केंद्र के प्रस्ताव पर किसानों की और स्पष्टीकरण की मांग, आंदोलन के भविष्य पर बैठक जारी - BBC News हिंदी

केंद्र के प्रस्ताव पर किसानों की और स्पष्टीकरण की मांग, आंदोलन के भविष्य पर बैठक जारी

07-12-2021 17:44:00

केंद्र के प्रस्ताव पर किसानों की और स्पष्टीकरण की मांग, आंदोलन के भविष्य पर बैठक जारी

संयुक्त किसान मोर्चा ने मंगलवार को बताया कि सरकार की ओर से उन्हें उनकी मांगों को लेकर एक प्रस्ताव दिया गया है. इसे लेकर मोर्चा के सदस्यों ने बैठक की. कुछ मुद्दों पर अभी कोई सहमति नहीं बनी है और यह बैठक बुधवार को भी जारी रहेगी.

AFP VIA GETTY IMAGESइसके अलावा हरियाणा और यूपी में सुरक्षाबलों के साथ हिंसक संघर्ष का मामला भी है. केंद्र सरकार किसानों के ख़िलाफ़ सभी पुलिस केस को वापस लेने पर भी सहमत हो गई है.लेकिन सरकार ने कहा है कि आंदोलन वापस लेने के बाद ही वे केस वापस लेंगे. किसान नेताओं को इस पर आपत्ति है.

बेंगलुरु में हवा में टकराने से बची थीं इंडिगो की दो उड़ानें - BBC Hindi

संयुक्त किसान मोर्चा ने बैठक के बाद कहा कि, "इस पर कई साथियों को संदेह है कि यह प्रक्रिया कब होगी. अकेले हरियाणा में 48,000 केस चल रहे हैं, यूपी, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश में भी मुक़दमे दर्ज हैं. देश भर में रेल विभाग के सैकड़ों मुक़दमे हैं. समयबद्ध तरीक़े से इसे वापस लिया जाना चाहिए."

"वहीं मुआवज़े के बारे में सरकार ने सैद्धांतिक रूप से कहा है कि मुआवज़ा मंज़ूर है. हम चाहते हैं कि पंजाब सरकार ने जो मॉडल दिया है कि हर किसान के परिवार को पांच लाख का मुआवज़ा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी, वो देनी चाहिए."इसके अलावा पराली जलाने से जुड़ा मामला भी है. headtopics.com

इन्हीं सब मुद्दों पर किसान नेताओं ने केंद्र से स्पष्टीकरण मांगा है.इमेज स्रोत,एक साल सेदिल्ली के बॉर्डर पर डटे हैं किसानबीते एक साल से भी अधिक समय से पंजाब, हरियाणा के हज़ारों किसान राजधानी दिल्ली से सटी सीमाओं पर विवादास्पद तीन कृषि क़ानूनों को वापस लेने की मांग पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्हें देश भर के किसानों, ख़ास कर यूपी के किसानों का भारी समर्थन मिला.

Sabse Bada Opinion Poll Live: इस बार UP में किसकी सरकार? | Assembly Election 2022 | Janata Ka Mood

हालांकि इस वर्ष प्रकाश पर्व के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों से माफ़ी मांगते हुए तीनों कृषि क़ानूनों को रद्द करने की घोषणा की और संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार ने तीनों कृषि क़ानूनों को वापस ले लिया.लेकिन कृषि उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य को क़ानूनी रूप से लागू करने और किसानों पर दर्ज सभी मुक़दमों (धारा 302 और 307 के केस छोड़कर) को वापस लेने की मांग पर किसानों ने दिल्ली की सीमा पर डटे रहने का फ़ैसला किया. इस दौरान दो दिन पहले ही किसानों ने एक पांच सदस्यीय समिति भी बनाई है जो सरकार के साथ उनके किसी भी मुद्दे पर बात करेगी.

और पढो: BBC News Hindi »

सिद्धू से कितना नुक़सान ? चरणजीत सिंह चन्नी EXCLUSIVE, देखिए #DNAWeekendEdition LIVE Sudhir Chaudhary के साथ

हमारे देश मे आंदोलन के नाम पर जिस तरह से विकास और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाया जाता है वो किसी से छिपा नही है। इसी कारण से देश मे निरंतर घटती औधोगिक गिरावट देखी जा सकती है जिसकी वजह से सिर्फ सरकारी नुकसान नही होता जनधन का भी नुकसान होता है। ये सब देश व जनता के हित में नही होता khanumarfa RanaAyyub _sabanaqvi sdpofindia pfi_india RSSorg This is that Muslim do to Hindu in India and when they are beaten for their act they play victim card Hindus RELIGIOUS flag removed on the eve of Shaurya Divas in Raipur,Chhattisgarh 🤬

Kisan mamla chunav tak gaya to bjp noksan utha sakti hai chunav me aur mujhe kyu lag raha chunav tak jayega ye mamla सरकार एकतरफ़ा फैसले सुना रही है जो उसकी नीति और नियत पर शक पैदा करती है सरकार को आंदोलनकारी किसानों के साथ टेबल पर बैठकर वार्ता करनी चाहिए, जो अपने अहंकार की वजह से नहीं कर रही है नाच न जाने आंगन टेढ़ा

स्कूल सेवा आयोग ने कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर एक शिक्षक की नियुक्ति खारिज कीनौवीं व दसवीं कक्षा के शिक्षकों की नियुक्ति में भ्रष्टाचार को लेकर प्रशांत दास नामक व्यक्ति ने मुकदमा दायर किया था। जिसके बाद एसएससी (School Service Commission) ने कलकत्ता हाई कोर्ट ( Calcutta High Couurt) के निर्देश पर मुर्शिदाबाद में एक शिक्षक की नियुक्ति खारिज कर दिया।

मुनव्वर फ़ारूक़ी के साथ खड़े होना कलाकारों की अभिव्यक्ति की आज़ादी के पक्षधरों का कर्तव्य है‘हिंदुत्ववादी’ संगठनों की अतीत की अलोकतांत्रिक करतूतों के चलते उनकी कार्रवाइयां अब किसी को नहीं चौंकातीं. लेकिन एक नया ट्रेंड यह है कि जब भी वे किसी कलाकार के पीछे पड़ते हैं, तब लोकतांत्रिक होने का दावा करने वाली सरकारें, किसी भी पार्टी या विचारधारा की हों, कलाकारों की अभिव्यक्ति की आज़ादी के पक्ष में नहीं खड़ी होतीं, न ही उन्हें संरक्षण देती हैं. वायर का कहने का अर्थ यह है बाकी विदूषक भी फारुखी की तरह हिन्दू धर्म का अपमान करें, 59 हिन्दू तीर्थयात्रियों को जिंदा जलाने पर विदुषिकी करें। क्योंकि हिन्दू केवल शोर मचा सकते हैं 'सर तन से जुदा' नही करते। 😂😂😂😂🤪🤪🤪 तुम हो ना😢😢

SKM की आज अहम बैठक, तय होगी आगे की रणनीति, जानें कहां अटकी है बातबता दें कि किसान आंदोलन को करीब एक साल पूरे हो चुके हैं। कृषि कानून वापसी की मांग को लेकर किसान बॉर्डर पर जमा हुए थे। पिछले महीने केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया है।

संसद सत्र : निलंबन वापसी पर हंगामा, राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित, पढ़ें हर अपडेटसंसद सत्र : निलंबन वापसी पर हंगामा, राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित, पढ़ें हर अपडेट parliament wintersession wintersession2021 LokSabha RajyaSabha Ye hangamabajee to samay pr kam nhi hone dete. vyavasth me sudhar hona chahiy.🙏🏻🇮🇳

Money Laundering Case: एंबियंस समूह के प्रमोटर राज सिंह की जमानत याचिका पर ईडी को नोटिस800 करोड़ रुपये के मनी लांड्रिंग मामले में गिरफ्तार किए गए एंबिएंस समूह के प्रमोटर राज सिंह गहलोत की जमानत याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा है। पीठ ने ईडी को नोटिस जारी करते हुए एजेंसी को जवाब दाखिल का निर्देश दिया। श्रद्देय DrMohanBhagwat जी श्रद्देय myogiadityanath जी श्रद्देय drdineshbjp जी प्रभु,अब विलंब केहि कारण कीजा.!! उप्र के एडेड डिग्री कालेजों के स्ववित्तपोषित शिक्षकों से साढ़े चार वर्ष से किये गये वादे और दिये गये आश्वासन के अनुरूप अविलंब विनियमित करने की कृपा करें 🙏

पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद पर आश्रम की जमीनों को खुर्दबुर्द करने के प्रयास का आरोपदेहरादून। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। हरिद्वार प्रेस क्लब में सोमवार को पावन धाम आश्रम की साध्वी तृप्ता ने स्वामी चिन्मयानंद पर हरिद्वार के आश्रम की संपत्ति खुर्दबुर्द करने और उसे बेचने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।