कोरोना: अंतिम संस्कार के बाद अस्पताल ने कहा, 'मरीज़ ज़िंदा है'

कोरोना: अंतिम संस्कार के बाद अस्पताल ने कहा, 'मरीज़ ज़िंदा है'

01-06-2020 16:08:00

कोरोना: अंतिम संस्कार के बाद अस्पताल ने कहा, 'मरीज़ ज़िंदा है'

गुजरात के अहमदाबाद में पहले एक बुज़ुर्ग को मृत घोषित कर दिया गया और फिर कहा गया कि उनकी सेहत में सुधार हो रहा है.

आपके सवालकोरोना वायरस क्या है?लीड्स के कैटलिन सेसबसे ज्यादा पूछे जाने वालेबीबीसी न्यूज़स्वास्थ्य टीमकोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है जिसका पता दिसंबर 2019 में चीन में चला. इसका संक्षिप्त नाम कोविड-19 हैसैकड़ों तरह के कोरोना वायरस होते हैं. इनमें से ज्यादातर सुअरों, ऊंटों, चमगादड़ों और बिल्लियों समेत अन्य जानवरों में पाए जाते हैं. लेकिन कोविड-19 जैसे कम ही वायरस हैं जो मनुष्यों को प्रभावित करते हैं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- त्रावणकोर के पूर्व शाही परिवार के पास ही रहेगा मंदिर का मैनेजमेंट सचिन पायलट बोले- 25 MLA मेरे साथ बैठे हैं, 102 का गलत दावा कर रहे हैं अशोक गहलोत पायलट को प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाने, दो डिप्टी सीएम बनाने की अटकलों और राजद्रोह के नोटिस से बिगड़ी बात

कुछ कोरोना वायरस मामूली से हल्की बीमारियां पैदा करते हैं. इनमें सामान्य जुकाम शामिल है. कोविड-19 उन वायरसों में शामिल है जिनकी वजह से निमोनिया जैसी ज्यादा गंभीर बीमारियां पैदा होती हैं.ज्यादातर संक्रमित लोगों में बुखार, हाथों-पैरों में दर्द और कफ़ जैसे हल्के लक्षण दिखाई देते हैं. ये लोग बिना किसी खास इलाज के ठीक हो जाते हैं.

लेकिन, कुछ उम्रदराज़ लोगों और पहले से ह्दय रोग, डायबिटीज़ या कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ रहे लोगों में इससे गंभीर रूप से बीमार होने का ख़तरा रहता है.एक बार आप कोरोना से उबर गए तो क्या आपको फिर से यह नहीं हो सकता?बाइसेस्टर से डेनिस मिशेलसबसे ज्यादा पूछे गए सवाल

बाीबीसी न्यूज़स्वास्थ्य टीमजब लोग एक संक्रमण से उबर जाते हैं तो उनके शरीर में इस बात की समझ पैदा हो जाती है कि अगर उन्हें यह दोबारा हुआ तो इससे कैसे लड़ाई लड़नी है.यह इम्युनिटी हमेशा नहीं रहती है या पूरी तरह से प्रभावी नहीं होती है. बाद में इसमें कमी आ सकती है.

ऐसा माना जा रहा है कि अगर आप एक बार कोरोना वायरस से रिकवर हो चुके हैं तो आपकी इम्युनिटी बढ़ जाएगी. हालांकि, यह नहीं पता कि यह इम्युनिटी कब तक चलेगी.कोरोना वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड क्या है?जिलियन गिब्समिशेल रॉबर्ट्सबीबीसी हेल्थ ऑनलाइन एडिटरवैज्ञानिकों का कहना है कि औसतन पांच दिनों में लक्षण दिखाई देने लगते हैं. लेकिन, कुछ लोगों में इससे पहले भी लक्षण दिख सकते हैं.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि इसका इनक्यूबेशन पीरियड 14 दिन तक का हो सकता है. लेकिन कुछ शोधार्थियों का कहना है कि यह 24 दिन तक जा सकता है.इनक्यूबेशन पीरियड को जानना और समझना बेहद जरूरी है. इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों को वायरस को फैलने से रोकने के लिए कारगर तरीके लाने में मदद मिलती है.

क्या कोरोना वायरस फ़्लू से ज्यादा संक्रमणकारी है?सिडनी से मेरी फिट्ज़पैट्रिकमिशेल रॉबर्ट्सबीबीसी हेल्थ ऑनलाइन एडिटरदोनों वायरस बेहद संक्रामक हैं.ऐसा माना जाता है कि कोरोना वायरस से पीड़ित एक शख्स औसतन दो या तीन और लोगों को संक्रमित करता है. जबकि फ़्लू वाला व्यक्ति एक और शख्स को इससे संक्रमित करता है.

राजस्थान में तेजी से बदल रहे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय से पायलट के पोस्टर हटे हॉलीवुड अभिनेत्री केली प्रेस्टन का कैंसर से निधन, 57 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा पेट्रोल पंप पर फ्री में न मिलें ये 9 सुविधाएं तो ऐसे करें शिकायत, लगेगा भारी जुर्माना

फ़्लू और कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं.बार-बार अपने हाथ साबुन और पानी से धोएंजब तक आपके हाथ साफ न हों अपने चेहरे को छूने से बचेंखांसते और छींकते समय टिश्यू का इस्तेमाल करें और उसे तुरंत सीधे डस्टबिन में डाल दें.आप कितने दिनों से बीमार हैं?

मेडस्टोन से नीताबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमहर पांच में से चार लोगों में कोविड-19 फ़्लू की तरह की एक मामूली बीमारी होती है.इसके लक्षणों में बुख़ार और सूखी खांसी शामिल है. आप कुछ दिनों से बीमार होते हैं, लेकिन लक्षण दिखने के हफ्ते भर में आप ठीक हो सकते हैं.अगर वायरस फ़ेफ़ड़ों में ठीक से बैठ गया तो यह सांस लेने में दिक्कत और निमोनिया पैदा कर सकता है. हर सात में से एक शख्स को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.

End of कोरोना वायरस के बारे में सब कुछमेरी स्वास्थ्य स्थितियांआपके सवालअस्थमा वाले मरीजों के लिए कोरोना वायरस कितना ख़तरनाक है?फ़ल्किर्क से लेस्ले-एनमिशेल रॉबर्ट्सबीबीसी हेल्थ ऑनलाइन एडिटरअस्थमा यूके की सलाह है कि आप अपना रोज़ाना का इनहेलर लेते रहें. इससे कोरोना वायरस समेत किसी भी रेस्पिरेटरी वायरस के चलते होने वाले अस्थमा अटैक से आपको बचने में मदद मिलेगी.

अगर आपको अपने अस्थमा के बढ़ने का डर है तो अपने साथ रिलीवर इनहेलर रखें. अगर आपका अस्थमा बिगड़ता है तो आपको कोरोना वायरस होने का ख़तरा है.क्या ऐसे विकलांग लोग जिन्हें दूसरी कोई बीमारी नहीं है, उन्हें कोरोना वायरस होने का डर है?स्टॉकपोर्ट से अबीगेल आयरलैंड

बीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमह्दय और फ़ेफ़ड़ों की बीमारी या डायबिटीज जैसी पहले से मौजूद बीमारियों से जूझ रहे लोग और उम्रदराज़ लोगों में कोरोना वायरस ज्यादा गंभीर हो सकता है.ऐसे विकलांग लोग जो कि किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित नहीं हैं और जिनको कोई रेस्पिरेटरी दिक्कत नहीं है, उनके कोरोना वायरस से कोई अतिरिक्त ख़तरा हो, इसके कोई प्रमाण नहीं मिले हैं.

जिन्हें निमोनिया रह चुका है क्या उनमें कोरोना वायरस के हल्के लक्षण दिखाई देते हैं?कनाडा के मोंट्रियल से मार्जेबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमकम संख्या में कोविड-19 निमोनिया बन सकता है. ऐसा उन लोगों के साथ ज्यादा होता है जिन्हें पहले से फ़ेफ़ड़ों की बीमारी हो.लेकिन, चूंकि यह एक नया वायरस है, किसी में भी इसकी इम्युनिटी नहीं है. चाहे उन्हें पहले निमोनिया हो या सार्स जैसा दूसरा कोरोना वायरस रह चुका हो.

सचिन के पिता राजेश पायलट ने भी की थी बगावत, लेकिन नहीं छोड़ी थी कांग्रेस गांगुली ने आज ही के दिन लॉर्ड्स की बालकनी में जर्सी उतारकर जश्न मनाया था, कैफ ने भी 2 साल पहले संन्यास के लिए यही दिन चुना लगातार दूसरे साल भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार बना अमेरिका

End of मेरी स्वास्थ्य स्थितियांअपने आप को और दूसरों को बचानाआपके सवालकोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकारें इतने कड़े कदम क्यों उठा रही हैं जबकि फ़्लू इससे कहीं ज्यादा घातक जान पड़ता है?हार्लो से लोरैन स्मिथजेम्स गैलेगरस्वास्थ्य संवाददाताशहरों को क्वारंटीन करना और लोगों को घरों पर ही रहने के लिए बोलना सख्त कदम लग सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो वायरस पूरी रफ्तार से फैल जाएगा.

फ़्लू की तरह इस नए वायरस की कोई वैक्सीन नहीं है. इस वजह से उम्रदराज़ लोगों और पहले से बीमारियों के शिकार लोगों के लिए यह ज्यादा बड़ा ख़तरा हो सकता है.क्या खुद को और दूसरों को वायरस से बचाने के लिए मुझे मास्क पहनना चाहिए?मैनचेस्टर से एन हार्डमैनबीबीसी न्यूज़

हेल्थ टीमपूरी दुनिया में सरकारें मास्क पहनने की सलाह में लगातार संशोधन कर रही हैं. लेकिन, डब्ल्यूएचओ ऐसे लोगों को मास्क पहनने की सलाह दे रहा है जिन्हें कोरोना वायरस के लक्षण (लगातार तेज तापमान, कफ़ या छींकें आना) दिख रहे हैं या जो कोविड-19 के कनफ़र्म या संदिग्ध लोगों की देखभाल कर रहे हैं.

मास्क से आप खुद को और दूसरों को संक्रमण से बचाते हैं, लेकिन ऐसा तभी होगा जब इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए और इन्हें अपने हाथ बार-बार धोने और घर के बाहर कम से कम निकलने जैसे अन्य उपायों के साथ इस्तेमाल किया जाए.फ़ेस मास्क पहनने की सलाह को लेकर अलग-अलग चिंताएं हैं. कुछ देश यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके यहां स्वास्थकर्मियों के लिए इनकी कमी न पड़ जाए, जबकि दूसरे देशों की चिंता यह है कि मास्क पहने से लोगों में अपने सुरक्षित होने की झूठी तसल्ली न पैदा हो जाए. अगर आप मास्क पहन रहे हैं तो आपके अपने चेहरे को छूने के आसार भी बढ़ जाते हैं.

यह सुनिश्चित कीजिए कि आप अपने इलाके में अनिवार्य नियमों से वाकिफ़ हों. जैसे कि कुछ जगहों पर अगर आप घर से बाहर जाे रहे हैं तो आपको मास्क पहनना जरूरी है. भारत, अर्जेंटीना, चीन, इटली और मोरक्को जैसे देशों के कई हिस्सों में यह अनिवार्य है.अगर मैं ऐसे शख्स के साथ रह रहा हूं जो सेल्फ-आइसोलेशन में है तो मुझे क्या करना चाहिए?

लंदन से ग्राहम राइटबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमअगर आप किसी ऐसे शख्स के साथ रह रहे हैं जो कि सेल्फ-आइसोलेशन में है तो आपको उससे न्यूनतम संपर्क रखना चाहिए और अगर मुमकिन हो तो एक कमरे में साथ न रहें.सेल्फ-आइसोलेशन में रह रहे शख्स को एक हवादार कमरे में रहना चाहिए जिसमें एक खिड़की हो जिसे खोला जा सके. ऐसे शख्स को घर के दूसरे लोगों से दूर रहना चाहिए.

End of अपने आप को और दूसरों को बचानामैं और मेरा परिवारआपके सवालमैं पांच महीने की गर्भवती महिला हूं. अगर मैं संक्रमित हो जाती हूं तो मेरे बच्चे पर इसका क्या असर होगा?बीबीसी वेबसाइट के एक पाठक का सवालजेम्स गैलेगरस्वास्थ्य संवाददातागर्भवती महिलाओं पर कोविड-19 के असर को समझने के लिए वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन अभी बारे में बेहद सीमित जानकारी मौजूद है.

यह नहीं पता कि वायरस से संक्रमित कोई गर्भवती महिला प्रेग्नेंसी या डिलीवरी के दौरान इसे अपने भ्रूण या बच्चे को पास कर सकती है. लेकिन अभी तक यह वायरस एमनियोटिक फ्लूइड या ब्रेस्टमिल्क में नहीं पाया गया है.गर्भवती महिलाओंं के बारे में अभी ऐसा कोई सुबूत नहीं है कि वे आम लोगों के मुकाबले गंभीर रूप से बीमार होने के ज्यादा जोखिम में हैं. हालांकि, अपने शरीर और इम्यून सिस्टम में बदलाव होने के चलते गर्भवती महिलाएं कुछ रेस्पिरेटरी इंफेक्शंस से बुरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं.

मैं अपने पांच महीने के बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हूं. अगर मैं कोरोना से संक्रमित हो जाती हूं तो मुझे क्या करना चाहिए?मीव मैकगोल्डरिकजेम्स गैलेगरस्वास्थ्य संवाददाताअपने ब्रेस्ट मिल्क के जरिए माएं अपने बच्चों को संक्रमण से बचाव मुहैया करा सकती हैं.अगर आपका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज़ पैदा कर रहा है तो इन्हें ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पास किया जा सकता है.

ब्रेस्टफीड कराने वाली माओं को भी जोखिम से बचने के लिए दूसरों की तरह से ही सलाह का पालन करना चाहिए. अपने चेहरे को छींकते या खांसते वक्त ढक लें. इस्तेमाल किए गए टिश्यू को फेंक दें और हाथों को बार-बार धोएं. अपनी आंखों, नाक या चेहरे को बिना धोए हाथों से न छुएं.

बच्चों के लिए क्या जोखिम है?लंदन से लुइसबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमचीन और दूसरे देशों के आंकड़ों के मुताबिक, आमतौर पर बच्चे कोरोना वायरस से अपेक्षाकृत अप्रभावित दिखे हैं.ऐसा शायद इस वजह है क्योंकि वे संक्रमण से लड़ने की ताकत रखते हैं या उनमें कोई लक्षण नहीं दिखते हैं या उनमें सर्दी जैसे मामूली लक्षण दिखते हैं.

हालांकि, पहले से अस्थमा जैसी फ़ेफ़ड़ों की बीमारी से जूझ रहे बच्चों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए. और पढो: BBC News Hindi »

मोदीहैंतोमुमकिनहै 😂😂😂 गुजरात माँडल ।🧐 कोई बचा ले रे बाबा इस देश को इन जाहिलों से क्या रिपोर्टिंग करते हो , कुछ समझ ही नहीं आता। कुछ अच्छे रिपोर्टर रखो। GUJRAT_MODEL 56' सीना चाहिए अैंसा गुजरात मॉडल बनानें के लिए I have no word to describe pain 😭 of family members. But big laughter to criticise the system which later asked apology in the name of MISUNDERSTANDING 🙊🤔!!

Gabbar is back 😊 classic GujaratModel Pathetic hospitals of India! They are ruining the lives of the common people of our nation. They are playing with health of COVID2019 patients as well as with Emotions of the family members. Strict action must be taken against such hospitals and their staff members.

MoHFW_INDIA Pathetic hospitals of India! They are ruining the lives of the common people of our nation. They are playing with health of COVID2019 patients as well as with Emotions of the family members. Strict action must be taken against such hospitals & their staff. 'गुजरात का चमत्कार' Whtt 🤔🙆

Golmal Enapunjabi सब गांजा फूंकने लगे क्या? Harshvardhan ji ko bhejiye suna hai vo swasth mantri hai. मोदी ह तो mumkin h 🤦‍♂️ Gujarat model

कोरोना वायरस के दौर में मुंबई पुलिस के किस आदेश पर बरपा है हंगामा?बीजेपी का कहना है कि कोरोना वायरस फैलने से रोकने में नाकाम रही उद्धव ठाकरे की सरकार अपनी आलोचना नहीं बर्दाश्त कर पा रही है. लेख लिखने वाली बहन जी ध्यान दें भरासा नही भरोसा होता है ठीक कर लें । और अपनी पत्रकारिता के माध्यम से लुटियन्स लोबी के कार्य को आगे बढ़ाते रहें । सबसे बेकार भाजपा है जो कभी भी अपनी आलोचना नही सुन सकती है..... JANTA THO H MAARNAE AUR PIT NAE KAI LIYE VOTE KAI JANTA BOLE THO POLICE KA DANDA

देश के 30 जिलों में है कुल मामलों के 70 फीसदी मरीजः अमिताभ कांतदेश में आठ जून से अनलॉक का पहला चरण शुरू होने जा रहा है। लेकिन देश के 30 जिले अब भी ऐसे हैं जो सबसे ज्यादा प्रभावित हैं amitabhk87 BJP4Haryana mlkhattar anilvijminister श्रीमान मनोहर लाल जी आपने PC में क्हा था कि 31 मई तक HSSC जेई सिविल 10/2019का अंतिम रिजल्ट आ जाएगा। अभी सिर्फ आज दिन शेष है। हम आठ महिने से प्रतिक्षा कर रहे हैं। अब आप अपना वादा निभांइए। HSSCJERESULT10_2019

देश में Lockdown के चौथे चरण में सामने आए Corona के आधे मामलेनई दिल्ली। कोरोना वायरस (Corona virus) कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए 18 मई को लागू किए गए चौथे चरण के लॉकडाउन के दौरान रविवार सुबह आठ बजे तक संक्रमण के 85,974 मामले सामने आए जो देश में अब तक आए कुल मामलों का तकरीबन आधा है।

महाराष्ट्र के राज्यपाल ने की सोनू सूद के काम की तारीफ, कहा देंगे पूरा साथयूं तो अक्सर सोनू सूद को फिल्मों में विलेन का किरदार निभाते देखा गया है मगर लॉकडाउन में वे जैसे निस्वार्थ भाव से लोगों की मदद कर रहे हैं उससे सोशल मीडिया पर उन्हें खूब वाहवाही मिल रही है. धार्मिक संस्था कभी देश चला ही नहीं सकता .अशोक से लेकर औरंगज़ेब तक और अब मोदी . सबसे वे सबिद होचुका की बर्बाद होजाता है .हा विसमता वे हैं की अशोक से लेकर औरंगज़ेब तक कlल में देश का उन्नती चरम पर था अब मोदी राज में पतन और बरबlदी चरम पर हैं वे हर भारत के लोगो को जानना जरूरी हैं बाहुबली

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में पीयूष गोयल के दावों की तरह सब बढ़िया है?रेलमंत्री ने कहा है कि कोई ट्रेन रास्ता नहीं भटकी है, सिर्फ़ कुछ श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को पहुंचने में थोड़ी देर हुई है. सब चंगा है। Hahaha अंधी कैबिनेट में काना गोयल झूठे खी के

अनलॉक 1.0 में हरियाणा के सामने क्या है चुनौतियां, जानिए डिप्‍टी सीएम सेमोदी सरकार ने लॉकडाउन का ताला धीरे-धीरे खोलने का एलान कर ही दिया. लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था का संतलुन बिगड़ गया है. लॉकडाउन 5.0 एक से 30 जून तक रहेगी. गृह मंत्रालय ने दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं. लॉकडाउन 5 यानि अनलॉक वन जिसमें लोगों को राहत दी गई है. हरियाणा में कोरोना का प्रसार अब तेजी से फैल गया है. कोरोना के मामले राज्य में 17 सौ के उपर जा चुके हैं. ऐसे में लोगों के मन में चल रहा है कि राज्य में किन-किन प्रकार की रियायतें दी जाएंगी. आज तक से हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने खास बातचीत की और बताया अनलॉक 1.0 में राज्य के सामने क्या-क्या चुनौतियां हैं. देखें वीडियो. I have applied for e-pass in today morning but still not approved. Pls help to get same

कांग्रेस के सचिन अब क्या बीजेपी के लिए 'बल्लेबाज़ी' करेंगे? सचिन पायलट के साथ माने जा रहे तीन विधायकों का U-टर्न, कहा- 'हम कांग्रेस के सच्चे सिपाही' मंत्री के बेटे ने धमकी दी तो महिला कॉन्स्टेबल बोली- ये पुलिस की वर्दी तुम्हारे बाप की गुलामी के लिए नहीं पहनी Amitabh Bachchan Covid 19 Positive: अमिताभ बच्चन को कोरोना, मुंबई के नानावटी अस्पताल में किया गया एडमिट सचिन पायलट के साथ दिल्ली गए राजस्थान के विधायकों ने कहा, 'हम कांग्रेस के साथ हैं, कोई विवाद नहीं है' राहुल गांधी का हमला, कहा- PM मोदी के रहते भारत की जमीन को चीन ने कैसे छीन लिया कोरोना वायरस: रूस का दावा, उसने कोरोना की वैक्सीन का सफल परीक्षण किया - BBC Hindi कोरोना वायरस: 12 से 26 जुलाई के बीच भारत के पाँच शहरों से UAE की विशेष उड़ानें - BBC Hindi कोरोना वायरस: महामारी रोकने के लिए दक्षिण अफ्रीका ने लगाई शराब पर पाबंदी - BBC Hindi सेना में इंजीनियरिंग के 9000 से अधिक पद समाप्त, युवाओं में उत्साह सचिन पायलट BJP के संपर्क में, 30 MLA भी छोड़ सकते हैं कांग्रेस का दामन