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किसान आंदोलन का 5वां दिन LIVE: किसान दिल्ली सील करने की तैयारी में; सरकार बिना शर्त बातचीत का प्रस्ताव भेज सकती है

किसान आंदोलन का 5वां दिन LIVE: कृषि मंत्री ने शाह से मुलाकात की #KisanAndolan #FarmersBill2020 @nstomar @AmitShah @narendramodi @capt_amarinder @mlkhattar

30-11-2020 13:46:00

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केंद्र के कृषि बिलों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आज 5वां दिन है। दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का प्रदर्शन जारी है। वे दिल्ली के 5 एंट्री पॉइंट्स को सील करने की तैयारी में हैं। किसानों के जमावड़े को देखते हुए पुलिस ने सिंघु और टिकरी बॉर्डर को आवाजाही के लिए बंद कर दिया है। | Farmer s Protest Delhi Live Update Delhi Chalo March Latest News; कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि नए कृषि कानून APMC मंडियों को खत्म नहीं करते हैं। मंडियां पहले की तरह ही चलती रहेंगी। आज वे दिल्ली के 5 एंट्री पॉइंट्स को सील करने की तैयारी में हैं। किसानों के जमावड़े को देखते हुए पुलिस ने सिंघु और टिकरी बॉर्डर

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा है कि कृषि कानून पर गलतफहमी ना रखें। पंजाब के किसानों ने पिछले साल से ज्यादा धान मंडी में बेचा और ज्यादा MSP पर बेचा।कृषि कानून पर गलतफहमी ना रखें। पंजाब के किसानों ने पिछले साल से ज्यादा धान मंडी में बेचा और ज़्यादा

किसान नेताओं का ऐलान, गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के कदम को वापस नहीं लेंगे अर्नब गोस्वामी को क्या पहले से पता थी अहम बातें? जेपीसी जाँच की मांग - BBC News हिंदी PAK: सिंध में पीएम मोदी की तस्वीरों के साथ प्रोटेस्ट, अलग सिंधु देश के लिए विश्व नेताओं से अपील

पर बेचा। MSP भी जीवित है और मंडी भी जीवित है और सरकारी खरीद भी हो रही है।— Prakash Javadekar (@PrakashJavdekar)November 30, 2020दिल्ली को हरियाणा से जोड़ने वाले अब सिर्फ छोटे वैकल्पिक मार्ग ही खुले हैं। ये हैं- झरोड़ा, धनसा, झाटलिखेरा, कापसहेड़ा, डुंडाहेड़ा, बिजवासन, दौराला। किसानों ने जिन 5 पॉइंट्स को बंद करने की चेतावनी दी थी, उनमें से दो वो पूरी तरह बंद कर चुके हैं। एक, गाजियाबाद वाला आंशिक तौर से बंद है, क्योंकि वहां किसानों की संख्या धीरे धीरे बढ़ रही है।

बाकी 2 एंट्री point अभी पूरी तरह खुले हुए हैं, उनमें एक जयपुर हाईवे है। किसान नेता राजेवाल ने बताया कि इसे बंद करने की तैयारी चल रही है और राजस्थान के किसानों को इसकी मुख्य ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। आगरा-मथुरा हाईवे को भी बंद करने की तैयारी है। ये जिम्मेदारी राकेश टिकैत के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के किसानों को दी गई है। headtopics.com

किसानों ने रविवार को कहा था कि बुराड़ी नहीं जाएंगे और दिल्ली की घेराबंदी के लिए 5 एंट्री पॉइंट्स पर धरना देंगे। किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा बोले- हमारे पास इतना राशन है कि 4 महीने भी हमें रोड पर बैठना पड़े, तो बैठ लेंगे। गाजियाबाद बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों की पुलिस से हाथापाई हुई। हालांकि, बाद में यहां किसानों ने भजन भी गाए। गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर रविवार रात बैठक की।

हाईवे पर मिनी पंजाब जैसा नजाराकिसान आंदोलन के चलते हाईवे का नजारा मिनी पंजाब जैसा हो गया है। ट्रॉलियों को ही किसानों ने घर बना लिया है। यहीं खाना बन रहा है तो यहीं नहाने और कपड़े धोने का इंतजाम है। जगह-जगह लंगर लगे हैं। धरने वाले धरने पर बैठे हैं। खाना बनाने वाले खाना बना रहे हैं। सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है।

फोटो सिंघु बॉर्डर की है।किसान संगठनों के 3 ऐलान1. बुराड़ी ओपन जेल, वहां नहीं जाएंगे: किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा ने कहा- सरकार ने यह शर्त रखी थी कि हम हाईवे खाली कर बुराड़ी जाएं। शर्त अपमानजनक है। हम बुराड़ी मैदान में नहीं जाएंगे, क्योंकि वह ओपन जेल है। इसका सबूत भी है हमारे पास। उत्तराखंड के तेजिंदर सिंह विर्क की अगुआई में किसान दिल्ली के जंतर-मंतर जाना चाहते थे। दिल्ली के प्रशासन और पुलिस ने उनके साथ धोखा किया। उन्हें जंतर-मंतर न ले जाकर बुराड़ी पार्क में कैद कर दिया।

2. पांच एंट्री पॉइंट्स से करेंगे दिल्ली का घेराव, लंबी लड़ाई की तैयारीसिरसा ने कहा- हम ओपन जेल में जाने की बजाय सोनीपत, रोहतक के बहत्तर गढ़, जयपुर से दिल्ली हाईवे, मथुरा-आगरा से दिल्ली हाईवे, गाजियाबाद से आने वाला हाईवे जाम करेंगे और दिल्ली की घेराबंदी करेंगे। 5 एंट्री पॉइंट्स पर धरना देंगे। हमने रहने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली को घर जैसा बना रखा है। हम लंबे दौर की तैयारी करके आए हैं। headtopics.com

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3. हमारे मंच से कोई राजनीतिक दल स्पीच नहीं देगाकिसानों ने कहा कि हमने एक कमेटी बनाई है। यही पांचों पॉइंट्स पर धरने-प्रदर्शन का संचालन करेगी। किसी भी राजनीतिक दल को स्टेज पर बोलने की इजाजत नहीं है। कांग्रेस, आप या कोई भी राजनीतिक दल के लोग हमारे स्टेज पर स्पीकर के तौर पर नहीं बोलेंगे। इनके अलावा दूसरे संगठनों के जो संचालन कमेटी के तय नियमों को मानेंगे, उन्हें बोलने की इजाजत दी जाएगी।

बुराड़ी से अपने साथियों को वापस बुलाएंगे और पढो: Dainik Bhaskar »

कैपिटल हिल प्रदर्शन में क्या था तिरंगे का काम? देखें इनसाइड स्टोरी

डोनल्ड ट्रंप ने जाते-जाते अमेरिका को ऐसा जख्म दिया, जिसका दाग ना तो कभी जाएगा और ना ही कभी फीका पड़ेगा लेकिन सवाल ये है कि क्या अमेरिका ट्रंप को यूं ही जाने देगा ? क्योंकि कैपिटल हिल में ट्रंप के समर्थकों ने जो तांडव मचाया उसके लिए ट्रंप ने ही उन्हें उकसाया था. इसलिए अब खुद ट्रंप की पार्टी से भी ट्रंप को सजा देने की मांग उठ रही है और वो सजा है, उन्हें 20 जनवरी से पहले ही कुर्सी से हटा देना. और ये संभव है क्योंकि ऐसा करने की इजाजत देता है अमेरिका के संविधान का 25वां संशोधन. इस पर देखें खबरदार.