड़ों की बीमारी से जूझ रहे बच्चों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए. और पढो: BBC News Hindi »

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मुंबई: प्राइवेट अस्पतालों के 80 फीसदी बेड कोरोना मरीज के लिए रिजर्वमुंबई: प्राइवेट अस्पतालों के 80 फीसदी बेड कोरोना मरीज के लिए रिजर्व Mumbai Maharashtra CoronaUpdate Lockdown coronavirus CoronaHotSpots CoronaVirusUpdate coronaupdatesindia PMOIndia MoHFW_INDIA OfficeofUT PMOIndia MoHFW_INDIA OfficeofUT It's going to be a curse of God for the पाप,we have done Soo plz ask the almighty to pardon us and save us from what we have only made and we are Only responsible

कोरोना से पस्त इकॉनमी के लिए RBI के बड़े ऐलान, रीपो रेट घटाकर 4% कियाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई को देश के नाम संबोधन में इसकी घोषणा की थी। इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार पांच दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तार से अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के लिए किए गए उपायों की घोषणा की थी। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों को बिना गारंटी आसान लोन के लिए 3 लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। अम्बानी मतबल सरकार सरकार मतबल अम्बानी मेरा मतबल रिलायंस ..2 ..2 इनवेन्टरी खत्म सनातन शिफट् 20लाख करोड़ अपनो मतबल मोदी महाजन NBFC को हुऐ बायप्रोडक्ट सहारे रिलायंस मतबल मित्रों मित्र बना रहा दुनिया ता सनातन को मूरख और कच्चा तेल से हुई हानि निवेशक से रहा वसूल! कोई नया याद नहीं आया बचा तो लाॅक ऑपन!😉

कोरोना पर केंद्र की ग़लत नीति के चलते अब तबाही के आसार नज़र आ रहे हैंवीडियो: कोरोना महामारी के संक्रमण के मामले रोज़ाना बढ़ रहे हैं. इस मुद्दे पर राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

corona patient in india: देश के कई राज्यों में बढ़े कोरोना के मामलेIndia News: covid-19 latest news: देश में कोरोना मरीजों की संख्या में तेजी रुक नहीं रही है। कई राज्यों में प्रवासियों के लौटने से वहां कोरोना पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है। महाराष्ट्र ने कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।

कोरोना के डर के बीच घरेलू सामान को कैसे इस्तेमाल करें?बाहर से सब्जी या फल खरीद रहे हैं, लेकिन साथ में कोरोना का खतरा साथ ना आ जाए इसके लिए इन चीजों के इस्तेमाल पर चंडीगढ़ पीजीआई

बिहार: कोरोना संकट के बीच स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव का तबादलालगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच बिहार के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार का तबादला कर दिया गया है. संजय कुमार को पर्यटन विभाग दिया गया है, वहीं उनकी जगह पर उदय सिंह कुमावत को स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी दी गई है. sujjha Now onwards we will receive manipulated data as advised by the Govt. to hide their administrative failure !! sujjha बिहार सरकार, कीं नियत और नियति पर अब, प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे हैं, बड़े लोग अगर हस्तक्षेप नहीं करेंगे तो जाना तय. sujjha तो?

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