कोरोना वायरस: सरकार का आरोग्य सेतु ऐप कितना सुरक्षित

कोरोना वायरस: सरकार का आरोग्य सेतु ऐप कितना सुरक्षित

03-04-2020 17:45:00

कोरोना वायरस: सरकार का आरोग्य सेतु ऐप कितना सुरक्षित

कोरोना संक्रमितों पर नज़र रखने के लिए सरकारें मोबाइल ऐप का इस्तेमाल रही हैं लेकिन इसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.

शेयर पैनल को बंद करेंइमेज कॉपीरइटReutersकोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए घरों में जिन लोगों को क्वारंटीन किया गया है उन पर अब सरकार नज़र रखने के लिए तकनीक का सहारा ले रही है.इसके साथ ही तकनीक के ज़रिए ही कोरोना संक्रमित लोगों के मूवमेंट पर भी नज़र रखी जा रही है.

मोदी 2.0 का एक साल पूरा, पीएम मोदी ने देशवासियों की लिखी चिट्ठी, दस ख़ास बातें मोदी को टक्कर देना छह साल बाद भी इस क़दर मुश्किल क्यों PM मोदी- अब हमें अपने पैरों पर खड़ा होना ही होगा, जनता को लिखे पत्र की 13 खास बातें

भारत सरकार ने गुरुवार को 'आरोग्य सेतु' ऐप लॉन्च किया है. इसके ज़रिए लोग अपने आसपास कोरोना के मरीज़ों के बारे में भी जानकारी हासिल कर सकते हैं. सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि ये ऐप यूजर्स की निजता को ध्यान में रखकर बनाया गया है.

पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक और गोवा की सरकारों ने ऐसे मोबाइल ऐप शुरू किए हैं जिनके ज़रिए कोरोना वायरस कोविड 19 से संबंधित जानकारियां हासिल की जा सकती हैं.साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि इन ऐप के ज़रिए कोरोना संक्रमित लोगों और होम क्वारंटीन पर रखे गए लोगों पर नज़र रखी जा रही है.

ऐसी ख़बरें भी हैं कि भारत सरकार कोरोना कवच नाम का ऐप लाने की तैयारी कर रही है, जो कोरोना संक्रमितों पर नज़र रखेगा.इसके अलावा राज्य सरकारें टेलिकॉम कंपनियों की मदद से कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की लोकेशन और कॉल हिस्ट्री के जरिए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग भी कर रही हैं.

Image captionकर्नाटक सरकार के कोरोना वॉच मोबाइल ऐप के ज़रिए कोरोना पॉज़िटिव व्यक्ति के बीते 14 दिनों के मूवमेंट के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है.कोरोना मुक्त हिमाचल का नारासमाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, भारत में हिमाचल प्रदेश सरकार कोरोना मुक्त हिमाचल ऐप लॉन्च करने की तैयारी में है.

जबकि आंध्र प्रदेश सरकार ने कोरोना एलर्ट ट्रेसिंग सिस्टम का इस्तेमाल शुरू कर दिया है.इसके ज़रिए क़रीब 25000 लोगों पर नज़र रखी जा रही है जो होम क्वारंटीन पर रखे गए हैं.प्रशासन इन लोगों के मोबाइल नंबरों के आधार पर डेटाबेस भी निकाल रहा है ताकि इनके संपर्क में आने वालों की तलाश की जा सके.

ऐसे क़दम सिर्फ़ भारत में ही नहीं दुनिया के कई देशों में उठाए जा रहे हैं.Information Technology Department of Himachal Pradesh Govt has developed a mobile application named 'Corona Mukt Himachal' to track and monitor the people placed under home quarantine: Rohan Chand Thakur, Director, Dept of Information Technology, Govt of Himachal Pradesh

e-Agenda Aaj Tak 2020: 1 Year Of Modi Government 2.0, Schedule and List Of Speakers जयललिता के भतीजे-भतीजी को मद्रास हाईकोर्ट ने माना कानूनी वारिस, घोषित किया करोड़ों की संपत्ति का उत्तराधिकारी मोदी सरकार 2.0 के मैन ऑफ़ द मैच हैं अमित शाह?

— ANI (@ANI)पोस्ट ट्विटर समाप्त @ANIइसराइल में रातोंरात पास हुआ कानूनइसराइल सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए लोगों के मोबाइल डेटा पर नज़र रखना शुरू कर दिया है.इसके लिए सरकार नेरातोंरात एक अस्थाई कानून भी पास कर दिया

है.कहा जा रहा है कि इससे उन लोगों की तलाश करने में आसानी होगी जो संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए हैं.इसराइल के अलावा, चीन, दक्षिण कोरिया, अमरीका,, हॉन्ग कॉन्ग में भी सरकारें ऐसे कदम उठा रही हैं.हालांकि दुनिया भर में साइबर एक्सपर्ट इस कदम परऔर इसे लोगों की निजता का हनन बता रहे हैं.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहाकोरोना: 671 दिनों तक अकेले रहने वाले शख़्सडेटा के इस्तेमाल पर सवालविशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना वायरस जैसी महामारी की आपात स्थिति से निपटने के लिए भले ही सरकार का यह क़दम एक हद तक सही लग रहा हो लेकिन अगर लोगों की निजता की बात की जाए और जो जानकारी सरकार इकट्ठा कर रही है उसका इस्तेमाल कब तक होगा और कैसे होगा इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है जो कि चिंता का विषय है.

साइबरक़ानूनएक्सपर्ट पवन दुग्गलकहते हैं कि ये इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के ज़रिए इकट्ठा किया जा रहा डेटा जब इस्तेमाल किया जाएगा तो निजता के अधिकार का हनन तो होगा ही साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी उल्लंघन होगा जिसमें निजता के अधिकार को संवैधानिक अधिकार बताया गया है.

वो कहते हैं,"सरकार यह कह सकती है कि ट्रेसिंग जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखकर की जा रही है क्योंकि कम्युनिटी ट्रांसमिशन का ख़तरा बढ़ रहा है इसलिए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग ज़रूरी है. लेकिन सरकार ऐसी कोई गारंटी नहीं दे रही कि हालात सुधरने के बाद इस डेटा को नष्ट कर दिया जाएगा. ऐसे में इस बात की पूरी संभावना बनती है कि इस डेटा का ग़लत इस्तेमाल हो सकता है."

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहाकोरोना: किस ख़ास तकनीक से चीन ने रोकी महामारीन्यू वर्ल्ड साइबर ऑर्डरपवन दुग्गल यह भी कहते हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से लोग डरे हुए हैं इसलिए फिलहाल वो निजता के हनन का मुद्दा नहीं उठा रहे हैं. इस वजह से भारत ही नहीं दुनिया भर में शासकों को ऐसी ताकत मिल रही है जो आगे चलकर जनता के ख़िलाफ़ इस्तेमाल हो सकती है और उसके परिणाम बुरे हो सकते हैं.

सरकार 2.0 का एक साल-निर्विवाद नेता, कमजोर विपक्ष और मजबूत होता गया ब्रैंड मोदी Coronavirus in India:भारत में कोरोनावायरस ने तोड़ा अब तक का सारा रिकॉर्ड, बीते 24 घंटे में 7,964 नए मामले, 265 मौतें मुझमें कमी हो सकती है, पर देश पर भरोसा-पीएम मोदी

उन्होंने कहा,"पूरी दुनिया के परिवेश में देखें तो एक नया वर्ल्ड साइबर ऑर्डर आ रहा है जहां पर सरकारें अपनी शक्तियों को और ज़्यादा मजबूत कर रही हैं और इस महामारी के आधार पर लोगों के अधिकारों के उल्लंघन का लाइसेंस ले रही हैं. लोग ये नहीं समझ रहे हैं कि ये महामारी सिर्फ़ इंसानों को ख़त्म नहीं करेगी, जब हालात सामान्य होंगे तो लोगों को पता चलेगा कि उनकी जानकारियों का दुरुपयोग हो रहा है."

वो मानते हैं कि लोगों को इसके प्रति जागरूक होना पड़ेगा और अगर उन्हें इस महामारी के ख़त्म होने बाद कानूनी रास्ते भी अपनाने पड़ सकते हैं ताकि वो अपनी निजता और डिजिटल स्वतंत्रता को बचा सकें. क्योंकि ये ट्रेंड दुनिया के कई देशों में है.इंटरनेट फ्रीडम फ़ाउंडेशन के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर अपार गुप्ता भी इस बात से सहमत नज़र आते हैं.

अपार गुप्ता कहते हैं कि इससे जो नुकसान हो सकते हैं उनमें सबसे प्रमुख है कि ये डेटा जो सरकार ले रही है वो बिना किसी क़ानून के दायरे में ले रही है ऐसे में इसका इस्तेमाल वो कैसे करती है और कब तक करती है किसी को नहीं पता.इमेज कॉपीरइटReutersआधार नंबर की तरह हो सकती है ट्रेसिंग

आधार कार्ड से जुड़ी जानकारियों को लेकर भी लंबे समय तक बहस छिड़ी थी और मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी गया था. कई मौकों पर ऐसी ख़बरें भी आईं कि आधार कार्ड का डेटा लीक हो गया और हज़ारों लोगों की निज़ी जानकारी सार्वजनिक हो गई या किसी ऐसी पार्टी के पास पहुंच गई जो उसका ग़लत इस्तेमाल कर सकती है.

आधार कार्ड को राशन और दूसरी सरकारी सुविधाओं को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के उद्देश्य से लॉन्च किया गया था.लेकिन बाद में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि आधार को बैंक ख़ातों और पैन कार्ड से जोड़कर टैक्स की चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. आधार कार्ड को मोबाइल नंबर के लिए ज़रूरी कर दिया गया.

डेटा और निजी जानकारियां...अपार गुप्ता कहते हैं कि जिस तरह आधार नंबर एक सर्विलांस सिस्टम बन गया है और उसे हर चीज़ से जोड़ा जा रहा है वैसे ही कोरोना वायरस से जुड़े एप्लिकेशन में लोगों का डेटा लिया जा रहा है, उनका हेल्थ डेटा और निजी जानकारियां भी शामिल हैं वो सरकार किस तरह और कब तक इस्तेमाल करती है इसकी कोई गारंटी नहीं है.

उन्होंने कहा,"कर्नाटक सरकार ने ये तक आदेश दिए हैं कि लोग हर घंटे अपनी सेल्फ़ी खींचकर भेजें, जो कि उनकी निजता का हनन है. सरकार कोरोना का संकट दूर करने के उद्देश्य से यह कर रही है वो ठीक है लेकिन क्या वाकई ऐसे एप्लिकेशन की ज़रूरत है? क्या इसके लिए कोई क़ानून है ये बड़ा सवाल है."

छोड़िए ट्विटर पोस्ट 2 @ANI और पढो: BBC News Hindi »

Chutiya bnane ka Dhanda....hai Bakwas app hai... चाइनीस ने ब्रिटिशर्स की बम फाड् के रख दी पर तुम चुसोगे हिन्दोस्तान का ही , मज़ा जो आता है आदत जो पड़ गई है । भारत के हर मामले में टांग अड़ानी जरूरी होती हैं🤔 Pehle Chinese apps ko ban kijiye saare TikTok, uc browser etc.. BoycottChina BoycottChineseProducts

“5 बजे थाली” “9 बजे मोमबत्ती” लगता है अगली बार “11 बजे मुजरा ही होगा” और आवाज होगी “नाच कोरोना नाच” लंदन की गलियों से ज्यादा सुरक्षित है FakeNewsAlert देखता ही को है

2 अप्रैल कोरोना अपडेट: जानिए चंद मिनटों में कोरोना वायरस से जुड़ी हर खबरCoronaLockdown CoronaUpdate 2 अप्रैल कोरोना अपडेट: जानिए चंद मिनटों में कोरोना वायरस से जुड़ी हर खबर

Aarogya Setu ऐप करेगा कोरोना वायरस की ट्रैकिंग, भारत सरकार ने किया लॉन्चखबर आई थी कि नीति आयोग भी कोरोना वायरस ट्रैकिंग ऐप पर काम कर रही है, जिसका नाम था CoWin-20। Next Web का दावा है कि आरोग्य सेतु CoWin-20 का ही फाइनल वर्ज़न है। Iske liye karna kya hoga Ye download kaise aur kaha se hoga! Very nice.

कोरोना: जानिए, कैसे 11 दिन में बड़ी परेशानी का सबब बन गया तबलीगी जमात का मरकजइस दौरान दिल्ली पुलिस और सरकार का आपसी तालमेल ना होना भी परेशानी का सबब बन गया. हम आपको बताने की कोशिश करते हैं कि आखिर इस मामले में तारीख दर तारीख हुआ क्या है. MunishPandeyy MunishPandeyy I hate this jamat MunishPandeyy tumko tabligi jmaat ke alawa aur koyi news nhi mil rha hai kiya be bhooki?

कोरोना वायरस से संक्रमितों के इलाज में जुटे डॉक्टरों की मदद कर रहे हैं ये रोबोटइलाज में जुटे डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ को भी कोरोना संक्रमण का भय सताने लगा है। WHO CoronaUpdate Lockdown21 COVID2019 lockdownindia CoronaLockdown StayHomeIndia

फैक्ट चेक: क्या कोरोना वायरस को मार सकती हैं अल्ट्रावायलेट किरणें?AFWAFactCheck सोशल मीडिया कोरोना वायरस का इलाज करने के तमाम नुस्खों से भर गया है. कई सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि सूर्य के प्रकाश में मौजूद अल्ट्रावायलेट किरणें कोरोना को मार सकते हैं. (KunduChayan) KunduChayan लग रहा जैसे पाषाण-युग मे जी रहे हैं न स्कूल,न कॉलेज, न काम...सिर्फ खाना, सोना और गुफा में रहना सब्जी लाना जैसे शिकार पर जाना🤣🤣 ShaliniSnowy SweetestGirl022 Gargpranav004 aayushi9202 Sameeksha_India arpitjain__ Charmi54955552 Tathastu1008 Muktajain2018 vandanajain24 KunduChayan वैसे ही जैसे तुम्हारा चैनल नोटबंदी के बाद 2000 के नोट में chip हैं की news से भर गया था KunduChayan कोरो ना अब गुजर रहा है, गांव, शहर, चौबारों से । इसको पानी, खाद मिल रहा, मरकज और मजारों से ।। सीमाएं तो सील हो गई, भीड़ हटी बाजारों से । लेकिन खतरा बना हुआ है, छिपे, लुके गद्दारों से ।। Anupamt89042403

ये हैं दुनिया के 14 देश जहां अभी तक नहीं पहुंचा कोरोना वायरसCoronavirus outbereak: who के मुताबिक अभी तक दुनिया के 205 देशों में कोरोना वायरस का संक्रमण फैल चुका है, वहीं 14 देश ऐसे हैं जहां अभी तक कोरोना संयुक्त राष्ट्र के - 193 वेटिकन और ताइवान -2 आश्रित देश देश -45 अनइनहैबीटेट -6 अंटार्कटिका-1 कुल मिलाकर -247 ही तो हुए आपने कहा 249 ऐसे कैसे 🤔🤔 कृपा कर बताएं।

ट्रंप ने चीन को लेकर की दो बड़ी घोषणाएं, WHO से अमरीका को किया अलग चीन के साथ सरहद पर तनाव को लेकर पीएम मोदी का 'मूड ठीक नहीं' है: ट्रंप मोदी सरकार में मध्यम वर्ग क्या ताली और थाली ही बजाएगा? सोनिया गांधी की डिमांड- प्रवासी मजदूरों के लिए खजाना खोले मोदी सरकार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का केंद्र सरकार को सुझाव- खजाने का ताला खोलिए और जरूरतमंदों को राहत दीजिए कोरोना: 46 घंटे की ट्रेन यात्रा, सिर्फ दो बार खाना और तीन बार पानी खबरदार: पुलवामा पार्ट-2 में पाकिस्तान की भूमिका का विश्लेषण प्रवासी मज़दूरों से किराया नहीं लिया जाए - सुप्रीम कोर्ट दिल्ली: AAP विधायक प्रकाश जारवाल की जमानत अर्जी कोर्ट से खारिज राहुल की मांग- लोगों को कर्ज नहीं, पैसे की जरूरत, 6 महीने तक गरीबों को आर्थिक मदद दे सरकार कोरोना पर बोले उद्धव ठाकरे, शुरुआत में नहीं की गई सही तरीके से जांच