किसान आंदोलन का असर- दिल्ली को दूसरे राज्यों से होने वाली फल-सब्जी की आपूर्ति प्रभावित - आज की बड़ी ख़बरें - BBC Hindi

किसान आंदोलन का असर, फल-सब्जी की आपूर्ति प्रभावित आज की बड़ी ख़बरें:

30-11-2020 18:00:00

किसान आंदोलन का असर, फल-सब्जी की आपूर्ति प्रभावित आज की बड़ी ख़बरें:

राजधानी दिल्ली के सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर पांच दिनों से चल रहे किसानों के आंदोलन की वजह से शहर को होने वाली सब्जी और फलों की आपूर्ति प्रभावित हुई है.

9:54किसान आंदोलन: ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर प्रशासन ने कंक्रीट बैरियर लगायाBBCCopyright: BBCतीन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ पंजाब और हरियाणा के हज़ारों किसान पिछले पाँच दिनों से हरियाणा-दिल्ली के टिकरी और सिंघु सीमा पर डटे हुए हैं.केंद्र सरकार ने उन्हें दिल्ली के बुराड़ी मैदान में आकर विरोध प्रदर्शन करने की इजाज़त दी थी लेकिन किसानों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और वो सीमा पर ही बैठे हैं.

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इधर, उत्तर प्रदेश के किसान संगठनों ने भी पंजाब और हरियाणा के किसानों के समर्थन में दिल्ली आने का फ़ैसला किया है और वो ग़ाज़ीपुर के रास्ते दिल्ली में दाख़िल होने की कोशिश कर रहे हैं.समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार दिल्ली पुलिस उन्हें दिल्ली में आने से रोक रही है और इसके लिए प्रशासन ने ग़ाज़ीपुर सीमा पर कंक्रीट बैरियर लगा दिया है. सोमवार को बड़ी संख्या में यूपी के किसान ग़ाज़ीपुर सीमा पर जमा हो गए हैं.

हालात के मद्देनज़र प्रशासन ने कंक्रीट बैरियर के अलावा सुरक्षा और बढ़ा दी है. किसान संगठनों का कहना है कि अगर सरकार ने उनकी बात नहीं मानी तो वो दिल्ली में दाख़िल होने के सभी पाँच हाईवे को जाम कर देंगे.दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार ग़ाज़ीपुर सीमा पर हालात अभी शांतिपूर्ण बने हुए हैं. सिंघु और टिकरी बॉर्डर पूरी तरह सील कर दिए गए हैं लेकिन ग़ाज़ीपुर बॉर्डर अभी सील नहीं किया गया है. headtopics.com

पुलिस के अनुसार किसान दिल्ली के जंतर-मंतर पर जमा होना चाहते हैं.टिकरी सीमा पर प्रदर्शन कर रहे एक किसान सुखविंदर सिंह ने कहा,"हमलोगों के पास अगले छह महीने के लिए राशन उपलब्ध है. हमलोग बुराड़ी नहीं जाना चाहते हैं. अगर हम यहां से हटेंगे तो सीधे जंतर-मंतर जाएंगे. हमलोग कहीं और नहीं जाना चाहते हैं."

उन्होंने आगे कहा,"हमलोग ठंड का मुक़ाबला करने के लिए तैयार हैं. हमलोग हर चुनौती का मुक़ाबला करने के लिए तैयार है. लेकिन जब तक हमलोगों की माँग पूरी नहीं हो जाती, हमलोग यहां से हटने को तैयार नहीं हैं."इस बीच गुरुग्राम की रहने वाली डॉक्टर सारिका वर्मा और एक दूसरे डॉक्टर करण जुनेजा ने निजी स्तर पर सिंघु बॉर्डर पर मेडिकल कैंप भी लगा दिया है.

डॉक्टर वर्मा कहती हैं,"हमलोग यहां आज ही आएं हैं. हमलोगों निजी स्तर पर किसानों की मदद करना चाहते हैं. हमारे पास ब्लड प्रेशर मशीन, पीसीएम, क्रोसीन और दूसरी दवाएं हैं. किसानों को कोरोना के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है. कई किसानों ने मास्क नहीं पहना है. इससे कोरोना का ख़तरा बढ़ता है. हमलोग मास्क भी बांट रहे हैं ख़ासकर उनको जो बुज़ुर्ग हैं और जिन्हें खांसी की शिकायत है."

डॉक्टर जुनेजा ने कहा कि उन्होंने अब तक क़रीब तीन सौ किसानों को बेसिक दवाएं दी हैं. उनके अनुसार सीमा पर मौजूद किसानों का कोरोना टेस्ट भी किया जाना चाहिए. और पढो: BBC News Hindi »

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