कोरोना वायरस: मोदी सरकार क्या इस बार भी आकलन करने में चूक गई?

कोरोना वायरस: क्या मोदी सरकार इस बार भी आकलन करने में चूक गई?

22-05-2020 07:00:00

कोरोना वायरस: क्या मोदी सरकार इस बार भी आकलन करने में चूक गई?

भारत में कोरोना वायरस संक्रमित लोगों की संख्या एक लाख पार कर चुकी है और अब लॉकडाउन में भी ढील दी जा रही है.

आपके सवालकोरोना वायरस क्या है?लीड्स के कैटलिन सेसबसे ज्यादा पूछे जाने वालेबीबीसी न्यूज़स्वास्थ्य टीमकोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है जिसका पता दिसंबर 2019 में चीन में चला. इसका संक्षिप्त नाम कोविड-19 हैसैकड़ों तरह के कोरोना वायरस होते हैं. इनमें से ज्यादातर सुअरों, ऊंटों, चमगादड़ों और बिल्लियों समेत अन्य जानवरों में पाए जाते हैं. लेकिन कोविड-19 जैसे कम ही वायरस हैं जो मनुष्यों को प्रभावित करते हैं

‘कोरोना आपदा को बदला लेने का अवसर मान रही मोदी सरकार’: छात्र नेताओं ने लगाया आरोप नेपाल क्या हमेशा भारत को चीन का डर दिखाता है? कांग्रेस के संजय निरुपम ने महाराष्‍ट्र में कोरोना संकट के लिए सीएम उद्धव ठाकरे को दोषी ठहराया, लगाया यह आरोप..

कुछ कोरोना वायरस मामूली से हल्की बीमारियां पैदा करते हैं. इनमें सामान्य जुकाम शामिल है. कोविड-19 उन वायरसों में शामिल है जिनकी वजह से निमोनिया जैसी ज्यादा गंभीर बीमारियां पैदा होती हैं.ज्यादातर संक्रमित लोगों में बुखार, हाथों-पैरों में दर्द और कफ़ जैसे हल्के लक्षण दिखाई देते हैं. ये लोग बिना किसी खास इलाज के ठीक हो जाते हैं.

लेकिन, कुछ उम्रदराज़ लोगों और पहले से ह्दय रोग, डायबिटीज़ या कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ रहे लोगों में इससे गंभीर रूप से बीमार होने का ख़तरा रहता है.एक बार आप कोरोना से उबर गए तो क्या आपको फिर से यह नहीं हो सकता?बाइसेस्टर से डेनिस मिशेलसबसे ज्यादा पूछे गए सवाल

बाीबीसी न्यूज़स्वास्थ्य टीमजब लोग एक संक्रमण से उबर जाते हैं तो उनके शरीर में इस बात की समझ पैदा हो जाती है कि अगर उन्हें यह दोबारा हुआ तो इससे कैसे लड़ाई लड़नी है.यह इम्युनिटी हमेशा नहीं रहती है या पूरी तरह से प्रभावी नहीं होती है. बाद में इसमें कमी आ सकती है.

ऐसा माना जा रहा है कि अगर आप एक बार कोरोना वायरस से रिकवर हो चुके हैं तो आपकी इम्युनिटी बढ़ जाएगी. हालांकि, यह नहीं पता कि यह इम्युनिटी कब तक चलेगी.कोरोना वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड क्या है?जिलियन गिब्समिशेल रॉबर्ट्सबीबीसी हेल्थ ऑनलाइन एडिटरवैज्ञानिकों का कहना है कि औसतन पांच दिनों में लक्षण दिखाई देने लगते हैं. लेकिन, कुछ लोगों में इससे पहले भी लक्षण दिख सकते हैं.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि इसका इनक्यूबेशन पीरियड 14 दिन तक का हो सकता है. लेकिन कुछ शोधार्थियों का कहना है कि यह 24 दिन तक जा सकता है.इनक्यूबेशन पीरियड को जानना और समझना बेहद जरूरी है. इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों को वायरस को फैलने से रोकने के लिए कारगर तरीके लाने में मदद मिलती है.

क्या कोरोना वायरस फ़्लू से ज्यादा संक्रमणकारी है?सिडनी से मेरी फिट्ज़पैट्रिकमिशेल रॉबर्ट्सबीबीसी हेल्थ ऑनलाइन एडिटरदोनों वायरस बेहद संक्रामक हैं.ऐसा माना जाता है कि कोरोना वायरस से पीड़ित एक शख्स औसतन दो या तीन और लोगों को संक्रमित करता है. जबकि फ़्लू वाला व्यक्ति एक और शख्स को इससे संक्रमित करता है.

पिता के साथ बेचते थे सब्जी, यह हैं बिहार दसवीं के टॉपर हिमांशु राज लद्दाख में भारत-चीन तनाव के बीच पीएम मोदी ने NSA, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ व तीनो सेना प्रमुखों से की मुलाकात राहुल गांधी के बयान से उद्धव ठाकरे सरकार के भविष्‍य पर उठे सवाल, कहा-हम महाराष्‍ट्र में प्रमुख डिसीजन मेकर नहीं..

फ़्लू और कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं.बार-बार अपने हाथ साबुन और पानी से धोएंजब तक आपके हाथ साफ न हों अपने चेहरे को छूने से बचेंखांसते और छींकते समय टिश्यू का इस्तेमाल करें और उसे तुरंत सीधे डस्टबिन में डाल दें.आप कितने दिनों से बीमार हैं?

मेडस्टोन से नीताबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमहर पांच में से चार लोगों में कोविड-19 फ़्लू की तरह की एक मामूली बीमारी होती है.इसके लक्षणों में बुख़ार और सूखी खांसी शामिल है. आप कुछ दिनों से बीमार होते हैं, लेकिन लक्षण दिखने के हफ्ते भर में आप ठीक हो सकते हैं.अगर वायरस फ़ेफ़ड़ों में ठीक से बैठ गया तो यह सांस लेने में दिक्कत और निमोनिया पैदा कर सकता है. हर सात में से एक शख्स को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.

End of कोरोना वायरस के बारे में सब कुछमेरी स्वास्थ्य स्थितियांआपके सवालअस्थमा वाले मरीजों के लिए कोरोना वायरस कितना ख़तरनाक है?फ़ल्किर्क से लेस्ले-एनमिशेल रॉबर्ट्सबीबीसी हेल्थ ऑनलाइन एडिटरअस्थमा यूके की सलाह है कि आप अपना रोज़ाना का इनहेलर लेते रहें. इससे कोरोना वायरस समेत किसी भी रेस्पिरेटरी वायरस के चलते होने वाले अस्थमा अटैक से आपको बचने में मदद मिलेगी.

अगर आपको अपने अस्थमा के बढ़ने का डर है तो अपने साथ रिलीवर इनहेलर रखें. अगर आपका अस्थमा बिगड़ता है तो आपको कोरोना वायरस होने का ख़तरा है.क्या ऐसे विकलांग लोग जिन्हें दूसरी कोई बीमारी नहीं है, उन्हें कोरोना वायरस होने का डर है?स्टॉकपोर्ट से अबीगेल आयरलैंड

बीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमह्दय और फ़ेफ़ड़ों की बीमारी या डायबिटीज जैसी पहले से मौजूद बीमारियों से जूझ रहे लोग और उम्रदराज़ लोगों में कोरोना वायरस ज्यादा गंभीर हो सकता है.ऐसे विकलांग लोग जो कि किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित नहीं हैं और जिनको कोई रेस्पिरेटरी दिक्कत नहीं है, उनके कोरोना वायरस से कोई अतिरिक्त ख़तरा हो, इसके कोई प्रमाण नहीं मिले हैं.

जिन्हें निमोनिया रह चुका है क्या उनमें कोरोना वायरस के हल्के लक्षण दिखाई देते हैं?कनाडा के मोंट्रियल से मार्जेबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमकम संख्या में कोविड-19 निमोनिया बन सकता है. ऐसा उन लोगों के साथ ज्यादा होता है जिन्हें पहले से फ़ेफ़ड़ों की बीमारी हो.लेकिन, चूंकि यह एक नया वायरस है, किसी में भी इसकी इम्युनिटी नहीं है. चाहे उन्हें पहले निमोनिया हो या सार्स जैसा दूसरा कोरोना वायरस रह चुका हो.

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End of मेरी स्वास्थ्य स्थितियांअपने आप को और दूसरों को बचानाआपके सवालकोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकारें इतने कड़े कदम क्यों उठा रही हैं जबकि फ़्लू इससे कहीं ज्यादा घातक जान पड़ता है?हार्लो से लोरैन स्मिथजेम्स गैलेगरस्वास्थ्य संवाददाताशहरों को क्वारंटीन करना और लोगों को घरों पर ही रहने के लिए बोलना सख्त कदम लग सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो वायरस पूरी रफ्तार से फैल जाएगा.

फ़्लू की तरह इस नए वायरस की कोई वैक्सीन नहीं है. इस वजह से उम्रदराज़ लोगों और पहले से बीमारियों के शिकार लोगों के लिए यह ज्यादा बड़ा ख़तरा हो सकता है.क्या खुद को और दूसरों को वायरस से बचाने के लिए मुझे मास्क पहनना चाहिए?मैनचेस्टर से एन हार्डमैनबीबीसी न्यूज़

हेल्थ टीमपूरी दुनिया में सरकारें मास्क पहनने की सलाह में लगातार संशोधन कर रही हैं. लेकिन, डब्ल्यूएचओ ऐसे लोगों को मास्क पहनने की सलाह दे रहा है जिन्हें कोरोना वायरस के लक्षण (लगातार तेज तापमान, कफ़ या छींकें आना) दिख रहे हैं या जो कोविड-19 के कनफ़र्म या संदिग्ध लोगों की देखभाल कर रहे हैं.

मास्क से आप खुद को और दूसरों को संक्रमण से बचाते हैं, लेकिन ऐसा तभी होगा जब इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए और इन्हें अपने हाथ बार-बार धोने और घर के बाहर कम से कम निकलने जैसे अन्य उपायों के साथ इस्तेमाल किया जाए.फ़ेस मास्क पहनने की सलाह को लेकर अलग-अलग चिंताएं हैं. कुछ देश यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके यहां स्वास्थकर्मियों के लिए इनकी कमी न पड़ जाए, जबकि दूसरे देशों की चिंता यह है कि मास्क पहने से लोगों में अपने सुरक्षित होने की झूठी तसल्ली न पैदा हो जाए. अगर आप मास्क पहन रहे हैं तो आपके अपने चेहरे को छूने के आसार भी बढ़ जाते हैं.

यह सुनिश्चित कीजिए कि आप अपने इलाके में अनिवार्य नियमों से वाकिफ़ हों. जैसे कि कुछ जगहों पर अगर आप घर से बाहर जाे रहे हैं तो आपको मास्क पहनना जरूरी है. भारत, अर्जेंटीना, चीन, इटली और मोरक्को जैसे देशों के कई हिस्सों में यह अनिवार्य है.अगर मैं ऐसे शख्स के साथ रह रहा हूं जो सेल्फ-आइसोलेशन में है तो मुझे क्या करना चाहिए?

लंदन से ग्राहम राइटबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमअगर आप किसी ऐसे शख्स के साथ रह रहे हैं जो कि सेल्फ-आइसोलेशन में है तो आपको उससे न्यूनतम संपर्क रखना चाहिए और अगर मुमकिन हो तो एक कमरे में साथ न रहें.सेल्फ-आइसोलेशन में रह रहे शख्स को एक हवादार कमरे में रहना चाहिए जिसमें एक खिड़की हो जिसे खोला जा सके. ऐसे शख्स को घर के दूसरे लोगों से दूर रहना चाहिए.

End of अपने आप को और दूसरों को बचानामैं और मेरा परिवारआपके सवालमैं पांच महीने की गर्भवती महिला हूं. अगर मैं संक्रमित हो जाती हूं तो मेरे बच्चे पर इसका क्या असर होगा?बीबीसी वेबसाइट के एक पाठक का सवालजेम्स गैलेगरस्वास्थ्य संवाददातागर्भवती महिलाओं पर कोविड-19 के असर को समझने के लिए वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन अभी बारे में बेहद सीमित जानकारी मौजूद है.

यह नहीं पता कि वायरस से संक्रमित कोई गर्भवती महिला प्रेग्नेंसी या डिलीवरी के दौरान इसे अपने भ्रूण या बच्चे को पास कर सकती है. लेकिन अभी तक यह वायरस एमनियोटिक फ्लूइड या ब्रेस्टमिल्क में नहीं पाया गया है.गर्भवती महिलाओंं के बारे में अभी ऐसा कोई सुबूत नहीं है कि वे आम लोगों के मुकाबले गंभीर रूप से बीमार होने के ज्यादा जोखिम में हैं. हालांकि, अपने शरीर और इम्यून सिस्टम में बदलाव होने के चलते गर्भवती महिलाएं कुछ रेस्पिरेटरी इंफेक्शंस से बुरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं.

मैं अपने पांच महीने के बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हूं. अगर मैं कोरोना से संक्रमित हो जाती हूं तो मुझे क्या करना चाहिए?मीव मैकगोल्डरिकजेम्स गैलेगरस्वास्थ्य संवाददाताअपने ब्रेस्ट मिल्क के जरिए माएं अपने बच्चों को संक्रमण से बचाव मुहैया करा सकती हैं.अगर आपका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज़ पैदा कर रहा है तो इन्हें ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पास किया जा सकता है.

ब्रेस्टफीड कराने वाली माओं को भी जोखिम से बचने के लिए दूसरों की तरह से ही सलाह का पालन करना चाहिए. अपने चेहरे को छींकते या खांसते वक्त ढक लें. इस्तेमाल किए गए टिश्यू को फेंक दें और हाथों को बार-बार धोएं. अपनी आंखों, नाक या चेहरे को बिना धोए हाथों से न छुएं.

बच्चों के लिए क्या जोखिम है?लंदन से लुइसबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमचीन और दूसरे देशों के आंकड़ों के मुताबिक, आमतौर पर बच्चे कोरोना वायरस से अपेक्षाकृत अप्रभावित दिखे हैं.ऐसा शायद इस वजह है क्योंकि वे संक्रमण से लड़ने की ताकत रखते हैं या उनमें कोई लक्षण नहीं दिखते हैं या उनमें सर्दी जैसे मामूली लक्षण दिखते हैं.

हालांकि, पहले से अस्थमा जैसी फ़ेफ़ड़ों की बीमारी से जूझ रहे बच्चों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए. और पढो: BBC News Hindi »

Padi likhi buddhiman sarkar hi to aklanLaga sakti hai na कुछ लोग व राजनैतिक दलों के असहयोग से सम्पूर्ण भारतीय जनता कोरोना संक्रमण का कष्ट भोग रही है। वरना भारत में कोरोना माह अप्रैल समाप्त होने होते समाप्त हो जाता । No BBC ur wrong Modi ji thought over it and implimented each and every thought which came in his mind see he explains it in his man ki baat.

Madhya Pradesh Police apologized to Deepak Advocate, we killed as a Muslim, this means that the police target and kill a Muslim in a country. चंकी हुई है प्रवासी मजदूरो को लेकर विपक्ष ने जब बयान बाजी शुरू की तब जो उनकी लाकडाउन 2 के भाषण से पहले शुरू हो गई थी तब मोदीजी उनका विशेषतः जिंक कर देते कि जो जहाँ है वहाँ रहे और आगे से आगे सम्पर्क कर खुद की तथा साथ वालोँ की स्थिति साझा करे ताकि उनकीसमस्या का निवारण हो सके

कोई चूक नहीं है आप सबों ने पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर पैक न्यूज बना रहे हैं मात्र कुछ पैसे के लिए। BBC please take care of your country of origin.... You were badly hit there..i know some of dirty journalists are there in India who are working for you.. Yes Panoti H Modi Manoti Desh Ke Liye पुरी सरकार. आंकलन करने मे फैल नजर आ रही हैं

What about logic behind pappu tag ये कोई नयी बात नहीं है। जीएसटी में आंकलन करना चूक गयी, नोटबंदी में चूक गयी और अब कोरोना में चूक गयी। कोई शक कोई बात नहीं ‌। २०२४ आते-आते हि+मु का एक शगुफा छोड़ कर ‌चुनाव जीत जाएंगे । No Yes, if they accept.😀😂 अबे BBCझूठ साले अपने ब्रिटेन को देख मेरा देश मोदी राज मैं सुरक्षित है mc छुप supportmodi

अब पछताए क्या होत जब चिडिया चुग गयी खेत modiji lokdown se kuch nahi hone wala ya pichle 2 mahine se lockdown hai fir bhi korona marijo ki sankhya din ba din badthi hi ja rahi hai tho aap bathaiye lockdown ka kya faida ho raha hai नहीं बीबीसी चूतिया 😂😂 अगर चूक हुई होती तो भारत कोविद पीड़ित का आंकड़ा इतना काम कैसे होता. कुछ तो सोच के खबर लिखा करो बदनाम करने के लिए थोड़ी अकल लगाया करो 😂

चूकि नहीं! कांग्रेस शासित राज्य सरकार ने धोखा दिया,सारे ही कोरोना जिहाद मे शामिल हो गये। Bycott bbc Modi virodi BBC's बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताए British government se nahi puchha hoga bosdik Kaise Sab kuchh fail hogya Is chutiya channel ka sampark kaun hai Modiji का आँकलन बिलकुल सही था और है.. अगर उन्हो ने लॉक्डाउन नहीं दिया होता समयसर तो आज इंडिया में Usa aur uk से भी बदतर हालत होती.. salute तो our PM 🙏🏽🙏🏽🙏🏽🙏🏽🙏🏽

विकसित देशों का देखो अपने मुँह पर थूक कर बैठे हैं ? सिर्फ आकलन में चूक या अन्य में भी ? विचार कीजिए!! बाक़ी प्रवासी श्रमिकों की सहेंशीलता का आकलन करना भी चुनौती है। सहमत है बेरोज़गारी, भुकमरी और तुच्छ सांप्रदायिक गतिविधियों का आकलन भी मानवता एवं विकास के लिए महत्व रखता है। सहमत है विचार!! विचार!! विचार!! ndtvindia

Nahi. Modi tumhara baap hai. Apna haal dekho. Bikau saale दिमाग को अच्छी जगह चलाया कर , इतनी नकारात्मक खबर लिख लिख कर दिमागी रूप से कमजोर हो जाएगा। बीबीसी बेकार बबेवकूफ चैनल, 135 करोड़ से ज्यादा लोग और फिर भी कोरोना को दरकिनार कर आज जनजीवन पटरी पर आ रहा है शर्म कर और चुल्लू भर पानी मे डूब मर ऐसी खबर छापने पर।

Chuk pr chuk Chuk pr chuk Chuk pr chuk .............are 1-2 chuk ho to koyi btaye.yha srkar bnane bigarne ke alawa sirf chuk hi hai. मोदीजी बिल्कुल सही जा रहे हैं। दुनिया जान चुकी है बीबीसी हिंदी के अलावा। Desh chunautiyon se nahin tum jaise chutiyon se pareshan hai क्या बीबीसी बार बार कश्मीर भारतीय प्रदेश है का आकलन करने में चूक गई!

भूख से तड़पते लोग सड़कों पर मरे हुए जानवर खाने को मजबूर हैं। सरकार 6 साल बेमिसाल का जश्न मना रही है। आज समझ में आया कि हमारे पुरखों ने आजादी के पचास साल बाद तक भी बीजेपी आरएसएस को वोट क्यों नहीं किया। वो अनपढ़ थे पर समझदार थे। हम पढ़ लिख गए फिर भी धौखा खा गए। BAN BBC Ha bilkul... Ye aaklan Nahi karte ye bus Janta ko bewakoof banana jante hai, Aise crucial situation me bus ki validity check Karwa ke masoom mazdooron ki seva tak rok di...

साहेब घोषणा करते हैं सिर्फ आकलन नहीं... No not really, if lockdown had not been brought in when it was death toll would have been a lot higher as well as the infection rate BBC after all you proved it you are a anti national media. You never want the goodness of our INDIA. So we all boycott you. Government should impose ban on you.

Modo government done good job. मात्र 6 सालों में देश की अर्थव्यवस्था रेलगाड़ी से बैल गाड़ी पर आ गई ,कही 70 साल दिया होता तो ये मानव से आदिमानव बना देते... पहले अपने देश का हाल और डाटा देख ले. हाँ, बिल्कुल PhD in fake news. Purushothaman Nambiar, group export-import director, Serum Institute of India, world’s largest manufacturer of vaccines, in an interview with him he says that his company has developed the *vaccine against Covid-19 and that it will hit the global market by October 2020

बड़े बड़े देश चुके गए हरामी पाकिस्तान से कोई आज तक पार पाया है। कोरोना रोक के उपाय की जगह 8 एकर में कब्रे खुदवा रहा था। मोदी तो फिर भी बहुत सख्त कदम उठाकर रोक लगाया। Andher nagri chaupat raja... इस बार का क्या मतलब है, कोरोना इससे पहले कभी आया है क्या Yes चूकी होती तो चूक कहने वाले यू न बैठे होते। नोट बंदी में भी चूक गयी थी। NRC/CAA मामले में भी चूकी/ चीन और नेपाल मामले में भी चूकि हर जगह चूकती ही तो है।

2001 से चूक ही हो रही हैं मोदी से😂🤣😂🤣😂 Big BC Modi is going on a right path. You need not worry BBC take care of your country. ये तो आप लोंगो को ही आंकलन करना होगा ! Imran khan was successful 🤣 बेहद बकवास चैनल पहले उस country की हालत का जिक्र कर जहाँ से यह जहर फैलाने का इशारा मिलता है । आज कई देश हैं जिनके हालात भारत से भी कई गुना बदतर हो गए हैं।कौन सा देश बचा है जो आज बेरोजगारी, बीमारी , गिरती अर्थव्यवस्था से नही गुजर रहा भारत को defame करना बंद कर😡😡.

Hahaha Britain had already lost many life GKB.....3237. MODI JI KO BOLNE WALA KOI NAHI NA HI WHO KISI KI MANTA HAI LOCKDOWN KARTE HI DO DIN JE LIYE RAIL OR BUSES AND AIRLINES CHALU RAHTI TO LOG APNE APNE GHAR PAHUNCH JATE MODI GOVT NE KABHI BHI MAZDOORON KE LIYE FREE RAIL OR BUSES NAHI DI G.K.BHAGAT .

Ye dekho international pagal media? Ye media wale nhi dalal hai. Inhe desh duniya se koi lena dena nhi hai, inhe bss badnaam krna hai. Iske paise jo milte hai inhe aise -ve reporting k. UK did well Yes .Modi govt is big failure Now locust attack will.spoil everything all farms. He wont do.anytjing to prevent this Baad me.speech dega. ' is dukhad samaya me'

मोदी सरकार नहीं चूकी, बीबीसी चूक गई। Is feku se n hopaega Why didn't this govt planned thorough evacuation Pan India in last 8 days of March n conduct in first 10 days of April? So densed clusters like Dharavi and so many would've got less crowded. N by May end migrants would've come back to cities when they're actually needed.

लॉकडाउन गलत कोरोना का इलाज शरीर_स्वस्थ_तो_कोरोना_परस्त लॉकडाउन ने भूख और गरीबी बढ़ा दी,जितने लोग ठीक हुये इम्युनिटि से हुये किसी दवाई से नहीं| लॉकडाउन ने भूख देकर शरीर कमजोर,कर्ज़े के बोझ से आर्थिक कमजोर लॉकडाउन ना होता तो शरीर स्वस्थ रहता क्योंकि खाना तो मिलता| इनवेन्टरी खत्म सनातन शिफट् 20लाख करोड़ अपनो मतबल मोदी महाजन NBFC को हुऐ बायप्रोडक्ट सहारे रिलायंस मतबल मित्रों मित्र बना रहा दुनिया ता सनातन को मूरख और कच्चा तेल से हुई हानि निवेशक से रहा वसूल! कोई नया याद नहीं आया बचा तो लाॅक ऑपन!😉

ज्यादा आत्मविश्वास और हर योजना में एक योजना पर मुख्य फोकस ने अगर सरकार चूक जाती तो जो लोग ट्विटर पर बकवास कर रहे है वो या तो हॉस्पिटल मे होते या कही मुर्दा घर मे ताबूत मे पड़े होते | और bbc वालो सबको पता है की आप मोदी सरकार के विरोधी हो पर क्या सभी राज्यो मे मोदी की सरकार है क्या ? देश को गुमराह न करे अपने देश का हाल बताये ।

मुख्य होता है जागरूकता जागरूकता के पूर्व और पश्चात छूट देने में जमीन आसमान का अंतर होता है Lockdown4 fridaymorning Please look into UK don't try to poke around Modi,he is doing well. मुझे लगता है कि सब 8 PM का कमाल है।नोटबन्दी का एलान भी 8 PM पर हुआ था वह भी फेल हुई। यही हाल लॉक डाउन का भी है। शायद अब मोदी जी को 8 PM की जगह कोई दूसरा PM चुनना चाहिए।

अलका_लांबा_माफी_मांगो अलका_लांबा_गलती_मानो LambaAlka Mayawati जुलाई में भी आंकलन होना है कहीं एक ओर प्राकृतिक आपदा मुसीबत बन जाऐं , covid 19 , संघर्ष समय , मर्ज बढ़ता गया ज्यों ज्यों दवा की... we might be on wrong track.. पूरी दुनिया ही अनुमान लगाने में चुक गई और मोदी सरकार तो बिल्कुल भी नहीं चुकी Easy thing in the world is to blame other. Since you (BBC) is not smart enough to find answers, trying to put suspicious things (thought) among the mind of common man like congress.

rajkshroff अनेक राज्य अलग अलग दलों की सरकारें ऐक से एक महान मुख्यमंत्री कहते रहे है दिल्ली को वास्तविकता पता नही हम खुद देखेगे निपटेगे Jaldbaji mein liya Gaya nirnay वामपंथियों की कुटाई करने में चूक गई Fail ब्रिटेन वाले कहाँ चूक गयी ये पता नही होगा ? मक्कार Bhut jyada इस बार ? किस बार नहीं हुई पहले तुम वो बताओं ।

चूक तो जनता से हुई है 😂 सरकार चुनने में बेशक, अच्छी सोच के लिए एक अच्छा दिमाग चाहिए। कुटिल राजनीतिक और घमंडी दिमाग नहीं Dalali chhodkar patrakarita karo, Bharat ke tantrik mamalon mein jyada mat pado.... FakeNewsMedia जुलाई से पहले छुट देना कमजोर व परेशानी साफ दिखा रहा है

कोरोना वायरस LIVE अपडेट्स - दिल्ली में इस समय कोरोना के 5,720 ऐक्टिव केस हैं।कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) का कहर देश और दुनिया में लगातार जारी है। दुनियाभर में कोरोना (Coronavirus) की वजह से अबतक 3.2 लाख से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में कोरोना (Coronavirus in India) के अबतक 1,06,750 हैं जिनमें से 3,303 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 42,297 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। वहीं, बीते 24 घंटे के दौरान अमेरिका में कोरोना संक्रमण की वजह से 1,500 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना वायरस से जुड़े हर अपडेट (Coronavirus Updates) के लिए बने रहिए हमारे साथ...

कोरोना अपडेट: चीन में शायद बदल रहा है कोरोना वायरस - BBC Hindiभारतीय रेलवे ने 1 जून से चलने वाली 200 ट्रेनों का शेड्यूल जारी कर दिया है. इन ट्रेनों में जनरल कोच में भी रिज़र्वेशन हो सकेगा. P.C. Getty Images देश को इस महामारी ने जिस तरह से चपेट में लिया हुआ है.... क्या पब्लिक ट्रांसपोर्ट खोलने पर ये संक्रमण और नहीं बढ़ेगा? योगी_मोदी_मजदूरों_के_दुश्मन RT ONLY aimim_national OsamaShaikhIND ARajesh_SP Deepakkhatri812

चीन-इटली से भी घातक भारतीय वायरस, नेपाली PM ने भारत लगाया कोरोना फैलाने का आरोपCovid-19: ' केपी ओली ने कहा कि बाहर से बड़ी संख्या में लोगों के आने के कारण कोविड-19 को नियंत्रित करना बहुत मुश्किल हो गया है। Modiji se nepal bhee aise baat krta h, shrm kro पड़ोसियों को संभाले भारत और किसी की ज्यादा मदद ना करे पहले अपने देशवासियों की सोचें

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कोरोना वायरस महामारी में पत्रकारों पर बेकारी-बीमारी का ख़तराकोरोना वायरस संबंधित छंटनी अब भारतीय मीडिया उद्योग पर भी दिखने लगी है, कई समाचार पत्र और न्यूज़ चैनल ऐसे हैं जिनमें मीडियाकर्मियों की नौकरी जा रही हैं. इसी बीच एक निजी चैनल के कर्मचारियों में भी संक्रमण पाया गया है. इसे मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश की राय.

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कोरोना संक्रमण: तब्लीग़ी जमात से जुड़े सवाल पर डॉ. हर्षवर्धन ने कहा- ''बहुत हुआ'' योगी आदित्यनाथ का वो बयान जिस पर मच रहा है सियासी घमासान कोरोना अपटडेटः भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या डेढ़ लाख के क़रीब, अकेले महाराष्ट्र में 52 हज़ार से ज़्यादा मामले - BBC Hindi राहुल गांधी का वार- पीएम ने पहले फ्रंटफुट पर खेला, लेकिन अब बैकफुट पर हैं मजदूरों की मदद के नाम पर पब्लिस्टी स्टंट के आरोप, सोनू सूद ने द‍िया जवाब केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा ने क्वारंटाइन से किया किनारा, सफाई में बोले- छूट वाली कैटेगरी में आता हूं नेपाल ने कहा, भारत के सेना प्रमुख ने हमारे इतिहास का अपमान किया OIC में पाकिस्तान को सऊदी और UAE से भी झटका, भारत को मिला समर्थन अभिजीत बनर्जी की सलाह- प्रत्येक भारतीय को 1000 रुपये हर महीने दे सरकार ईद के दिन फिर दिल्ली की सड़कों पर निकले राहुल, टैक्सी ड्राइवर से जाना हाल दिल्ली के तुगलकाबाद में भीषण आग से 1500 झुग्गियां जलकर राख, सैकड़ों लोग बेघर