कोरोना वायरस: मोदी सरकार भारत को आर्थिक तबाही से बचा पाएगी?

कोरोना वायरस: मोदी सरकार भारत को आर्थिक तबाही से बचा पाएगी?

09-04-2020 09:46:00

कोरोना वायरस: मोदी सरकार भारत को आर्थिक तबाही से बचा पाएगी?

कोरोना ने दुनिया की अर्थव्यवस्था को झकझोर दिया है. पहले से ही आर्थिक संकट की मार झेल रहा भारत कैसे निपटेगा इस संकट से.

12: 12 IST को अपडेट किया गयाभारत कोरोना वायरस के फैलने से पहले से ही एक आर्थिक संकट की तरफ़ जा रहा था. आर्थिक मामलों के वरिष्ठ पत्रकार प्रिय रंजन दास कहते हैं,"कोरोना वायरस से पहले भी हमारी अर्थव्यवस्था नीचे जा रही थी. इसे नीतिगत स्तर पर पुनर्जीवित करने के प्रयास किए जा रहे थे. इस महामारी के शुरू होने से पहले ही मांग में गिरावट आने लगी थी."

गुजरात में केमिकल प्लांट में धमाका, 5 की मौत, 57 घायल कोरोना: बिना लॉकडाउन के तु्र्की ने कैसे क़ाबू पाया इस महामारी पर यूपी: कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को क्यों नहीं मिल पा रही है ज़मानत

लेकिन भारत सरकार ने बीमारी के फैलाव से होने वाले नुक़सान को कम करने के लिए इसने कई छोटे और मंझले साइज़ के क़दम उठाए हैं.ये क़दम हैं---* 1.7 लाख करोड़ रुपए की आम लोगों के लिए मदद* 15000 करोड़ स्वास्थ्य प्रणाली में सुधार करने के लिए* भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा कई अहम क़दम ताकि बैंकों में क़र्ज़ देने के लिए पैसे आएं

इमेज कॉपीरइटGetty Imagesलेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि ये काफ़ी नहीं है. अमरीका ने 2 खरब डॉलर के पैकेज की घोषणा की है जो इसके सकल घरेलू उत्पाद या जीडीपी का 10 प्रतिशत है.ब्रिटैन ने भी अपने जीडीपी का 10 प्रतिशत हिस्सा अपने पैकेज में दिया है लेकिन भारत सरकार का 1.7 लाख करोड़ रुपए का पैकेज इसके जीडीपी का केवल 0.8 प्रतिशत है यानी एक प्रतिशत से भी कम.

कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के बाद से भारत के व्यापारियों, उद्योगपतियों और आम नागरिकों को एक बड़े आर्थिक पैकेज का इंतज़ार है, ठीक उसी तरह के पैकेज का जैसे अमरीका में आया, जैसे ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में आया.प्रधानमंत्री ने एक आर्थिक टास्क फ़ोर्स का गठन किया है जिसके एक सदस्य ने कहा कि भारत सरकार का इस आपदा से निमटने का तरीक़ा अलग है.

उन्होंने बताया,"पहले मोदी सरकार ने 15000 करोड़ रुपए हेल्थकेयर को मज़बूत करने के लिए मंज़ूरी दी. इसके बाद सरकार की मदद उन लोगों तक पहुंची जिन्हें मदद की सबसे अधिक ज़रूरत थी यानी मज़दूरों और ग़रीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों के लिए सरकार ने ख़ज़ाना खोल दिया. अब एक बड़े पैकेज पर काम चल रहा है और सही समय पर इसका एलान होगा लेकिन ये पैकेज एक साथ घोषित हो ऐसा ज़रूरी नहीं."

पैकेज के लिए सही समय क्या है?इमेज कॉपीरइटGetty Imagesसमझा ये जा रहा है कि ये पैकेज एक बार में ना आए. जैसे धनुष से तीर अपने निशाने को देख कर बारी-बारी से छोड़ा जाता है उसी तरह से हालात को देखते हुए आर्थिक क़दम बारी-बारी से लिए जाएंगे.सरकार इस समय बीमारी के फैलाव को रोकने और मौतों को कम करने में ध्यान दे रही है.

इसका समर्थन तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने किया है जिन्होंने कहा है,"अर्थव्यवस्था को तो हम दोबारा ज़िंदा कर सकते हैं लेकिन मरे हुए लोगों को हम दोबारा जीवित नहीं कर सकते."मुंबई में दलाल स्ट्रीट की एक बड़ी कंपनी चूड़ीवाला सिक्योरिटीज के अलोक चूड़ीवाला इस तर्क से सहमत हैं,"मेरे विचार में इस समय सरकार की प्राथमिकता अर्थव्यवस्था में कम और इस आपदा को रोकने में अधिक है. ज़रा सी भी इसमें चूक होती है तो बहुत भयानक अंजाम हो सकता है."

सबसे ज़्यादा कमाई करने वाले राज्य ही मुसीबत में, कैसे उबरेगी अर्थव्यवस्था हथिनी की मौत पर राहुल गांधी से मेनका का सवाल, पूछा- क्यों नहीं की कार्रवाई गर्भवती हथिनी की मौत से दुखी IPS डी रूपा, दोषियों को सजा की मांग

प्रिय रंजन दास कहते हैं,"हमें ये पता नहीं कि अभी आपदा क्या कोर्स लेगा. इसका आर्थिक और ह्यूमन कॉस्ट कितना बड़ा होगा. इस समय तो हम इससे गुज़र रहे हैं. कोरोना ने एक महासंकट पैदा कर दिया है जहाँ जान बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता हो गई है."विवेक कौल की राय थोड़ी अलग है. वो कहते हैं कि सरकार अपनी प्राथमिकता ज़रूर तय करे लेकिन अर्थव्यवस्था को दोबारा ज़िंदा करने के लिए आपदा के ख़त्म होने का इंतज़ार ना करे.

इमेज कॉपीरइटGetty Imagesवो आगे कहते हैं,"कोई भी सरकार कोरोना वायरस के ख़त्म होने का इंतज़ार नहीं कर सकती है. लड़ाइयां एक ही मोर्चे पर नहीं लड़ी जा सकतीं हैं. ठीक है आप स्वास्थ्य सिस्टम पर पहले काम शुरू करें जो काफ़ी कमज़ोर है लेकिन अर्थव्यवस्था पर भी अभी ध्यान दें."

इस बात पर सभी विशेषज्ञ सहमत हैं कि इस समय"सभी आज़ाद भारत के इतिहास के सबसे बड़े संकट से गुज़र रहे हैं. ऐसे अभूतपूर्व समय के लिए अभूतपूर्व एक्शन की ज़रूरत है."लेकिन सरकारी सूत्रों के मुताबिक़ पीएमओ में इस समय कई सुझाव आए हुए हैं जो उद्योगपतियों, व्यापारियों, बैंकरों, वित्त मामलों के माहिरों और शेयर बाज़ार के लोगों की राय पर आधारित हैं.

प्रिय रंजन दास इस बात से सहमत हैं कि सरकार कुछ बड़ी घोषणा कर सकती है क्योंकि अब तक उठाए गए क़दम इस श्रेणी में नहीं हैं."ये (1.7 लाख करोड़ रुपए की घोषणा) आर्थिक पैकेज नहीं है. ये एक रिलीफ़ पैकेज है जैसे किसी आपदा के समय तुरंत रिलीफ़ दी जाती है. ये पैकेज भी करोना आपदा से संबंधित एक रिलीफ़ है जिसमें समाज के सबसे कमज़ोर तबक़े के लिए मदद का एलान किया गया है. ये पैकेज उनके लिए है जो कोरोना से मरने से पहले भूख से मरने के ख़तरे में हैं."

इस समय अर्थव्यवस्था का हर क्षेत्र चारों खाने चित हैं. पर्यटन, सेवा क्षेत्र, निर्माण, विमानन और कृषि सभी कठिनाइयों में हैं. इनके इलावा शेयर बाज़ार और वित्त क्षेत्र भी कमज़ोर हैं. प्रिय रंजन दास का तर्क है कि पहले मोदी सरकार को सभी सेक्टर की मदद करनी होगी. दूसरे राउंड में कमज़ोर और बीमार सेक्टर पर अलग-अलग तरीक़े से ध्यान देना होगा.

सरकार के संभव क़दमडोमेस्टिक मार्किट को मज़बूत करनाभारत की अर्थव्यवस्था की बुनियाद दो स्तंभों पर टिकी है. एक विशाल घरेलू मार्किट और दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी.प्रिय रंजन दास कहते हैं कि वो ये पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि भारत को अपनी अर्थव्यवस्था दोबारा बनाने में दूसरे देशों के मुक़ाबले में ज़्यादा समय नहीं लगेगा.

अमेरिका ने दिखाई सख्ती, चीन से आने वाली सभी उड़ानों पर लगाई पाबंदी India China Tension: भारत के चौतरफा रणनीति का असर, दो किलोमीटर वापस गए चीनी सैनिक पटाखा खाने से हथिनी की मौत, दोषियों को पकड़वाने वाले को 50 हजार के इनाम का ऐलान

वो कहते हैं,"क्योंकि हमारी कुछ ताक़तें हैं. हमारी ताक़त डेमॉग्राफ़ी है. जवानों की अधिक आबादी है. हम दुनिया के सबसे जवान देशों में हैं. हमारी दूसरी ताक़त ये है कि भारत की अर्थव्यवस्था घरेलू डिमांड के आधार पर चलती है, हमारी निर्भरता दुनिया के बाज़ारों पर ज़्यादा नहीं है."

डिमांड को बढ़ानासरकार की सबसे बड़ी चुनौती होगी देश के अंदर मांग यानी डिमांड को बढ़ाना जो कोरोना वायरस से पहले से ही नीचे गिर रहा था. मांग या डिमांड बढ़ाने के लिए उपभोक्ताओं के पॉकेट में पैसे आने चाहिए.पैसे कहाँ से आएँगे? सरकार कर में छूट दे सकती है, ग़रीबों के बैंक खातों में अगले छह महीने तक सीधे पैसे भेज सकती है और छोटे बड़े व्यापारियों के लिए सस्ते दर पर बैंकों से क़र्ज़ दिलवा सकती है.

विदेशी निवेश को आकर्षित करनाजब दुनिया भर में अर्थव्यवस्थाएं फिर से बनाई जा रही होंगी तो निवेशक चाहेंगे कि वो अपनी पूँजी सुरक्षित देशों में लगाएं. भारत सरकार अगर विदेशी निवेशकों को लुभाने के लिए एक पैकेज तैयार करें तो इससे काफ़ी लोगों को देश में नौकरियां मिल सकती हैं.

केंद्र सरकार को दिए गए सुझाव में विदेशी निवेशकों को लुभाने पर बहुत ज़ोर दिया गया है जिसके लिए सरकारी क़ानून में लचक लाने की ज़रूरत होगी.अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोरोना वायरस आपदा की ज़िम्मेदारी चीन पर डालते हैं. बहुत सारी अमरीकी कंपनियां चीन से ख़ुश नहीं हैं, उन्हें अब चीन पर भरोसा नहीं रहा.

ये भारत के लिए एक अवसर है. लेकिन क्या भारत सरकार इन नाराज़ उद्योगपतियों की फैक्टरियां को चीन से भारत में लगाने का निमंत्रण देगी? ये तो समय बताएगा लेकिन भारत के लिए एक अच्छा मौक़ा है.सरकार की निजी कंपनियों में हिस्सेदारीमिसाल की तौर पर एयरलाइंस इस समय संकट में हैं. उन्हें दोबारा ज़िंदा करने के लिए सरकार इनमें स्टेक ले सकती है और कुछ सालों के बाद जब स्थिति में सुधार आए तो उन्हें बेच सकती है.

लेकिन सब से अहम सवाल ये है कि क्या मोदी सरकार के पास इच्छा शक्ति है?क्या सरकार दिल खोल कर, रिस्क लेकर, अर्थव्यवस्था को दोबारा बनाने की हिम्मत करेगी. और पढो: BBC News Hindi »

Nhi मोदी हैं तो सब कुछ मुमकिन है देश को तभा कर दिया और कितना ताभा होगा Kuch nhi bacha paegi haa buss Adani,ambani ko bacha paegi Modi ji tabahi dena janty hai Lekin bachana nahi janty ? अभी - अभी पता चला कि वेतन अभाव में बेहतर इलाज न करा पाने की वजह से लगभग 40 शिक्षकों की मौत हो चुकी है। महामहिम राष्ट्रपति और मानवाधिकार आयोग संज्ञान ले 😥😥

अंग्रेजो से पूछो तुम लोग.. हमारे यहाँ तो सब भारतीय मिल कर सम्हल जाएंगे.... कोरोना से अधिक ख़तरनाक है भारतीय न्यूज चैनस्ल द्वारा खेला गया साम्प्रदायिकता कार्ड भारत विरोधी एव भारत के विषय में नकारात्मक समाचर प्रस्तुत करना ये बी बी सी वाले जबसे हमें आजादी मिली है तबसे करते आ रहे है। हिंदी सेवा देने के लिए ८०% लोग पाकिस्थानी भरे है। जाहिर है जहर तो उगलते रहेंगे।

बचा सकती अगर आप लोगों की divide and rule की चाल कामयाब न हो। BBC is bat ki tension na le.o apna anti india Muhim chalu rakhe. Britain's coronavirus strategy has been a disaster PIERS MORGAN: We all wish Boris well but one man's health can't distract us from the fact Britain's coronavirus strategy has been a disaster - the death numbers are horrendous

हां भारत सरकार आर्थिक तबाही भारत सरकार बचाने में कामयाब होगी बीबीसी वालोंतुम्हारे मन में हिंदुस्तान से नफरत भरी हुई है तुम हिंदुस्तान को नीचे गिरता हुआ देखना चाहते हो वह अब नहीं हो सकता अपने देश की फिक्र करो ब्रिटेन का क्या हाल है हम लोग तो एकजुट होकर फिर अपने देश को संभाल लेंगे मोदी जी का नेतृत्व जिंदाबाद निश्चित रूप से तुम से आगे रहेंगे

धन वापस कमाया जा सकता हे मगर जीवन नही ,पहला सुख निरोगी काया , Indian economy to phle hi tabah ho chuke hai. Jan se march tk country ko 30 lakh crore ka nuksaan already ho chaka tha. Ab ye corona to tabut me akhri keel thokne ka kaam karega economy me. 😡 भारत को क्या पाकिस्तान समझा है ? India needs to look after chinnese impact on India very seriously

पहले कोन सा बचा लिया था। जो अब आशा....... भक्त तो एक भविष्यवाणी पर ही कूद रहें हैं जिसके अनुसार भारत विश्व का सिरमोर बनेगा Financial slide down had been there since last few years because of unproductive financial priorities मोदी जी अपने पार्टी फंड को देश हित में देश को दान करें Headline us wrong..... It should be ' Aarthik Tabahi Se Nikaal Payefi'.....

Impossible MC ye mat dikhaanaa nahi to tumhari khaalaa ka halaalaa ho jayega Anis Farooqui Another brutal incident against Minorities in Pakistan, 3 Hindu kids, a infant & a woman severly burnt alive by fundamentalists in Sindh Pakistan. Will minorities ever be safe in Pakistan? कोरोना के पहले से ही हालत खराब है, ये तो एक बहाना होगा

कोरोना वाइरस से पहले ही नहीं बचा पायी आर्थिक तबाही से, अब तो सारा संसार तबाही के चपेट में है। अभी तो मंदी, बेहाल आर्थिक स्थिति और जितने भी समस्याएँ हैं सारा का सारा श्रेय “कोरोना मैडम” के मत्थे मढ़ दिया जाएगा। पहले तुम बीबीसी वाले अपने देश को बचा लो और भारत कि चिंता करना छोड़ दो क्यूंकि तुम सिर्फ भारत को तोडना जानते हो वो चाहे भौगोलिक रूप से या जातिवाद फैलाकर. फुट डालो और राज करो वाली नीति से तुमने दुनिया के बहुत से देशों को बर्बाद किया है.. सुधर जाओ पिल्लों

Bahut Money hai sarkar ke paas , million dollars ka to Namste Trump hi kar diya, advertising me Abhi bhi bahut 💰 khrch ki ja rahi hai, koi kmi nhi h, ha wo baat alag hai ki gareeb majdoor ke liye h na mahine ke 500 or wo bhi agar mil jaye to 😢 aesi h hamari mahan sarkar 🇮🇳🙏😢 No.. Modi Ne Corona se pehle Hi Bharat Ko arthik Rup Se Barbaad karna suru kar diya tha Corona to Ab aaya hai ...

इसी अहंकार में ब्रिटेन में कब्र खोदा जा रहा है ? पहले लोगो का जान बचाले ।। आर्थिक तबाही तो पहले से है O wise man! Give your wealth only to the worthy and never to others. The water of the sea received by the clouds is always sweet. Chanakya Bahut Money hai sarkar ke paas , million dollars ka to Namste Trump hi kar diya, advertising me Abhi bhi bahut 💰 khrch ki ja rahi hai, koi kmi nhi h, ha wo baat alag hai ki gareeb majdoor ke liye h na mahine ke 500 or wo bhi agar mil jaye to 😢 aesi h hamari mahan sarkar 🇮🇳🙏😢

इधर भारत बर्बाद होता रहेगा उधर गोदी जी का मंत्री मंडल और गोद मीडिया मिलकर हिंदु मुस्लिम के बड़े बड़े मुद्दे ढूंढ कर लाएंगे और जनता को उसमें उलझा कर रखेंगे। Bahot mushkil he aane vala bhavishya bahot kathor ho sakne ki sambhavana he, sirf india nahi puri duniya ka life style change ho jaega, 90 or 80 ke dasak ka dor fir chalu ho jaega

सम्हलने में अभी ५ साल लगेंगे, चुनाव तक। नहीं UN की रिपोर्ट 40 करोड़ गरीब लोग होंगे प्राबित Again you are so intrested in India......btw what about UK now Media wale bacha lenge बारामूला मे आतंकी की अंतिम यात्रा देश कीसेना जान की बाज़ी लगा कर इन आतंकी से लड़े और ये उनका शव चूम के आँखों से लगाए कितना शर्म नाक है|जो इस जनाजे मे है वो सब आतंकी क्यु नहीं घोषित होते है इनमे खौफ क्यु नहीं है कब तक ऐसे ही चलेगा| कुछ गद्दर आ कर बोलेगे आतंक का कोई धर्म नही होता

कोरोना पर भारत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की SAARC देशों से बात, PAK ने किया किनाराभारत के द्वारा कोरोना वायरस पर चर्चा करने के लिए सार्क देशों की बैठक बुलाई गई. लेकिन पाकिस्तान ने इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से किनारा कर लिया. hamzaameer74 भिखारी देश को भीख मांगने में भी शर्म आ रही है । hamzaameer74 पाकिस्तान से और उम्मीद भी क्या kiya ja सकता है जैसी सोच वैसा देश hamzaameer74 नफरत के काबिल है पाकिस्तान

भारत में अनौपचारिक क्षेत्र के 40 करोड़ कर्मचारियों को गरीबी में धकेल सकता है कोरोना संकटभारत में अनौपचारिक क्षेत्र के 40 करोड़ कर्मचारियों को गरीबी में धकेल सकता है कोरोना संकट CoronavirusOutbreakindia ilo ilo सोनिया गाॅधी जी के फार्मूले से 2,75,443 करोड रुपया बचाकर देश मे हर जिले मे एक AIMS बन सकता हॆ । देश बचाओ । करोना भगाओ । ilo भारत की मीडिया से अनुरोध है कि इस Corona के संकट में कभी सिलेंडर बांटने वाले हाकर्स का भी हौसला बढाने का कष्ट करें इस दुखद घड़ी मे वो भी किसी योद्धा से कम नही हैं घर-घर,गाँव-गाँव बिना जान की फिक्र किये पहुंच रहे हैं! sardanarohit SwetaSinghAT narendramodi ilo 130 करोड में 40 करोड नौकरी गवा देगे मेरे 50,40 के करीब काम करते हैं अकडा या कुछ भी लिख दो

कोरोना वायरस: आख़िर भारत मलेरिया की दवाई बेचने से बच क्यों रहा है?हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन को दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इजाद किया गया था. मलेरिया के अलावा ये जोड़ों के दर्द में भी इस्तेमाल होती है. कोरोना वायरस संकट से अमेरिका भयानक तबाही की ओर बढ़ रहा है अमेरिका पे कोरोना अटैक चीन का सीक्रेट हमला है? Manmohan Singh closed down all industries and promoted import from china? It's make now shortage of raw materials etc is this emergency period. Who is responsible Manmohan Singh and Sonia Gandhi for this today situation? But media silence on that not exposing Cong ? और बताइये.... ब्रिटेन मे क्या हाल - चाल है जी?

क्या कोरोना से जंग के लिए भारत-पाक खेलेंगे वनडे सीरीज?, जानिए पूरा मामलाCoronavirus: पाकिस्तान स्थित एक संगठन ने भारत पर 2008 में आतंकवादी हमला किया था। उसके बाद से भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई भी द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली है। दोनों का सामना आईसीसी टूर्नामेंटों और एशिया कप में ही हुआ है। Last odi series was in 2012 when pak beat ind 2-1 in india.

कोरोना: अपने आशियाने को 'संक्रमण' से रखें दूर, यह है तरीकाअपने आशियाने को 'संक्रमण' से रखें दूर, यह है तरीका... CoronaUpdates WHO ICMRDELHI COVID19Pandemic CoronaUpdate Lockdown21 COVID2019 lockdownindia CoronaLockdown StayHomeIndia

कोरोना से जंग लड़ रहे पुलिसकर्मियों को योगी सरकार का तोहफा, मिलेगा ₹50 लाख का इंश्योरेंसLucknow Samachar: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पुलिसकर्मियों को 50 लाख रुपये के इंश्योरेंस का तोहफा दिया है। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में पुलिसकर्मी पूरी तरह मुस्तैद हैं। अपर मुख्य सचिव (गृह और सूचना) अवनीश अवस्थी ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसके लिए लिखित आदेश भी बहुत जल्द जारी किए जा रहे हैं। Yogi ji Aap sabse alag ho .... Good iniciative यह पुलिस विभाग ऐसा की जो दिन रात 24घण्टे ड्यूटी पर तैनात रहता है मोदी जी की शुभ पहल को मै धन्यवाद देता हूँ

निसर्ग: मुंबई में 129 साल के बाद आएगा चक्रवाती तूफ़ान कोरोना अपडेटः प्रधानमंत्री मोदी बोले, कोरोना महामारी विश्वयुद्ध के बाद आया सबसे बड़ा संकट है - BBC Hindi दलित छात्रा ने ऑनलाइन क्लास नहीं कर पाने के चलते की 'आत्महत्या' पुलिस चीफ़ की ट्रंप को नसीहत 'आप कोई ढंग की बात नहीं कर सकते तो मुँह बंद रखिए' सीमा पर अच्छी खासी तादाद में चीन के लोगः राजनाथ सिंह पानी में खड़े तीन दिन मौत का इंतेज़ार करती रही गर्भवती हथिनी दिल्ली BJP अध्यक्ष पद से मनोज तिवारी की छुट्टी, आदेश कुमार गुप्ता को मिली जिम्मेदारी मनोज तिवारी हटे, आदेश गुप्ता को मिली दिल्ली भाजपा की कमान कोरोना अपडेटः इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के दफ़्तर में कोरोना - BBC Hindi कोरोना अपडेटः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले, भारत का विकास पटरी पर लौटेगा... - BBC Hindi चीन: मनमोहन सिंह की राह पर चल रहे हैं पीएम मोदी?